वन ग्राम को राजस्व ग्राम घोषित करने की दिशा में पहल कलेक्टर ने किया ग्राम बीजाडांडी का पैदल भ्रमण वन ग्राम को राजस्व ग्राम घोषित करने की प्रक्रिया को गति देने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा ने विकासखंड मंडला के बीजाडांडी ग्राम का दौरा किया। इस दौरान कलेक्टर श्री मिश्रा ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों से प्रत्यक्ष संवाद किया और उनकी समस्याओं, जरूरतों व अपेक्षाओं को गंभीरता से सुना। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री मिश्रा ने ग्रामीणों को वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि शासन का उद्देश्य वन ग्रामों को राजस्व ग्राम का दर्जा देकर वहां निवासरत परिवारों को भूमि अधिकार, बुनियादी सुविधाएं और शासकीय योजनाओं का समुचित लाभ दिलाना है। उन्होंने ग्रामीणों से शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली एवं पेयजल जैसी आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन ग्राम को राजस्व ग्राम घोषित करने से जुड़े सभी आवश्यक प्रस्ताव, दस्तावेज एवं प्रक्रियाएं शीघ्र पूर्ण की जाएं, ताकि ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं का पूर्ण लाभ मिल सके। कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि राजस्व ग्राम का दर्जा मिलने से ग्रामीणों को भूमि स्वामित्व, पट्टे, आवास, पेंशन, राशन कार्ड सहित अन्य शासकीय सुविधाओं में सुविधा होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शासन की मंशा के अनुरूप ग्रामीणों के हितों का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाएगा। इस अवसर पर एसडीएम मंडला श्रीमती सोनल सिडाम, जनपद पंचायत सीईओ श्रीमती प्रतिमा शुक्ला, सरपंच, सचिव सहित अन्य संबंधित मौजूद रहे।
वन ग्राम को राजस्व ग्राम घोषित करने की दिशा में पहल कलेक्टर ने किया ग्राम बीजाडांडी का पैदल भ्रमण वन ग्राम को राजस्व ग्राम घोषित करने की प्रक्रिया को गति देने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा ने विकासखंड मंडला के बीजाडांडी ग्राम का दौरा किया। इस दौरान कलेक्टर श्री मिश्रा ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों से प्रत्यक्ष संवाद किया और उनकी समस्याओं, जरूरतों व अपेक्षाओं को गंभीरता से सुना। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री मिश्रा ने ग्रामीणों को वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि शासन का उद्देश्य वन ग्रामों को राजस्व ग्राम का दर्जा देकर वहां निवासरत परिवारों को भूमि अधिकार, बुनियादी सुविधाएं और शासकीय योजनाओं का समुचित लाभ दिलाना है। उन्होंने ग्रामीणों से शिक्षा,
स्वास्थ्य, सड़क, बिजली एवं पेयजल जैसी आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन ग्राम को राजस्व ग्राम घोषित करने से जुड़े सभी आवश्यक प्रस्ताव, दस्तावेज एवं प्रक्रियाएं शीघ्र पूर्ण की जाएं, ताकि ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं का पूर्ण लाभ मिल सके। कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि राजस्व ग्राम का दर्जा मिलने से ग्रामीणों को भूमि स्वामित्व, पट्टे, आवास, पेंशन, राशन कार्ड सहित अन्य शासकीय सुविधाओं में सुविधा होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शासन की मंशा के अनुरूप ग्रामीणों के हितों का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाएगा। इस अवसर पर एसडीएम मंडला श्रीमती सोनल सिडाम, जनपद पंचायत सीईओ श्रीमती प्रतिमा शुक्ला, सरपंच, सचिव सहित अन्य संबंधित मौजूद रहे।
- Mehtab Khanकोटमा, अनूपपुर, मध्य प्रदेश👏8 hrs ago
- welcome this my new albume mandla youtober Anil maravi ji1
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- ⚠️ जबलपुर में स्वास्थ्य से खिलवाड़! विजयनगर में नकली पानी पाउच फैक्ट्री पकड़ी गई . विजयनगर, जबलपुर में प्रशासन ने एक ऐसी फैक्ट्री पर कार्रवाई की है जो बिना लाइसेंस और बिना फिल्टर सीधे बोरिंग का पानी पाउच में भरकर लोगों को बेच रही थी। . 🏭 कार्रवाई किस पर हुई? ➡️ विजयनगर स्थित पंकज ट्रेडिंग कंपनी . 🔎 छापे में क्या-क्या सामने आया? ❌ तय मानक 120 माइक्रोन की जगह ➡️ सिर्फ 65 माइक्रोन के पाउच ❌ बिना RO/फिल्टर प्रक्रिया ➡️ सीधा बोरिंग का पानी पैक ❌ स्वास्थ्य नियमों का खुला उल्लंघन . 🚨 प्रशासन की कार्रवाई 📦 करीब 500 पानी पाउच जब्त 💰 ₹1 लाख का त्वरित जुर्माना 🔒 पाउच पैकिंग मशीन सील . 👮♂️ अधिकारियों ने स्पष्ट किया— जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर जबलपुर में किसी भी कीमत पर ढील नहीं दी जाएगी। . 📍 विजयनगर, जबलपुर 🗣️ रिपोर्ट: दीपक विश्वकर्मा 📰 Sach Tak Patrika News . 👉 सच के साथ खड़ी खबरों के लिए Follow करें: @SachTakPatrikaNews Follow करें: @deepak_vishwakarma_891
- 📍जबलपुर। जबलपुर के विजयनगर क्षेत्र में नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध रूप से संचालित पानी पाउच निर्माण इकाई पर बड़ी कार्रवाई करते हुए जनस्वास्थ्य से जुड़े गंभीर उल्लंघन का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान पंकज ट्रेडिंग कंपनी नामक फर्म द्वारा बिना किसी वैध मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस के पानी पाउच बनाए जाने की पुष्टि हुई। . ↪️ बिना लाइसेंस चल रहा था प्लांट . जांच में सामने आया कि संबंधित इकाई के पास पानी पाउच निर्माण का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। इसके बावजूद लंबे समय से पानी पाउच का उत्पादन कर उसे बाजार में सप्लाई किया जा रहा था। यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य के लिए भी बड़ा खतरा है। . ↪️ तय मानकों की अनदेखी . नायब तहसीलदार रमेश कुमार कोष्टी ने बताया कि नियमों के अनुसार पानी पाउच की मोटाई कम से कम 120 माइक्रोन होनी चाहिए, जबकि पंकज ट्रेडिंग कंपनी में केवल 65 माइक्रोन मोटाई वाले पाउच बनाए जा रहे थे। इससे पाउच की गुणवत्ता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। . ↪️ बिना फिल्टर सीधे बोरिंग का पानी . सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि पाउच में भरा जा रहा पानी किसी भी प्रकार की फिल्टर या शुद्धिकरण प्रक्रिया से नहीं गुजर रहा था। पानी सीधे बोरिंग से लिया जा रहा था, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। इस तरह का पानी बीमारियों का कारण बन सकता है। . ↪️ 500 पाउच जब्त, ₹1 लाख का जुर्माना . कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक टीम ने मौके से लगभग 500 पानी पाउच जब्त किए, ₹1 लाख का स्पॉट फाइन लगाया और पानी पाउच पैकिंग मशीन को तत्काल सील कर दिया। इसके साथ ही फैक्ट्री का संचालन पूरी तरह बंद करा दिया गया। . ↪️ आगे भी जारी रहेगी सख्ती . प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जबलपुर में जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी। बिना लाइसेंस, बिना मानक और असुरक्षित तरीके से खाद्य एवं पेय पदार्थ तैयार करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। . स्थान: विजयनगर, जबलपुर रिपोर्ट: दीपक विश्वकर्मा स्रोत: Sach Tak Patrika News1
- कवर्धा शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने नगर पालिका अध्यक्ष ने स्वंय खड़ा रहकर कराया जा रहा साफ़ सफाई का कार्य1
- जिले में वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाये जाने के उपलक्ष्य में कृषि रथ का संचालन 11 जनवरी, 2026 से प्रारम्भ उमरिया/कृषि उपसंचालक संग्राम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में वर्ष 2026 को 'समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश' के रूप में कृषि वर्ष मनाया जा रहा है, जिसके तहत किसानों को नई तकनीक, योजनाओं (जैविक खेती, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, आदि) और नवाचारों की जानकारी देने के लिए कृषि रथ का संचालन 11 जनवरी, 2026 से प्रारम्भ किया जा रहा है। जो उमरिया जिले के अंतर्गत सभी विकासखण्डो के ग्राम पंचायतों में भ्रमण कर कृषि को लाभकारी बनाने के लिए कृषको के बीच जागरूकता फैलाएगा और इसके लिए जिला व ब्लॉक स्तर पर समितियां गठित की गई हैं। कृषि रथ संचालन के मुख्य उद्देश्यः किसानों की आय बढ़ाना, रोजगार सृजित करना, और कृषि को टिकाऊ व तकनीकी रूप से उन्नत बनाना। गतिविधियाँ: कृषि रथ जैविक खेती, प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, उन्नत बीज, कीट-रोग प्रबंधन, फसल विविधीकरण, कृषि आधारित उद्यमिता और पराली प्रबंधन जैसी जानकारी देगा। रबी सीजन के दौरान प्रत्येक विकासखंड में एक माह तक रथों का संचालन होगा और प्रतिदिन तीन ग्राम पंचायतों में भ्रमण किया जाएगा। कलेक्टर महोदय की अध्यक्षता में जिला स्तरीय और एसडीएम की अध्यक्षता में ब्लॉक स्तरीय समितियां बनाई गई हैं, और प्रत्येक रथ के साथ कृषि अधिकारियों और विशेषज्ञों की एक टीम होगी जो ग्राम पंचायतों में भ्रमण कर कृषि को लाभकारी बनाने के लिए जागरूकता फैलाऐंगे।1
- जिले के अजगर दादर में अनुभूति कार्यक्रम का हुआ आयोजन, जंगल से रूबरू हुए बच्चे,135 बच्चो को अनुभूति केम्प में लिया हिस्सा मण्डला जिले क़े अजगर दादर में अनुभूति कार्यक्रम का आयोजन किया गया शनिवार को दोपहर 2:00 बजे जिले के औरई ,चन्गरिया ,मानिकपुर,घोंट के स्कूल क़े करीब 135 बच्चो को अनुभूति केम्प में हिस्सा लिया।जिसमें सबसे पहले अजगर दादर मे अजगरों की दिनचर्या पर चर्चा की गई ..अजगरों को दिखाया गया ..रेंजर लतिका तिवारी ने बच्चो को वन्य प्राणी और प्रकृति क़े बारे मे जानकारी दी ..वनों मे क्यू आर कोड क़े माध्यम से पेड़ की प्रजाति से अवगत कराया गया ..वनों क़े काष्ठागार डेमो क़े मॉडल दिखाकर उनके कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई।1
- coming soon my new album mandla youtoberAnil maravi ji1
- बाजार चारभाठा के संग्रहण केंद्र में चुहे ने धान खाने वाले मामले में संग्रहण केंद्र प्रभारी निलंबित, डीएमओ को कारण बताओ जारी जिले सहित पुरे प्रदेश में चर्चित संग्रहण केंद्र बाजार चारभाठा में धान को चूहें और दिमक खाने वाले मामले संज्ञान में आने पर प्रशासन ने उक्त संग्रहण केंद्र प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ जिला विपणन अधिकारी को इस पूरे मामले को लेकर कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। वहीं जिला प्रशासन ने प्रकरण की जांच के लिए एक जांच समिति भी गठित कर दी है। शनिवार के सुबह 7:00 के आसपास मिली जानकारी अनुसार बाजार चारभाठा संग्रहण केंद्र में धान की कमी का मुख्य कारण सूखत का है। चूहों अथवा कीड़ों द्वारा खाए जाने वाली बात नहीं है, यह सूखत के कारण है। सूखत के पिछले 5 वर्षों की तुलना करें तो 2020-21 में 3.9 प्रतिशत, 2021- 22 में 3.67 प्रतिशत, 2022-23 और 23-24 में संग्रहण नहीं किया गया। 2024-25 में 3.5 प्रतिशत सुखत पाया गया जो पिछले पांच वर्षो में सबसे कम है। गठित समिति द्वारा जांच के बाद यदि कोई दोषी पाया जाता है उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1