मेरठ के किठौर थाना क्षेत्र के शाहजहांपुर कस्बे में महज 100 रुपये के लेन-देन के विवाद को लेकर एक युवक, शाहजेब, पर धारदार हथियार और सरियों से जानलेवा हमला किया गया। इस हमले में गंभीर रूप से घायल शाहजेब की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायल शाहजेब के भाई मरगूब अहमद पुत्र मकसूद अहमद ने सोमवार को एसएसपी कार्यालय पहुँचकर बताया कि यह घटना 26 जून की रात करीब 10 बजे की है। उनके भाई शाहजेब होली चौक पर बैठे थे, तभी सोनू, अदीब, असमत, समीर और इमरान नामक व्यक्ति वहाँ पहुँचे और 100 रुपये के उधार को लेकर उनसे कहासुनी करने लगे। मरगूब अहमद के अनुसार, शाहजेब ने मौके पर ही 100 रुपये लौटा दिए थे, लेकिन इसके बावजूद इन आरोपियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। परिवार का आरोप है कि इस घटना के बाद किठौर पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। न्याय की मांग को लेकर परिजन सोमवार को घायल शाहजेब को साथ लेकर एसएसपी कार्यालय पहुँचे।
मेरठ के किठौर थाना क्षेत्र के शाहजहांपुर कस्बे में महज 100 रुपये के लेन-देन के विवाद को लेकर एक युवक, शाहजेब, पर धारदार हथियार और सरियों से जानलेवा हमला किया गया। इस हमले में गंभीर रूप से घायल शाहजेब की हालत
गंभीर बताई जा रही है। घायल शाहजेब के भाई मरगूब अहमद पुत्र मकसूद अहमद ने सोमवार को एसएसपी कार्यालय पहुँचकर बताया कि यह घटना 26 जून की रात करीब 10 बजे की है। उनके भाई शाहजेब होली चौक पर बैठे थे, तभी
सोनू, अदीब, असमत, समीर और इमरान नामक व्यक्ति वहाँ पहुँचे और 100 रुपये के उधार को लेकर उनसे कहासुनी करने लगे। मरगूब अहमद के अनुसार, शाहजेब ने मौके पर ही 100 रुपये लौटा दिए थे, लेकिन इसके बावजूद इन आरोपियों ने
उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। परिवार का आरोप है कि इस घटना के बाद किठौर पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। न्याय की मांग को लेकर परिजन सोमवार को घायल शाहजेब को साथ लेकर एसएसपी कार्यालय पहुँचे।
- उत्तर प्रदेश के अमरोहा में नोवावा रोड पर 'तरंग' नाम का एक नया अस्पताल खोला जा रहा है, जिसका संचालन मलिक साहब कर रहे हैं। यह अस्पताल वेटरिनेटर, बच्चों के लिए मशीन, एमआरआई और एक्स-रे जैसी सुविधाएँ प्रदान करेगा। इसके साथ ही, अस्पताल में गरीबों के लिए विशेष सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई जाएँगी।1
- मेरठ के रोहटा थाना क्षेत्र स्थित चौधरी चरण सिंह कावड़ मार्ग (गंगनहर मार्ग) पर रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक और ट्रक की आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस भीषण भिड़ंत में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, ट्रक संख्या HR 55 AD 1447 और बाइक संख्या UP 14 HE 7721 के बीच हुई टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार दानिश पुत्र पन्ने ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, फरमान पुत्र साजिद, निवासी पिलखुवा और हिमांशु पुत्र शेर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही पूठखास चौकी प्रभारी अनिल कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रोहटा में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस ने मृतक दानिश के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए चौधरी चरण सिंह कावड़ मार्ग पर यातायात बाधित रहा। पुलिस ने तुरंत क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात को सुचारु कराया और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।3
- मेरठ के खडौली चौपला स्थित एक खाली प्लाट में, जो एक गैरेज के बिल्कुल बगल में है, गंदगी का भारी अंबार लगा हुआ है। इस प्लाट में पूरे मुहल्ले के लोग कूड़ा-करकट डालते हैं, जिससे गंदगी का ढेर बढ़ता जा रहा है। स्थानीय निवासियों ने यह भी शिकायत की है कि सफाई कर्मचारी इस गंभीर समस्या पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं। लोगों ने अधिकारियों से इस मामले का तुरंत संज्ञान लेने का आग्रह किया है।1
- मेरठ जिले के सरधना क्षेत्र में हरिद्वार से गंगाजल लेकर कांवड़ियों का आगमन शुरू हो चुका है।1
- मेनका गांधी ने जैन साधु संतों की मोरपंखी पेची को लेकर सोशल मीडिया पर एक विवादित बयान दिया है, जिसका एक वीडियो सामने आया है। इस बयान में, उन्होंने यह सवाल उठाया कि क्या राष्ट्रीय पक्षी मोर अपने पंख खुद छोड़ते हैं या मोरपंखी पेची के लिए जीवों की हत्या की जाती है। यह कथन साधु संतों के लिए एक बहुत ही निंदनीय बताया गया है, जिस पर सर्व समाज में गहरा आक्रोश का माहौल व्याप्त है। जैन साधु संतों की पेची को लेकर मेनका गांधी का यह विवादित बयान अब एक बड़े "जनजाल" का रूप ले चुका है।2
- नजीबाबाद में असदुद्दीन ओवैसी ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि "हम यज़ीदों के सामने हाथ फैलाकर भीख नहीं मांगेंगे।"1
- मेरठ के दौराला मंडल में हाल ही में एक संदिग्ध मामला सामने आया, जहाँ नाइट ड्यूटी कर सुबह अपने घर लौट रहे एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। बताया गया कि युवक अचानक गिर गया और अस्पताल पहुँचने तक उसकी जान चली गई।1
- दलित समाज के अधिकारों और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर विभिन्न नेताओं की भूमिका को लेकर इन दिनों तेज चर्चा चल रही है, जिसमें मुख्य रूप से चंद्रशेखर आजाद और मायावती के योगदान पर लोगों की राय बंटी हुई है। एक ओर, कई लोग मानते हैं कि चंद्रशेखर आजाद वर्तमान समय में जमीनी स्तर पर लगातार सक्रिय रहते हुए दलित समाज से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठा रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर, बड़ी संख्या में लोग मायावती के शुरुआती राजनीतिक संघर्ष और उनके योगदान को भी याद करते हैं। मायावती के समर्थकों का कहना है कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन के शुरुआती दौर में, जब संसाधनों की कमी थी, व्यापक जनसंपर्क और आंदोलन के जरिए दलित समाज को संगठित करने का प्रयास किया था। हालांकि, कुछ लोगों का यह भी विचार है कि वर्तमान सामाजिक और राजनीतिक परिवेश पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है, क्योंकि समाज अब ज्यादा जागरूक और सूचना से जुड़ा हुआ है। इन अलग-अलग विचारों के बीच एक बात स्पष्ट है कि दलित समाज के नेतृत्व और उनके संघर्ष को लेकर यह बहस जारी रहेगी। किस नेता का योगदान अधिक प्रभावी रहा या किसका संघर्ष बड़ा है, यह विभिन्न व्यक्तियों की राय और उनके राजनीतिक दृष्टिकोण पर निर्भर करता है।1