सेवढ़ा के ग्राम बसई जीव में कुछ दिनों पहले आए तेज आंधी-तूफान के कारण कई विद्युत पोल गिर गए थे, जिससे गांव की बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। कई दिन बीत जाने के बाद भी बिजली विभाग ने गिरे हुए खंभों को दोबारा खड़ा नहीं किया है, जिससे पूरा गांव अंधेरे में रहने को मजबूर है और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, विद्युत आपूर्ति बाधित होने से गांव का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। किसानों को अपने खेतों में लगी मोटरों से सिंचाई न कर पाने के कारण सबसे अधिक परेशानी हो रही है, जिससे उनकी फसलें प्रभावित हो रही हैं। वहीं, पशुपालकों को भी अपने मवेशियों के लिए समय पर पानी उपलब्ध कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल संकट भी गहरा गया है क्योंकि गांव में पहले से ही कम हैंडपंप हैं और बिजली न होने के कारण मोटर पंप भी बंद पड़े हैं, जिससे लोगों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग को इस संबंध में सूचना दी है, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने विभाग से जल्द से जल्द गिरे हुए विद्युत पोलों को खड़ा कर बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है, ताकि किसानों, पशुपालकों और आम नागरिकों को राहत मिल सके। इस मामले पर सहायक उपयंत्री नीरज यादव ने कहा है कि वह कर्मचारियों को गांव भेजकर मौके का निरीक्षण करवाएंगे, और निरीक्षण के बाद जो भी आवश्यक व उचित कार्रवाई होगी, उसे तत्काल कराया जाएगा तथा बिजली लाइन शीघ्र चालू कराई जाएगी। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि विभाग जल्द कार्रवाई करेगा और गांव की बिजली व्यवस्था बहाल होगी, जिससे उनकी लंबे समय से चली आ रही परेशानी का समाधान हो पाएगा।
सेवढ़ा के ग्राम बसई जीव में कुछ दिनों पहले आए तेज आंधी-तूफान के कारण कई विद्युत पोल गिर गए थे, जिससे गांव की बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। कई दिन बीत जाने के बाद भी बिजली विभाग ने गिरे हुए खंभों को दोबारा खड़ा नहीं किया है, जिससे पूरा गांव अंधेरे में रहने को मजबूर है और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, विद्युत आपूर्ति बाधित होने से गांव का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। किसानों को अपने खेतों में लगी मोटरों से सिंचाई न कर पाने के कारण सबसे अधिक परेशानी हो रही है, जिससे उनकी फसलें प्रभावित हो रही हैं। वहीं, पशुपालकों को भी अपने मवेशियों के लिए समय पर पानी उपलब्ध कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल संकट भी गहरा गया है क्योंकि गांव में पहले से ही कम हैंडपंप हैं और बिजली न होने के कारण मोटर पंप भी बंद पड़े हैं, जिससे लोगों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग को इस संबंध में सूचना दी है, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने विभाग से जल्द से जल्द गिरे हुए विद्युत पोलों को खड़ा कर बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है, ताकि किसानों, पशुपालकों और आम नागरिकों को राहत मिल सके। इस मामले पर सहायक उपयंत्री नीरज यादव ने कहा है कि वह कर्मचारियों को गांव भेजकर मौके का निरीक्षण करवाएंगे, और निरीक्षण के बाद जो भी आवश्यक व उचित कार्रवाई होगी, उसे तत्काल कराया जाएगा तथा बिजली लाइन शीघ्र चालू कराई जाएगी। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि विभाग जल्द कार्रवाई करेगा और गांव की बिजली व्यवस्था बहाल होगी, जिससे उनकी लंबे समय से चली आ रही परेशानी का समाधान हो पाएगा।
- कस्बा मौ में थाना प्रभारी द्वारा जनता को साइबर फ्रॉड से बचने के संबंध में समझाइश दी गई।1
- मध्य प्रदेश के भिंड जिले में स्थित लहार स्टेडियम की बदहाल स्थिति ने खिलाड़ियों और सेना, पुलिस व अन्य सुरक्षा बलों में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर दी है। स्टेडियम परिसर में हर तरफ गंदगी और गहरे गड्ढे होने के कारण नियमित अभ्यास करने वालों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय युवाओं का कहना है कि स्टेडियम की साफ-सफाई और रखरखाव लंबे समय से उपेक्षित है, जिससे मैदान में बने गहरे गड्ढे दौड़ने और अन्य अभ्यास करने को जोखिम भरा बनाते हैं। युवाओं ने बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित किया, लेकिन प्रशासन की उदासीनता के कारण कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी से नाराज़ होकर, शनिवार सुबह करीब 7:00 बजे, युवाओं ने देश सेवा के उद्देश्य से खुद ही फावड़े और अन्य उपकरणों की मदद से मैदान के गड्ढे भरने का काम शुरू कर दिया। उनका कहना है कि स्टेडियम की इस बदहाल व्यवस्था से उनके अभ्यास में बाधा आ रही है। गड्ढे भरते हुए इन युवाओं का वीडियो शनिवार सुबह से सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि स्टेडियम की नियमित साफ-सफाई कराई जाए और मैदान को खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाया जाए, ताकि युवाओं को बेहतर वातावरण में अभ्यास करने का अवसर मिल सके।1
- ग्वालियर से लगभग 30 किलोमीटर दूर आंतरी गांव में एक रहस्यमयी घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है, जहाँ पिछले कई दिनों से एक ही परिवार के पाँच भाइयों के घरों में अचानक आग लगने की घटनाएँ हो रही हैं। इन घटनाओं में कपड़े, बिस्तर और खाने का सामान जल रहा है, लेकिन अब तक आग लगने की वजह साफ नहीं हो पाई है। यह मामला इतना गंभीर हो चुका है कि प्रशासन से लेकर फॉरेंसिक टीम तक इसकी जाँच में जुटी हुई है। ग्वालियर जिले के आंतरी गांव में कल्याण सिंह बघेल, सेवाराम बघेल, कामता प्रसाद बघेल, महेंद्र बघेल और लक्षीराम बघेल के घरों में रहस्यमयी ढंग से आग लग रही है। शुरुआत कल्याण सिंह के घर से हुई, जहाँ अचानक कपड़ों और बिस्तर में आग लग गई, जिसके बाद एक-एक करके बाकी चार भाइयों के घरों में भी ऐसी ही घटनाएँ होने लगीं। परिवार के सदस्यों का कहना है कि आग लगने के पीछे न तो बिजली का शॉर्ट सर्किट है और न ही कोई चूल्हा जल रहा होता है, फिर भी अचानक सामान जल उठता है। आग इतनी तेजी से फैलती है कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिलता, और दहशत के कारण पूरा परिवार अब घरों के बाहर खुले आसमान के नीचे रात गुजारने पर मजबूर है। परिवार का दावा है कि यदि जला हुआ सामान बचाने के लिए किसी पड़ोसी के घर रखा जाए, तो वहाँ भी उसी सामान में आग लग जाती है, जिससे पूरे गांव में भय का माहौल बना हुआ है। इन घटनाओं के बाद गांव में अंधविश्वास भी फैलने लगा है, जहाँ कुछ ग्रामीण इसे भूत-प्रेत या जादू-टोने का असर मान रहे हैं। कई तांत्रिकों को बुलाकर पूजा-पाठ और टोटके भी कराए गए हैं, लेकिन आग लगने का असल कारण अभी तक सामने नहीं आया है। हालांकि, प्रशासन लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जाँच पूरी होने का इंतजार करने की अपील कर रहा है। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और एहतियात के तौर पर गांव में पानी का टैंकर तैनात कर दिया गया है, साथ ही फायर ब्रिगेड को भी अलर्ट पर रखा गया है। ग्वालियर से आई फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जाँच की, जिसके दौरान आग लगने वाले स्थानों के आसपास माचिस की तीलियाँ भी मिलने की बात सामने आई है। अधिकारी फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रहे हैं और बता रहे हैं कि जाँच अभी जारी है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इन घरों में बार-बार आग कैसे लग रही है – क्या इसके पीछे किसी की शरारत है, कोई वैज्ञानिक कारण है या कोई अन्य वजह? इसका जवाब अब जाँच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।1
- Post by Keshav BAghel1
- शनिवार को सेवढ़ा थाना क्षेत्र के प्रसिद्ध सनकुआं घाट स्थित सिंध नदी में एक अज्ञात शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। शव दिखाई देने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना पाकर सेवढ़ा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को नदी से बाहर निकलवाकर अपने कब्जे में लिया। पुलिस के अनुसार, मृतक की अभी तक पहचान नहीं हो सकी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और उसकी शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- भिंड शहर के सीतानगर क्षेत्र में शनिवार दोपहर करीब 2:00 बजे एक घर में जहरीला कोबरा सांप घुस जाने से हड़कंप मच गया। जैसे ही परिवार के एक सदस्य ने सांप को देखा, वे दहशत में आ गए और तुरंत सर्पमित्र जग्गू परिहार को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही सर्पमित्र जग्गू परिहार बिना देर किए मौके पर पहुंचे और घर के भीतर सावधानी से सांप की तलाश शुरू की। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद, उन्होंने जहरीले कोबरा का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित रूप से एक डिब्बे में बंद कर लिया। रेस्क्यू के पश्चात, सर्पमित्र ने कोबरा को उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में ले जाकर सुरक्षित छोड़ दिया। उनकी सूझबूझ और तत्परता के कारण, इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या अप्रिय स्थिति नहीं हुई। सर्पमित्र जग्गू परिहार ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके घर या आसपास कहीं भी सांप दिखाई दे तो वे घबराएं नहीं और न ही उसे मारने का प्रयास करें। उन्होंने सलाह दी कि ऐसी स्थिति में तुरंत प्रशिक्षित सर्पमित्र या वन विभाग को सूचना देनी चाहिए, ताकि सांप का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे उसके प्राकृतिक वातावरण में वापस छोड़ा जा सके।1
- जालौन जिले के कोंच क्षेत्र में शनिवार सुबह 9 बजे एक सड़क हादसे में 35 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। युवक अपनी मोटरसाइकिल से ससुराल से घर लौट रहा था, तभी रास्ते में कैलिया-ऊंचागांव रोड पर बनी एक पुलिया पर उसकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। इस हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद राहगीरों ने तत्काल डायल 112 पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोंच पहुंचाया। जानकारी के अनुसार, घायल युवक की पहचान ग्राम बेड़ा, ब्यौना राजा, थाना कैलिया निवासी कुंवर पाल (35) पुत्र बाबूराम के रूप में हुई है। वह अपनी ससुराल छुटका खोड़ नावली, जालौन से मोटरसाइकिल द्वारा अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान पुलिया के पास बाइक अचानक अनियंत्रित हो जाने के कारण वह सड़क पर गिर पड़े और उन्हें गंभीर चोटें आईं। चिकित्सकों के अनुसार, युवक के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोंच में डॉ. गौरव ने घायल कुंवर पाल का प्राथमिक उपचार किया। जांच में उनकी हालत गंभीर पाए जाने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए उरई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना परिजनों को दे दी गई है, और पुलिस ने भी मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने सड़क पर सावधानी बरतने की अपील की है।1