हजारीबाग जिला समाहरणालय के सभाकक्ष में जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति (दिशा) की पूर्व निर्धारित बैठक केंद्रीय एवं महिला बाल विकास मंत्री सह कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा देवी जी की अध्यक्षता में शुरू हुई। दोपहर 12:36 बजे, केंद्रीय मंत्री ने दिशा के उपाध्यक्ष सह हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल को आगे की कार्यवाही की अध्यक्षता करने का निर्देश दिया और अपने अगले कार्यक्रमों के लिए प्रस्थान कर गईं। इसके बाद पूरी बैठक सांसद मनीष जायसवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। सांसद मनीष जायसवाल ने बैठक को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि इसका मुख्य उद्देश्य जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, जिसके तहत हर तीन महीने में विभिन्न विभागों के कार्यों का बारीकी से मूल्यांकन किया जाता है। इस बार की समीक्षा में उन्होंने तंज कसते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग खुद 'बीमार' चल रहा है, जबकि पेयजल एवं स्वच्छता तथा बिजली विभाग पूरी तरह 'फिसड्डी' साबित हुए हैं। उन्होंने वर्तमान राज्य सरकार को भी 'बैशाखी पर टिकी सरकार' कहकर निशाना साधा। इस उच्चस्तरीय बैठक में मनरेगा, अंत्योदय योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम कौशल योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी), स्वच्छ भारत मिशन, नेशनल रूरल ड्रिंकिंग वॉटर प्रोग्राम, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, श्यामा प्रसाद मुखर्जी मिशन, अटल मिशन फॉर रिन्यूएबल अर्बन ट्रांसफॉरमेशन (अमृत), प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, नेशनल हेल्थ मिशन, सर्व शिक्षा अभियान, इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट स्कीम, उज्ज्वला योजना और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत पब्लिक इंटीग्रेंट प्रोग्राम जैसी केंद्र एवं राज्य सरकार की तमाम महत्वपूर्ण योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही, रेलवे, हाईवे, वाटर वेज, माइंस से संबंधित आधारभूत संरचना निर्माण की योजना, प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना, ई-नाम, पीएमकेएसवाई और प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना जैसी बड़ी विकास परियोजनाओं की भी गहन समीक्षा की गई। बैठक के दौरान लापरवाह विभागों और अधिकारियों को कड़ी फटकार लगी, तथा विकास कार्यों को पारदर्शी बनाने और स्वास्थ्य, पेयजल व बिजली व्यवस्था सुधारने का सख्त निर्देश दिया गया। सांसद मनीष जायसवाल ने आरईओ के कार्यपालक अभियंता की अनुपस्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए सख्त सवाल उठाए और निर्देश दिया कि सड़कों के शिलान्यास एवं उद्घाटन कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति अनिवार्य हो। उन्होंने एनएचएआई अधिकारियों को जिले के सभी सर्विस लेन तत्काल दुरुस्त करने, प्रखंड स्तर पर कैंप लगाकर दिव्यांगजनों के लिए विकलांगता प्रमाण पत्र जारी करने तथा बीज, खाद एवं कृषि उपकरणों के वितरण को पूरी तरह पारदर्शी बनाने का भी निर्देश दिया। हजारीबाग शहरी जलापूर्ति योजना को लेकर जिला प्रशासन और नगर निगम को एल एंड टी कंपनी के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग का निर्देश मिला। मंडई स्थित डंपिंग यार्ड में कचरा और वैक्यूम गाड़ियों को विशेष रूप से प्रोटेक्टिव बनाने, जिले के शत-प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्रों को उन्नत केंद्रों में तब्दील करने और सभी दिव्यांगजनों को चिन्हित कर उन्हें मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने की बात भी कही गई। समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य, बिजली और बैंकिंग सेक्टर के अधिकारियों को भारी विरोध और फटकार का सामना करना पड़ा। सिविल सर्जन और शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डिप्टी सुप्रिटेंडेंट बिना सटीक आंकड़ों के बैठक में पहुंचे, जिस पर सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से ताली बजाकर उनकी कुव्यवस्था का अनोखे अंदाज में प्रतिकार किया। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को खराब चापानलों और ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं को तुरंत सुदृढ़ करने की हिदायत दी गई। बिजली विभाग पर तंज कसते हुए सांसद ने कहा कि विभाग इतनी 'बेहतर' बिजली दे रहा है कि जनता परेशान है, और लोहसिंघना फीडर में विभागीय लापरवाही से सैकड़ों उपभोक्ताओं के एसी, कूलर व पंखे जलने का मुद्दा जोर-शोर से उठा। बिजली अधिकारियों द्वारा 20-22 घंटे बिजली देने के दावे को सदन के सभी सदस्यों ने एक स्वर में झूठ बताते हुए कड़ी लताड़ लगाई। मुद्रा लोन में शिथिलता बरतने पर बैंक अधिकारियों को भी फटकार झेलनी पड़ी। इस महत्वपूर्ण बैठक में सांसद मनीष जायसवाल के साथ बरही विधायक मनोज कुमार यादव, बगोदर विधायक नागेन्द्र महतो, बरकट्ठा विधायक अमित कुमार यादव, सदर विधायक प्रदीप प्रसाद, बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी, मांडू विधायक निर्मल महतो उर्फ तिवारी महतो, जिला परिषद अध्यक्ष उमेश मेहता, जिला परिषद उपाध्यक्ष किशुन यादव और मेयर अरविंद राणा उपस्थित थे। प्रशासनिक अधिकारियों में उपायुक्त हेमंत सती, पुलिस अधीक्षक अमन कुमार, उपविकास आयुक्त रिया सिंह सहित कई अन्य वरीय अधिकारी और दिशा समिति के सम्मानित सदस्य भी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
हजारीबाग जिला समाहरणालय के सभाकक्ष में जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति (दिशा) की पूर्व निर्धारित बैठक केंद्रीय एवं महिला बाल विकास मंत्री सह कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा देवी जी की अध्यक्षता में शुरू हुई। दोपहर 12:36 बजे, केंद्रीय मंत्री ने दिशा के उपाध्यक्ष सह हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल को आगे की कार्यवाही की अध्यक्षता करने का निर्देश दिया और अपने अगले कार्यक्रमों के लिए प्रस्थान कर गईं। इसके बाद पूरी बैठक सांसद मनीष जायसवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। सांसद मनीष जायसवाल ने बैठक को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि इसका मुख्य उद्देश्य जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, जिसके तहत हर तीन महीने में विभिन्न विभागों के कार्यों का बारीकी से मूल्यांकन किया जाता है। इस बार की समीक्षा में उन्होंने तंज कसते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग खुद 'बीमार' चल रहा है, जबकि पेयजल एवं स्वच्छता तथा बिजली विभाग पूरी तरह 'फिसड्डी' साबित हुए हैं। उन्होंने वर्तमान राज्य सरकार को भी 'बैशाखी पर टिकी सरकार' कहकर निशाना साधा। इस उच्चस्तरीय बैठक में मनरेगा, अंत्योदय योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम कौशल योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी), स्वच्छ भारत मिशन, नेशनल रूरल ड्रिंकिंग वॉटर प्रोग्राम, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, श्यामा प्रसाद मुखर्जी मिशन, अटल मिशन फॉर रिन्यूएबल अर्बन ट्रांसफॉरमेशन (अमृत), प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, नेशनल हेल्थ मिशन, सर्व शिक्षा अभियान, इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट स्कीम, उज्ज्वला योजना और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत पब्लिक इंटीग्रेंट प्रोग्राम जैसी केंद्र एवं राज्य सरकार की तमाम महत्वपूर्ण योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही, रेलवे, हाईवे, वाटर वेज, माइंस से संबंधित आधारभूत संरचना निर्माण की योजना, प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना, ई-नाम, पीएमकेएसवाई और प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना जैसी बड़ी विकास परियोजनाओं की भी गहन समीक्षा की गई। बैठक के दौरान लापरवाह विभागों और अधिकारियों को कड़ी फटकार लगी, तथा विकास कार्यों को पारदर्शी बनाने और स्वास्थ्य, पेयजल व बिजली व्यवस्था सुधारने का सख्त निर्देश दिया गया। सांसद मनीष जायसवाल ने आरईओ के कार्यपालक अभियंता की अनुपस्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए सख्त सवाल उठाए और निर्देश दिया कि सड़कों के शिलान्यास एवं उद्घाटन कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति अनिवार्य हो। उन्होंने एनएचएआई अधिकारियों को जिले के सभी सर्विस लेन तत्काल दुरुस्त करने, प्रखंड स्तर पर कैंप लगाकर दिव्यांगजनों के लिए विकलांगता प्रमाण पत्र जारी करने तथा बीज, खाद एवं कृषि उपकरणों के वितरण को पूरी तरह पारदर्शी बनाने का भी निर्देश दिया। हजारीबाग शहरी जलापूर्ति योजना को लेकर जिला प्रशासन और नगर निगम को एल एंड टी कंपनी के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग का निर्देश मिला। मंडई स्थित डंपिंग यार्ड में कचरा और वैक्यूम गाड़ियों को विशेष रूप से प्रोटेक्टिव बनाने, जिले के शत-प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्रों को उन्नत केंद्रों में तब्दील करने और सभी दिव्यांगजनों को चिन्हित कर उन्हें मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने की बात भी कही गई। समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य, बिजली और बैंकिंग सेक्टर के अधिकारियों को भारी विरोध और फटकार का सामना करना पड़ा। सिविल सर्जन और शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डिप्टी सुप्रिटेंडेंट बिना सटीक आंकड़ों के बैठक में पहुंचे, जिस पर सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से ताली बजाकर उनकी कुव्यवस्था का अनोखे अंदाज में प्रतिकार किया। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को खराब चापानलों और ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं को तुरंत सुदृढ़ करने की हिदायत दी गई। बिजली विभाग पर तंज कसते हुए सांसद ने कहा कि विभाग इतनी 'बेहतर' बिजली दे रहा है कि जनता परेशान है, और लोहसिंघना फीडर में विभागीय लापरवाही से सैकड़ों उपभोक्ताओं के एसी, कूलर व पंखे जलने का मुद्दा जोर-शोर से उठा। बिजली अधिकारियों द्वारा 20-22 घंटे बिजली देने के दावे को सदन के सभी सदस्यों ने एक स्वर में झूठ बताते हुए कड़ी लताड़ लगाई। मुद्रा लोन में शिथिलता बरतने पर बैंक अधिकारियों को भी फटकार झेलनी पड़ी। इस महत्वपूर्ण बैठक में सांसद मनीष जायसवाल के साथ बरही विधायक मनोज कुमार यादव, बगोदर विधायक नागेन्द्र महतो, बरकट्ठा विधायक अमित कुमार यादव, सदर विधायक प्रदीप प्रसाद, बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी, मांडू विधायक निर्मल महतो उर्फ तिवारी महतो, जिला परिषद अध्यक्ष उमेश मेहता, जिला परिषद उपाध्यक्ष किशुन यादव और मेयर अरविंद राणा उपस्थित थे। प्रशासनिक अधिकारियों में उपायुक्त हेमंत सती, पुलिस अधीक्षक अमन कुमार, उपविकास आयुक्त रिया सिंह सहित कई अन्य वरीय अधिकारी और दिशा समिति के सम्मानित सदस्य भी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
- राघव चड्ढा ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) जॉइन कर ली है। वे अब भाजपा सरकार में शामिल हो गए हैं।1
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- गोपालगंज में ऑर्केस्ट्रा से 40 नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया गया है। यह कार्रवाई पुलिस द्वारा 15 अलग-अलग जगहों पर की गई छापेमारी के बाद हुई, जिसमें कुल 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन अभियानों के परिणामस्वरूप अब तक कुल 86 लड़कियों को छुड़ाया जा चुका है।1