लखीमपुर खीरी के निघासन तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत दुबहा में मानसून की तेज बारिश के बाद सड़क की हालत बेहद खराब हो गई है, जिससे पूरा मार्ग तालाब में तब्दील हो चुका है। इस जलभराव के कारण ग्रामीणों का दैनिक जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। बच्चों का स्कूल जाना बंद हो गया है, महिलाओं के लिए बाजार जाना और रसोई के काम करना दूभर हो गया है, साथ ही घरों के आंगन और रसोई तक में पानी भर गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर गहरे गड्ढे और नालियों के जाम होने के कारण पानी की निकासी पूरी तरह बंद है। ग्रामीणों ने इस समस्या की शिकायत कई बार ग्राम प्रधान और 1076 हेल्पलाइन पर दर्ज कराई है, लेकिन अब तक किसी भी सरकारी अधिकारी ने इस पर ध्यान नहीं दिया है। ग्रामीणों में स्थानीय प्रशासन की इस उदासीनता को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों को अब कीड़े-मकोड़ों के साथ-साथ संक्रमित बीमारियों के फैलने का गंभीर खतरा सता रहा है। ग्रामीणों ने खड़ंजा लगवाने और नालियों की तत्काल सफाई व मरम्मत की जोरदार मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया, तो वे पंचायत स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों का मानना है कि मामूली मरम्मत और नाली की सफाई से इस संकट को टाला जा सकता है, फिर भी जिम्मेदार अधिकारी ठोस जवाब देने में नाकाम रहे हैं।
लखीमपुर खीरी के निघासन तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत दुबहा में मानसून की तेज बारिश के बाद सड़क की हालत बेहद खराब हो गई है, जिससे पूरा मार्ग तालाब में तब्दील हो चुका है। इस जलभराव के कारण ग्रामीणों का दैनिक जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। बच्चों का स्कूल जाना बंद हो गया है, महिलाओं के लिए बाजार जाना और रसोई के काम करना दूभर हो गया है, साथ ही घरों के आंगन और रसोई तक में पानी भर गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर गहरे गड्ढे और नालियों के जाम होने के कारण पानी की निकासी पूरी तरह बंद है। ग्रामीणों ने इस समस्या की शिकायत कई बार ग्राम प्रधान और 1076 हेल्पलाइन पर दर्ज कराई है, लेकिन अब तक किसी भी सरकारी अधिकारी ने इस पर ध्यान नहीं दिया है। ग्रामीणों में स्थानीय प्रशासन की इस उदासीनता को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों को अब कीड़े-मकोड़ों के साथ-साथ संक्रमित बीमारियों के फैलने का गंभीर खतरा सता रहा है। ग्रामीणों ने खड़ंजा लगवाने और नालियों की तत्काल सफाई व मरम्मत की जोरदार मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया, तो वे पंचायत स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों का मानना है कि मामूली मरम्मत और नाली की सफाई से इस संकट को टाला जा सकता है, फिर भी जिम्मेदार अधिकारी ठोस जवाब देने में नाकाम रहे हैं।
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में लाठीचार्ज के एक प्रकरण के बाद SSP अविनाश पांडेय का एक बयान सामने आया है। इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अविनाश पांडेय ने कहा कि जो लोग उनके समर्थन में हैं, उन्हें एक पेड़ लगाना चाहिए। वहीं, जो लोग उनका विरोध कर रहे हैं, उनसे उन्होंने दो पेड़ लगाने की बात कही है।1
- लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में सावन के पवित्र महीने की शुरुआत से पहले कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। थाना प्रभारी अवनीश कुमार ने कोतवाली परिसर में एक महत्वपूर्ण 'पीस कमेटी' बैठक बुलाई, जिसमें स्थानीय पुलिस और क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत मंथन किया। बैठक के दौरान थाना प्रभारी अवनीश कुमार ने स्पष्ट संदेश दिया कि आस्था के इस महीने में किसी भी प्रकार की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कांवड़ मार्ग पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी और उपद्रवी तत्वों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। बैठक में ग्राम पंचायत गुलरिया पतरसा के पूर्व प्रधान जगदीप सिंह जग्गा और गोविंद सोनी सहित कई वरिष्ठ लोग शामिल हुए। इन लोगों ने पुलिस को भरोसा दिलाया कि क्षेत्र की जनता कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण बनाने में प्रशासन का पूरा सहयोग करेगी। इसके अलावा, पत्रकारों और प्रबुद्ध नागरिकों के सुझावों पर चर्चा करते हुए थाना प्रभारी ने कांवड़ मार्ग पर साफ-सफाई, लाइटिंग और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने का आश्वासन दिया है।1
- खीरी में आगामी श्रावण मास को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक ने फूलबेहड़ थाना क्षेत्र में स्थित लिलौटीनाथ मंदिर और कांवड़ यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया। पुलिस अधीक्षक ने इस दौरान कांवड़ यात्रा मार्ग तथा रूट डायवर्जन का जायजा लिया और इससे संबंधित व्यवस्थाओं को लेकर संबंधितों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।1
- आगामी श्रावण मास के मद्देनजर खीरी के फूलबेहड़ थाना क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम यातायात और कानून-व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए पुलिस अधीक्षक डॉ0 ख्याति गर्ग ने स्थलीय निरीक्षण किया। 11 जुलाई 2026 को पुलिस अधीक्षक ने अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) पवन गौतम और प्रभारी निरीक्षक फूलबेहड़ के साथ मिलकर बाबा लिलौटीनाथ मंदिर परिसर और कांवड़ यात्रा मार्ग का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर, श्रद्धालुओं के आने-जाने के रास्ते, बैरिकेडिंग, पार्किंग व्यवस्था और संवेदनशील स्थलों का बारीकी से निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक ने अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) और यातायात उप निरीक्षक के साथ मिलकर रूट डायवर्जन और यातायात प्रबंधन की समीक्षा की। एसपी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रावण मास के दौरान मंदिर परिसर और यात्रा मार्ग पर नियमित गश्त की जाए, पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहे और पार्किंग प्रबंधन प्रभावी ढंग से किया जाए। इसके साथ ही, स्थानीय प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित कर समय रहते सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।1
- लखीमपुर खीरी के पलिया क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश और नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों से निकलने वाली नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग की संवेदनशील कीरतपुर वन चौकी (गौरीफंटा रेंज) जलभराव और बाढ़ से प्रभावित हो गई है। इन विषम परिस्थितियों को देखते हुए दुधवा टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक जगदीश आर के निर्देशन में वहां तैनात वन कर्मियों के लिए आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाई गई, जिससे कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी निभा रहे कर्मचारियों को समय पर बड़ी राहत मिली है। दुधवा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बारिश और बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और वन कर्मियों की सुरक्षा तथा आवश्यक सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा का कार्य बिना किसी बाधा के जारी रखने के लिए आवश्यकता पड़ने पर आगे भी राहत और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।3
- उत्तर प्रदेश के आगरा में नाले में गिरी महिला का 72 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इस बीच, सुभाष बाजार हादसे का एक सीसीटीवी (CCTV) वीडियो सामने आया है, जिसमें दुकान के बाहर बंद शटर के पास बैठी महिला अचानक भरभराती दुकान के मलबे के साथ नाले में समाती हुई दिखाई दे रही है। हादसे के तीसरे दिन भी रेस्क्यू अभियान जोरों पर चलाया जा रहा है। मलबे और कीचड़ में लगातार खोज जारी है, लेकिन अब तक लापता महिला का कोई पता नहीं चल सका है।1