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जगदीशपुर फिजिकल अकादमी द्वारा बिहार पुलिस में चयनित हुए 13 बच्चों को सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह के अवसर पर कई लोग उपस्थित थे।
नितीश भारद्वाज
जगदीशपुर फिजिकल अकादमी द्वारा बिहार पुलिस में चयनित हुए 13 बच्चों को सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह के अवसर पर कई लोग उपस्थित थे।
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- जगदीशपुर के नया टोला मोड़, जगदीशपुर-बिहिया रोड पर मौर्या इंटरप्राइजेज नामक एक नया प्रतिष्ठान खुल गया है। इस नए प्रतिष्ठान में आशीर्वाद के कई प्रकार के उत्पाद उपलब्ध होंगे।1
- पटना के बांकीपुर क्षेत्र के यारपुर का हाल देखकर ऐसा लगता है कि यह जगह पटना शहर में शामिल ही नहीं है, मानो इसे अलग करके रखा गया हो। जनसुराज द्वारा सामने लाई गई इस स्थिति के साथ पटना उपचुनाव 2026 का भी जिक्र किया गया है, जो इस क्षेत्र की दुर्दशा पर प्रकाश डालता है।1
- भरत तिवारी की मृत्यु के उपरांत, उनकी बड़ी बहन ने बेलोटी घर में हुई बातचीत के दौरान एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उनके इस बयान को लेकर अब व्यापक चर्चा हो रही है।1
- भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत तिवारी की मौत के मामले ने बिहार की सियासत में हलचल मचा दी है। इस घटना पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने पुलिस की कार्रवाई पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए सवाल उठाया है कि यदि भरत तिवारी ने सरेंडर कर दिया था, तो उसे गोली क्यों मारी गई? चौबे ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए एक उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। अश्विनी चौबे ने जोर देकर कहा कि यह केवल एक युवक की मौत का मामला नहीं है, बल्कि कानून के राज और पुलिस की जवाबदेही से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरेंडर के बाद किसी को गोली मारना लोकतंत्र और कानून, दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। चौबे ने यह भी मांग की कि यदि पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन को 48 घंटे के भीतर कार्रवाई करने और सच्चाई सामने लाने का अल्टीमेटम भी दिया है। उनके इस बयान के बाद यह मामला और अधिक राजनीतिक रंग लेता दिख रहा है, क्योंकि सत्ता पक्ष के भीतर से ही पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल, भरत तिवारी की मौत के मामले में परिजनों, ग्रामीणों और विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से लगातार निष्पक्ष जांच, जवाबदेही और न्याय की मांग की जा रही है।2
- भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून 2026 को हुई चर्चित पुलिस मुठभेड़ मामले की जांच अब उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा की जाएगी। इस महत्वपूर्ण निर्णय के बाद पूरे बिहार की निगाहें इस जांच प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं। यह न्यायिक जांच अब इस चर्चित मामले की सच्चाई सामने लाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।1
- भरत तिवारी के 'काउंटर' को गैरकानूनी बताते हुए उनके परिवार के लिए मुआवजे की मांग की गई है। इसके साथ ही, आरोप लगाया गया है कि 40 साल से पाले जा रहे अपराधियों पर भी सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।1
- बलिया जनपद के नगर में अभिनेता-गायक पवन सिंह ने एक स्टेज शो प्रस्तुत किया।1
- बिहार के आरा जिले के शाहपुर प्रखंड में भरत तिवारी का एक एनकाउंटर हुआ है। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह एक फर्जी एनकाउंटर था, क्योंकि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद उन्हें गोली मार दी गई। घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के विरोध में ग्रामीणों ने आरा-बक्सर हाईवे 922 पर सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, प्रशासन ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। स्थानीय लोग इस मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों को सजा और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि भरत तिवारी समाज सेवा से जुड़े हुए थे और जनहित के मुद्दों को लगातार उठाते रहे थे।1