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स्लेग ~ आज रोज़ जान सभा का आयोजन हुआ लोकेशन ~ इंदिरानगर बस स्टैण्ड लांभा अहमदाबाद स्लेग ~ आज रोज़ जान सभा का आयोजन हुआ लोकेशन ~ इंदिरानगर बस स्टैण्ड लांभा अहमदाबाद एंकर ~ आज रोज़ अहमदाबाद स्थानिक स्वराज छूटनी के अन्तर्गत भारतीय जनता पार्टी के और से चुनाव के लक्ष्य हेतु अनुसार अहमदाबाद के लांभा वार्ड में जाहेर सभा का आयोजन हुआ जिसमे गुजरात के डिप्टी सीएम श्री हर्ष संघवी ने इस सभा मे उपस्थिति दी थी इस सभा में हुए विकास की जानकारी दी गई ।

3 hrs ago
user_VACC 24 News
VACC 24 News
Media company अलीपुर, उत्तरी दिल्ली, दिल्ली•
3 hrs ago

स्लेग ~ आज रोज़ जान सभा का आयोजन हुआ लोकेशन ~ इंदिरानगर बस स्टैण्ड लांभा अहमदाबाद स्लेग ~ आज रोज़ जान सभा का आयोजन हुआ लोकेशन ~ इंदिरानगर बस स्टैण्ड लांभा अहमदाबाद एंकर ~ आज रोज़ अहमदाबाद स्थानिक स्वराज छूटनी के अन्तर्गत भारतीय जनता पार्टी के और से चुनाव के लक्ष्य हेतु अनुसार अहमदाबाद के लांभा वार्ड में जाहेर सभा का आयोजन हुआ जिसमे गुजरात के डिप्टी सीएम श्री हर्ष संघवी ने इस सभा मे उपस्थिति दी थी इस सभा में हुए विकास की जानकारी दी गई ।

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  • शहर में लंबे समय से चल रही भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की प्रवृत्ति अब आमजन के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही है। सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में लापरवाही तथा घटिया गुणवत्ता के चलते लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि सड़कों से उड़ती धूल और अधूरे निर्माण कार्य लोगों की सेहत पर भी असर डाल रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई वर्षों से नगर में विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट दिखाई देती है। हाल ही में शहर की एक प्रमुख सड़क का निर्माण कार्य किया गया, जो कुछ ही समय में उखड़ने लगी। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और धूल के गुबार से राहगीरों का चलना मुश्किल हो गया है। निवासियों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान न तो गुणवत्ता का ध्यान रखा गया और न ही सुरक्षा मानकों का पालन किया गया। कई बार शिकायतें करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग और निगरानी की कमी के कारण इस तरह की समस्याएं सामने आती हैं। वहीं, कुछ लोग इसे सीधे तौर पर कमीशनखोरी से जोड़कर देख रहे हैं, जहां गुणवत्ता से ज्यादा प्राथमिकता निजी लाभ को दी जा रही है। घटिया निर्माण पर उठे सवाल निर्माण के दौरान ही कई जगहों पर सड़क की परतें उखड़ती नजर आईं। स्थानीय लोगों ने बताया कि कार्य के समय ही गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए थे, लेकिन संबंधित विभाग ने इसे नजरअंदाज कर दिया। अब स्थिति यह है कि सड़क बनने के कुछ समय बाद ही दोबारा मरम्मत की नौबत आ रही है। जनता की मांग शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, भविष्य में होने वाले निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके। यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह न केवल जनता के स्वास्थ्य बल्कि सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का भी बड़ा उदाहरण बन सकता है।
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    शहर में लंबे समय से चल रही भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की प्रवृत्ति अब आमजन के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही है। सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में लापरवाही तथा घटिया गुणवत्ता के चलते लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि सड़कों से उड़ती धूल और अधूरे निर्माण कार्य लोगों की सेहत पर भी असर डाल रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कई वर्षों से नगर में विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट दिखाई देती है। हाल ही में शहर की एक प्रमुख सड़क का निर्माण कार्य किया गया, जो कुछ ही समय में उखड़ने लगी। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और धूल के गुबार से राहगीरों का चलना मुश्किल हो गया है।
निवासियों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान न तो गुणवत्ता का ध्यान रखा गया और न ही सुरक्षा मानकों का पालन किया गया। कई बार शिकायतें करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग और निगरानी की कमी के कारण इस तरह की समस्याएं सामने आती हैं। वहीं, कुछ लोग इसे सीधे तौर पर कमीशनखोरी से जोड़कर देख रहे हैं, जहां गुणवत्ता से ज्यादा प्राथमिकता निजी लाभ को दी जा रही है।
घटिया निर्माण पर उठे सवाल
निर्माण के दौरान ही कई जगहों पर सड़क की परतें उखड़ती नजर आईं। स्थानीय लोगों ने बताया कि कार्य के समय ही गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए थे, लेकिन संबंधित विभाग ने इसे नजरअंदाज कर दिया। अब स्थिति यह है कि सड़क बनने के कुछ समय बाद ही दोबारा मरम्मत की नौबत आ रही है।
जनता की मांग
शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, भविष्य में होने वाले निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके।
यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह न केवल जनता के स्वास्थ्य बल्कि सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का भी बड़ा उदाहरण बन सकता है।
    user_Manoj upadhyay
    Manoj upadhyay
    सटीक और निष्पक्ष खबर देखने के लिए ऐप को सरस्वती विहार, उत्तर पश्चिमी दिल्ली, दिल्ली•
    50 min ago
  • Post by Sunil tilware
    1
    Post by Sunil tilware
    user_Sunil tilware
    Sunil tilware
    India•
    59 min ago
  • Post by Batori Pratidin
    1
    Post by Batori Pratidin
    user_Batori Pratidin
    Batori Pratidin
    Local News Reporter सरस्वती विहार, उत्तर पश्चिमी दिल्ली, दिल्ली•
    1 hr ago
  • Post by TIME NEWS 9 INDIA
    1
    Post by TIME NEWS 9 INDIA
    user_TIME NEWS 9 INDIA
    TIME NEWS 9 INDIA
    Local News Reporter यमुना विहार, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    1 hr ago
  • *कांग्रेस का हमला: 'महिला बिल की आड़ में संविधान तोड़ रही भाजपा* कांग्रेस नेता प्रज्ञा गौड़ और ज्ञानेंद्र सिंह राघव ने बुलंदशहर के सिकंदराबाद टीचर्स कॉलोनी में प्रेसवार्ता कर भाजपा पर महिला आरक्षण बिल को परिसीमन के जरिए संवैधानिक ढांचे से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। यह बयान 21 अप्रैल 2026 को निजी कार्यक्रम के दौरान दिया गया, जहां उन्होंने कांग्रेस के ऐतिहासिक योगदान का हवाला दिया। भाजपा महिला बिल की आड़ में परिसीमन से जनसंख्या वाले राज्यों के साथ भेदभाव कर सत्ता टिकाना चाहती है। पीएम मोदी पर व्यक्तिगत हमला, जसोदाबेन मामले का जिक्र कर महिलाओं के सम्मान पर सवाल। हाथरस, प्रज्वल रेवन्ना जैसे मामलों में भाजपा को महिला विरोधी बताया। महिला बिल का इतिहास महिला आरक्षण अधिनियम 2023 में संसद से पारित हो चुका था, लेकिन अप्रैल 2026 में नया विवाद परिसीमन से जुड़ा। 16 अप्रैल 2026 को इसे लागू करने की अधिसूचना जारी हुई, पर वास्तविक लाभ 2027 जनगणना व परिसीमन के बाद 2029 से। विपक्ष ने इसे लोकसभा में गिरा दिया, राहुल गांधी ने संवैधानिक तोड़फोड़ का आरोप लगाया। नेताओं का बैकग्राउंडप्रज्ञा गौड़ बुलंदशहर में कांग्रेस की डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर हैं, मनरेगा जैसे मुद्दों पर सक्रिय। ज्ञानेंद्र सिंह राघव जिला उपाध्यक्ष/कोऑर्डिनेटर हैं, स्थानीय राजनीति में सक्रिय। दोनों ने कांग्रेस नेतृत्व के निर्देश पर भाजपा को बेनकाब करने का ऐलान किया। *योगेंद्र प्रजापति*
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    *कांग्रेस का हमला: 'महिला बिल की आड़ में संविधान तोड़ रही भाजपा*
कांग्रेस नेता प्रज्ञा गौड़ और ज्ञानेंद्र सिंह राघव ने बुलंदशहर के सिकंदराबाद टीचर्स कॉलोनी में प्रेसवार्ता कर भाजपा पर महिला आरक्षण बिल को परिसीमन के जरिए संवैधानिक ढांचे से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। 
यह बयान 21 अप्रैल 2026 को निजी कार्यक्रम के दौरान दिया गया, जहां उन्होंने कांग्रेस के ऐतिहासिक योगदान का हवाला दिया।
भाजपा महिला बिल की आड़ में परिसीमन से जनसंख्या वाले राज्यों के साथ भेदभाव कर सत्ता टिकाना चाहती है।
पीएम मोदी पर व्यक्तिगत हमला, जसोदाबेन मामले का जिक्र कर महिलाओं के सम्मान पर सवाल।
हाथरस, प्रज्वल रेवन्ना जैसे मामलों में भाजपा को महिला विरोधी बताया।
महिला बिल का इतिहास
महिला आरक्षण अधिनियम 2023 में संसद से पारित हो चुका था, लेकिन अप्रैल 2026 में नया विवाद परिसीमन से जुड़ा। 
16 अप्रैल 2026 को इसे लागू करने की अधिसूचना जारी हुई, पर वास्तविक लाभ 2027 जनगणना व परिसीमन के बाद 2029 से।
विपक्ष ने इसे लोकसभा में गिरा दिया, राहुल गांधी ने संवैधानिक तोड़फोड़ का आरोप लगाया।
नेताओं का बैकग्राउंडप्रज्ञा गौड़ बुलंदशहर में कांग्रेस की डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर हैं, मनरेगा जैसे मुद्दों पर सक्रिय।
ज्ञानेंद्र सिंह राघव जिला उपाध्यक्ष/कोऑर्डिनेटर हैं, स्थानीय राजनीति में सक्रिय।
दोनों ने कांग्रेस नेतृत्व के निर्देश पर भाजपा को बेनकाब करने का ऐलान किया।
*योगेंद्र प्रजापति*
    user_News 22 India
    News 22 India
    TV News Anchor करावल नगर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    1 hr ago
  • Post by न्यूज़ आइकॉन 24
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    Post by न्यूज़ आइकॉन 24
    user_न्यूज़ आइकॉन 24
    न्यूज़ आइकॉन 24
    Press advisory सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    2 hrs ago
  • समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने लखनऊ में हो रही पदयात्रा को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा— "सुना है पदयात्रा हो रही थी लखनऊ में और इतनी भीषण गर्मी में कोई काला चश्मा नहीं लगाए। ये प्रैक्टिस है कि विपक्ष में ऐसे ही आंदोलन करना पड़ेगा।"
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    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने लखनऊ में हो रही पदयात्रा को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा— "सुना है पदयात्रा हो रही थी लखनऊ में और इतनी भीषण गर्मी में कोई काला चश्मा नहीं लगाए। ये प्रैक्टिस है कि विपक्ष में ऐसे ही आंदोलन करना पड़ेगा।"
    user_VACC 24 News
    VACC 24 News
    Media company अलीपुर, उत्तरी दिल्ली, दिल्ली•
    9 hrs ago
  • राजस्थान से मध्य प्रदेश के सबलगढ़ क्षेत्र में चंबल नदी पार करने के लिए ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली में 30 से 40 लोगों को बैठाकर नदी पार कर रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पुल या सुरक्षित आवागमन के साधनों की कमी के चलते उन्हें मजबूरी में इस खतरनाक तरीके का सहारा लेना पड़ रहा है। ट्रॉली में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को बैठाकर उफनती नदी पार करना किसी बड़े जोखिम से कम नहीं है। इस पूरी घटना का वीडियो ग्रामीणों ने खुद बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है, जिसके बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, तो कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस वायरल वीडियो के बाद क्या कदम उठाता है और ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा कब तक मिल पाती है।
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    राजस्थान से मध्य प्रदेश के सबलगढ़ क्षेत्र में चंबल नदी पार करने के लिए ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली में 30 से 40 लोगों को बैठाकर नदी पार कर रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पुल या सुरक्षित आवागमन के साधनों की कमी के चलते उन्हें मजबूरी में इस खतरनाक तरीके का सहारा लेना पड़ रहा है। ट्रॉली में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को बैठाकर उफनती नदी पार करना किसी बड़े जोखिम से कम नहीं है।
इस पूरी घटना का वीडियो ग्रामीणों ने खुद बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है, जिसके बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, तो कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस वायरल वीडियो के बाद क्या कदम उठाता है और ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा कब तक मिल पाती है।
    user_Manoj upadhyay
    Manoj upadhyay
    सटीक और निष्पक्ष खबर देखने के लिए ऐप को सरस्वती विहार, उत्तर पश्चिमी दिल्ली, दिल्ली•
    57 min ago
  • Post by TIME NEWS 9 INDIA
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    Post by TIME NEWS 9 INDIA
    user_TIME NEWS 9 INDIA
    TIME NEWS 9 INDIA
    Local News Reporter यमुना विहार, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    1 hr ago
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