सिकंदरा कस्बे के गांधी नगर मोहल्ले में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में एक महिला सहित तीन लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद पुलिस ने एक पक्ष की तहरीर के आधार पर चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। गांधी नगर निवासी तौफीक ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे सादिक, जाहिद, सलमान और शबनम उसकी जमीन पर जबरन गड्ढा खोद रहे थे। जब तौफीक ने इस गतिविधि का विरोध किया, तो दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई और फिर बात मारपीट तक पहुंच गई। इस मारपीट में तौफीक और उसका पुत्र घायल हो गए, जबकि दूसरे पक्ष से शबनम भी चोटिल हो गईं। घायल शबनम को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सिकंदरा में भर्ती कराया गया, जहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. पूजा गोयल ने उनका इलाज किया। अन्य घायलों का भी उचित उपचार कराया गया। सिकंदरा थाना प्रभारी निरीक्षक जनार्दन प्रताप सिंह ने शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तौफीक की तहरीर के आधार पर चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सिकंदरा कस्बे के गांधी नगर मोहल्ले में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में एक महिला सहित तीन लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद पुलिस ने एक पक्ष की तहरीर के आधार पर चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। गांधी नगर निवासी तौफीक ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे सादिक, जाहिद, सलमान और शबनम उसकी जमीन पर जबरन गड्ढा खोद रहे थे। जब तौफीक ने इस गतिविधि का विरोध किया, तो दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई और फिर बात मारपीट तक पहुंच गई। इस मारपीट में तौफीक और उसका पुत्र घायल हो गए, जबकि दूसरे पक्ष से शबनम भी चोटिल हो गईं। घायल शबनम को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सिकंदरा में भर्ती कराया गया, जहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. पूजा गोयल ने उनका इलाज किया। अन्य घायलों का भी उचित उपचार कराया गया। सिकंदरा थाना प्रभारी निरीक्षक जनार्दन प्रताप सिंह ने शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तौफीक की तहरीर के आधार पर चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
- कानपुर देहात में 29 मई 2026 को जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित मां मुक्तेश्वरी देवी सभागार में बीएड प्रवेश परीक्षा के सफल, शांतिपूर्ण और पारदर्शी आयोजन के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक, सह केंद्र व्यवस्थापक और विश्वविद्यालय से नामित प्रतिनिधियों सहित अन्य संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में यह परीक्षा 31 मई 2026 को कुल तीन परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में संपन्न होगी। पहली पाली सुबह 09:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 02:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक चलेगी। अकबरपुर महाविद्यालय अकबरपुर, अकबरपुर इंटर कॉलेज और श्री रामस्वरूप ग्रामोद्योग इंटर कॉलेज (पुखरायां) को परीक्षा केंद्र बनाया गया है, जहाँ लगभग 1405 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे। परीक्षा की शुचिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी परीक्षा केंद्रों का पुनः भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने और पेयजल, स्वच्छ शौचालय, विद्युत, पंखे एवं स्वच्छता सहित सभी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ रखने का निर्देश दिया, ताकि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पुलिस विभाग को प्रत्येक केंद्र पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने, नकल रोकने के लिए सीसीटीवी और वीडियोग्राफी की व्यवस्था करने तथा संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने के आदेश दिए गए। इसके अलावा, सभी केंद्रों पर सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है, जिन्हें पूर्व निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। परिवहन और यातायात व्यवस्था के संबंध में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि परीक्षा केंद्रों के आसपास यातायात सुचारू रखा जाए तथा वाहनों की पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। साथ ही, अभ्यर्थियों के आवागमन हेतु पर्याप्त परिवहन साधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता, नकल अथवा परीक्षा को बाधित करने वाली गतिविधियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय और पूर्ण सतर्कता के साथ परीक्षा को पारदर्शी, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने का आह्वान किया। बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमित कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक आलोक प्रसाद, जिला विद्यालय निरीक्षक ब्रजभूषण चौधरी, प्राचार्य अकबरपुर महाविद्यालय सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।1
- मथुरा पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के संबंध में स्पष्टीकरण जारी किया है, जिसमें एक महिला के साथ मारपीट के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें गलत बताया है। यह मामला तब सामने आया जब पुलिस शेरगढ़ में एक रेप के आरोपी को गिरफ्तार करने गई थी। आरोप है कि आरोपी की पत्नी ने पुलिस पर मारपीट का गंभीर आरोप लगाया, जिसके बाद यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया। मथुरा पुलिस के CO सदर प्रीतम पाल सिंह ने बयान जारी करते हुए मामले की पूरी सच्चाई बताई है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि दबिश देने पहुंची टीम पर लगे ये आरोप निराधार हैं। उनका कहना है कि महिला गिरने के कारण घायल हुई थी और उसके साथ किसी भी तरह की मारपीट नहीं की गई। पुलिस ने महिला पर अभियुक्त को भगाने का भी आरोप लगाया है। वायरल वीडियो की जांच अभी भी जारी है।1
- समाजवादी पार्टी (सपा) ने औरैया में पीडीए आरक्षण घोटाले को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। ककोर स्थित पार्टी कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में सपा जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार संविधान द्वारा प्रदत्त आरक्षण अधिकारों को कमजोर कर रही है, जिससे पिछड़े, दलित और वंचित समाज के युवाओं को सरकारी नौकरियों में उनका हक नहीं मिल पा रहा है और उनके अधिकारों के साथ लगातार अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संविधान के माध्यम से इन समाजों को बराबरी का अधिकार दिलाने के लिए आरक्षण व्यवस्था लागू कराई थी, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार इसे धीरे-धीरे कमजोर करने में लगी है। सर्वेश बाबू गौतम ने यह भी दावा किया कि पिछले दस वर्षों के भाजपा कार्यकाल में कई सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिसके कारण आरक्षित सीटों में कटौती और अनियमितताओं के चलते हजारों युवाओं को नौकरी से वंचित होना पड़ा है, जिसका सबसे अधिक नुकसान पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के युवाओं को हुआ है। प्रेस वार्ता के दौरान समाजवादी पार्टी ने एक सूची भी जारी की, जिसमें दावा किया गया कि वर्ष 2019 से 2026 तक हुई 22 सरकारी भर्तियों में कुल 11 हजार 514 से अधिक आरक्षित पदों का नुकसान हुआ है। जारी आंकड़ों के अनुसार, 69 हजार शिक्षक भर्ती में सर्वाधिक 7933 आरक्षित पद प्रभावित हुए। इसके अतिरिक्त, एईडेड जूनियर हाईस्कूल मास्टर और हेडमास्टर भर्ती में 547 पद, ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती में 232 पद और कनिष्ठ सहायक तथा लिपिक भर्ती में 300 पद प्रभावित होने का आरोप लगाया गया। सपा नेताओं ने यह भी कहा कि कृषि प्राविधिक सहायक भर्ती में 434 और 588 पदों पर अनियमितताएं हुईं, जबकि लेखपाल भर्ती में 960 आरक्षित पद प्रभावित बताए गए। पार्टी का मानना है कि यदि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और संविधान के अनुरूप आरक्षण व्यवस्था लागू होती तो हजारों युवाओं को रोजगार मिल सकता था। सपा जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी पीडीए समाज के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी और आरक्षण व्यवस्था के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि पार्टी गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेगी और भाजपा सरकार की कथित नीतियों को जनता के सामने उजागर करेगी। इस वार्ता में दिबियापुर विधायक प्रदीप यादव, बिधूना विधायक रेखा वर्मा, पूर्व विधायक प्रमोद गुप्ता, रश्मि यादव, अनवर यादव, रानू पालीवाल और राजकुमार दोहरे सहित बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने एक स्वर में कहा कि आरक्षण व्यवस्था संविधान की आत्मा है और इसके अधिकारों की रक्षा के लिए समाजवादी पार्टी हर स्तर पर संघर्ष करती रहेगी।3
- शुक्रवार को समाजवादी पार्टी (सपा) ने औरैया के ककोर स्थित अपने पार्टी कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर पीडीए आरक्षण घोटाले को लेकर तीखा हमला बोला। सपा जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार संविधान द्वारा प्रदत्त आरक्षण व्यवस्था को कमजोर कर रही है, जिसके चलते पिछड़े, दलित और वंचित समाज के युवाओं को सरकारी नौकरियों में उनका उचित अधिकार नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा सामाजिक बराबरी के लिए लागू की गई आरक्षण व्यवस्था को वर्तमान सरकार द्वारा सही ढंग से लागू न करने का दावा किया, जिससे आरक्षित पद भरे नहीं जा रहे हैं। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं और आरक्षित सीटों में कटौती के कारण हजारों युवा सरकारी नौकरी से वंचित रह गए हैं। पार्टी ने वर्ष 2019 से 2026 तक की 22 सरकारी भर्तियों की एक सूची भी जारी की, जिसमें कुल 11,514 से अधिक आरक्षित पदों के नुकसान का दावा किया गया है। जारी आंकड़ों के अनुसार, 69 हजार शिक्षक भर्ती में सर्वाधिक 7933 आरक्षित पद प्रभावित हुए हैं। इसके अतिरिक्त, एडेड जूनियर हाईस्कूल मास्टर और हेडमास्टर भर्ती में 547 पद, ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती में 232 पद, तथा कनिष्ठ सहायक और लिपिक भर्ती में 300 पद प्रभावित होने का दावा किया गया। सपा नेताओं ने कृषि प्राविधिक सहायक भर्ती में 434 और 588 पदों पर अनियमितताओं तथा लेखपाल भर्ती में 960 आरक्षित पदों के प्रभावित होने का आरोप भी लगाया। पार्टी का दृढ़ता से कहना है कि यदि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बरती जाती और संविधान के अनुरूप आरक्षण व्यवस्था लागू की जाती, तो हजारों युवाओं को रोजगार मिल सकता था। सपा जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पार्टी पीडीए समाज के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी और इस विषय पर लोगों को जागरूक करने के लिए गांव-गांव जाएगी। इस प्रेस वार्ता में प्रदीप यादव, रेखा वर्मा, प्रमोद गुप्ता सहित बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता उपस्थित थे।1
- औरैया जिले की बिधूना तहसील परिसर स्थित अनंदा कैंटीन में अज्ञात चोरों ने सेंधमारी कर करीब 50 हजार रुपये का सामान चुरा लिया। चोरों ने कैंटीन की दीवार की जाली तोड़कर वारदात को अंजाम दिया, जिसमें सिलेंडर, तेल और मसाले सहित अन्य वस्तुएं गायब मिलीं। यह घटना गुरुवार शाम कैंटीन बंद होने के बाद और शुक्रवार सुबह खुलने से पहले हुई। कैंटीन संचालिका सुनीता, जो उसरहा निवासी हैं, ने बताया कि गुरुवार शाम को वह रोज की तरह कैंटीन बंद करके अपने सहकर्मियों के साथ घर चली गई थीं। शुक्रवार सुबह जब वह वापस आईं और कैंटीन खोली, तो सामान बिखरा हुआ पाया। जांच करने पर उन्होंने देखा कि जालीनुमा दीवार टूटी हुई थी और दो सिलेंडर, भगोनों के ढक्कन, दो प्रेशर कुकर, तेल, मिर्च, मसाला और चार थाली गायब थीं। हालांकि, खाली गोलक टूटी हुई मिली। पीड़ित महिला संचालिका ने तुरंत घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की। कैंटीन संचालिका ने तहसील परिसर में सुरक्षा गार्डों की मौजूदगी का उल्लेख करते हुए इस चोरी को लेकर चिंता जताई। यह चोरी तहसील परिसर में चर्चा का विषय बनी हुई है और पुलिस लगातार चोरों की तलाश में जुटी है।1
- उत्तर प्रदेश के ऊर्जा राज्य मंत्री कैलाश राजपूत के औरैया आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। पहुँचने के बाद, ऊर्जा राज्य मंत्री ने अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्होंने बिजली आपूर्ति व्यवस्था को लेकर कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान, ऊर्जा राज्य मंत्री कैलाश राजपूत ने घोषणा की कि प्रदेश की विद्युत व्यवस्था पहले से बेहतर होगी और जनता को जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने बताया कि बढ़ते तापमान के मद्देनज़र पूरे प्रदेश में बिजली व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है, और शाम से सुबह तक बिजली आपूर्ति में सुधार लाने का आश्वासन भी दिया गया। उन्होंने सपा, कांग्रेस और बसपा जैसे विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष केवल आलोचना करने का काम करता है, जबकि भाजपा सरकार जनता को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने में लगी हुई है।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार देर शाम दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक पर एक हृदयविदारक हादसे में जुरिया गांव निवासी किसान बालकराम की ट्रेन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना पूरे इलाके को झकझोर गई और गांव में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। जानकारी के अनुसार, बालकराम, पुत्र केसे लाल, अपनी खेती से जुड़े कार्य के सिलसिले में खानपुर चैन गांव जा रहे थे, जहाँ उनकी कुछ जमीन बटाई पर थी और वह फसल की तौल कराने घर से निकले थे। जैसे ही वह दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसा इतना भीषण था कि उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना देखकर आसपास मौजूद ग्रामीण दहल उठे और उन्होंने तुरंत पुलिस व परिजनों को सूचना दी। रेलवे प्रशासन से मेमो मिलने के बाद झींझक चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। उपनिरीक्षक बृजमोहन सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। कुछ ही देर में मृतक के परिजन भी वहां पहुंच गए। शव की पहचान होते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई; पत्नी जय देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि बेटे सानू और सनी गहरे सदमे में हैं। गांव के लोगों की आंखें भी इस दर्दनाक हादसे को देखकर नम हो गईं। झींझक चौकी इंचार्ज उमेश शर्मा ने शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा तहसील क्षेत्र के आराजी गांव के पास सड़क किनारे खड़ा एक हरा नीम का पेड़ गुरुवार को सुबह करीब 10 बजे जड़ों समेत उखाड़कर नष्ट कर दिया गया। आरोप है कि एक युवक ने जेसीबी मशीन की मदद से इस पेड़ को गिराया, लेकिन इस मामले में अब तक वन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जानकारी के अनुसार, मंगलपुर थाना क्षेत्र के आराजी गांव के पास हुई इस घटना से पर्यावरण संरक्षण को लेकर चिंता बढ़ गई है। क्षेत्र में हरे पेड़ों की लगातार हो रही कटाई से पर्यावरण संतुलन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हरे पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के बावजूद जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने में गंभीरता नहीं दिखा रहा है। लोगों ने मांग की है कि मामले की जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। कार्रवाई न होने पर वन विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।1
- सोनभद्र जनपद के थाना शक्तिनगर क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहाँ, शराब के नशे और पारिवारिक विवाद के चलते एक पति ने अपनी पत्नी का गला गमछे से दबा दिया। महिला की हालत गंभीर हो गई थी और उपचार के लिए अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस के अनुसार, पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी विवाद के दौरान आरोपी पति ने शराब के नशे में आकर गमछे से अपनी पत्नी का गला दबाया, जिससे उसकी स्थिति गंभीर हो गई। परिजन और स्थानीय लोग महिला को तुरंत अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही थाना शक्तिनगर पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की जाँच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, और आरोपी पति के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी पिपरी, हर्ष पाण्डेय ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला पारिवारिक विवाद और शराब के नशे से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी पहलुओं की जाँच कर रही है और मामले में विधिक कार्रवाई जारी है।1