उत्तर प्रदेश के हरदोई में 'अनुसूचित जाति' समुदाय की अंशु रानी मित्रा के लिए न्याय की ज़ोरदार माँग की जा रही है, जिसके तहत 25 मई 2026, सोमवार को सुबह 10 बजे से DM कार्यालय पर आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की गई है। न्याय न मिलने पर 'कुर्सी छोड़ो' का नारा भी बुलंद किया गया है, जबकि आरोप है कि डीएम हरदोई न्याय के मामले को टालते हुए 'भंडारा कर रहा हूँ' जैसी बात कह रहे हैं। पूरा मामला 30 अप्रैल 2024 का है, जब आरोप है कि कुछ दबंगों ने 'कृपा पुस्तकालय' पर कब्ज़ा कर लिया। इस दौरान किताबों, कंप्यूटरों, AC, CCTV और 1.5 लाख नकद सहित कुल 6 लाख रुपये की लूट की गई। घटना के दौरान अंशु रानी मित्रा के साथ जातिसूचक गालियाँ देकर मारपीट भी की गई। इस संबंध में FIR 0302/26 दर्ज होने के बावजूद, पुनीत मिश्रा, पंकज मिश्रा, राजीव मिश्रा, आनंद मिश्रा, आलोक शुक्ला और अंशुल शुक्ला सहित सभी 6 आरोपी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं। यह भी बताया गया है कि इस घटना के 25 दिन बीत जाने के बाद भी न्याय का इंतजार है। घटना से जुड़े 4 वीडियो सबूत भी मौजूद होने का दावा किया गया है, जिन्हें QR कोड स्कैन करके देखा जा सकता है। न्याय की यह लड़ाई अंशु रानी मित्रा के लिए न्याय की माँग करते हुए प्रशासन की कथित निष्क्रियता पर सवाल उठा रही है, जैसा कि हैशटैग #JusticeForAnshuRani और #DMHardoiShame से स्पष्ट है।
उत्तर प्रदेश के हरदोई में 'अनुसूचित जाति' समुदाय की अंशु रानी मित्रा के लिए न्याय की ज़ोरदार माँग की जा रही है, जिसके तहत 25 मई 2026, सोमवार को सुबह 10 बजे से DM कार्यालय पर आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की गई है। न्याय न मिलने पर 'कुर्सी छोड़ो' का नारा भी बुलंद किया गया है, जबकि आरोप
है कि डीएम हरदोई न्याय के मामले को टालते हुए 'भंडारा कर रहा हूँ' जैसी बात कह रहे हैं। पूरा मामला 30 अप्रैल 2024 का है, जब आरोप है कि कुछ दबंगों ने 'कृपा पुस्तकालय' पर कब्ज़ा कर लिया। इस दौरान किताबों, कंप्यूटरों, AC, CCTV और 1.5 लाख नकद सहित कुल 6 लाख रुपये की लूट की गई। घटना के दौरान
अंशु रानी मित्रा के साथ जातिसूचक गालियाँ देकर मारपीट भी की गई। इस संबंध में FIR 0302/26 दर्ज होने के बावजूद, पुनीत मिश्रा, पंकज मिश्रा, राजीव मिश्रा, आनंद मिश्रा, आलोक शुक्ला और अंशुल शुक्ला सहित सभी 6 आरोपी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं। यह भी बताया गया है कि इस घटना के 25 दिन बीत जाने के बाद भी न्याय
का इंतजार है। घटना से जुड़े 4 वीडियो सबूत भी मौजूद होने का दावा किया गया है, जिन्हें QR कोड स्कैन करके देखा जा सकता है। न्याय की यह लड़ाई अंशु रानी मित्रा के लिए न्याय की माँग करते हुए प्रशासन की कथित निष्क्रियता पर सवाल उठा रही है, जैसा कि हैशटैग #JusticeForAnshuRani और #DMHardoiShame से स्पष्ट है।
- उन्नाव का चर्चित उत्तम हॉस्पिटल एक बार फिर गंभीर आरोपों के चलते सुर्खियों में आ गया है। सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित इस अस्पताल के संचालक देवकांत उत्तम के खिलाफ एक पीड़िता की मां ने पुलिस अधीक्षक उन्नाव को प्रार्थना पत्र सौंपा है। इस प्रार्थना पत्र में पीड़िता की मां ने अपनी बेटी के साथ अपहरण और शोषण जैसे संगीन आरोप लगाए हैं, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में गहन चर्चा है और वे निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, देवकांत उत्तम सिर्फ अस्पताल संचालक ही नहीं बल्कि राजनीतिक गतिविधियों से भी जुड़े बताए जा रहे हैं। ऐसी भी चर्चा है कि वह वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में फतेहपुर जनपद से सक्रिय हैं। फिलहाल, पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है, हालांकि आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। GSA NEWS इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और हर अपडेट के लिए पाठकों से जुड़े रहने का आग्रह कर रहा है।1
- सुलतानपुर जिले की लम्भुआ विधानसभा सीट से पूर्व विधायक देवमणि द्विवेदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे क्षेत्र की बदहाल विद्युत व्यवस्था को लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों पर जमकर निशाना साधते दिख रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपनी नौकरी नहीं बचा पाएंगे। पूर्व विधायक देवमणि द्विवेदी ने सवाल उठाया है कि जब बिजली उत्पादन में कोई कमी नहीं है तो अघोषित बिजली कटौती क्यों की जा रही है। उनका आरोप है कि भीषण गर्मी के मौसम में भी लम्भुआ क्षेत्र में शेड्यूल के मुताबिक बिजली नहीं मिल रही और बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों कटौती की जा रही है, जिससे आम जनता बेहद परेशान है। द्विवेदी ने यह भी बताया कि बिजली आने पर भी वोल्टेज इतना कम रहता है कि न तो किसानों के नलकूप चल पा रहे हैं और न ही आम जनता के घरों के उपकरण काम कर रहे हैं, जिससे खेती और घरेलू काम, दोनों ठप पड़े हैं। उन्होंने गंभीर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी और इंजीनियर जनता की फोन कॉल तक नहीं उठाते और समस्याओं की शिकायत करने पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती।1
- राजधानी लखनऊ के थाना सुशान्त गोल्फ सिटी क्षेत्रान्तर्गत दर्ज हुई एक जीरो एफआईआर के आधार पर स्थानीय थाने में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। अपर पुलिस उपायुक्त रल्लापल्ली बसंथ कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु टीमों का गठन किया गया है, साथ ही अन्य विधिक कार्यवाही भी की जा रही है।1
- संभल के सिरसी क्षेत्र में प्रशासन ने झील की भूमि पर किए गए अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान प्रशासनिक टीम ने बुलडोजर चलाकर इन कब्जों को ध्वस्त कर दिया, और कार्रवाई के समय मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी और जल संरक्षण भूमि पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अभियान के दौरान, स्थानीय अधिकारियों ने लोगों को भविष्य में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण न करने की चेतावनी भी दी।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। इस वीडियो में एक युवक कथित तौर पर नशे की हालत में एक महिला और एक नवजात बच्चे को धमकाते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स में भारी नाराजगी देखी जा रही है, और कई लोग आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हालांकि, इस घटना का सटीक स्थान और पूरे मामले की कोई आधिकारिक पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है।1
- ग्रामिण जनता पार्टी ने लखनऊ में घर-घर और दुकानों पर जाकर लोगों को सरकारी सुविधाओं से जोड़ने की मुहिम शुरू की है। इस पहल के तहत पार्टी कार्यकर्ता जनता की समस्याओं को सुनकर उन्हें सीधे सरकारी कार्यालयों तक पहुंचाएंगे। इसका उद्देश्य लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाना है।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, 'कॉकरोच जनता पार्टी' के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है। इस याचिका में पार्टी से जुड़े मामलों की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई है। वहीं, इन घटनाक्रमों के बीच, पार्टी के संस्थापक ने घोषणा की है कि उन्हें अपने इंस्टाग्राम अकाउंट का नियंत्रण वापस मिल गया है।1
- राजधानी लखनऊ के गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र अंतर्गत अहिमामऊ स्थित मातृ-शिशु अस्पताल में सुरक्षा गार्डों की दबंगई का एक मामला सामने आया है। आरोप है कि अस्पताल के सुरक्षा गार्डों ने एक गर्भवती महिला और उसके परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार किया, और मारपीट करने पर उतारू हो गए। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अस्पताल परिसर में हंगामा और कहासुनी साफ दिखाई दे रही है। परिजनों ने अस्पताल कर्मचारियों और सुरक्षा गार्डों के रवैये को बेहद अमानवीय बताया है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार और उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री Brajesh Pathak लगातार सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दे रहे हैं। इसके बावजूद अस्पतालों में मरीजों और उनके तीमारदारों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मामले के तूल पकड़ने के बाद अस्पताल प्रशासन ने इस घटना का संज्ञान लिया है और जांच कराने की बात कही है। फिलहाल, वायरल वीडियो के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल जारी है।1
- आजमगढ़ में तमसा परिवार 2018 से हर रविवार 'एक पौधा मां के नाम' अभियान के तहत वृक्षारोपण कर रहा है। यह अनूठी पहल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है और समाज के विभिन्न वर्गों को हरियाली बढ़ाने के लिए प्रेरित करती है। इसका उद्देश्य प्रदूषण व ग्लोबल वार्मिंग से लड़ना और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण देना है।1