राजस्थान के झुंझुनूं जिले के मंडावा क्षेत्र के चूड़ी अजीतगढ़ गांव के कुलवंत खेजरोलिया इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में इस बार गुजरात टाइटंस की टीम का हिस्सा थे। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के रूप में कुलवंत गेंद को स्विंग कराने और अपने अलग एंगल से बल्लेबाजों को परेशान करने के लिए जाने जाते हैं। उनकी यह कहानी संघर्ष, जुनून और कड़ी मेहनत का एक प्रेरक उदाहरण है। क्रिकेटर बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए कुलवंत ने परिवार की आर्थिक मदद करते हुए एक किराने की दुकान पर भी काम किया और गोवा के एक होटल में वेटर की नौकरी भी की। क्रिकेट के प्रति अपने जुनून के कारण ही वे दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने संघर्ष और कठिन दिनों का सामना किया। कुलवंत ने बताया कि आज वे जिस मुकाम पर हैं, उसके पीछे उनका वही संघर्ष और मेहनत है। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि अगर सपनों को पूरा करना है, तो कठिन मेहनत करनी होगी और कई बार घर छोड़कर भी आगे बढ़ना पड़ता है। कुलवंत ने अपने IPL अनुभव के बारे में बताया कि उनका सफर काफी शानदार रहा और उनकी टीम गुजरात टाइटंस फाइनल तक पहुंची। हालांकि वे फाइनल नहीं जीत सके, लेकिन पूरे टूर्नामेंट का अनुभव बेहद खास रहा। उन्हें कई बड़े और अनुभवी खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने और हर मैच व परिस्थिति से कुछ नया सीखने का अवसर मिला, जो उनके भविष्य के क्रिकेट करियर में काफी काम आएगा। IPL को वे एक ऐसे मंच के रूप में देखते हैं जो हर दिन कुछ नया सिखाता है। उन्होंने 2017 में मुंबई इंडियंस के साथ IPL में डेब्यू किया था, जो उनके करियर का पहला IPL सीजन था। उस समय भले ही उनके पास ज्यादा अनुभव नहीं था, लेकिन IPL में अपनी पहचान बनाने का जुनून था। मुंबई इंडियंस में उन्हें लसिथ मलिंगा, जसप्रीत बुमराह और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के साथ खेलने और सीखने का मौका मिला, वहीं रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) में विराट कोहली और एबी डीविलियर्स जैसे महान खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने का अवसर मिला। इन अनुभवों से उन्हें न केवल IPL में बल्कि घरेलू क्रिकेट में भी फायदा मिला, जिससे वे लगातार अपने खेल में सुधार कर पाए। कुलवंत को IPL 2017 की नीलामी में मुंबई इंडियंस ने 10 लाख रुपए की बेस प्राइस पर खरीदा था और वे कुल पांच अलग-अलग IPL फ्रेंचाइजी - रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, दिल्ली कैपिटल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और गुजरात टाइटंस - का हिस्सा रह चुके हैं।
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के मंडावा क्षेत्र के चूड़ी अजीतगढ़ गांव के कुलवंत खेजरोलिया इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में इस बार गुजरात टाइटंस की टीम का हिस्सा थे। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के रूप में कुलवंत गेंद को स्विंग कराने और अपने अलग एंगल से बल्लेबाजों को परेशान करने के लिए जाने जाते हैं। उनकी यह कहानी संघर्ष, जुनून और कड़ी मेहनत का एक प्रेरक उदाहरण है। क्रिकेटर बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए कुलवंत ने परिवार की आर्थिक मदद करते हुए एक किराने की दुकान पर भी काम किया और गोवा के एक होटल में वेटर की नौकरी भी की। क्रिकेट के प्रति अपने जुनून के कारण ही वे दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने संघर्ष और कठिन दिनों का सामना किया। कुलवंत ने बताया कि आज वे जिस मुकाम पर हैं, उसके पीछे उनका वही संघर्ष और मेहनत है। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि अगर सपनों को पूरा करना है, तो कठिन मेहनत करनी होगी और कई बार घर छोड़कर भी आगे बढ़ना पड़ता है। कुलवंत ने अपने IPL अनुभव के बारे में बताया कि उनका सफर काफी शानदार रहा और उनकी टीम गुजरात टाइटंस फाइनल तक पहुंची। हालांकि वे फाइनल नहीं जीत सके, लेकिन पूरे टूर्नामेंट का अनुभव बेहद खास रहा। उन्हें कई बड़े और अनुभवी खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने और हर मैच व परिस्थिति से कुछ नया सीखने का अवसर मिला, जो उनके भविष्य के क्रिकेट करियर में काफी काम आएगा। IPL को वे एक ऐसे मंच के रूप में देखते हैं जो हर दिन कुछ नया सिखाता है। उन्होंने 2017 में मुंबई इंडियंस के साथ IPL में डेब्यू किया था, जो उनके करियर का पहला IPL सीजन था। उस समय भले ही उनके पास ज्यादा अनुभव नहीं था, लेकिन IPL में अपनी पहचान बनाने का जुनून था। मुंबई इंडियंस में उन्हें लसिथ मलिंगा, जसप्रीत बुमराह और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के साथ खेलने और सीखने का मौका मिला, वहीं रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) में विराट कोहली और एबी डीविलियर्स जैसे महान खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने का अवसर मिला। इन अनुभवों से उन्हें न केवल IPL में बल्कि घरेलू क्रिकेट में भी फायदा मिला, जिससे वे लगातार अपने खेल में सुधार कर पाए। कुलवंत को IPL 2017 की नीलामी में मुंबई इंडियंस ने 10 लाख रुपए की बेस प्राइस पर खरीदा था और वे कुल पांच अलग-अलग IPL फ्रेंचाइजी - रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, दिल्ली कैपिटल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और गुजरात टाइटंस - का हिस्सा रह चुके हैं।
- अखबारों में समोसा और कचोरी जैसे खाद्य पदार्थ परोसने पर अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसके तहत दोषी पाए जाने पर जेल का प्रावधान है। यह खबर दुकानदारों के बीच चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि इसका सीधा असर उनके व्यापार पर पड़ेगा।1
- क्रिकेटर कुलवंत खेजरोलिया ने एक विशेष साक्षात्कार में अपनी पूरी कहानी स्वयं बताई है। दर्शकों को यह पूरा इंटरव्यू देखने के लिए आमंत्रित किया गया है, जहाँ वे खेजरोलिया के अनुभवों और जीवन यात्रा को उन्हीं की जुबानी सुन सकते हैं।1
- झुंझुनूं जिले में पुलिस ने एक विशेष यातायात अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर 1600 वाहनों के मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान किए हैं। यह अभियान अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस यातायात जयपुर के निर्देशानुसार 1 जून से 30 जून तक चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जिलेभर में यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करना है। पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर आईपीएस के निर्देशन में यह कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान के दौरान पुलिस ने विभिन्न प्रकार के यातायात उल्लंघन करने वाले वाहनों पर शिकंजा कसा है। इनमें वाहन संरचना में अवैध परिवर्तन करने वाले 124 वाहन, लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर और हूटर का अवैध उपयोग करने वाले 143 वाहन, प्रेशर हॉर्न का उपयोग करने वाले 48 वाहन, काली फिल्म लगे 442 वाहन, अनाधिकृत शब्द एवं चिन्ह लिखे 680 वाहन और नियम विरुद्ध नंबर प्लेट वाले 163 वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। झुंझुनूं पुलिस ने आमजन से सड़क सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन करने और अनिवार्य रूप से हेलमेट व सीट बेल्ट का उपयोग करने की अपील की है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ निरंतर सख्त कार्रवाई की जाती रहेगी।1
- नवलगढ़ के जाखल गांव में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में बिजली लाइन के पोल लगाए गए। इस दौरान ग्रामीणों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन प्रशासन द्वारा समझाइश के बाद कार्य को पूरा करवाया गया। यह बिजली लाइन एक सोलर प्लांट से पावर हाउस तक बिजली आपूर्ति के लिए बिछाई जा रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह लाइन किसानों की कृषि भूमि से होकर निकल रही है, जिससे उनकी जमीनें प्रभावित हो रही हैं। उनका यह भी कहना था कि बाईपास सड़क निर्माण के समय भी किसानों ने अपनी भूमि दान की थी, जिसके लिए उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला था। मौके पर गुढ़ागौड़जी थाना सहित कुल पांच थानों का पुलिस बल, आरएसी के जवान और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे। बातचीत और समझाइश के बाद अधिकांश पोल सड़क किनारे निर्धारित सीमा में लगाए गए। हालांकि, कुछ ग्रामीणों ने सड़क के बेहद नजदीक लगाए गए इन पोलों को भविष्य में दुर्घटना का कारण बनने की आशंका भी जताई है।1
- चूरू जिले में 'कच्छाधारी चोरों' का आतंक फैल गया है, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। इन चोरों ने दो मकानों को निशाना बनाते हुए सोने-चांदी के आभूषणों के साथ एक बाईक भी चुरा ली।1
- सविता डिजाइनर बुटीक अपने ग्राहकों के लिए ऐसे परिधान प्रस्तुत करता है जहाँ हर सिलाई में खूबसूरती और हर डिज़ाइन में उनकी व्यक्तिगत पहचान झलकती है। यह बुटीक आपके सपनों के कपड़ों को बेहतरीन डिज़ाइनों में बदलता है, ऐसा फैशन तैयार करता है जो आपको सबसे खास बनाए। बुटीक स्टाइल, फैशन और परफेक्शन का एक नया नाम है, जहाँ हर डिज़ाइन एक खूबसूरत कहानी बन जाता है। यहाँ नए ट्रेंड्स, बेहतरीन फिटिंग और शानदार डिज़ाइनों पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जो ग्राहकों की पसंद और बुटीक के हुनर का मेल है। सविता डिजाइनर बुटीक हर अवसर के लिए खास डिज़ाइन पेश करता है, ताकि आप अपनी पहचान पहन सकें।3
- एक विशेष सुरमा तैयार किया जा रहा है, जिसके विक्रेता यह दावा कर रहे हैं कि इसे इस्तेमाल करने का अनुभव जिंदगी भर याद रहेगा। उनका यह भी कहना है कि यह सुरमा चश्मा हटाने में भी सक्षम है। इस सुरमा को लाली सपेरा से खरीदा जा सकता है।1
- उज्ज्वला योजना के उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, उज्ज्वला योजना के तहत अब लाभार्थियों को गैस सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा। इस निर्णय के बाद योजना के धारकों को भविष्य में किसी भी प्रकार की सब्सिडी से वंचित रहना पड़ेगा।1