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हेमंत सोरेन बच्चों के प्रोटेस्ट के बारे में क्या बोलना चाहरहे हैं बच्चन या झारखंड में प्रोटेस्ट

7 hrs ago
user_Yaduvanshi karan
Yaduvanshi karan
Lawyer दंदई, गढ़वा, झारखंड•
7 hrs ago

हेमंत सोरेन बच्चों के प्रोटेस्ट के बारे में क्या बोलना चाहरहे हैं बच्चन या झारखंड में प्रोटेस्ट

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  • एक तरफ धन्यवाद, दूसरी तरफ दुर्दशा! भारतीय इंटर कॉलेज की बदहाल तस्वीर ने खड़े किए बड़े सवाल, सुंदरीकरण की उठी मांग। एक तरफ धन्यवाद, दूसरी तरफ दुर्दशा! भारतीय इंटर कॉलेज की बदहाल तस्वीर ने खड़े किए बड़े सवाल, सुंदरीकरण की उठी मांग। विंढमगंज (सोनभद्र)। क्षेत्र के भारतीय इंटर कॉलेज को लेकर एक ही दिन सामने आई दो अलग-अलग तस्वीरों ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर विद्यालय में विद्यार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने पर धन्यवाद ज्ञापन दिया गया, वहीं दूसरी ओर विद्यालय की जर्जर स्थिति, मूलभूत सुविधाओं की कमी और सुंदरीकरण की मांग को लेकर तहसील दिवस में प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। इस विरोधाभासी स्थिति ने स्थानीय लोगों, अभिभावकों और छात्रों के बीच चर्चा का विषय बना दिया है। लोगों का कहना है कि यदि विद्यालय की व्यवस्था पूरी तरह संतोषजनक है तो फिर तहसील दिवस में शिकायत और ज्ञापन देने की आवश्यकता क्यों पड़ी? वहीं यदि विद्यालय की वास्तविक स्थिति खराब है, तो केवल योजनाओं का लाभ गिनाने से शिक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं हो सकती। बताया जा रहा है कि विद्यालय परिसर में कई स्थानों पर मरम्मत और रखरखाव की आवश्यकता है। छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने हेतु भवन, परिसर और अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा का अधिकार तभी सार्थक होगा, जब विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधायुक्त विद्यालय उपलब्ध कराया जाएगा। तहसील दिवस में दिए गए ज्ञापन में भारतीय इंटर कॉलेज के सुंदरीकरण, आवश्यक मरम्मत और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की मांग की गई है। लोगों ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थलीय निरीक्षण कराएगा तथा वास्तविक स्थिति के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करेगा। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचना स्वागतयोग्य है, लेकिन इसके साथ-साथ विद्यालय के भौतिक ढांचे को भी मजबूत बनाना उतना ही आवश्यक है। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग पर टिकी हैं कि भारतीय इंटर कॉलेज की वास्तविक समस्याओं का समाधान कब होगा और सुंदरीकरण का कार्य कब शुरू किया जाएगा। यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाते हैं, तो इससे हजारों विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा।
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    एक तरफ धन्यवाद, दूसरी तरफ दुर्दशा! भारतीय इंटर कॉलेज की बदहाल तस्वीर ने खड़े किए बड़े सवाल, सुंदरीकरण की उठी मांग।
एक तरफ धन्यवाद, दूसरी तरफ दुर्दशा! भारतीय इंटर कॉलेज की बदहाल तस्वीर ने खड़े किए बड़े सवाल, सुंदरीकरण की उठी मांग।
विंढमगंज (सोनभद्र)। क्षेत्र के भारतीय इंटर कॉलेज को लेकर एक ही दिन सामने आई दो अलग-अलग तस्वीरों ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर विद्यालय में विद्यार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने पर धन्यवाद ज्ञापन दिया गया, वहीं दूसरी ओर विद्यालय की जर्जर स्थिति, मूलभूत सुविधाओं की कमी और सुंदरीकरण की मांग को लेकर तहसील दिवस में प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।
इस विरोधाभासी स्थिति ने स्थानीय लोगों, अभिभावकों और छात्रों के बीच चर्चा का विषय बना दिया है। लोगों का कहना है कि यदि विद्यालय की व्यवस्था पूरी तरह संतोषजनक है तो फिर तहसील दिवस में शिकायत और ज्ञापन देने की आवश्यकता क्यों पड़ी? वहीं यदि विद्यालय की वास्तविक स्थिति खराब है, तो केवल योजनाओं का लाभ गिनाने से शिक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं हो सकती।
बताया जा रहा है कि विद्यालय परिसर में कई स्थानों पर मरम्मत और रखरखाव की आवश्यकता है। छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने हेतु भवन, परिसर और अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा का अधिकार तभी सार्थक होगा, जब विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधायुक्त विद्यालय उपलब्ध कराया जाएगा।
तहसील दिवस में दिए गए ज्ञापन में भारतीय इंटर कॉलेज के सुंदरीकरण, आवश्यक मरम्मत और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की मांग की गई है। लोगों ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थलीय निरीक्षण कराएगा तथा वास्तविक स्थिति के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करेगा।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचना स्वागतयोग्य है, लेकिन इसके साथ-साथ विद्यालय के भौतिक ढांचे को भी मजबूत बनाना उतना ही आवश्यक है। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग पर टिकी हैं कि भारतीय इंटर कॉलेज की वास्तविक समस्याओं का समाधान कब होगा और सुंदरीकरण का कार्य कब शुरू किया जाएगा। यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाते हैं, तो इससे हजारों विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा।
    user_Jitendr Prshad
    Jitendr Prshad
    Court reporter दुद्धी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • डीईओ कार्यालय में वित्तीय अनियमितता की जांच तेज, भंडार गृह का सत्यापन कर्मचारी की अनुपस्थिति से टला बलरामपुर: डीईओ कार्यालय में वित्तीय अनियमितता की जांच तेज, भंडार गृह का सत्यापन कर्मचारी की अनुपस्थिति से टला बलरामपुर। जिले के रामानुजगंज स्थित जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय में कथित वित्तीय अनियमितता की शिकायत के बाद प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। मंगलवार को अपर कलेक्टर प्रमोद गुप्ता जांच के लिए डीईओ कार्यालय पहुंचे। इस दौरान भंडार गृह का भौतिक सत्यापन किया जाना था, लेकिन संबंधित कर्मचारी के अवकाश पर होने के कारण सत्यापन नहीं हो सका। अपर कलेक्टर प्रमोद गुप्ता ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव के खिलाफ वित्तीय अनियमितता की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है और इसी क्रम में कार्यालय के रिकॉर्ड तथा भंडार गृह का निरीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि भंडार गृह के सत्यापन के लिए संबंधित कर्मचारी की उपस्थिति आवश्यक थी, लेकिन उसके अवकाश पर होने के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इस संबंध में डीईओ मनीराम यादव से जानकारी ली गई, जिन्होंने कर्मचारी के छुट्टी पर होने की बात कही। अपर कलेक्टर ने सवाल उठाया कि यदि संबंधित कर्मचारी अवकाश पर था तो नियमानुसार किसी अन्य कर्मचारी को प्रभार क्यों नहीं सौंपा गया। उन्होंने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में कर्मचारी की अनुपस्थिति में उसके कार्यों का प्रभार दूसरे कर्मचारी को दिया जाता है। प्रमोद गुप्ता ने बताया कि प्रारंभिक जांच में वित्तीय अनियमितता के संकेत मिले हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच, दस्तावेजों के परीक्षण और भंडार गृह के सत्यापन के बाद ही सामने आएंगे। जांच के दौरान वित्तीय रिकॉर्ड, भंडार गृह में उपलब्ध सामग्री तथा अन्य दस्तावेजों की गहन जांच की जाएगी। साथ ही संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाएगी। भंडार गृह का सत्यापन अब संबंधित कर्मचारी की मौजूदगी में कराया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अनियमितता किस स्तर पर हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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    डीईओ कार्यालय में वित्तीय अनियमितता की जांच तेज, भंडार गृह का सत्यापन कर्मचारी की अनुपस्थिति से टला
बलरामपुर: डीईओ कार्यालय में वित्तीय अनियमितता की जांच तेज, भंडार गृह का सत्यापन कर्मचारी की अनुपस्थिति से टला
बलरामपुर। जिले के रामानुजगंज स्थित जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय में कथित वित्तीय अनियमितता की शिकायत के बाद प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। मंगलवार को अपर कलेक्टर प्रमोद गुप्ता जांच के लिए डीईओ कार्यालय पहुंचे। इस दौरान भंडार गृह का भौतिक सत्यापन किया जाना था, लेकिन संबंधित कर्मचारी के अवकाश पर होने के कारण सत्यापन नहीं हो सका।
अपर कलेक्टर प्रमोद गुप्ता ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव के खिलाफ वित्तीय अनियमितता की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है और इसी क्रम में कार्यालय के रिकॉर्ड तथा भंडार गृह का निरीक्षण किया गया।
उन्होंने बताया कि भंडार गृह के सत्यापन के लिए संबंधित कर्मचारी की उपस्थिति आवश्यक थी, लेकिन उसके अवकाश पर होने के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इस संबंध में डीईओ मनीराम यादव से जानकारी ली गई, जिन्होंने कर्मचारी के छुट्टी पर होने की बात कही।
अपर कलेक्टर ने सवाल उठाया कि यदि संबंधित कर्मचारी अवकाश पर था तो नियमानुसार किसी अन्य कर्मचारी को प्रभार क्यों नहीं सौंपा गया। उन्होंने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में कर्मचारी की अनुपस्थिति में उसके कार्यों का प्रभार दूसरे कर्मचारी को दिया जाता है।
प्रमोद गुप्ता ने बताया कि प्रारंभिक जांच में वित्तीय अनियमितता के संकेत मिले हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच, दस्तावेजों के परीक्षण और भंडार गृह के सत्यापन के बाद ही सामने आएंगे।
जांच के दौरान वित्तीय रिकॉर्ड, भंडार गृह में उपलब्ध सामग्री तथा अन्य दस्तावेजों की गहन जांच की जाएगी। साथ ही संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाएगी।
भंडार गृह का सत्यापन अब संबंधित कर्मचारी की मौजूदगी में कराया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अनियमितता किस स्तर पर हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    user_Balrampur
    Balrampur
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    12 hrs ago
  • pura video dekhane tabhi samjh aayega Bjp raj me kya chal raha hai video
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    pura video dekhane tabhi samjh aayega Bjp raj me kya chal raha hai 
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    user_Pappu singh
    Pappu singh
    ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • रंका। रबदा स्कूल मैदान में मनाया गया जल अर्पण दिवस, जल संरक्षण का दिया गया संदेश आज बुधवार शाम पांच बजे रंका पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, गढ़वा के तत्वावधान में रबदा स्कूल मैदान में आज बुधवार को जल अर्पण दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना तथा पानी के महत्व को समझाना था। इस अवसर पर विभाग के कनीय अभियंता अंकित कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए आज से ही पानी की बचत करना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से जल अर्पण दिवस मनाया जा रहा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संजय कुमार सिन्हा ने कहा कि आज बचाया गया पानी ही भविष्य में हमारी सबसे बड़ी पूंजी साबित होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पानी का सदुपयोग करें, अनावश्यक बर्बादी रोकें तथा वर्षा जल संचयन सहित जल संरक्षण के विभिन्न उपायों को अपने दैनिक जीवन में अपनाएं। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी जल संरक्षण का संकल्प लिया और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया। इस अवसर पर संतोष तिवारी, शेखर कुमार, चंद्रशेखर तिवारी, दिवाकर तिवारी, शंकर राम सहित कई गणमान्य लोग एवं ग्रामीण उपस्थित थे।
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    रंका। रबदा स्कूल मैदान में मनाया गया जल अर्पण दिवस, जल संरक्षण का दिया गया संदेश
आज बुधवार शाम पांच बजे 
रंका पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, गढ़वा के तत्वावधान में रबदा स्कूल मैदान में आज बुधवार को जल अर्पण दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना तथा पानी के महत्व को समझाना था। इस अवसर पर विभाग के कनीय अभियंता अंकित कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए आज से ही पानी की बचत करना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से जल अर्पण दिवस मनाया जा रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संजय कुमार सिन्हा ने कहा कि आज बचाया गया पानी ही भविष्य में हमारी सबसे बड़ी पूंजी साबित होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पानी का सदुपयोग करें, अनावश्यक बर्बादी रोकें तथा वर्षा जल संचयन सहित जल संरक्षण के विभिन्न उपायों को अपने दैनिक जीवन में अपनाएं।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी जल संरक्षण का संकल्प लिया और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया। इस अवसर पर संतोष तिवारी, शेखर कुमार, चंद्रशेखर तिवारी, दिवाकर तिवारी, शंकर राम सहित कई गणमान्य लोग एवं ग्रामीण उपस्थित थे।
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    रंका, गढ़वा, झारखंड•
    6 hrs ago
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