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सजायाफ्ता पुलिसकर्मियों की दया याचिका पर अब गृह सचिव लेंगे फैसला! 📝 सरकार नियमों में बदलाव कर गृह विभाग को अधिकार देने जा रही है। हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद यह कदम उठाया जा रहा है ताकि लंबित मामलों का निपटारा हो सके। सजायाफ्ता पुलिसकर्मियों की दया याचिका पर अब गृह सचिव लेंगे फैसला! 📝 सरकार नियमों में बदलाव कर गृह विभाग को अधिकार देने जा रही है। हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद यह कदम उठाया जा रहा है ताकि लंबित मामलों का निपटारा हो सके।
Jagga Ram
सजायाफ्ता पुलिसकर्मियों की दया याचिका पर अब गृह सचिव लेंगे फैसला! 📝 सरकार नियमों में बदलाव कर गृह विभाग को अधिकार देने जा रही है। हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद यह कदम उठाया जा रहा है ताकि लंबित मामलों का निपटारा हो सके। सजायाफ्ता पुलिसकर्मियों की दया याचिका पर अब गृह सचिव लेंगे फैसला! 📝 सरकार नियमों में बदलाव कर गृह विभाग को अधिकार देने जा रही है। हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद यह कदम उठाया जा रहा है ताकि लंबित मामलों का निपटारा हो सके।
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- गेहूं खरीद को लेकर बेशक सीएम नायब सिंह सैनी ने नियमों में बदलाव कर 24 घंटे मंडी खुली रहने के आदेश दिए हो लेकिन किसानों, आढ़तियों को जो नए नियम बने है उसको लेकर गुस्सा कम नहीं हो रहा है। कपास मंडी में आढ़ती एकत्रित हुए। यहां पर जो नए नियम गेहूं की खरीद को लेकर बनाए गए है उस पर विरोध प्रकट करते हुए रोष जाहिर किया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर नए नियमों को तुरंत प्रभाव से रदद करने की मांग की गई। पूर्व मंडी प्रधान बलराज श्योकंद ने कहा कि सरकार जो गेहूं खरीद को लेकर कानून लेकर आई है उससे गेहूं उन कानूनों पर बिक नहीं सकती है। छह महीने की फसल जब किसान एक सप्ताह में बेचता है तो ये बिक नहीं सकता। किसान बार-बार मंडी आ सकता। किसान ट्रैक्टर-ट्राली को खेत से भेज देता है। ट्रैक्टर वाला गेट पास कटवा कर आढ़ती को दे देता है। साइट बंद हो गई तो काफी समय लग जाएगा। हर चक्कर में किसान को आना होगा। पहले किसान का ट्रैक्टर नंबर, फोटो चाहिए। उसके बाद में फिर गेहूं उतरने के बाद अंगूठा बायो मेट्रिक मशीन पर लगेगा। जब गेहूं का सीजन शुरू होगा तो एक नहीं बल्कि हजारों ट्राली गेहूं की आएगी। किसान खेत में गेहूं कटने के बाद तूड़ा बनाने लग जाता है किसान के पास सीजन में समय नहीं होता। पहले जो नियम था वो सही था किसान भी अपनी गेहंू बेच कर आराम से चला जाता था। नए नियम से जाम लग जाएगा जिससे हाइवे सहित सभी मार्ग बंद हो जाएंगे। सरकार गेट पर खड़ी होकर देखे तो पता चल जाएगा जो नियम बनाया है वो सही है गलत है ये पता चल जाएगा। मंडी प्रधान विकास पंघाल ने कहा कि सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया है जो गेहूं की खरीद को लेकर जो नया नियम सरकार लेकर आई है उसको लेकर किसानों, आढ़तियों ने विरोध प्रदर्शन किया है। गेट पास कटते समय किसान का साथ होना जरूरी है जिसकी फसल है चार-चार घंटे में एक-एक गेट पास कट रहा है। नंबर प्लेट जरूरी कर दी। इस हिसाब से तो छह महीने तक गेहूं का सीजन चलेगा। एक गेट पास दो घंटे में कट रहा है। साइट नहीं चलती नेट बंद रहता है। 20 लाख गेहूं के बैग मंडी में आएंगे जिससे सीजन 6 महीने चलेगा।1
- Post by Anoopshukla1
- पूर्व चेयरमैन Randhir Singh व सरपंच पवन बाड़ों पट्टी पहुंचे बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष Mohan Lal Badoli का हुआ जोरदार स्वागत Munish Goyal Barwala Parveen Saini Khera Barwala Ranbir Singh Gangwa Bharatiya Janata Party (BJP)1
- यहाँ स्पष्ट रूप से लिख दिया है। आप इसे कॉपी करके अपनी रिपोर्ट या सोशल मीडिया पोस्ट के लिए उपयोग कर सकते हैं। प्रेस विज्ञप्ति (Press Release) विषय: इंद्री विधानसभा क्षेत्र में ₹18 करोड़ की विकास योजनाओं का आगाज; 8 मुख्य सड़कों के नवीनीकरण कार्य का शुभारंभ। कनाल/इंद्री: आज इंद्री विधानसभा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए लगभग ₹18 करोड़ की लागत से बनने वाली 8 महत्वपूर्ण सड़कों के नवीनीकरण एवं निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाना और बुनियादी ढांचे को मजबूती प्रदान करना है। मुख्य आकर्षण एवं सड़कें: परियोजना के तहत सबसे महत्वपूर्ण कार्य रंडौली से जपती छपरा मार्ग का है, जो लगभग ₹10 करोड़ की भारी लागत से कंक्रीट (RCC) द्वारा निर्मित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त निम्नलिखित सड़कों का कायाकल्प किया जाएगा: * मूसेपुर से गढ़ी बीरबल मार्ग * बीबीपुर अप्रोच रोड * सैयद छपरा अप्रोच रोड * अमरगढ़ अप्रोच रोड * रंधौली अप्रोच रोड * चौगांवा से खुखणी मार्ग * सिकंदरपुर अप्रोच रोड विकास की रीढ़ हैं सड़कें: इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा गया कि सड़कें किसी भी क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक उन्नति की रीढ़ होती हैं। एक मजबूत सड़क नेटवर्क से न केवल आमजन का सफर सुरक्षित होता है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय व्यापार को भी नई गति मिलती है। प्रदेश सरकार माननीय मुख्यमंत्री के नेतृत्व में "सबका साथ, सबका विकास" के मूल मंत्र पर चलते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की धारा पहुँचाने के लिए संकल्पबद्ध है। गुणवत्ता पर विशेष जोर: संबंधित विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता (Quality) के साथ कोई समझौता न किया जाए। सभी कार्य एक निश्चित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएँ ताकि जनता को जल्द से जल्द इन आधुनिक सड़कों का लाभ मिल सके। उपस्थिति: इस गौरवशाली अवसर पर मंडल महामंत्री श्री नरेश शर्मा, सीडीओ श्री रोहतास, सरपंच श्री सबील, श्री इंदु शर्मा, सरपंच श्री नरेश पाल, सरपंच श्री रतन सिंह, श्री चरण सिंह, श्री कश्मीर सिंह, श्री पवन, नंबरदार श्री जसविंदर, श्री रोशन अली सहित भारी संख्या में ग्रामीण व गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। प्रस्तुति: अब्दुल कादिर, मुख्य संपादक/रिपोर्टर 'सड़क की आवाज़', हरियाण1
- Post by Gyanendu Rajput1
- जुलाना: कस्बे की नई अनाज मंडी में आढ़तियों और किसानों द्वारा सरकार के नए नियमों के विरोध में शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। मंडी में कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा और आढ़तियों के साथ-साथ किसानों ने भी धरने में भाग लेकर अपना रोष प्रकट किया। धरने की अध्यक्षता आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान पवन लाठर ने की। धरने को संबोधित करते हुए पवन लाठर ने कहा कि सरकार लगातार ऐसे फैसले ले रही है, जो किसानों और आढ़तियों के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना जमीनी हकीकत को समझे नए-नए नियम थोपे जा रहे हैं, जिससे मंडी व्यवस्था चरमरा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट अनिवार्य करना और बायोमेट्रिक प्रणाली लागू करना पूरी तरह अव्यवहारिक है। इससे किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि मंडी का समय सुबह 6 बजे से शाम 8 बजे तक सीमित करना भी गलत फैसला है। अधिकांश किसान रात के समय कंबाइन से फसल कटवाते हैं और उसी अनुसार मंडी में फसल लेकर आते हैं। ऐसे में समय सीमा तय करने से उन्हें भारी दिक्कतें आएंगी। आढ़तियों ने इन फैसलों को तुगलकी फरमान बताते हुए तुरंत वापस लेने की मांग की। बॉक्स धरने के दौरान किसान नेता और ढांडा खाप के पूर्व प्रधान नरेश ढांडा ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि यदि दो दिनों के भीतर बायोमेट्रिक नियम वापस नहीं लिया गया तो वह अपना अंगूठा काटकर मुख्यमंत्री को भेजेंगे।1
- Haryana LIVE : सफीदों (जींद) में विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास1