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रायगढ़ जिले की लैलूंगा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 गौवंशों को बूचड़खाने पहुँचने से पहले ही बचा लिया। इस अभियान के दौरान सभी गौवंश सुरक्षित पाए गए। पुलिस ने इस मामले में इस्तेमाल की जा रही एक पिकअप गाड़ी को भी ज़ब्त कर लिया है।
Raigarh Chhattisgarh
रायगढ़ जिले की लैलूंगा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 गौवंशों को बूचड़खाने पहुँचने से पहले ही बचा लिया। इस अभियान के दौरान सभी गौवंश सुरक्षित पाए गए। पुलिस ने इस मामले में इस्तेमाल की जा रही एक पिकअप गाड़ी को भी ज़ब्त कर लिया है।
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- दुनिया की अग्रणी प्राकृतिक संसाधन, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी कंपनियों में से एक, वेदांता समूह को ग्रेट प्लेस टू वर्क इंडिया द्वारा वर्ष 2026 के लिए भारत के शीर्ष 100 सर्वश्रेष्ठ कार्यस्थलों की सूची में शामिल किया गया है। नई दिल्ली में 29 जून 2026 को की गई इस घोषणा के अनुसार, यह सम्मान कंपनी की विश्वास, उत्कृष्ट प्रदर्शन और समावेशिता पर आधारित कार्यस्थल निर्माण की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जहाँ कर्मचारियों को आगे बढ़ने, नवाचार करने और सार्थक योगदान देने के अवसर मिलते हैं। कंपनी ने पिछले पाँच वर्षों में अपने व्यापक कर्मचारी स्टॉक विकल्प योजना (ESOP) कार्यक्रम के माध्यम से कर्मचारियों के लिए लगभग ₹2,500 करोड़ की संपत्ति का सृजन किया है। वेदांता ने भारत के सबसे युवा और लगातार अधिक विविध होते कार्यबल का भी निर्माण किया है, जिसमें 40% कर्मचारी 30 वर्ष से कम आयु के हैं। इसके कुल कार्यबल में 23% महिलाएं शामिल हैं, और विभिन्न व्यवसायों में लगभग 100 ट्रांसजेंडर प्रोफेशनल्स कार्यरत हैं, जो औद्योगिक क्षेत्र में कार्यबल की संरचना में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है। ग्रेट प्लेस टू वर्क® कार्यस्थल संस्कृति के क्षेत्र में एक वैश्विक संस्था है, जो कर्मचारियों के विश्वास, कार्यस्थल के अनुभव और मानव संसाधन से जुड़ी कार्यप्रणालियों के आधार पर कंपनियों का मूल्यांकन करती है, और इसने अब तक दुनिया भर में 10 करोड़ से अधिक कर्मचारियों का सर्वेक्षण किया है। इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वेदांता समूह की सीएचआरओ नेहा शर्मा ने कहा कि यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि कंपनी भविष्य के लिए वेदांता का निर्माण किस सोच के साथ कर रही है, जहाँ प्रदर्शन, समावेशिता और स्वामित्व की भावना साथ-साथ आगे बढ़ते हैं। उन्होंने जोर दिया कि कंपनी युवा कार्यबल को सशक्त करके, महिलाओं और अन्य कम प्रतिनिधित्व वाले समूहों के लिए अवसर बढ़ाकर, तथा कर्मचारियों को सीधे मूल्य सृजन में भागीदार बनाकर कार्यस्थल की नई परिकल्पना कर रही है। उनका लक्ष्य केवल प्रतिभाओं को आकर्षित करना नहीं है, बल्कि ऐसा वातावरण तैयार करना है जहाँ लोग व्यवसाय के साथ आगे बढ़ें और भारत के औद्योगिक परिवर्तन के अगले चरण को आकार देने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ। वेदांता के व्यवसाय भारत की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो धातु, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी जैसे देश के भविष्य के लिए अहम क्षेत्रों में कार्य करते हैं। अपने बड़े पैमाने और जटिल परिचालनों के साथ, वेदांता कर्मचारियों को ऐसे उच्च-विकास वाले व्यवसायों का हिस्सा बनने का अवसर प्रदान करता है, जो अपनी उत्पादन क्षमता दोगुनी करने की दिशा में काम कर रहे हैं, जिससे उन्हें तेज़ करियर विकास और आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलते हैं। कंपनी का परिचालन नवाचार और प्रौद्योगिकी पर आधारित है, जिसमें डिजिटल तकनीकों, ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा-आधारित समाधानों का उपयोग किया जाता है, जिससे कर्मचारियों को उद्योग, तकनीक और नवाचार के संगम पर काम करने का अवसर मिलता है। वेदांता एक वैश्विक समूह के अनुभव और मजबूती को स्टार्टअप जैसी तेज़ी और नवाचार की संस्कृति के साथ जोड़ता है, जिससे कर्मचारियों को जिम्मेदारी लेने, नए विचारों पर काम करने और प्रभावशाली योगदान देने का अवसर मिलता है। कंपनी ने कॉर्पोरेट भारत के सबसे व्यापक और समावेशी ईएसओपी कार्यक्रमों में से एक विकसित किया है, जिसके तहत एंट्री-लेवल कर्मचारियों से लेकर वरिष्ठ नेतृत्व तक सभी को स्वामित्व का अवसर दिया जाता है, जो साझा विकास और उत्कृष्टता की संस्कृति को बढ़ावा देता है। करियर के अवसरों के साथ-साथ, वेदांता अपने कर्मचारियों को विश्वस्तरीय एकीकृत टाउनशिप के माध्यम से बेहतर जीवन-स्तर भी प्रदान करता है, जिनमें गुणवत्तापूर्ण आवास, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और खेल सुविधाएं उपलब्ध हैं। विविधता, समान अवसर और समावेशिता (DEI) वेदांता की मानव संसाधन रणनीति का प्रमुख आधार हैं। कंपनी मातृत्व अवकाश के बाद महिलाओं को उनके करियर में दोबारा सहज रूप से लौटने में सहयोग करती है, और एक लचीला व प्रगतिशील कार्यस्थल उपलब्ध कराती है, जिसमें समावेशी शिफ्ट नीतियां शामिल हैं, जिनके तहत मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के साथ महिलाओं को रात्रि पाली में भी काम करने का अवसर दिया जाता है। ग्रेट प्लेस टू वर्क® से मिला यह सम्मान वेदांता के एक उच्च प्रदर्शन करने वाले और कर्मचारी-केंद्रित संगठन के रूप में निरंतर हो रहे बदलाव को और मजबूत करता है, जो समावेशी विकास, कर्मचारियों की भागीदारी और बेहतर मानव संसाधन नीतियों के क्षेत्र में भारत के औद्योगिक क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है।1
- सारंगढ़ कोतवाली पुलिस ने जुए के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चार जुआरियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ग्राम अमलीडीपा के भकुर्रा मोड़ जंगल के पास मुखबिर की सूचना पर पुलिस द्वारा दबिश देकर की गई। पुलिस ने मौके से आरोपियों के कब्जे से ₹1,66,540 नकद, 7 मोबाइल फोन, एक महिंद्रा थार गाड़ी और 52 पत्ती ताश जब्त की है। जब्त की गई इन सभी संपत्तियों की कुल कीमत ₹27,49,540 बताई गई है। गिरफ्तार किए गए जुआरियों में ओमप्रकाश चंद्रा उर्फ पोचु, कृतराम चंद्रा, रामशरण सिंह राजपूत और भगवान प्रसाद जायसवाल शामिल हैं। इन सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह पूरा अभियान वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर थाना प्रभारी प्रमोद यादव के नेतृत्व में चलाया गया, जिसमें कोतवाली पुलिस की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1
- कोरबा जिले के एक गांव से सामने आई घटना में, एक पीड़ित ने उरगा पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यह मामला कोरबा जिले का बताया जा रहा है, जहां पीड़ित ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।1
- रायगढ़ में शहीद भगत सिंह सेतु को 4 महीने बाद यातायात के लिए फिर से खोल दिया गया है। इसी के साथ, नए अंडरपास का निर्माण कार्य भी अपने अंतिम चरण में पहुँच गया है।1
- एक झपटमार गिरोह का पर्दाफाश किया गया है, जिसके संबंध में दो नाबालिगों सहित कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।1
- छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के भखारा थाना क्षेत्र के भेंड्रा गांव में एक बार फिर हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। गांव का एक युवक, जिसकी पहचान याद राम साहू के रूप में हुई है, करीब 50 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। उसकी मांग है कि उसे अपनी दो पत्नियों को एक साथ रखने दिया जाए। इस घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि कुछ महीने पहले भी याद राम साहू इसी मांग को लेकर इसी मोबाइल टावर पर चढ़ा था। तब भी पुलिस और प्रशासन ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा था। इस बार भी भखारा थाना पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और घंटों की समझाइश के बाद युवक को सकुशल नीचे उतारने में सफल रही। फिलहाल, पुलिस युवक से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने दोबारा यह कदम क्यों उठाया।1