प्रदेश सरकार द्वारा कृषि उपज मंडी शुल्क में की गई बढ़ोतरी के विरोध में व्यापारियों का आक्रोश फूट पड़ा है। युवा गल्ला व्यवसायी संगठन, कटनी ने प्रदेशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है, जिसके तहत आगामी 23 जून 2026, दिन मंगलवार को कटनी सहित प्रदेश की सभी मंडियों में कामकाज पूरी तरह से बंद रहेगा। इस संबंध में संगठन ने कृषि उपज मंडी समिति कटनी के सचिव को पत्र सौंपकर सूचित कर दिया है। व्यापारियों ने स्पष्ट किया है कि मंडी शुल्क को 1% से बढ़ाकर 1.5% कर दिया गया है, जिससे किसानों और व्यापारियों दोनों पर अतिरिक्त और असहनीय आर्थिक भार पड़ रहा है। संगठन ने यह भी बताया कि कृषि व्यापार से संबंधित औद्योगिक इकाइयां पिछले पाँच वर्षों से बीमारू हालत में हैं और मंदी तथा नीतियों के कारण कई लघु उद्योग बंद हो चुके हैं। ऐसे कठिन समय में शुल्क बढ़ाना 'जलती पर घी डालने' जैसा है। व्यापारियों और किसानों के हित को देखते हुए, संगठन ने बढ़ी हुई 50 पैसे की मंडी शुल्क वृद्धि को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की है। अपनी मांगों पर दबाव बनाने और विरोध दर्ज कराने के लिए कटनी मंडी के सभी व्यापारी मंगलवार (23 जून) को अपना पूरा कार्य पूर्ण रूप से बंद रखेंगे और विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस मुकम्मल बंद से मंडी के करोड़ों के कारोबार के प्रभावित होने की आशंका है।
प्रदेश सरकार द्वारा कृषि उपज मंडी शुल्क में की गई बढ़ोतरी के विरोध में व्यापारियों का आक्रोश फूट पड़ा है। युवा गल्ला व्यवसायी संगठन, कटनी ने प्रदेशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है, जिसके तहत आगामी 23 जून 2026, दिन मंगलवार को कटनी सहित प्रदेश की सभी मंडियों में कामकाज पूरी तरह से बंद रहेगा। इस संबंध में संगठन ने कृषि उपज मंडी समिति कटनी के सचिव को पत्र सौंपकर सूचित कर दिया है। व्यापारियों ने स्पष्ट किया है कि मंडी शुल्क को 1% से बढ़ाकर 1.5% कर दिया गया है, जिससे किसानों और व्यापारियों दोनों पर अतिरिक्त और असहनीय आर्थिक भार पड़ रहा है। संगठन ने यह भी बताया कि कृषि व्यापार से संबंधित औद्योगिक इकाइयां पिछले पाँच वर्षों से बीमारू हालत में हैं और मंदी तथा नीतियों के कारण कई लघु उद्योग बंद हो चुके हैं। ऐसे कठिन समय में शुल्क बढ़ाना 'जलती पर घी डालने' जैसा है। व्यापारियों और किसानों के हित को देखते हुए, संगठन ने बढ़ी हुई 50 पैसे की मंडी शुल्क वृद्धि को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की है। अपनी मांगों पर दबाव बनाने और विरोध दर्ज कराने के लिए कटनी मंडी के सभी व्यापारी मंगलवार (23 जून) को अपना पूरा कार्य पूर्ण रूप से बंद रखेंगे और विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस मुकम्मल बंद से मंडी के करोड़ों के कारोबार के प्रभावित होने की आशंका है।
- कटनी शहर में एक शराब दुकान पर कट्टा लहराकर कर्मचारियों और ग्राहकों में दहशत फैलाने वाले तीन बदमाशों को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपियों ने खुलेआम हथियार दिखाकर इलाके में भय का माहौल बनाने की कोशिश की थी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई थी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस तत्काल सक्रिय हुई और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई के परिणामस्वरूप, तीनों आरोपी जल्द ही गिरफ्त में आ गए। पुलिस अब गिरफ्तार बदमाशों से पूछताछ कर रही है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आरोपियों ने शराब दुकान पहुँचकर कट्टा लहराते हुए कर्मचारियों को धमकाया, जिससे वहाँ मौजूद लोगों में दहशत फैल गई थी। इस गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में पुलिस की तत्परता की सराहना की जा रही है, और लोगों का कहना है कि समय पर कार्रवाई होने से एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कटनी में गुंडागर्दी, हथियारबाजी और आम जनता को डराने-धमकाने वालों के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया जाएगा और कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। कटनी पुलिस का साफ संदेश है कि कट्टा लहराने वालों की जगह अब सलाखों के पीछे है।1
- Post by RAHUL YADAV1
- कटनी नगर में नेशनल मीडिया प्रेस क्लब (NMPC) द्वारा पत्रकारों के लिए एक निःशुल्क कानूनी पाठशाला संचालित की जा रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य डिजिटल युग में पत्रकारिता के गिरते मानकों की रक्षा करना और मीडियाकर्मियों को उनके वैधानिक अधिकारों, सुरक्षा और पत्रकारिता के नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना है। यह कार्यशाला पत्रकारों को कानूनी चुनौतियों से बचाने और उन्हें एक सशक्त व जिम्मेदार प्रहरी के रूप में कार्य करने के लिए तैयार करती है। इस पाठशाला के तहत कानूनी सुरक्षा और अधिकार सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि मीडियाकर्मी कार्यस्थल पर होने वाले गैर-संवैधानिक हमलों, उत्पीड़न या झूठे मुकदमों के खिलाफ कानूनी रूप से लड़ सकें। इसके अतिरिक्त, पत्रकारों को प्रेस की स्वतंत्रता के दायरे में रहकर निष्पक्ष, सटीक और जवाबदेह रिपोर्टिंग करने का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है। कार्यशाला का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह भारतीय प्रेस परिषद और मीडिया कानूनों, जैसे मानहानि और सूचना का अधिकार, की सटीक व स्पष्ट जानकारी देकर पत्रकारों को बिना किसी भय के कार्य करने हेतु दबाव से मुक्ति दिलाती है। नेशनल मीडिया प्रेस क्लब इस मुहिम में शामिल होने के लिए पत्रकारों को आमंत्रित कर रहा है, जहाँ संगठित होकर अपने अधिकारों व कर्तव्यों की आवाज उठाने पर जोर दिया जा रहा है। ‘संघे शक्ति कलयुगे’ के सिद्धांत को रेखांकित करते हुए, यह बताया गया है कि इस कलयुग में संगठन व संगठित रहना ही शक्ति है। क्लब की ओर से स्पष्ट किया गया है कि केवल नैतिक व संवैधानिक रूप से सही दिशा पर कार्य कर रहे पत्रकार ही इससे जुड़ें। पत्रकारों को संवैधानिक अधिकार मिलने चाहिए, इसी उद्देश्य के साथ यह कानूनी पाठशाला अपने अधिकारों व कर्तव्यों को विस्तार से समझने, संगठित होकर बुलंद आवाज के साथ ‘पत्रकार एकता जिंदाबाद’ का उद्घोष करने और पत्रकारों के हितों की लड़ाई में सहभागिता निभाने का आह्वान करती है।1
- एक बेहद गंभीर मामले में, एक लड़के को 13 साल की उम्र में जेल भेज दिया गया था और अब, 25 साल की उम्र में, वह आखिरकार रिहा हो गया है, जिसने अपनी ज़िंदगी के महत्वपूर्ण 12 साल जेल में बिताए हैं। इस पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं कि एक मासूम 13 साल का लड़का पार्टी पॉलिटिक्स के बारे में क्या जान सकता था। आरोप है कि अभिषेक बनर्जी ने एक दिन लड़के के हाथ में बीजेपी का झंडा देखा, जिसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को बुलाया और लड़के को ऐसे आरोपों में जेल भेजने का आदेश दिया जिससे उसे ज़िंदगी भर कभी जमानत न मिल सके। इस घटना की तुलना अंग्रेजों के अत्याचार से करते हुए कहा गया है कि अंग्रेज भी इतने बेरहम नहीं थे, फिर भी एक लड़के की पूरी ज़िंदगी बर्बाद कर दी गई। सवाल उठाया गया है कि अब उसके उन सालों के नुकसान की भरपाई कौन करेगा जिनसे उसका भविष्य बनना चाहिए था, और क्या हमारे संविधान में इसका कोई प्रावधान है। यह मांग की गई है कि अभिषेक बनर्जी को लड़के की ज़िंदगी बर्बाद करने के लिए ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए और उसे तथा उसके परिवार को तुरंत कम से कम पांच करोड़ रुपये का मुआवज़ा दिया जाना चाहिए। इसके अलावा, एफआईआर दर्ज होने के समय थाने में मौजूद पूरे पुलिस स्टाफ को नौकरी से निकाल देना चाहिए और उनसे जुर्माना भी वसूला जाना चाहिए।1
- जी डी मेमोरियल हॉस्पिटल में एक निशुल्क चिकित्सा शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस शिविर में जबलपुर और नागपुर से आए वरिष्ठ डॉक्टरों ने मरीजों को परामर्श प्रदान किया।1
- महाराष्ट्र के भक्तों के लिए बाबा बागेश्वर ने एक विशेष संदेश दिया है, जिसमें बताया गया है कि सनातन मठ, भिवंडी मुंबई में उनका दो दिवसीय दिव्य दरबार आयोजित किया जाएगा।1
- पत्रकार पुष्पेंद्र लोधी के पत्रकारिता कार्यों की सराहना करते हुए, उन्हें 'समाज का हीरा' बताया गया है, खासकर एक ब्राह्मण समाज की बेटी के बलात्कार मामले में न्याय दिलाने के लिए खुलकर आवाज उठाने के उनके प्रयासों के लिए। हालांकि, उनके खिलाफ एक बड़े षड्यंत्र का आरोप लगाया गया है, जिसमें कुछ पत्रकारों और पुलिस कर्मियों को जिम्मेदार ठहराया गया है जो उनकी तरक्की पचा नहीं पा रहे हैं। आरोप है कि इन्हीं षड्यंत्रों के चलते पुष्पेंद्र लोधी को कानूनी पेचीदगियों में फंसाया जा रहा है। विडंबना यह है कि जिस ब्राह्मण समाज की बेटी को वे न्याय दिलाना चाहते थे, उसी समाज की ओर से उन्हें फंसाने की साजिश की गई है। पोस्ट में विश्वास व्यक्त किया गया है कि जब इस मामले की सच्चाई सामने आएगी, तो ब्राह्मण समाज भी मजबूरी में पुष्पेंद्र लोधी के साथ खड़ा होगा और षड्यंत्रकारी खुद अकेले में रोएंगे। यह भी कहा गया है कि पुष्पेंद्र लोधी का उद्देश्य बलात्कारी को फाँसी दिलाना है। इस मामले में एक बहुत बड़ी साजिश होने का दावा किया गया है, और क्षेत्र में की गई पड़ताल के अनुसार, एक अच्छी जाँच होने पर असली षड्यंत्रकारी सामने आ सकते हैं। ओबीसी एससी एसटी संगठन ने भी निर्दोष पत्रकार पुष्पेंद्र लोधी पर की गई कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।1
- सतना के बरौंधा में पदस्थ रहे रेंजर बृजेंद्र पांडेय, जिनका तबादला अब सीधी हो गया है, और उनकी आरक्षक पत्नी भारती उपाध्याय के बीच का पारिवारिक विवाद गहरा गया है। यह हाईप्रोफाइल विवाद उस समय और बढ़ गया जब रेंजर को रीवा के एक होटल में एक अन्य महिला के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया। इस घटना के बाद से दोनों पक्षों में लगातार टकराव जारी है। पति ने अपनी पत्नी पर चोरी का मामला दर्ज कराया है, जबकि पत्नी ने अब पति पर मारपीट और गंभीर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया है। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1