शनिवार को सारण जिला कांग्रेस कमेटी ने नीट पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और संवैधानिक संस्थाओं पर हमलों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। छपरा शहर के नगरपालिका चौक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने "नरेंद्र मोदी मुर्दाबाद", "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो", "नीट परीक्षा लीक पर रोक लगाओ", "प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली बंद करो", "बेरोजगारी एवं महंगाई पर रोक लगाओ" जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन से पहले, सारण जिला कांग्रेस छपरा अध्यक्ष डॉ. शंकर चौधरी और सोनपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुधीर कुमार राय के नेतृत्व में कांग्रेस भवन छपरा से एक जुलूस निकाला गया, जो नगरपालिका चौक और थाना चौक से होते हुए नगरपालिका चौक पहुंचा। सभा को संबोधित करते हुए छपरा कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. शंकर चौधरी ने आरोप लगाया कि देश का युवा, छात्र, किसान, मजदूर और आम नागरिक गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी ने करोड़ों परिवारों की उम्मीदों को तोड़ दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि युवा दिन-रात मेहनत करके परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और उनके माता-पिता अपनी गाढ़ी कमाई बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करते हैं, लेकिन प्रश्नपत्र लीक होने से लाखों युवाओं के सपने बिखर जाते हैं। डॉ. चौधरी ने इसे सिर्फ एक परीक्षा का नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और उनके विश्वास का प्रश्न बताया। सोनपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुधीर कुमार राय ने कहा कि रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल, खाद्य पदार्थों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आम जनता की कमर टूट गई है। उन्होंने यह भी बताया कि बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और पढ़े-लिखे युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए, युवाओं को न्याय मिले, महंगाई पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं और रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इस प्रदर्शन में राष्ट्रीय युवा कांग्रेस के चुनाव प्रभारी नरेंद्र शर्मा और प्रेमचंद सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि वे युवाओं, छात्रों, किसानों और मजदूरों की आवाज बनकर संघर्ष करते रहेंगे। उन्होंने देश का भविष्य सुरक्षित करने और जनता के अधिकारों की रक्षा को अपना कर्तव्य बताया। उन्होंने घोषणा की कि वे संविधान बचाने और जनता के हक और अधिकारों की लड़ाई राहुल गांधी के नेतृत्व में सड़क से लेकर सदन तक लड़ते रहेंगे और इस "निकम्मी नरेंद्र मोदी सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकेंगे"। इस विरोध प्रदर्शन में कन्हैया गिरी, ललन सिंह, हरेश यादव, मालिक प्र. यादव, अब्दुल कादिर खान, डॉ. आजाद ब्रजेंद्र सिंह, युवा नेता राहुल कुमार यादव, लालबाबू गिरी सहित दर्जनों अन्य सदस्य मौजूद थे।
शनिवार को सारण जिला कांग्रेस कमेटी ने नीट पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और संवैधानिक संस्थाओं पर हमलों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। छपरा शहर के नगरपालिका चौक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने "नरेंद्र मोदी मुर्दाबाद", "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो", "नीट परीक्षा लीक पर रोक लगाओ", "प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली बंद करो", "बेरोजगारी एवं महंगाई पर रोक लगाओ" जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन से पहले, सारण जिला कांग्रेस छपरा अध्यक्ष डॉ. शंकर चौधरी और सोनपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुधीर कुमार राय के नेतृत्व में कांग्रेस भवन छपरा से एक जुलूस निकाला गया, जो नगरपालिका चौक और थाना चौक से होते हुए नगरपालिका चौक पहुंचा। सभा को संबोधित करते हुए छपरा कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. शंकर चौधरी ने आरोप लगाया कि देश का युवा, छात्र, किसान, मजदूर और आम नागरिक गंभीर समस्याओं से जूझ
रहा है। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी ने करोड़ों परिवारों की उम्मीदों को तोड़ दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि युवा दिन-रात मेहनत करके परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और उनके माता-पिता अपनी गाढ़ी कमाई बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करते हैं, लेकिन प्रश्नपत्र लीक होने से लाखों युवाओं के सपने बिखर जाते हैं। डॉ. चौधरी ने इसे सिर्फ एक परीक्षा का नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और उनके विश्वास का प्रश्न बताया। सोनपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुधीर कुमार राय ने कहा कि रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल, खाद्य पदार्थों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आम जनता की कमर टूट गई है। उन्होंने यह भी बताया कि बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और पढ़े-लिखे युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि
पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए, युवाओं को न्याय मिले, महंगाई पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं और रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इस प्रदर्शन में राष्ट्रीय युवा कांग्रेस के चुनाव प्रभारी नरेंद्र शर्मा और प्रेमचंद सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि वे युवाओं, छात्रों, किसानों और मजदूरों की आवाज बनकर संघर्ष करते रहेंगे। उन्होंने देश का भविष्य सुरक्षित करने और जनता के अधिकारों की रक्षा को अपना कर्तव्य बताया। उन्होंने घोषणा की कि वे संविधान बचाने और जनता के हक और अधिकारों की लड़ाई राहुल गांधी के नेतृत्व में सड़क से लेकर सदन तक लड़ते रहेंगे और इस "निकम्मी नरेंद्र मोदी सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकेंगे"। इस विरोध प्रदर्शन में कन्हैया गिरी, ललन सिंह, हरेश यादव, मालिक प्र. यादव, अब्दुल कादिर खान, डॉ. आजाद ब्रजेंद्र सिंह, युवा नेता राहुल कुमार यादव, लालबाबू गिरी सहित दर्जनों अन्य सदस्य मौजूद थे।
- पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने भारत तिवारी के परिवार से मुलाकात की और न्याय की उनकी मांग का समर्थन किया। इस मुलाकात के दौरान, उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस मामले के लिए जो भी जिम्मेदार हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और न्याय बिना किसी देरी के सुनिश्चित किया जाना चाहिए।1
- भरत तिवारी की मृत्यु के उपरांत, उनकी बड़ी बहन ने बेलोटी घर में हुई बातचीत के दौरान एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उनके इस बयान को लेकर अब व्यापक चर्चा हो रही है।1
- भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत तिवारी की मौत के मामले ने बिहार की सियासत में हलचल मचा दी है। इस घटना पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने पुलिस की कार्रवाई पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए सवाल उठाया है कि यदि भरत तिवारी ने सरेंडर कर दिया था, तो उसे गोली क्यों मारी गई? चौबे ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए एक उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। अश्विनी चौबे ने जोर देकर कहा कि यह केवल एक युवक की मौत का मामला नहीं है, बल्कि कानून के राज और पुलिस की जवाबदेही से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरेंडर के बाद किसी को गोली मारना लोकतंत्र और कानून, दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। चौबे ने यह भी मांग की कि यदि पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन को 48 घंटे के भीतर कार्रवाई करने और सच्चाई सामने लाने का अल्टीमेटम भी दिया है। उनके इस बयान के बाद यह मामला और अधिक राजनीतिक रंग लेता दिख रहा है, क्योंकि सत्ता पक्ष के भीतर से ही पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल, भरत तिवारी की मौत के मामले में परिजनों, ग्रामीणों और विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से लगातार निष्पक्ष जांच, जवाबदेही और न्याय की मांग की जा रही है।2
- भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून 2026 को हुई चर्चित पुलिस मुठभेड़ मामले की जांच अब उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा की जाएगी। इस महत्वपूर्ण निर्णय के बाद पूरे बिहार की निगाहें इस जांच प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं। यह न्यायिक जांच अब इस चर्चित मामले की सच्चाई सामने लाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।1
- बलिया जनपद के नगर में अभिनेता-गायक पवन सिंह ने एक स्टेज शो प्रस्तुत किया।1
- इसुआपुर थाना क्षेत्र के टेढ़ा गांव में एक साथ तीन घरों में चोरी की वारदात हुई है। चोरों ने इन घरों से सोने-चांदी के आभूषणों के साथ-साथ नगदी रुपयों की भी चोरी की। घर वालों के अनुसार, इस चोरी की घटना में उन्हें लगभग 25 लाख रुपए तक की संपत्ति का नुकसान हुआ है।1
- बिलौटी गांव से की गई ग्राउंड जीरो रिपोर्टिंग में भरत तिवारी की मौत से संबंधित कई तथ्य सामने आए हैं। भरत तिवारी के निधन के बाद से उनके घर पर राजनेताओं का लगातार आना-जाना लगा हुआ है। संजय श्रीवास्तव द्वारा बिलौटी गांव स्थित घटना स्थल से यह रिपोर्ट दी गई है।1
- सारण जिले के लहलादपुर प्रखंड अंतर्गत दन्दासपुर गांव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं की एक भव्य बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता भाजपा के प्रखंड अध्यक्ष अजय कुमार राय ने की।1