20 घंटे बाद खुला राजनगर का जाम: मुआवजा, आश्वासन और सख्त चेतावनी के साथ थमा आंदोलन राजनगर: करीब 20 घंटे तक ठप रही राजनगर की मुख्य सड़क पर आखिरकार शुक्रवार दोपहर लगभग 3 बजे यातायात बहाल हो गया। प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नेताओं के लगातार प्रयासों के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम हटाने पर सहमति जताई। मौके पर एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट सत्येंद्र महतो, SDPO समीर सवाईयाँ, CO व BDO राजनगर, सरायकेला व राजनगर के थाना प्रभारी तथा JLKM नेता प्रेम मार्डी मौजूद रहे। सभी ने प्रदर्शनकारियों और पीड़ित परिजनों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने की दिशा में पहल की। इस दौरान सिंहभूम सांसद जोबा माझी के सहयोग से पीड़ित परिवार को तत्काल 1 लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई गई। मुआवजा मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम समाप्त करने का निर्णय लिया। हालांकि आंदोलन समाप्त करने से पहले ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने कई अहम मांगें रखीं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस मार्ग पर ओवरलोड और तेज रफ्तार भारी वाहनों पर तत्काल नियंत्रण जरूरी है। साथ ही हर बुधवार को लगने वाले साप्ताहिक हाट के दौरान भारी वाहनों के लिए NO ENTRY लागू करने की मांग की गई, ताकि बाजार के दिन आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कंपनियों के भारी वाहन नियमों की अनदेखी करते हुए तेज गति और ओवरलोड होकर गुजरते हैं, जिससे लगातार हादसों का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से सख्त निगरानी और नियम उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। फिलहाल जाम हटने से आमजन को राहत मिली है और यातायात सामान्य हो गया है, लेकिन ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार, हाट के दिन NO ENTRY और भारी वाहनों पर नियंत्रण को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में फिर से आंदोलन किया जाएगा।
20 घंटे बाद खुला राजनगर का जाम: मुआवजा, आश्वासन और सख्त चेतावनी के साथ थमा आंदोलन राजनगर: करीब 20 घंटे तक ठप रही राजनगर की मुख्य सड़क पर आखिरकार शुक्रवार दोपहर लगभग 3 बजे यातायात बहाल हो गया। प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नेताओं के लगातार प्रयासों के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम हटाने पर सहमति जताई। मौके पर एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट सत्येंद्र महतो, SDPO समीर सवाईयाँ, CO व BDO राजनगर, सरायकेला व राजनगर के थाना प्रभारी तथा JLKM नेता प्रेम मार्डी मौजूद रहे। सभी ने प्रदर्शनकारियों और पीड़ित परिजनों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने की दिशा में पहल की। इस दौरान सिंहभूम सांसद जोबा माझी के सहयोग से पीड़ित परिवार को तत्काल 1 लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई गई। मुआवजा मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम समाप्त करने का निर्णय लिया। हालांकि आंदोलन समाप्त करने से पहले ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने कई अहम मांगें रखीं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस मार्ग पर ओवरलोड और तेज रफ्तार भारी वाहनों पर तत्काल नियंत्रण जरूरी है। साथ ही हर बुधवार को लगने वाले साप्ताहिक हाट के दौरान भारी वाहनों के लिए NO ENTRY लागू करने की मांग की गई, ताकि बाजार के दिन आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कंपनियों के भारी वाहन नियमों की अनदेखी करते हुए तेज गति और ओवरलोड होकर गुजरते हैं, जिससे लगातार हादसों का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से सख्त निगरानी और नियम उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। फिलहाल जाम हटने से आमजन को राहत मिली है और यातायात सामान्य हो गया है, लेकिन ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार, हाट के दिन NO ENTRY और भारी वाहनों पर नियंत्रण को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में फिर से आंदोलन किया जाएगा।
- Post by Gudiya Kumari1
- राजनगर प्रखंड के गमदेसाई गांव के प्रसिद्ध पशुपालक व पशु प्रेमी रातू हांसदा की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद गुरुवार शाम से आक्रोश फूट पड़ा। परिजन व ग्रामीणों ने राजनगर स्थित सिदो-कान्हु चौक पर शव रखकर रात भर एनएच 220 को जाम रखा। स्वजन वाहन मालिक से दस लाख रुपये मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे थे। इस दौरान हाता चाईबासा एनएच 220 तथा राजनगर सरायकेला मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। यह जाम करीब 18 घंटे तक जारी रहा। जाम गुरुवार शाम करीब आठ बजे शुरू हुआ और शुक्रवार को लगभग तीन बजे अपराह्न को वार्ता के बाद समाप्त हुआ। इस दौरान कई बार प्रशासन द्वारा जाम हटाने का प्रयास किया गया। लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। जाम के कारण दोनों ओर लगभग 8–9 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। वहीं राजनगर–सरायकेला मार्ग पर भी करीब 7 किलोमीटर तक ट्रक, बस व अन्य वाहन फंसे रहे। सड़क जाम का असर आम जनजीवन पर भी व्यापक रूप से पड़ा। राजनगर बाजार की सभी दुकानें बंद रहीं, जिससे यात्रियों, ट्रक चालकों और स्थानीय लोगों को खाने-पीने सहित जरूरी सामान के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दूर-दराज से आने-जाने वाले यात्रियों को घंटों सड़क पर ही रुकना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। सरायकेला एसडीपीओ समीर सवैयां, कार्यपालक दंडाधिकारी सत्येंद्र महतो, अंचल अधिकारी श्रावण कुमार झा एवं बीडीओ मलय कुमार, सरायकेला थाना प्रभारी विनय कुमार, राजनगर थाना प्रभारी विपुल कुमार ओझा, सांसद प्रतिनिधि भक्तु मार्डी ने ग्रामीणों से लगातार वार्ता की। इस दौरान मामले की सूचना फोन पर सांसद जोबा माझी को भी दी गई। उन्होंने हस्तक्षेप करते हुए उपायुक्त नितीश सिंह से फोन पर बातचीत कर मृतक के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता देने का निर्देश दिया। इसके बाद जाम स्थल पर पर ही प्रसाशन ने सांसद प्रतिनिधि सह झामुमो प्रखंड उपाध्यक्ष भक्तु मार्डी के हाथों मृतक के परिजनों को एक लाख रुपये नगद सहायता प्रदान किया । साथ ही अन्य लाभ कागजी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद देने का आश्वासन दिया। मुआवजा राशि मिलने के बाद परिजन व ग्रामीण शांत हुए और जाम समाप्त किया गया। इसके पश्चात लगभग 18 घंटे बाद मार्ग पर आवागमन सामान्य हो सका। घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है। वहीं लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा और दुर्घटना पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।5
- jindagi ka suvichar1
- *भाजपा के स्टार प्रचारक ने बंगाल पहुँच क़र संभाली कमान अब tmc का सूपड़ा साफ ही समझो😂*1
- तेज़ रफ्तार और लापरवाही का नतीजा कितना खतरनाक हो सकता है, ये इस वीडियो में साफ दिखता है। मोड़ पर हुई इस टक्कर ने सबको हिला कर रख दिया। ⚠️ हमेशा सुरक्षित ड्राइव करें, आपकी एक गलती किसी की ज़िंदगी बदल सकती है।#Accident #RoadAccident #CarVsBike #SpeedKills #DriveSafe #RealFootage #ViralVideo #IndiaNews #Jamshedpur #SafetyFirst #Trending #BreakingNews #ReelsIndia #Awareness #DangerousDriving1
- Chandil : চান্ডিল বাইপাসে ৫০ ঘণ্টার জ্যাম শেষ, যুবকদের উদ্যোগে ফিরল স্বস্তি... চান্ডিল নিউ বাইপাসে ৫০ ঘণ্টার ভয়াবহ যানজট অবশেষে দূর হয়েছে। স্থানীয় যুবকরা, রাকেশ রঞ্জন মাহতো ও কৃষ্ণা কালিন্দির নেতৃত্বে প্রায় ৫ ঘণ্টা ট্রাফিক নিয়ন্ত্রণ করে পরিস্থিতি স্বাভাবিক করেন। তবে প্রশাসনের ভূমিকা নিয়ে উঠছে প্রশ্ন, স্থায়ী সমাধানের অপেক্ষায় এলাকাবাসী।1
- *ये जेहादी जहाँ भी रहेंगे गंध ही मचायेंगे *सरकारी स्कूल में पका रहे थे गौमांस* बिहार के सरकारी स्कूल में साथ टीचर मुस्लिम थे प्रिंसिपल भी मुस्लिम था और वहां 120 हिंदू बच्चे पढ़ते थे इन दोनों ने हिंदू बच्चों को रोमांस खिलाने की गंदी शाजिस रची प्रधानाचार्य अफजाल अंसारी और शिक्षिका रुबीना खातून व मेहरूँनिशा के साथ सासाराम बिहार के सरकारी स्कूल में पकाता था गौमांस... हिंदू बच्चों को विशेष रूप से खिलाते थे गौमांश पिछले कई दिनों से लगातार मिड डे मील में यह लोग गाय का मांस पका कर हिंदू बच्चों को खिलाते थे एक ग्रामीण को शक हुआ उसके बाद जब ग्रामीणों ने स्कूल पर छापा मारा तो 20 किलो गाय का मांस बरामद हुआ1
- Post by Sohel gundua1
- Post by News Express 111