मध्य प्रदेश के डिंडौरी में पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरे के मार्गदर्शन में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 271 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन मोबाइलों की अनुमानित कुल कीमत 48 लाख 78 हजार रुपये आंकी गई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती रेखा धर्मेंद्र सिंह और जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों के पर्यवेक्षण में साइबर सेल और थाना स्तर की टीमों ने मोबाइल ट्रैकिंग तकनीक, IMEI ट्रेसिंग और डिजिटल निगरानी का प्रभावी उपयोग कर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। बरामद किए गए मोबाइल फोन में सबसे अधिक शाहपुरा से 73, समनापुर से 71, कोतवाली डिंडोरी से 45, बजाग से 20, मेहंदवानी से 19, गाड़ासरई से 18, करंजिया से 14 और शहपुर से 11 मोबाइल शामिल हैं। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर नागरिकों के चेहरों पर खुशी साफ झलक उठी और उन्होंने पुलिस के प्रति अपना विश्वास व्यक्त किया। इस अभियान को सफल बनाने में समस्त थाना एवं चौकी प्रभारियों के साथ-साथ मुकेश प्रधान, पंकज कुशराम, श्याम तिवारी, जगदीश प्रसाद, राम सिंह, सुनील पट्टा, गोविंद चौरे, रामनंदन सनोडिया, शिवपाल, रविंद्र कुम्हरे, महेंद्र धुर्वे, एम.आर., पल्लवी तथा नीतू वर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डिंडौरी पुलिस की तकनीकी दक्षता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस ने वर्ष 2024 से लेकर अब तक कुल 1,544 गुम मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 2 करोड़ 17 लाख 92 हजार रुपये है। डिंडौरी पुलिस ने आम जनता से विशेष अपील की है कि यदि किसी का भी मोबाइल फोन गुम हो जाता है, तो वे बिना किसी देरी के तत्काल अपने नजदीकी पुलिस थाने या साइबर हेल्पलाइन में इसकी सूचना दर्ज कराएं, ताकि तकनीकी माध्यमों का उपयोग कर शीघ्र कार्रवाई की जा सके और मोबाइल को जल्द से जल्द बरामद किया जा सके।
मध्य प्रदेश के डिंडौरी में पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरे के मार्गदर्शन में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 271 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन मोबाइलों की अनुमानित कुल कीमत 48 लाख 78 हजार रुपये आंकी गई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती रेखा धर्मेंद्र सिंह और जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों के पर्यवेक्षण में साइबर सेल और थाना स्तर की टीमों ने मोबाइल ट्रैकिंग तकनीक, IMEI ट्रेसिंग और डिजिटल निगरानी का प्रभावी उपयोग कर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। बरामद किए गए मोबाइल फोन में सबसे अधिक शाहपुरा से 73, समनापुर से 71, कोतवाली डिंडोरी से 45, बजाग से 20, मेहंदवानी से 19, गाड़ासरई से 18, करंजिया से 14 और शहपुर से 11 मोबाइल शामिल हैं। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर नागरिकों के चेहरों पर खुशी साफ झलक उठी और उन्होंने पुलिस के प्रति अपना विश्वास व्यक्त किया। इस अभियान को
सफल बनाने में समस्त थाना एवं चौकी प्रभारियों के साथ-साथ मुकेश प्रधान, पंकज कुशराम, श्याम तिवारी, जगदीश प्रसाद, राम सिंह, सुनील पट्टा, गोविंद चौरे, रामनंदन सनोडिया, शिवपाल, रविंद्र कुम्हरे, महेंद्र धुर्वे, एम.आर., पल्लवी तथा नीतू वर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डिंडौरी पुलिस की तकनीकी दक्षता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस ने वर्ष 2024 से लेकर अब तक कुल 1,544 गुम मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 2 करोड़ 17 लाख 92 हजार रुपये है। डिंडौरी पुलिस ने आम जनता से विशेष अपील की है कि यदि किसी का भी मोबाइल फोन गुम हो जाता है, तो वे बिना किसी देरी के तत्काल अपने नजदीकी पुलिस थाने या साइबर हेल्पलाइन में इसकी सूचना दर्ज कराएं, ताकि तकनीकी माध्यमों का उपयोग कर शीघ्र कार्रवाई की जा सके और मोबाइल को जल्द से जल्द बरामद किया जा सके।
- मध्य प्रदेश शासन के उप मुख्यमंत्री और शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने शहडोल जिले के ग्राम अंतरा स्थित कंकाली मंदिर पहुंचकर मां कंकाली के दर्शन किए। उन्होंने मंदिर में उपस्थित होकर विधि-विधान के साथ मां कंकाली की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने समस्त प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना करते हुए सभी के जीवन में उन्नति और मंगल की प्रार्थना की।1
- मध्य प्रदेश के अनूपपुर में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अर्चना कुमारी ने जिला पंचायत सभागार में जिले के प्राचार्यों की बैठक लेकर छात्र नामांकन, अपार आईडी, छात्रवृत्ति और पाठ्य पुस्तक वितरण जैसे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने संस्था प्रमुखों को समस्याओं का समन्वय कर निराकरण सुनिश्चित करने और अभियान मोड में काम करने के निर्देश दिए ताकि विद्यार्थियों को कोई असुविधा न हो। इस समीक्षा बैठक में जनजातीय कार्य विभाग की सहायक आयुक्त सुश्री सरिता नायक, जिला शिक्षा अधिकारी टी आर आर्मो, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसीसी और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। सीईओ श्रीमती अर्चना कुमारी ने ड्रॉप आउट विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़े रखने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने और सतत संपर्क बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने वर्ष 2026-27 के नामांकन में सबसे पीछे चल रहे स्कूलों के प्राचार्यों को तत्काल नामांकन पूरा करने को कहा। इसके साथ ही अपार आईडी के लिए विद्यार्थियों के दस्तावेज सुधार, जन्म प्रमाण पत्र और आधार सुधार के कार्यों को प्राथमिकता देने तथा तहसील कार्यालय से समन्वय कर त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने छात्रवृत्ति के लिए ओटीआर जनरेशन की प्रक्रिया और पोर्टल पर पाठ्य पुस्तक वितरण की प्रविष्टि को भी तत्परता से पूरा करने पर जोर दिया।1
- मंडला में नर्मदा तट पर स्थित श्री सिद्धघाट रेवा दरबार रपटा घाट से गुरुवार, 16 जुलाई को दोपहर एक बजे प्रभु श्री जगन्नाथ स्वामी की भव्य रथ यात्रा निकाली गई। इस रथ यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए और उन्होंने भगवान के दर्शन कर रथ को नगर भ्रमण कराया। इस पावन अवसर पर रथ यात्रा पर भव्य पुष्प वर्षा भी की गई। यहाँ मंदिर में भगवान जगन्नाथ जी की प्राण प्रतिष्ठा करीब दस साल पहले की गई थी, जिसके बाद से हर साल यहाँ रथ यात्रा धूमधाम से निकाली जाती है। जगतपति जगदीश्वर प्रभु श्री जगन्नाथ स्वामी के विषय में बताया गया कि जिनकी संसार में सबसे बड़ी रसोई है, जिनके मंदिर की परछाई नहीं बनती, मंदिर का ध्वज हवा की विपरीत दिशा में लहराता है और मंदिर के ऊपर से कभी पक्षी नहीं उड़ते, उनका दरबार यहाँ रपटा घाट में स्थित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास की गर्मी में शीतल जल से स्नान करने के कारण महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी बीमार हो गए थे और उन्हें जुकाम हो गया था। उपचार के लिए उन्हें प्रतिदिन दलिया और फलों का रस दिया गया। भगवान के पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद श्री सिद्धघाट रेवा दरबार रपटा घाट में विधि-विधान से उनका पूजन-अर्चन किया गया। प्रभु को काजल लगाने के बाद फलों का भोग लगाया गया और इसके बाद ही महाप्रभु की रथ यात्रा नगर भ्रमण के लिए रवाना हुई। यह रथ यात्रा श्री सिद्धघाट रेवा दरबार रपटा घाट से शुरू होकर नेहरू स्मारक, स्टेट बैंक चौराहा, लालीपुर, बस स्टैंड, चिलमन चौक, पड़ाव, उदयचौक, तहसील, सिटी कोतवाली, स्टेट बैंक चौराहा और नेहरू स्मारक होते हुए वापस सिद्धघाट रेवा दरबार पहुंची। रथ यात्रा का नगर में जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया।1
- मध्य प्रदेश के मंडला में पीएम जनमन योजना के तहत बनाई जा रही एक सड़क ने बनते-बनते ही दम तोड़ दिया है। इस बेहद घटिया निर्माण कार्य ने विकास के तमाम दावों का चेहरा मोड़कर रख दिया है। सड़क की इस खस्ताहाल स्थिति से अब पीएम जनमन योजना की कार्यप्रणाली पर भी बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। निर्माण कार्य में बरती गई इस भारी लापरवाही और घटिया दर्जे के काम ने भ्रष्टाचार की पूरी चाल को सबके सामने उजागर कर दिया है।1
- मंडला में युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर मंच पर चढ़ते समय फिसल गए। इस घटना में वे बाल-बाल बच गए।1
- मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के शहडोल जिला इकाई का जिला सम्मेलन शहडोल कार्यक्रम स्थल :होटल सूर्या इंटरनेशनल शहडोल 💐🙏 Highlight निवेदक **पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार (जिला सचिव मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ)*1
- मंडला जिला मुख्यालय के डॉ. अंबेडकर वार्ड स्थित भगवानी बाई केवलराम श्री झूलेलाल मंदिर में श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ श्री झूलेलाल चालीसा का शुभारंभ हो गया है। सिंधी समाज के रितेश पमनानी ने जानकारी दी कि मंदिर में यह धार्मिक अनुष्ठान लगातार चालीस दिनों तक निरंतर चलेगा। इस आयोजन के कारण पूरे मंदिर परिसर में पूरी तरह से भक्तिमय और उत्सव का वातावरण बना हुआ है। इस चालीस दिवसीय अनुष्ठान के दौरान प्रतिदिन सुबह और शाम को आरती, पूजा-अर्चना और श्री झूलेलाल चालीसा का पाठ किया जा रहा है, जिसमें श्रद्धालु पूरी आस्था के साथ भगवान की आराधना कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव, एकता और सेवा की भावना को बढ़ावा मिलता है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए आयोजन समिति ने सिंधी समाज सहित नगर के सभी धर्मप्रेमी नागरिकों से अपील की है कि वे प्रतिदिन मंदिर में उपस्थित होकर भगवान झूलेलाल की आराधना में शामिल हों और इस पुण्य कार्य में अपनी सहभागिता दर्ज कराएं।1
- मध्यप्रदेश के सतना जिले की मझगंवा जनपद पंचायत के निलंबित उपयंत्री सतीश सेमले ने मीडिया के सामने एक बड़ा बयान देकर हड़कंप मचा दिया है। शुक्रवार को मीडिया से बातचीत के दौरान अपने निलंबन पर भड़कते हुए उन्होंने व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए। सतीश सेमले ने सीधे तौर पर कहा, "मैं अकेला चोर नहीं पूरा सिस्टम चोर है।" इसके साथ ही रिश्वतखोरी पर खुलकर बोलते हुए उन्होंने यह भी कह दिया कि "कौन माई का लाल पैसे नहीं लेता।" उनके इस तीखे बयान ने पूरे प्रदेश का सियासी पारा हाई कर दिया है।1
- कन्नौज स्कूल में खुलेआम चुम्मा-चाटी करने वाले शिक्षक और शिक्षिका पर निलंबन की गाज गिरी है। इस मामले में शिक्षक और शिक्षिका को निलंबित कर दिया गया है और इस पूरे प्रकरण की जांच अभी भी जारी है।1