सागर जिले में शासकीय और निजी विद्यालयों में कक्षा 1 से 12वीं तक के प्रत्येक बच्चे का प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कड़े निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शुक्रवार को आयोजित स्कूल शिक्षा, आदिम जाति कल्याण और अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण विभागों की संयुक्त समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्र-हितैषी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि नामांकन के कार्य में लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित क्षेत्र के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) और ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर (बीआरसी) की सीधी जिम्मेदारी तय की जाएगी। कलेक्टर ने कक्षा 1 से 8वीं तक के बच्चों के लिए निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का भौतिक वितरण सुनिश्चित कर उसे तत्काल पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, जुलाई माह में ही कक्षा 6 और 9 से 12वीं तक के छात्रों के लिए साइकिल, स्कूटी, लैपटॉप और पुस्तकों के वितरण की तैयारी पूरी करने को कहा गया है। साइकिल वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बीईओ को स्वयं वेंडर की उपस्थिति में साइकिल असेंबली करवाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, गणित, विज्ञान और अंग्रेजी के विशेषज्ञ शिक्षकों को कहीं और अटैच न करने और 'अपार आईडी' निर्माण की प्रगति रिपोर्ट पेश करने के लिए भी कहा गया है। बैठक में एससी और एसटी छात्रावासों में बच्चों की संख्या स्वीकृत क्षमता से कम होने पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी सीटों पर शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही छात्रावासों में नियमित साफ-सफाई, परिसर की झाड़ियों की कटाई, पेयजल टंकियों की सफाई तत्काल कराने और सभी छात्रावास अधीक्षकों को अनिवार्य रूप से वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, बैठक में ओबीसी छात्रवृत्ति, विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति और शौर्य संकल्प योजना की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने वनाधिकार अधिनियम के तहत एसडीओ स्तर पर लंबित सभी दावों को जुलाई के अंत तक जिला वनाधिकार समिति के पास भेजने और अन्य पिछड़ा वर्ग की स्वरोजगार योजनाओं के सत्यापन में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री विवेक के वी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद जैन, जिला परियोजना समन्वयक श्री गिरीश मिश्रा, ओबीसी विभाग से सहायक संचालक श्रीमती सपना चौरसिया और आदिम जाति कल्याण विभाग से सहायक आयुक्त सुश्री अदिति शांडिल्य सहित अन्य अधिकारी और छात्रावास अधीक्षक उपस्थित रहे।
सागर जिले में शासकीय और निजी विद्यालयों में कक्षा 1 से 12वीं तक के प्रत्येक बच्चे का प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कड़े निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शुक्रवार को आयोजित स्कूल शिक्षा, आदिम जाति कल्याण और अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण विभागों की संयुक्त समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्र-हितैषी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि नामांकन के कार्य में लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित क्षेत्र के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) और ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर (बीआरसी) की सीधी जिम्मेदारी तय की जाएगी। कलेक्टर ने कक्षा 1 से 8वीं तक के बच्चों के लिए निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का भौतिक वितरण सुनिश्चित कर उसे तत्काल पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, जुलाई माह में ही कक्षा 6 और 9 से 12वीं तक के छात्रों के लिए साइकिल, स्कूटी, लैपटॉप और पुस्तकों के वितरण की तैयारी पूरी करने को कहा गया है। साइकिल वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बीईओ को स्वयं वेंडर की उपस्थिति में साइकिल असेंबली करवाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, गणित, विज्ञान और अंग्रेजी के विशेषज्ञ शिक्षकों को कहीं और अटैच न करने और 'अपार आईडी' निर्माण की प्रगति रिपोर्ट पेश करने के लिए भी कहा गया है। बैठक में एससी और एसटी छात्रावासों में बच्चों की संख्या स्वीकृत क्षमता से कम होने पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी सीटों पर शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही छात्रावासों में नियमित साफ-सफाई, परिसर की झाड़ियों की कटाई, पेयजल टंकियों की सफाई तत्काल कराने और सभी छात्रावास अधीक्षकों को अनिवार्य रूप से वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, बैठक में ओबीसी छात्रवृत्ति, विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति और शौर्य संकल्प योजना की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने वनाधिकार अधिनियम के तहत एसडीओ स्तर पर लंबित सभी दावों को जुलाई के अंत तक जिला वनाधिकार समिति के पास भेजने और अन्य पिछड़ा वर्ग की स्वरोजगार योजनाओं के सत्यापन में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री विवेक के वी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद जैन, जिला परियोजना समन्वयक श्री गिरीश मिश्रा, ओबीसी विभाग से सहायक संचालक श्रीमती सपना चौरसिया और आदिम जाति कल्याण विभाग से सहायक आयुक्त सुश्री अदिति शांडिल्य सहित अन्य अधिकारी और छात्रावास अधीक्षक उपस्थित रहे।
- मध्य प्रदेश के सागर जिले की खुरई तहसील के खिमलासा ग्राम में 11 गौ सेवकों पर मुकदमा दर्ज होने के बाद गौ सेवकों में भारी आक्रोश है। विदिशा जिले की गंजबासौदा तहसील में भी गौ सेवक इसके समर्थन में सड़कों पर उतर आए हैं। पहले ही 14 गौ सेवकों को आजीवन कारावास की सजा होने से दुखी गौ सेवकों का कहना है कि इस भूमि पर सिर्फ उन पर ही अत्याचार क्यों हो रहा है? बिना किसी सरकारी वेतन या सुविधा के दिन-रात गौ सेवा और रक्षा करने वालों पर मुकदमा दर्ज करना कैसा न्याय है? गौ सेवकों का आक्रोश इस बात पर है कि सागर जिले के एसडीएम, तहसीलदार, कलेक्टर और सभी जनप्रतिनिधियों को 3 वर्षों में 164 ज्ञापन सौंपने के बावजूद न तो चरनोई की भूमि मुक्त कराई गई और न ही गायों के लिए कोई व्यवस्था की गई। हताश होकर जब गौ सेवक सड़कों पर रोने-चिल्लाने बैठे, तो उनके खिलाफ सड़क जाम करने का मुकदमा दर्ज कर दिया गया। गौ सेवकों ने प्रशासन की इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि ग्वालियर के डबरा में जब नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर सैकड़ों लोगों ने सड़कें जाम की थीं, तब उन पर मुकदमा क्यों नहीं दर्ज किया गया? इस अन्याय के खिलाफ राष्ट्रीय हिंदू युवा वाहिनी के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश सोनी ने चेतावनी दी है कि या तो गोचर भूमि मुक्त कर गौ माता की व्यवस्था की जाए, अन्यथा यह आंदोलन पूरे मध्य प्रदेश में बड़ा रूप लेगा। गौ रक्षक सेना और सनातन रक्षक सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष विशालदास वैष्णव ने मांग की है कि गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिया जाए, अतिक्रमण मुक्त कर गोचर भूमि गायों को सौंपी जाए और गौ रक्षकों पर दर्ज झूठे मुकदमे वापस लिए जाएं। इस संबंध में विशाल वैष्णव, मुकेश सोनी, देवेंद्र रघुवंशी, संजू यादव, गजराज राय, राकेश दुबे, और चंद्रेश सहित कई गौ सेवकों ने केंद्रीय कृषि एवं विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी का स्वागत कर उन्हें गोचर भूमि और गौ रक्षकों की समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन भी सौंपा है।2
- सागर पुलिस कंट्रोल रूम के प्रभारी उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान की प्रतिभावान पुत्री अंजली चौहान ने देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थान भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु से स्नातकोत्तर प्रौद्योगिकी (एम.टेक.) की उपाधि प्राप्त कर जिले और पूरे मध्य प्रदेश का मान बढ़ाया है। दीक्षांत समारोह में उपाधि मिलने के तुरंत बाद ही अंजली का चयन एक प्रतिष्ठित निजी कंपनी में आकर्षक वेतनमान पर हो गया है। इस ऐतिहासिक सफलता पर सागर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, सहकर्मियों, शुभचिंतकों और समाज के विभिन्न वर्गों ने चौहान परिवार को बधाई और शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं। अंजली ने वर्ष 2023 में अपनी स्नातक परीक्षा के अंतिम वर्ष के दौरान ही अभियांत्रिकी स्नातक योग्यता परीक्षा (गेट) में अखिल भारतीय स्तर पर 13वीं रैंक हासिल कर अपनी राष्ट्रीय पहचान स्थापित की थी, जिसके आधार पर उन्हें बेंगलुरु के इस प्रतिष्ठित संस्थान में प्रवेश मिला था। अंजली का परिवार पहले से ही राष्ट्रसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय योगदान दे रहा है; उनके बड़े भाई वर्ष 2019 से भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में एक वैज्ञानिक के रूप में देश की सेवा कर रहे हैं। पुलिस सेवा जैसे चुनौतीपूर्ण और व्यस्त दायित्वों के बीच भी उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान ने अपने बच्चों की शिक्षा और भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इस गौरवपूर्ण अवसर पर चौहान परिवार ने सफलता का श्रेय अंजली की अथक मेहनत, गुरुजनों के मार्गदर्शन, माता-पिता के विश्वास और ईश्वर की कृपा को दिया है। अंजली की यह उपलब्धि सागर जिले और पूरे प्रदेश के विद्यार्थियों, विशेष रूप से बेटियों के लिए एक बड़ा प्रेरणा स्रोत बन गई है, जो यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदार हो, तो राष्ट्रीय स्तर पर भी सर्वोच्च मुकाम हासिल किया जा सकता है।4
- सागर जिले के बीना में मिशन कंपाउंड की दान भूमि को लेकर विवाद काफी गहरा गया है। इस मामले में ईसाई समाज ने तहसीलदार डॉ अम्बर पंथी और एसडीओपी अंजय सनकत को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि अंकिता किंग और उनके साथ आए कुछ लोगों ने दान भूमि पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की। इसके अलावा, बाहरी लोगों को बुलाकर भूमि पर तार फेंसिंग कराई गई, जिससे वहां विवाद की स्थिति बन गई। ईसाई समाज के अनुसार, सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू में किया। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और भविष्य में किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। दूसरी तरफ, दूसरे पक्ष की अंकिता किंग ने ईसाई समाज के इन आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है। उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए दावा किया कि शैलेन्द्र एडविन के पास संस्था द्वारा संबंधित प्लॉट आवंटित किए जाने का कोई भी वैध दस्तावेज मौजूद नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मिशन कंपाउंड में बनी दुकान अवैध है और उसके पास खाली पड़ी जमीन पर भी अवैध कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने भी प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर असल सच्चाई सामने लाई जाए। दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों और दावों के बाद अब यह पूरा मामला प्रशासन के पास पहुंच चुका है। तहसीलदार और पुलिस प्रशासन द्वारा सौंपी गई शिकायतों की जांच शुरू कर दी गई है। इस जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि इस जमीन पर असल में किसका वैध हक है और आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र के लोगों की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।4
- नरोत्तम मिश्रा भोपाल पहुंच गए हैं। भोपाल पहुंचने के बाद उन्होंने दतिया फोन किया और वहां मौजूद अपने कार्यकर्ताओं को फोन पर समझाते हुए बातचीत की।1
- इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) ने विश्वभर में आयोजित रथ यात्रा उत्सवों को लेकर उठे सवालों के जवाब में एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है। इस्कॉन के विद्वानों ने श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के विद्वानों के साथ महाराज गजपति दिव्यसिंह देव जी की उपस्थिति में बैठक की है। इस संवाद के माध्यम से शास्त्रों और पुराणों के आधार पर यह स्पष्ट किया गया है कि इस्कॉन द्वारा आयोजित रथ यात्राएं पूरी तरह से शास्त्रों के अनुरूप और अनुमत हैं। इस्कॉन ने दोहराया है कि रथ यात्रा का मुख्य उद्देश्य भगवान जगन्नाथ का मंदिर से बाहर आकर बिना किसी भेदभाव के सभी पर कृपा बरसाना है। संस्था पिछले करीब 60 वर्षों से इसी सार्वभौमिक भावना का प्रसार कर रही है और अब यह परंपरा विश्व के 100 से अधिक देशों तक पहुँच चुकी है। इस्कॉन ने स्पष्ट किया है कि भारत में रथ यात्रा के समय को समायोजित करने के लिए उन्होंने काफी त्याग किया है, ताकि एसजेटीए के प्रति सम्मान बना रहे, बावजूद इसके कि इससे उनके प्रचार कार्यक्रमों पर असर पड़ता है। साथ ही, विदेशों में इन उत्सवों के आयोजन में कठिन प्रशासनिक प्रक्रियाओं, मौसम और अन्य व्यवस्थागत चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। संस्था के अनुसार, इन उत्सवों का वास्तविक उद्देश्य लोगों को भगवान जगन्नाथ की भक्ति में संलग्न करना है, जिसे उन्होंने अमेरिका, रूस, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका जैसे क्षेत्रों में लाखों भक्तों को जोड़कर सिद्ध किया है। इस्कॉन का मानना है कि जो श्रद्धालु पुरी मंदिर जाकर दर्शन करने में असमर्थ हैं, उनके लिए ये वैश्विक उत्सव भगवान की कृपा पाने का माध्यम हैं। इन प्रयासों को भारतीय समुदाय का व्यापक समर्थन मिला है, और पूर्व में महाराज गजपति स्वयं जर्मनी के बर्लिन में इस्कॉन द्वारा आयोजित रथ यात्रा में सम्मिलित हो चुके हैं।1
- सागर जिले के बहेरिया थाना क्षेत्र में वरुण स्मृति उद्यान के पास हुई झपटमारी की वारदात का पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने दो विधिविरुद्ध बालकों को अभिरक्षा में लिया है और उनके पास से लगभग ₹50,000 नगद, कंपनी का टैबलेट, एक बैग तथा घटना में प्रयुक्त नीले रंग की डिस्कवर मोटरसाइकिल बरामद की है। फिलहाल इस मामले में एक अन्य आरोपी वीरसिंह पटैल की तलाश की जा रही है। घटना 07 जुलाई 2026 की है, जब भारत फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड (इंडसइंड बैंक) में संगम मैनेजर के पद पर कार्यरत पूनम कहार (24 वर्ष) फील्ड से वसूली करके लौट रही थीं। फरियादिया के अनुसार, वरुण स्मृति उद्यान और वेयरहाउस के बीच सुनसान जगह पर नीले रंग की मोटरसाइकिल सवार तीन अज्ञात युवकों ने उन्हें स्कूटी का स्टैंड खुला होने का बहाना बनाकर रुकवाया। जैसे ही वह स्टैंड देखने के लिए मुड़ीं, बैग झपट लिया गया और स्कूटी में लात मारकर उन्हें गिरा दिया गया। घटना में कुल ₹1,31,368 मूल्य का सामान छीना गया था, जिसमें कलेक्शन की राशि, व्यक्तिगत पैसे और कंपनी का टैबलेट शामिल था। पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र सोलंकी के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक ललित कश्यप के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी शशिकांत गुर्जर की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की। पकड़े गए दोनों बालकों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत कर सुधार गृह भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में थाना बहेरिया के पुलिस स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही।1
- बीना में विकास कार्यों में हो रही भारी देरी को लेकर जन आक्रोश सड़कों पर उतर आया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा अपने बीना दौरे के दौरान की गई घोषणाओं को अब तक पूरा न किए जाने से नाराज लोगों ने एक विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेसी नेता इंदर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में सर्वोदय चौराहे पर एकत्रित प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री की घोषणाओं की प्रतीकात्मक अर्थी निकाली। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं, जिन्होंने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए सरकार से कार्यों को शीघ्र पूरा करने की मांग की। विरोध स्वरूप राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार डॉ. अम्बर पंथी को सौंपा गया है। प्रदर्शनकारियों ने 9 सितंबर 2024 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा की गई घोषणाओं की याद दिलाई, जिनमें बीना नदी परियोजना, नगरपालिका व जनपद भवन, इंडोर-आउटडोर स्टेडियम, नगरपालिका सीमा विस्तार, 40 किलोमीटर बायपास, पॉलीटेक्निक कॉलेज, आईटीआई, अस्पताल विस्तार, खिमलासा को तहसील और मंडीबामोरा को नगर परिषद बनाना शामिल था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इनमें से अधिकांश कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। इंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि शहर में निर्माणाधीन ओवरब्रिज और बदहाल वैकल्पिक मार्गों के कारण आम जनता भारी परेशानी का सामना कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन घोषणाओं पर अमल नहीं हुआ, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक तेज और व्यापक बनाएंगे।1
- सागर जिले के बीना में शासन-प्रशासन के रवैये से परेशान और हताश होकर सड़कों पर रोने-चिल्लाने बैठे गौ सेवकों पर मुकदमा दर्ज होने से भारी आक्रोश फैल गया है। कुल 164 बार ज्ञापन सौंपने के बाद भी जब प्रशासन ने तीन वर्षों में कोई सुनवाई नहीं की, तो गौ सेवकों ने सड़क पर बैठकर अपनी पीड़ा जाहिर की। इसके बाद सागर जिले की खिमलासा तहसील में 11 गौ सेवकों पर सड़क पर बैठने का मुकदमा कायम कर दिया गया। गौ सेवकों में इस बात को लेकर गहरा दुख और गुस्सा है कि मध्य प्रदेश की भूमि पर सिर्फ उन पर ही इस तरह का अत्याचार क्यों हो रहा है। उनका कहना है कि पहले ही 14 गौ सेवकों को आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है और अब अन्य गौ सेवकों पर मुकदमे लादे जा रहे हैं। वे बिना किसी सरकारी तनख्वाह या सुविधा के दिन-रात गौ माता की सेवा और रक्षा करते हैं, फिर भी न तो चरनोई की भूमि मुक्त कराई गई और न ही गायों के लिए कोई व्यवस्था की गई। गौ सेवकों ने प्रशासन के दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि जब ग्वालियर के डबरा में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर सैकड़ों लोगों ने सड़क जाम की और वे सड़कों पर लेट गए, तब उन पर मुकदमा क्यों नहीं दर्ज हुआ? इस कार्रवाई के खिलाफ राष्ट्रीय हिंदू युवा वाहिनी के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश सोनी ने चेतावनी दी है कि या तो गोचर भूमि को तुरंत अतिक्रमण मुक्त किया जाए और गौ माता की व्यवस्था की जाए, अन्यथा यह आंदोलन पूरे मध्य प्रदेश में एक बड़ा रूप अख्तियार करेगा। वहीं, गौ रक्षक सेना और सनातन रक्षक सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष विशालदास वैष्णव ने कहा कि संपूर्ण भारतवर्ष में साधु-संतों के बाद अब मुस्लिम, सिख और ईसाई भाई भी गाय को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए सड़कों पर उतर चुके हैं। उन्होंने सरकार से विलंब न करते हुए चरनोई भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने और गौ रक्षकों पर दर्ज निराधार व झूठे मुकदमे वापस लेने की मांग की है, अन्यथा आगे जगह-जगह आंदोलन की चेतावनी दी है। अपनी मांगों को लेकर कल सभी गौ सेवकों ने केंद्रीय कृषि एवं विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का स्वागत किया और गोचर भूमि व गौ रक्षकों के संबंध में उन्हें भी एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान विशाल वैष्णव, मुकेश सोनी, देवेंद्र रघुवंशी, संजू यादव, गजराज राय, राकेश दुबे, चंद्रेश, हरिओम शास्त्री, भोला गोस्वामी, रविंद्र ठाकुर, लालू महाराज, प्रद्युमन शर्मा, राजा शर्मा, आनंद कुशवाह, दिनेश पटेल, दिनेश प्रजापति, राजेश जैन सहित कई अन्य गौ रक्षक मौजूद रहे।4