बागपत के सिसाना गांव में रीनू उर्फ डांसर हत्याकांड में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। रीनू का शव बुधवार को सिसाना गांव के एक गैराज में मरम्मत के लिए खड़ी बस में मिला था। परिजनों ने हत्या कर शव बस में रखने का आरोप लगाते हुए गांव के ही चार युवकों पर संदेह जताया था और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा भी किया था। पुलिस की प्रारंभिक जाँच के अनुसार, जिन लोगों ने कथित तौर पर हंगामा किया था, उन्हीं में से कुछ कातिल निकले हैं। पुलिस ने काला, सागर और सुमित (सभी सिसाना निवासी) को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि संदीप नामक एक अन्य नामजद आरोपी अभी भी फरार है। उसकी तलाश में पुलिस की तीन टीमें जुटी हुई हैं और अधिकारियों ने जल्द ही चौथे आरोपी को भी गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, रीनू की हत्या अवैध संबंधों के शक में की गई थी। बताया जा रहा है कि उसे रात में घर से बुलाया गया था, जिसके बाद उसकी हत्या कर शव को बस में रख दिया गया। पुलिस इस मामले की गहन छानबीन में जुटी है।
बागपत के सिसाना गांव में रीनू उर्फ डांसर हत्याकांड में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। रीनू का शव बुधवार को सिसाना गांव के एक गैराज में मरम्मत के लिए खड़ी बस में मिला था। परिजनों ने हत्या कर शव बस में रखने का आरोप लगाते हुए गांव के ही चार युवकों पर संदेह जताया था और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा भी किया था। पुलिस की प्रारंभिक जाँच के अनुसार, जिन लोगों ने कथित तौर पर हंगामा किया था, उन्हीं में से कुछ कातिल निकले हैं। पुलिस ने काला, सागर और सुमित (सभी सिसाना निवासी) को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि संदीप नामक एक अन्य नामजद आरोपी अभी भी फरार है। उसकी तलाश में पुलिस की तीन टीमें जुटी हुई हैं और अधिकारियों ने जल्द ही चौथे आरोपी को भी गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, रीनू की हत्या अवैध संबंधों के शक में की गई थी। बताया जा रहा है कि उसे रात में घर से बुलाया गया था, जिसके बाद उसकी हत्या कर शव को बस में रख दिया गया। पुलिस इस मामले की गहन छानबीन में जुटी है।
- उत्तर प्रदेश एसटीएफ और कोतवाली बागपत पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई के तहत खनन की असली रॉयल्टी में हेरफेर कर फर्जी दस्तावेज बनाने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोप है कि यह गिरोह राज्य सरकार को लाखों रुपये के राजस्व की क्षति पहुंचा रहा था। पुलिस को जानकारी मिली थी कि एक संगठित गिरोह खनन की असली रॉयल्टी (आईएसटीपी) में तारीख और अन्य विवरण बदलकर फर्जी रॉयल्टी तैयार कर रहा था, जिनका उपयोग विभिन्न विभागों में खनन सामग्री के परिवहन और भुगतान के लिए किया जाता था। इस सूचना के आधार पर एसटीएफ और बागपत पुलिस ने संयुक्त जांच शुरू की और मुखबिर की सूचना पर इंडियन नर्सिंग होम, ग्राम निवाड़ा क्षेत्र में छापेमारी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान पीडब्ल्यूडी बागपत में कार्यरत क्लर्क मंदीप तोमर का नाम सामने आया, जिसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने साथियों के माध्यम से व्हाट्सएप पर असली रॉयल्टी प्राप्त करते थे और पीडब्ल्यूडी, नगर निगम सहित विभिन्न विभागों के कुछ क्लर्कों और ठेकेदारों की मांग के अनुसार उसमें बदलाव कर फर्जी रॉयल्टी बनाते थे। इस अवैध कार्य के बदले उन्हें मोटी रकम मिलती थी। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह लंबे समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय था। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन से व्हाट्सएप चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर कुल 25 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए क्षेत्राधिकारी नगर बागपत के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया है। यह टीम बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच करते हुए पूरे नेटवर्क का खुलासा करेगी। पुलिस के अनुसार, वांछित आरोपियों में जाहिद उर्फ लालू प्रधान, मुस्तफा, दानिश, बहादुर, आशुतोष और राहुल उर्फ राजा के साथ-साथ विभिन्न जनपदों के कुछ विभागीय कर्मचारी और क्लर्क भी शामिल हैं। इस संबंध में कोतवाली बागपत में मुकदमा संख्या 383/2026 धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) एवं 61(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है, और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1
- दिल्ली में शिवसेना UBT सांसद संजय राउत द्वारा संदिग्ध बागी सांसदों को कथित तौर पर गाली देने के मामले पर शिवसेना UBT के ही सांसद अनिल देसाई ने प्रतिक्रिया दी है। देसाई ने इस पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि जो कुछ भी कहा गया है, वह केवल एक गाली थी और यह किसी खास व्यक्ति के लिए नहीं थी। उन्होंने आगे बताया कि जब कोई भावनात्मक रूप से संवेदनशील व्यक्ति, जिसने अपनी ज़िंदगी के 50 साल सार्वजनिक जीवन में राजनीति में बिताए हों, बोलता है, तो ऐसी बातें हो जाती हैं। देसाई ने यह भी साफ किया कि संजय राउत किसी विशेष इंसान को संबोधित नहीं कर रहे थे।1
- yah pata nahin kahan ki video bheja idhar ek bacche ko Samaj ke liye kuchh Na kuchh kaise bhi bike1
- वाहन चेकिंग अभियान के दौरान एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया, जिसमें भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की गई। इस दौरान, 1000 क्वार्टर अवैध शराब के साथ एक तस्कर को भी गिरफ्तार किया गया है।1
- बदायूं के उझानी कोतवाली क्षेत्र में मथुरा-बरेली नेशनल हाइवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जहाँ एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना में ई-रिक्शा में सवार छह महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जो शादी का शगुन देने जा रही थीं। हादसे में कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।1
- दिल्ली में शिवसेना (UBT) में संभावित फूट की अटकलों के बीच, पार्टी सांसद संजय राउत ने एक सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने बताया है कि उन्हें जानकारी मिली है कि कुछ सांसदों को ₹15-15 करोड़ रुपये दिए गए हैं। राउत के अनुसार, पैसे मिलने के बाद ये सांसद नांदेड़ और पुणे समेत तीन अलग-अलग जगहों से चार्टर फ्लाइट में सवार हुए। इस घटनाक्रम के मद्देनजर, शिवसेना (UBT) ने अपनी संसदीय दल की बैठक के लिए व्हिप जारी किया है। इसके अलावा, पार्टी सांसद अरविंद सावंत ने लोकसभा स्पीकर को इस संबंध में एक पत्र भी लिखा है।1
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