पांच माह से प्रोत्साहन राशि लंबित, आशा कार्यकर्ताओं में आक्रोश; सितंबर तक भुगतान नहीं तो हड़ताल की चेतावनी चांदन/बांका। ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाने वाली आशा कार्यकर्ता और आशा फैसिलिटेटर इन दिनों अपने लंबित प्रोत्साहन एवं पारितोषिक राशि को लेकर आर्थिक संकट और आक्रोश से गुजर रही हैं। चांदन प्रखंड क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि उन्हें दैनिक स्वास्थ्य सेवाओं के एवज में मिलने वाली प्रोत्साहन राशि करीब पांच माह से लंबित है। वहीं राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली पारितोषिक राशि के भुगतान को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि कोरोना संक्रमण के कठिन दौर में जब लोग घरों से निकलने से डरते थे, उस समय आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी जान जोखिम में डालकर घर-घर सर्वे, संक्रमित लोगों की जानकारी जुटाने, टीकाकरण एवं जागरूकता अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की पहुंच मजबूत करने में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण रही है। जन्म से मृत्यु तक स्वास्थ्य विभाग के काम में भूमिका आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि उनसे केवल एक-दो काम नहीं, बल्कि गर्भवती महिलाओं की देखभाल से लेकर प्रसव, नवजात एवं बच्चों के टीकाकरण, परिवार नियोजन, स्वास्थ्य जागरूकता, एनसीडी स्क्रीनिंग समेत कई कार्यक्रमों में काम लिया जाता है। इसके अलावा आधार से संबंधित कार्य और भाव्या पोर्टल पर ऑनलाइन एंट्री जैसे काम भी करने का दबाव रहता है।उनका कहना है कि कई आशा कार्यकर्ता कम पढ़ी-लिखी हैं। इसके बावजूद परिवार के सदस्यों की मदद लेकर ऑनलाइन पोर्टल पर एंट्री सहित विभाग द्वारा दिए गए कार्यों को पूरा करती हैं। इसके बदले मिलने वाली राशि समय पर नहीं मिलने से परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है।राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार की आधिकारिक जानकारी के अनुसार आशा कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 53 प्रकार के प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन दिए जाते हैं। बिहार में राज्य फंड से अतिरिक्त प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन का भी प्रावधान है। *वहीं केंद्र सरकार के उपलब्ध दस्तावेजों में भी बिहार के लिए राज्य फंड से आशा एवं आशा फैसिलिटेटर को अतिरिक्त प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन का प्रावधान दर्ज है* *काम का दबाव, भुगतान पर चुप्पी का आरोप* आशा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कार्य में किसी प्रकार की कमी होने पर अस्पताल स्तर से चयन मुक्त करने तक की चेतावनी दी जाती है। उनका कहना है कि काम नहीं करने पर कार्रवाई की बात कही जाती है, लेकिन महीनों से लंबित प्रोत्साहन राशि के भुगतान को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जाता।एक आशा कार्यकर्ता ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के लिए लगातार काम करने के बावजूद भुगतान के लिए बार-बार कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि इतनी कम राशि में परिवार चलाने वाली आशा कार्यकर्ताओं के लिए पांच माह का भुगतान लंबित रहना गंभीर आर्थिक परेशानी है। *सितंबर तक भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन* आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि सितंबर माह तक लंबित प्रोत्साहन एवं पारितोषिक राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो वे सामूहिक रूप से हड़ताल करने को मजबूर होंगी।कार्यकर्ताओं ने राज्य स्वास्थ्य विभाग और सरकार से मामले में हस्तक्षेप करते हुए लंबित भुगतान की जांच कराकर जल्द राशि जारी करने की मांग की है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस आशा कार्यकर्ता के माध्यम से सरकार गांव-गांव तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने का दावा करती है, उसी कार्यकर्ता की मेहनत की राशि महीनों तक लंबित क्यों है? चांदन की आशा कार्यकर्ताओं की यह शिकायत अब केवल स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और महिला स्वास्थ्य कर्मियों के भुगतान से जुड़ा बड़ा सवाल बनती जा रही है। रिपोर्ट उमाकांत पोद्दार
पांच माह से प्रोत्साहन राशि लंबित, आशा कार्यकर्ताओं में आक्रोश; सितंबर तक भुगतान नहीं तो हड़ताल की चेतावनी चांदन/बांका। ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाने वाली आशा कार्यकर्ता और आशा फैसिलिटेटर इन दिनों अपने लंबित प्रोत्साहन एवं पारितोषिक राशि को लेकर आर्थिक संकट और आक्रोश से गुजर रही हैं। चांदन प्रखंड क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि उन्हें दैनिक स्वास्थ्य सेवाओं के एवज में मिलने वाली प्रोत्साहन राशि करीब पांच माह से लंबित है। वहीं राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली पारितोषिक राशि के भुगतान को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि कोरोना संक्रमण के कठिन दौर में जब लोग घरों से निकलने से डरते थे, उस समय आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी जान जोखिम में डालकर घर-घर सर्वे, संक्रमित लोगों की जानकारी जुटाने, टीकाकरण एवं जागरूकता अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की पहुंच मजबूत करने में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण रही है। जन्म से मृत्यु तक स्वास्थ्य विभाग के काम में भूमिका आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि उनसे केवल एक-दो काम नहीं, बल्कि गर्भवती महिलाओं की देखभाल से लेकर प्रसव, नवजात एवं बच्चों के टीकाकरण, परिवार नियोजन, स्वास्थ्य जागरूकता, एनसीडी स्क्रीनिंग समेत कई कार्यक्रमों में काम लिया जाता है। इसके अलावा आधार से संबंधित कार्य और भाव्या पोर्टल पर ऑनलाइन एंट्री जैसे काम भी करने का दबाव रहता है।उनका कहना है कि कई आशा कार्यकर्ता कम पढ़ी-लिखी हैं। इसके बावजूद परिवार के सदस्यों की मदद लेकर ऑनलाइन पोर्टल पर एंट्री सहित विभाग द्वारा दिए गए कार्यों को पूरा करती हैं। इसके बदले मिलने वाली राशि समय पर नहीं मिलने से परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है।राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार की आधिकारिक जानकारी के अनुसार आशा कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 53 प्रकार के प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन दिए जाते हैं। बिहार में राज्य फंड से अतिरिक्त प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन का भी प्रावधान है। *वहीं केंद्र सरकार के उपलब्ध दस्तावेजों में भी बिहार के लिए राज्य फंड से आशा एवं आशा फैसिलिटेटर को अतिरिक्त प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन का प्रावधान दर्ज है* *काम का दबाव, भुगतान पर चुप्पी का आरोप* आशा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कार्य में किसी प्रकार की कमी होने पर अस्पताल स्तर से चयन मुक्त करने तक की चेतावनी दी जाती है। उनका कहना है कि काम नहीं करने पर कार्रवाई की बात कही जाती है, लेकिन महीनों से लंबित प्रोत्साहन राशि के भुगतान को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जाता।एक आशा कार्यकर्ता ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के लिए लगातार काम करने के बावजूद भुगतान के लिए बार-बार कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि इतनी कम राशि में परिवार चलाने वाली आशा कार्यकर्ताओं के लिए पांच माह का भुगतान लंबित रहना गंभीर आर्थिक परेशानी है। *सितंबर तक भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन* आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि सितंबर माह तक लंबित प्रोत्साहन एवं पारितोषिक राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो वे सामूहिक रूप से हड़ताल करने को मजबूर होंगी।कार्यकर्ताओं ने राज्य स्वास्थ्य विभाग और सरकार से मामले में हस्तक्षेप करते हुए लंबित भुगतान की जांच कराकर जल्द राशि जारी करने की मांग की है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस आशा कार्यकर्ता के माध्यम से सरकार गांव-गांव तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने का दावा करती है, उसी कार्यकर्ता की मेहनत की राशि महीनों तक लंबित क्यों है? चांदन की आशा कार्यकर्ताओं की यह शिकायत अब केवल स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और महिला स्वास्थ्य कर्मियों के भुगतान से जुड़ा बड़ा सवाल बनती जा रही है। रिपोर्ट उमाकांत पोद्दार
- 🔱 श्लोक के जन्मदिन पर बाबा गोपेश्वर बमफोड़ महादेव का हुआ भव्य श्रृंगार, गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे! 🙏🚩 📍 बांका: बुधवार को राहुल सिन्हा के पुत्र श्लोक सिन्हा के जन्मदिन की खुशी में बाबा गोपेश्वर बमफोड़ महादेव का विधिवत रुद्राभिषेक एवं श्रृंगार पूजा आयोजित की गई। 🕉️ 🙏 इस धार्मिक आयोजन में वार्ड नंबर 14 की पार्षद सुनीता गुप्ता पूरे परिवार के साथ शामिल हुईं और बाबा भोलेनाथ की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। वहीं समाजसेवी एवं शिव भक्त ओमप्रकाश गुप्ता भी मौजूद रहे। 🌺 रुद्राभिषेक और श्रृंगार पूजा के दौरान मंदिर परिसर भक्तिभाव से सराबोर नजर आया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से श्लोक सिन्हा के उज्ज्वल भविष्य, सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना की। 🔱 📲 बांका की हर छोटी-बड़ी खबर के लिए जुड़े रहें — बांका टुडे न्यूज़ डिजिटल के साथ।1
- ट्यूशन पढ़ाने के दौरान छात्रा से हुआ प्रेम, साथ पकड़े जाने के बाद मंदिर में हुई शादी।1
- प्रमुख द्वारा के-मेगामार्ट माॅल का उद्घाटन प्रसन्नता पूर्वक किया गया1
- मिनी ग्रैंड फैक्ट्री का गुड्डा में चल रहा था मुंगेर से भी बड़ा खेल पूरा खेल का हुआ पर्दाफाश मिर्जापुर से भी ज्यादा मात्रा में झारखंड के गोड्डा जिला में क**ट्टा का निर्माण हो का खेल चल रहा था झारखंड और बिहार के पुलिस सुबह से कर रही है छापेमारी बहुत जल्द होगा बड़ा खुलासा #वायरल1
- िग्ध शव मिलने से हङकम संग्रामपुर मुंगेर बिहार देख Samrat Choudhary1
- सीएम व केंद्रीय कृषि मंत्री के संभावित दौरे को लेकर तैयारी तेज मुख्यमंत्री बिहार सम्राट चौधरी एवं केंद्रीय कृषि मंत्री के 16 सितंबर को मुंगेर जिले के नौवागढ़ी-शीतलपुर स्थित +2 उच्च विद्यालय, सीताकुण्ड में संभावित भ्रमण कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा, डीआईजी राकेश कुमार, जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर एवं एसपी सैयद इमरान मसूद ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल की भौतिक स्थिति, आगमन मार्ग, पार्किंग, बैरिकेडिंग समेत अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। सभी को पूरी सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने बताया कि 16 सितंबर को मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय कृषि मंत्री का मुंगेर भ्रमण कार्यक्रम संभावित है। इस दौरान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से विस्थापित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और वर्तमान स्थिति की जानकारी लेने की संभावना है। संभावित कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता समेत सभी बिंदुओं पर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।1
- राँची में बड़ा एक्शन! HEC साइड 5 खाली कराने पहुंचा प्रशासन। राँची के हेवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन (HEC) इलाके के साइड-5 में अवैध कब्जों और निर्माण के खिलाफ जिला प्रशासन का बुलडोजर एक्शन लगातार जारी है। सरकारी जमीन पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह बड़ी कार्रवाई की गई। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल देखा गया, जहां प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अवैध निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1
- 🔥 17 सितंबर की शाम बांका में कुछ ऐसा होने वाला है, जो हर घर को रोशन करेगा! 🪔 🇮🇳 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को लेकर बांका में उत्साह का माहौल है। भाजपा महिला मोर्चा, बिहार की प्रदेश प्रवक्ता एवं भाजपा नेत्री रीमा सिंह ने बांका वासियों से खास अपील की है। 🪔 17 सितंबर की शाम अपने घर के द्वार पर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाएं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं निरंतर राष्ट्रसेवा के लिए मंगलकामना करें। 🙏 रीमा सिंह ने जिलेवासियों से इस पहल में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दीप प्रज्वलन शुभकामना और मंगलकामना का प्रतीक है। 📍 बांका से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए जुड़े रहें—बांका टुडे न्यूज़ डिजिटल के साथ।1