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कोटा शहर में इस समय भीषण पेयजल संकट व्याप्त है, जिसके चलते स्टूडेंट और आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चिलचिलाती गर्मी के दौरान शहर के कई स्थानों पर लगे वाटर कूलर खराब पड़े हैं, जिसके कारण लोगों को गर्म पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कई जगहों पर तो मौजूद पानी भी खत्म हो गया, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। इस स्थिति से सबसे ज़्यादा परेशानी स्टूडेंट्स को हुई, जो लंबे समय तक पानी का इंतजार करते देखे गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जलदाय विभाग द्वारा कहीं भी वैकल्पिक पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिसके कारण लोग पूरे दिन परेशान होते रहे। आमजन ने प्रशासन से जल्द से जल्द पेयजल व्यवस्था को सुचारू करने और खराब पड़े वाटर कूलरों को ठीक करवाने की मांग की है।
Dushyant singh gehlot (journal
कोटा शहर में इस समय भीषण पेयजल संकट व्याप्त है, जिसके चलते स्टूडेंट और आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चिलचिलाती गर्मी के दौरान शहर के कई स्थानों पर लगे वाटर कूलर खराब पड़े हैं, जिसके कारण लोगों को गर्म पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कई जगहों पर तो मौजूद पानी भी खत्म हो गया, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। इस स्थिति से सबसे ज़्यादा परेशानी स्टूडेंट्स को हुई, जो लंबे समय तक पानी का इंतजार करते देखे गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जलदाय विभाग द्वारा कहीं भी वैकल्पिक पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिसके कारण लोग पूरे दिन परेशान होते रहे। आमजन ने प्रशासन से जल्द से जल्द पेयजल व्यवस्था को सुचारू करने और खराब पड़े वाटर कूलरों को ठीक करवाने की मांग की है।
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- इस वर्ष ज्योतिष अनुसार चंद्रमा को मेघों का स्वामी बताया गया है, जिसके कारण धरती पर जल संतुलन मजबूत होने और कई क्षेत्रों में अच्छी वर्षा के योग बनने की बात कही गई है। चंद्रमा को जल तत्व, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का कारक माना जाता है। ज्योतिष में नवतपा को वर्षा का 'गर्भकाल' कहा गया है, और ऐसी मान्यता है कि नवतपा जितना प्रभावशाली होता है, मानसून भी उतना ही सक्रिय रहता है। इस बार ग्रहों की स्थिति और वातावरणीय संकेत अच्छी वर्षा की ओर स्पष्ट इशारा कर रहे हैं। जून में वर्षा की संभावित तिथियाँ 2, 9 और 15 जून बताई गई हैं। विशेष रूप से 22 और 23 जून को भारत के अनेक राज्यों में भारी बारिश के प्रबल योग बन रहे हैं, जिससे कई क्षेत्रों में तेज वर्षा, गर्जना और मौसम में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, वर्षा ऋतु केवल मौसम ही नहीं बदलती, बल्कि घर की ऊर्जा को भी प्रभावित करती है। बारिश के दिनों में यदि घर में सीलन, गंदा पानी, टूटी वस्तुएं और अव्यवस्था बढ़ जाए तो नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय होने लगती है। वास्तु शास्त्र यह भी मानता है कि वर्षा का जल केवल प्रकृति का वरदान नहीं है, बल्कि ऊर्जा शुद्धि का माध्यम भी है। सही दिशा में बहता जल घर में समृद्धि, शांति और सकारात्मकता बढ़ाता है।1
- सीजफायर और समझौते के लिए बातचीत के 'दिखावे' के बीच, कल रात अमेरिका ने दक्षिणी ईरान पर बड़ा हमला किया है। इस हमले का बहाना यह बनाया गया है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में माइंस बिछाने का काम कर रहा था। इन घटनाओं के साथ ही, ईरान की शीर्ष लीडरशिप के मॉस्को जाने की खबरें सामने आई हैं, जबकि चार बड़े सेना अधिकारियों के 'शहीद' होने की खबरें भी 'चलाई जा रही' हैं। जवाब में, 'बताया जाता है' कि ईरान ने इज़राइल पर 400 से अधिक मिसाइलों से एक बड़ा हमला किया है। इस बीच, एक महत्वपूर्ण 'डिस्क्लेमर' भी जारी किया गया है जिसमें कहा गया है कि इज़राइल पर ईरान के हमले का जो वीडियो 'बताया जा रहा' है, वह 'एआई जेनरेटेड या फर्जी' भी हो सकता है। इन सभी घटनाक्रमों के बीच, पश्चिम एशिया में एक बार फिर 'युद्ध के बादल मंडरा' रहे हैं।1
- बंगाल में मुस्लिम समुदाय ने घोषणा की है कि वे अब गाय न खरीदेंगे और न ही बेचेंगे, क्योंकि वे हिंदू भाइयों द्वारा गाय को माता मानने के सम्मान में यह कदम उठा रहे हैं। इस घोषणा के परिणामस्वरूप, हजारों गायों को बाजारों से वापस भेजा जा रहा है। इसके बाद, सरकार के प्रतिनिधियों ने प्रेस से बात करते हुए स्पष्ट किया है कि बंगाल में गाय काटने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि यह कुर्बानी तभी हो सकती है जब गाय 14 साल से छोटी न हो और एक पशु चिकित्सक इसका प्रमाण पत्र जारी कर दे। इस घटनाक्रम के मद्देनजर भाजपा पर सवाल उठाए गए हैं, यह कहते हुए कि यह वही भाजपा है जो हिंदी भाषी राज्यों में गाय के नाम पर 'तांडव' मचाती है। टिप्पणी में यह भी पूछा गया है कि क्या यही भाजपा का 'सनातन' है।1
- 'विशेष सुहलका बिल्डिंग' की 18 मंजिला निर्माण प्रक्रिया से संबंधित सामग्री प्रस्तुत करने वाले एक वायरल यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करने का अनुरोध किया गया है।1
- जैन मुनि की हत्या को लेकर जैन समाज में तीव्र आक्रोश व्याप्त है। कोटा के जैन समाज ने इस घटना पर गहरा गुस्सा व्यक्त करते हुए सरकार से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की पुरज़ोर माँग की है। समाज ने यह भी सुनिश्चित करने की अपील की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, जिसके लिए जैन मुनियों की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया जाए।1
- जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ सात जन्मों की कसमें खाकर जीवनसाथी बनी पत्नी ने पति के पीठ पीछे ऐसा कदम उठाया जिसने पूरे परिवार को शर्मसार कर दिया है। हाल ही में हुई शादी के बाद, पति परिवार की जिम्मेदारियां उठाने और पेट पालने के लिए परदेस कमाने चला गया था। पति के जाने के बाद, पत्नी ने रात के अंधेरे में अपने गाँव के ही प्रेमी को घर बुला लिया। रात के सन्नाटे में चल रहा यह सिलसिला ज्यादा देर तक छिपा नहीं रह सका, और आधी रात को अचानक घरवालों को किसी की मौजूदगी की भनक लग गई। परिजनों ने जब जाकर देखा, तो उनके होश उड़ गए क्योंकि उन्होंने बहू और उसके प्रेमी को आपत्तिजनक स्थिति में रंगे हाथ पकड़ लिया। गुस्से में आगबबूला हुए परिजनों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पत्नी और उसके प्रेमी दोनों को पकड़कर रस्सी से बांध दिया। इस पूरी घटना में सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह रही कि रंगे हाथ पकड़े जाने और बंधक बनाए जाने के बावजूद महिला को अपनी इस हरकत पर कोई पछतावा नहीं दिखा। वह अब भी अपनी जिद पर अड़ी हुई है और उसके तेवर बदलने का नाम नहीं ले रहे हैं। यह घटना अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है, जहाँ लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं।1
- कोटा शहर के तलवंडी वार्ड-71 सेक्टर-2 स्थित बरथुनिया क्लीनिक अस्पताल के पास मंगलवार को बिजली विभाग के एक ट्रांसफॉर्मर में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। इस घटना के लिए स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का सीधा आरोप लगाया है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इस ट्रांसफॉर्मर में पहले भी कई बार आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन बिजली वितरण कंपनी द्वारा अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। अस्पताल के ठीक पास ट्रांसफॉर्मर होने के कारण लगातार किसी बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। आरोप है कि बिजली वितरण कंपनी केईडीएल को सूचना देने के बावजूद विभागीय कर्मचारी मौके पर देर से पहुंचे। आग की भयावहता को देखते हुए, आसपास के लोगों ने खुद मिट्टी डालकर और आग बुझाने वाले उपकरणों की सहायता से आग बुझाने का प्रयास किया, पर वे सफल नहीं हो पाए। स्थानीय निवासी दुष्यंत सिंह गहलोत द्वारा तत्काल सूचना दिए जाने पर, अग्निशमन विभाग के मुख्य अधिकारी राकेश व्यास के निर्देश पर फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम लगभग 10 मिनट में मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास ने बताया कि ट्रांसफॉर्मर में तेल और हाई वोल्टेज होने के कारण विस्फोट का खतरा बना रहता है, इसलिए लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए और तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना देनी चाहिए। उन्होंने आमजन को भी आग बुझाने के प्राथमिक संसाधन अपने आसपास रखने की सलाह दी ताकि शुरुआती स्तर पर आग को नियंत्रित किया जा सके। अस्पताल संचालक डॉ. निरल ने बताया कि ट्रांसफॉर्मर को हटाने के लिए पूर्व में भी बिजली विभाग को आवेदन देकर चेतावनी दी गई थी, क्योंकि बार-बार आग लगने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। भविष्य में किसी भी जनहानि से बचने के लिए स्थानीय लोगों ने इस ट्रांसफॉर्मर को तत्काल वहां से हटाने की जोरदार मांग की है।4
- राजस्थान के कोटा में जेके सिंथेटिक फैक्ट्री के आसपास झाड़ियों में आग लग गई है। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है। यह उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले भी इसी स्थान पर आग लगने की घटना हुई थी। यह फैक्ट्री लगभग 29 साल पहले बंद हो चुकी है, और इसके मजदूर पिछले सवा साल से अपने बकाया भुगतान की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इस बीच, केडीए ने इस फैक्ट्री को अडॉप्ट कर लिया है।1
- कोटा शहर के आरकेपुरम थाना और आबकारी विभाग की एक संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए न्यायालय के आदेश पर 78 प्रकरणों में जब्त की गई अवैध देशी, अंग्रेजी और हथकढ़ शराब को नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई आरकेपुरम थाना परिसर के पास एक खाली जगह पर संपन्न हुई। जिला पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने जानकारी दी कि यह विशेष अभियान के तहत की गई कार्रवाई थी। शराब नष्ट करने की पूरी प्रक्रिया थानाधिकारी सिद्धार्थ श्रीवास्तव और जिला आबकारी अधिकारी सरिता सिंह की मौजूदगी में हुई। इस अभियान के तहत 4800 पव्वे देशी शराब, अंग्रेजी शराब की 8 बोतलें, 18 हाफ और 417 पव्वे, 27 बीयर बोतलें, 20 लीटर हथकढ़ शराब, 210 लीटर स्प्रिट से बनी शराब, और 1600 किलो शराब बनाने की स्प्रिट को नष्ट किया गया। इसके साथ ही, शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले अन्य सामान को भी नष्ट कर दिया गया।1