सुलतानपुर में सैकड़ों युवा बिहार पुलिस द्वारा भरत तिवारी की कथित मुठभेड़ में मौत के विरोध में सड़क पर उतर आए हैं। परशुराम युवा वाहिनी और नगर पालिका परिषद के पूर्व प्रत्याशी वरुण मिश्र के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने भरत तिवारी एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद पुलिस ने उनका एनकाउंटर कर दिया। युवाओं ने इसे एक संदिग्ध घटना बताते हुए मामले की न्यायिक जांच कराने तथा इसमें शामिल दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया, यह कहते हुए कि मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए। वरुण मिश्र ने जोर देकर कहा कि यदि भरत तिवारी ने वास्तव में सरेंडर किया था, तो मुठभेड़ की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आश्वासन दिया कि न्याय सुनिश्चित कराने के लिए युवाओं का संघर्ष जारी रहेगा। इस प्रदर्शन में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव राहुल त्रिपाठी, युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव मोहित तिवारी, जिला उपाध्यक्ष मानस तिवारी, रणजीत सिंह सलूजा, हामिद राइन, अर्पित तिवारी, ओसामा इसराज, सुब्रत सिंह सनी, आर्यन तिवारी, मोहसिन सलीम, आयुष तिवारी, आदर्श मिश्र, सुमित शुक्ल, मनोज शुक्ल, अरविंद राय, आशुतोष मिश्र, सुयश मिश्र, सूफियान खान, मोनू पांडेय, अयान खान और इंतिखाब आलम समेत बड़ी संख्या में युवा शामिल थे।
सुलतानपुर में सैकड़ों युवा बिहार पुलिस द्वारा भरत तिवारी की कथित मुठभेड़ में मौत के विरोध में सड़क पर उतर आए हैं। परशुराम युवा वाहिनी और नगर पालिका परिषद के पूर्व प्रत्याशी वरुण मिश्र के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने भरत तिवारी एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद पुलिस ने उनका एनकाउंटर कर दिया। युवाओं ने इसे एक संदिग्ध घटना बताते हुए मामले की न्यायिक जांच कराने तथा इसमें शामिल दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया, यह कहते हुए
कि मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए। वरुण मिश्र ने जोर देकर कहा कि यदि भरत तिवारी ने वास्तव में सरेंडर किया था, तो मुठभेड़ की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आश्वासन दिया कि न्याय सुनिश्चित कराने के लिए युवाओं का संघर्ष जारी रहेगा। इस प्रदर्शन में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव राहुल त्रिपाठी, युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव मोहित तिवारी, जिला उपाध्यक्ष मानस तिवारी, रणजीत सिंह सलूजा, हामिद राइन, अर्पित तिवारी, ओसामा इसराज, सुब्रत सिंह सनी, आर्यन तिवारी, मोहसिन सलीम, आयुष तिवारी, आदर्श मिश्र, सुमित शुक्ल, मनोज शुक्ल, अरविंद राय, आशुतोष मिश्र, सुयश मिश्र, सूफियान खान, मोनू पांडेय, अयान खान और इंतिखाब आलम समेत बड़ी संख्या में युवा शामिल थे।
- बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के योग अभ्यास के दौरान एक मज़ेदार वाकया सामने आया है। योग करते समय निशांत कुमार दाएँ-बाएँ की क्रियाओं के चक्कर में पूरी तरह उलझ गए, जिसके परिणामस्वरूप उनका पूरा योग सत्र गड़बड़ा गया और वह सही से अभ्यास नहीं कर पाए।1
- लम्भुआ विधानसभा क्षेत्र, सुलतानपुर के विकास खण्ड पी.पी. कमैचा अंतर्गत इशीपुर गांव में दिनांक 20.06.2026 को संजय मिश्रा के नेतृत्व में लम्भुआ विधानसभा के भावी विधायक शिक्षक श्यामलाल निषाद की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर शिक्षक श्यामलाल निषाद "गुरुजी" ने भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि मौजूदा समय में देश के सभी जाति और धर्म के लोग बीजेपी से त्रस्त हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की संप्रभुता को सुरक्षित रखने और महंगाई व बेरोजगारी से निजात पाने के लिए भाजपा को सत्ता से बेदखल करना हर भारतीय का कर्तव्य है। वहीं, वरिष्ठ सामाजिक चिंतक कृष्ण कमल मिश्रा ने मौजूदा राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि लम्भुआ के दूषित राजनीतिक परिवेश को सुधारने के लिए भौकाली लोगों की नहीं बल्कि शिक्षक श्यामलाल निषाद जैसे साधारण और संघर्षशील व्यक्ति की आवश्यकता है। उन्होंने वर्तमान राजनीति में श्यामलाल निषाद जैसे शिक्षकों की जरूरत बताई। इस बैठक में ज़ीशान अहमद, राम उजागिर यादव, संजय सिंह, बेचूराम मौर्य, सहदेव यादव, ज्ञानचंद मिश्रा, राजेश कुमार मौर्य, राजेन्द्र प्रसाद मिश्र, विजय मौर्य, अकबर अली, ताहिर अली, गुफरान अली, शेर अली, इस्लाम, रघुराज, त्रिभुवन मिश्र, दयाशंकर गुप्ता, निजामुद्दीन, अनीस अंसारी, अब्दुल जब्बार, तरुण मिश्रा, शुभम सिंह, तुषार मिश्र, मोनू सिंह, रमेश, अखिलेश यादव, हरिकेश यादव, आज़ाद अंसारी, मंगरु, राजा तिवारी, सालिक राम प्रजापति, इबरार, बदरुद्दीन अंसारी, राजमणि मिश्रा सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे। ब्राह्मण समाज ने इस अवसर पर शिक्षक श्यामलाल को हर तरह से सहयोग देने का वचन दिया।2
- दिल्ली मेट्रो एक बार फिर अपने एक अनोखे वीडियो के कारण सोशल मीडिया पर चर्चा में है। इस बार सराय काले खां स्टेशन के पास पिंक लाइन मेट्रो के अंदर अचानक एक वानर की एंट्री हुई, जिसे देखकर यात्री हैरान तो हुए लेकिन उन्होंने इसका जमकर लुत्फ भी उठाया। मेट्रो कोच में घुसे इस वानर ने किसी को कोई नुकसान नहीं पहुँचाया, बल्कि वह पूरी तरह से मस्ती के मूड में दिखाई दिया। वायरल वीडियो में 'कपिराज' कभी अचानक दौड़कर यात्रियों की गोदी में जाकर बैठ जाते हैं तो कभी उनके कंधे पर चढ़ जाते हैं। चश्मदीदों और सोशल मीडिया यूजर्स के अनुसार, करीब 2 मिनट के इस वीडियो में 1.05 मिनट के बाद का हिस्सा सबसे ज्यादा मजेदार है। इस दौरान बंदर कभी मेट्रो की सीटों पर कूदता नजर आता है, तो कभी कोच की बड़ी खिड़की पर आराम से बैठकर बाहर की तेजी से भागती दुनिया और खूबसूरत नजारों का आनंद लेता है। हालांकि मेट्रो के अंदर जंगली जानवरों या बंदरों का आना सुरक्षा और यात्रियों की सेफ्टी पर सवाल खड़े करता है, लेकिन इस वानर की मासूमियत और उछल-कूद ने कोच में मौजूद लोगों का डर दूर कर दिया और वे अपनी हँसी नहीं रोक पाए। फिलहाल यह वीडियो इंटरनेट पर खूब तहलका मचा रहा है और लोग इस पर तरह-तरह के मजेदार कमेंट्स कर रहे हैं, कई लोग इसे 'दिल्ली मेट्रो में बजरंगबली की एंट्री' भी कह रहे हैं।1
- बेंगलुरु के कब्बनपेट इलाके में मोबाइल झपटमारी की एक सनसनीखेज वारदात के दौरान एक मजदूर 'फिल्मी हीरो' बनकर सामने आया। स्कूटर पर सवार होकर भाग रहे दो बदमाशों को देखकर मजदूर ने उन पर एक भारी बोरी फेंक दी, जिससे चोरों का संतुलन बिगड़ गया। इस जोरदार झटके के बाद भागने की कोशिश कर रहे 18 वर्षीय संदिग्ध जुनैद को दिल का दौरा पड़ा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, जुनैद पहले से ही दिल की बीमारी से पीड़ित था। वहीं, वारदात के बाद भाग रहे उसके 23 वर्षीय साथी अरबाज़ को पुलिस ने धर दबोचा।1
- लम्भुआ विधानसभा क्षेत्र-190 में रविवार को विधायक सीताराम वर्मा ने हनुमानगंज से शम्भूगंज जाने वाले संपर्क मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का विधिवत शुभारंभ किया। मुरारपुर स्थित धर्मशाला शिव मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में इस परियोजना का शिलान्यास किया गया। लोक निर्माण विभाग खंड-3 द्वारा कराए जाने वाले इस कार्य के तहत, हनुमानगंज से शम्भूगंज तक लगभग 6.80 किलोमीटर लंबी सड़क का चौड़ीकरण सिद्धार्थ कंस्ट्रक्शन संस्था द्वारा ₹13.63 करोड़ (1363.33 लाख रुपये) की कुल लागत से किया जाएगा। इस परियोजना को पूरा करने के लिए पांच से छह माह का समय निर्धारित किया गया है। इस सड़क के निर्माण से क्षेत्र के हजारों लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। पहले जहां शम्भूगंज से राष्ट्रीय राजमार्ग-731 तक पहुंचने में लगभग आधा घंटा लगता था, वहीं अब यह दूरी महज आठ मिनट में तय की जा सकेगी, जिससे लखनऊ सहित अन्य प्रमुख स्थानों के लिए यात्रा और अधिक सुगम हो जाएगी। निर्माण कार्य की तकनीकी निगरानी जूनियर इंजीनियर राकेश यादव और रामजी द्वारा की जाएगी। इस उद्घाटन कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने सड़क निर्माण कार्य शुरू होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।3
- उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित हरिधाम सरकार आश्रम के प्रमुख हरिओम यादव उर्फ़ बोतल बाबा और उनके एक चेले दीपक को जेल भेज दिया गया है। बाबा पर एक श्रद्धालु महिला के साथ दुष्कर्म के प्रयास का गंभीर आरोप है। उनके जेल जाने के बाद, अब कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें बाबा खुद को चमत्कारी शक्ति प्राप्त बताकर लोगों का कथित तौर पर उल्लू बनाते हुए देखे जा सकते हैं। वायरल हो रहे वीडियो में, बोतल बाबा को खुद को चमत्कारी शक्ति प्राप्त बताकर लोगों को कथित तौर पर भ्रमित करते देखा जा सकता है। एक #viralvídeo में, बाबा एक महिला को संतान प्राप्ति का लाइव आशीर्वाद देते हुए सेब पर कुछ मंत्र पढ़ते हुए दिखाई दिए। दुष्कर्म के प्रयास के मामले में, एक श्रद्धालु महिला ने आरोप लगाया है कि बाबा ने उससे कहा था कि उस पर कई काली छायाएं हैं। इसके बाद, हरिओम महाराज उसे एक अलग कमरे में ले गए और पूजा के बहाने उसके साथ अश्लील हरकतें करते हुए दुष्कर्म का प्रयास किया। जब महिला ने विरोध किया, तो उसे पीटा भी गया। महिला को पीटते हुए का एक वीडियो भी अब वायरल हो रहा है।1
- उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था के बड़े-बड़े दावों के बावजूद, जमीनी हकीकत बेहद खौफनाक है, जिसका ताजा मामला सुल्तानपुर जनपद के थाना चांदा क्षेत्र से सामने आया है। यहाँ एक रसूखदार ग्राम प्रधान और उसके भाइयों की दबंगई के आगे स्थानीय पुलिस पूरी तरह घुटने टेक चुकी है, जिसके कारण एक असहाय ब्राह्मण परिवार पर घर में घुसकर जानलेवा हमला किया गया और बेटियों से छेड़खानी हुई, लेकिन पुलिस राजनीतिक रसूख के चलते पीड़ितों की एफआईआर तक दर्ज नहीं कर रही है। पीड़िता पुष्पा शुक्ला पत्नी हेमन्त कुमार शुक्ला ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक को रोते हुए प्रार्थना पत्र सौंपा है। यह पूरा मामला थाना चांदा के ग्राम फरमापुर (पो० कोइरीपुर) का है, जहाँ पीड़िता पुष्पा शुक्ला के अनुसार, गांव के वर्तमान प्रधान हृदयनारायण सिंह उर्फ पप्पू सिंह और उनके भाई सर्वेश सिंह ने उनके परिवार का जीना मुहाल कर रखा है। एक मामूली विवाद के बाद प्रधान के भाई सर्वेश सिंह ने पीड़िता के घर आकर गाली-गलौज की और उनके नाती को जान से मारने की धमकी दी। जब पीड़िता इसकी शिकायत करने थाने पहुँची, तो पुलिस ने सुरक्षा देने के बजाय उन्हें वापस भेज दिया। इसके बाद दबंगों ने पीड़िता को फोन पर "थाने क्यों गई थी?" कहकर धमकी दी। शाम करीब 5 बजे, आरोपी सर्वेश सिंह और प्रधान हृदयनारायण सिंह उर्फ पप्पू सिंह अपने साथ 4-5 अज्ञात गुंडों को लेकर पीड़िता के घर में घुस गए। वहाँ मौजूद लड़की के साथ सरेआम छेड़खानी की गई, और जब पीड़िता के दो मासूम नातियों ने अपनी मां की इज्जत बचाने की कोशिश की, तो दबंगों ने उन पर लाठी-डंडों और हाथ में लिए चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में एक नाती को गंभीर चोटें आईं और दबंगों ने पूरे परिवार को उनके ही घर से बाहर खदेड़ दिया। पीड़िता पुष्पा शुक्ला ने अपने प्रार्थना पत्र में यह भी बताया है कि आरोपी सर्वेश सिंह एक शातिर और आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जिसके खिलाफ थाने में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, प्रधान भी 203 में जेल जा चुके हैं। इसके बावजूद, चांदा थाना पुलिस इस अपराधी और दबंग प्रधान के आगे नतमस्तक बनी हुई है। आज यह गरीब और असहाय ब्राह्मण परिवार अपने ही घर से बेघर होकर इंसाफ के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है। पीड़ित परिवार ने अब सुल्तानपुर के पुलिस अधीक्षक से दोषियों के खिलाफ सख्त धाराओं में एफआईआर दर्ज करने और उनकी गिरफ्तारी की गुहार लगाई है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या सुल्तानपुर पुलिस इन दबंगों पर शिकंजा कसेगी या फिर सत्ता और रसूख के दबाव में इस असहाय परिवार को न्याय से वंचित रखा जाएगा।1
- आज उत्तर प्रदेश की सड़कों पर योगी के खिलाफ एक हंगामा देखा गया है। इस घटना को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर यह किस तरह का हंगामा था।1