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सतना जिले के मैहर स्थित सान्दीपनि विद्यालय के हालातों को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर इस विद्यालय की स्थिति में कब सुधार आएगा। इस बीच, विद्यालय के हालातों को लेकर प्राचार्य का भी एक बड़ा बयान सामने आया है।
Satyanarayan tiwari
सतना जिले के मैहर स्थित सान्दीपनि विद्यालय के हालातों को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर इस विद्यालय की स्थिति में कब सुधार आएगा। इस बीच, विद्यालय के हालातों को लेकर प्राचार्य का भी एक बड़ा बयान सामने आया है।
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- मध्य प्रदेश के मैहर में "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के अंतर्गत संदीपनी विद्यालय में एक विशाल जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मैहर पुलिस द्वारा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग और शिक्षा विभाग के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के दुष्परिणामों से अवगत कराना और उन्हें नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना था। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश शासन की प्रभारी मंत्री श्रीमती राधा सिंह उपस्थित रहीं। उनके साथ मैहर विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी, जिला कलेक्टर श्रीमती विदिशा मुखर्जी और पुलिस अधीक्षक मैहर श्री अवधेश प्रताप सिंह सहित कई अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पुलिस अधीक्षक श्री अवधेश प्रताप सिंह ने अभियान की रूपरेखा और तीन वर्षीय कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के विरुद्ध यह आंदोलन केवल पुलिस का नहीं बल्कि पूरे समाज का है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अवैध नशे के कारोबारियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है और उन्होंने छात्रों से पहली बार में ही नशे को "ना" कहने की अपील की। जिला कलेक्टर श्रीमती विदिशा मुखर्जी ने छात्रों को सकारात्मक सोच अपनाने, अच्छे मित्रों का चयन करने और अच्छे संस्कारों को जीवन का लक्ष्य बनाने का संदेश दिया। वहीं, विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने माता-पिता के संघर्षों का सम्मान करते हुए छात्रों से गलत संगति से दूर रहने की अपील की। मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री श्रीमती राधा सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि नशा करना ही है, तो अपने सपनों, शिक्षा और मेहनत का करें। कार्यक्रम के अंत में प्रभारी मंत्री ने उपस्थित सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और नागरिकों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई और एक नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर नगर पुलिस अधीक्षक महेंद्र सिंह चौहान, एसडीएम दिव्या पटेल, तहसीलदार जीतेन्द्र पटेल, रक्षित निरीक्षक नृपेन्द्र सिंह, यातायात प्रभारी विक्रम पाठक, निरीक्षक लक्ष्मी बागरी, प्रधान आरक्षक मुकेश द्विवेदी समेत सामाजिक न्याय विभाग व शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न स्कूलों के प्राचार्य, शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।4
- सतना में तिघरा बाईपास मार्ग को जोड़ने वाली सड़क पर लीपापोती कर दी गई है। इस मार्ग से अधिकारी हों या जनप्रतिनिधि, सभी गुजरते हैं, लेकिन इसके बावजूद आज तक इस मार्ग का सुधार नहीं किया जा सका। सड़क की इस स्थिति पर लोक निर्माण विभाग के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। जिम्मेदार लोग अपनी जिम्मेदारी से लगातार बचते आ रहे हैं, जबकि आम लोग सड़क पर हादसों का शिकार हो रहे हैं। इस अजब-गजब सिस्टम के चलते लोग परेशान हैं।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिले के उचेहरा क्षेत्र में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही के कारण एक गरीब परिवार की दुधारू और गर्भवती भैंस की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। वार्ड नंबर 14 में बाईपास रोड स्थित परिहार ढाबा के पीछे घास चरते समय यह 10 वर्षीय भैंस अचानक एक बिजली के खंभे के संपर्क में आ गई। खंभे में करंट दौड़ रहा था, जिसकी चपेट में आने से भैंस ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। भैंस के गर्भवती होने के कारण पीड़ित परिवार को न केवल दुधारू पशु बल्कि उसके आने वाले बछड़े का भी भारी नुकसान झेलना पड़ा है। इस घटना को लेकर पीड़ित परिवार की मुखिया सोनिया कुशवाह ने उचेहरा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में तैयार किए गए 'स्थल पंचनामा' में भी इस बात की पुष्टि हुई है कि भैंस की मौत बिजली के खंभे के तार में करंट आने के कारण ही हुई है। इसके साथ ही, थाना प्रभारी द्वारा पशु चिकित्सा अधिकारी को भैंस का पोस्टमार्टम कराने हेतु पत्र जारी किया गया है। अत्यंत निर्धन परिवार से ताल्लुक रखने वाली सोनिया कुशवाह ने बताया कि यह भैंस ही उनकी आजीविका का एकमात्र जरिया थी। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से बिजली विभाग की इस गंभीर लापरवाही पर उचित कार्रवाई करने और आर्थिक सहायता देने की मांग की है ताकि वे अपने इस बड़े नुकसान की भरपाई कर सकें।1
- सतना में शिकायतों, ज्ञापनों और मांगों के बाद भी जब बदहाल सड़कों की तस्वीर नहीं बदली, तो सतना हवाई पट्टी के साहिल दाहिया ने विरोध का एक बेहद अनोखा तरीका चुना। उन्होंने बारिश के पानी से भरे गड्ढों को ही अपना "डांस फ्लोर" बना लिया और उनके बीच डांस कर सोशल मीडिया के माध्यम से व्यवस्था पर तीखे और रचनात्मक सवाल खड़े किए। साहिल का कहना है कि सड़क पर उनका यह डांस सिर्फ मनोरंजन नहीं है, बल्कि यह उन लोगों की आवाज है जिनकी बात बड़े नेताओं और अधिकारियों तक नहीं पहुंच पाती है। उन्होंने अपनी कला को ही जनता की पीड़ा और भड़ास जिम्मेदारों तक पहुंचाने का माध्यम बनाया है। साहिल अपने इन वीडियो को इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और संबंधित अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को टैग करते हैं। इस अनोखे प्रयास का असर भी अब धरातल पर दिखने लगा है। कई जगहों पर वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और बदहाल सड़कों के गड्ढों की मरम्मत कराई गई, जिससे साहिल का इस रचनात्मक विरोध पर भरोसा और मजबूत हुआ है। सतना में हर साल बारिश के दौरान कई सड़कें गहरे गड्ढों में तब्दील हो जाती हैं। पानी भरने के कारण ये गड्ढे दिखाई नहीं देते और आए दिन दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष यही स्थिति बनती है, लेकिन इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान आज तक नहीं हो सका है।4
- मैहर में स्थानीय विधायक श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी द्वारा नशा मुक्ति जनजागरुकता अभियान चलाया जा रहा है।1
- सतना जिले की अमरपाटन तहसील के अंतर्गत ग्राम ताला में नवनिर्मित महाविद्यालय में सुरक्षा गार्ड सहित करीब दर्जन भर पदों पर की गई भर्ती में फर्जीवाड़े का गंभीर आरोप लगा है। ताला महाविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था के लिए जनभागीदारी के माध्यम से कुछ महीने पहले सुरक्षा गार्ड सहित अन्य पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे, जिसमें अभ्यर्थियों ने अपने फॉर्म जमा किए थे। आरोप है कि जब पीड़ित अभ्यर्थी तय प्रक्रिया के तहत साक्षात्कार के लिए भोपाल पहुंचे, तो उन्हें साक्षात्कार कक्ष से यह कहकर भगा दिया गया कि सभी पदों पर नियुक्तियां पहले ही की जा चुकी हैं। इस घटना से आक्रोशित अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं कि जब पहले ही नियुक्तियां करनी थीं, तो अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन भरवाकर उन्हें साक्षात्कार के लिए क्यों बुलाया गया। पीड़ितों ने इस पूरी भर्ती को फर्जी करार देते हुए धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।2
- पुलिस की तानाशाही एक संघी गिरोह की तरह साफ नजर आ रही है। इस तानाशाहीपूर्ण रवैये के बीच, काकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके और उनके साथियों ने पुलिस को रोकने की भरपूर कोशिश की।1