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अब खुले जंगल में घूमेंगे और 2 चीते, सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- 'प्रोजेक्ट चीता' में रोज कीर्तिमान रच रहा एमपी *अब खुले जंगल में घूमेंगे और 2 चीते, सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- 'प्रोजेक्ट चीता' में रोज कीर्तिमान रच रहा एमपी* - *मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया कूनो नेशनल पार्क का भ्रमण* - *प्रदेश के मुखिया ने बाड़े से आजाद किए दो मादा चीते* - *अब देश में चीतों की संख्या हुई 57* - *प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सफलता से आगे बढ़ रही चीता परियोजना* भोपाल/श्योपुर। मध्यप्रदेश वाइल्डलाइफ के लिए 11 मई का दिन खास रहा। दो और चीते अपने बाड़े से निकल कर खुले जंगल में पहुंच गए। अब दोनों प्रदेश के साथ-साथ दूसरे राज्यों के इको-सिस्टम को मजबूत करने में सहयोग करेंगे। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क पहुंचे। उन्होंने यहां दो मादा चीतों को बाड़े से मुक्त कर दिया। बाड़े से निकलते ही दोनो चीते उछलते-कूदते जंगल की ओर चले गए। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती ने चीतों को अंगीकृत कर अपने परिवार का हिस्सा बनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लगभग साढ़े तीन वर्ष पूर्व कूनो में चीता प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी। भारत में चीता पुनःस्थापना की यह परियोजना सफलता के साथ आगे बढ़ रही है। चीता पुनर्विस्थापन के इस महत्वपूर्ण कार्य में मध्यप्रदेश नित नए कीर्तिमान रच रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश धर्म, निवेश एवं जैनेटिक जैव विविधता के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और अब बोत्सवाना से लाए गए चीतों के पुनर्स्थापन को निरंतर सफलता मिल रही है। आज प्रदेश ने देश में चीता स्टेट के रूप में पहचान बनाई है। वर्तमान में चीतों की संख्या 57 है, जिनमें से 54 कूनो नेशनल पार्क में और 03 गांधी सागर अभ्यारण्य में हैं। *मध्यप्रदेश ने बनाया एक नया इतिहास* भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि मध्यप्रदेश ने एक नया इतिहास बनाया है। हमने आज कूनो नेशनल पार्क में बोत्सवाना से लाए गए दो मादा चीतों को छोड़ा है। हमने सह-अस्तित्व की भावना प्रकट करते हुए दोनों को खुले जंगल में, खुले वातावरण में प्रकृति के साथ रहने के लिए छोड़ा है। मैं श्योपुर और चंबल के क्षेत्र के लोगों को बधाई देता हूं। इन चीताों का बसेरा अब 5 हजार किमी में हुआ है। हमारे लिए गौरव की बात है कि अब ये हमारे साथ परिवार की तरह रहने लगे हैं। हमें पता ही नहीं चलता कि कब हमारा चीता दौड़ते-दौड़ते राजस्थान पहुंच जाता है। उन्होंने कहा कि चीते चंबल के इलाकों ग्वालियर-शिवपुरी-राजगढ़ सहित कई इलाकों में दस्तक दे रहे हैं। हमें इन चीतों के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ी सौगात दी है। मैं केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को भी बधाई देता हूं। मैं उन सभी अधिकारियों को बधाई देता हूं, जिन्होंने प्रोजेक्ट चीता के लिए अथक पसीना बहाया है। उन्होंने कहा कि कूनो नेशनल पार्क प्रोजेक्ट चीता का नया रिकॉर्ड बना रहा है। हमारे फॉरेस्ट के अधिकारी, मेडिकल स्टाफ के लोग, यहां के संरक्षक, स्थानीय जनों और चीतों ने एक-दूसरे को परिवार मान लिया है। यह विश्व की अनूठी घटना है। यह फॉरेस्ट विभाग के लिए गौरव की बात है। चीते जीवन बिताने के लिए इस माहौल में ढल गए हैं। यह इको-सिस्टम के लिए अच्छा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जो चीते मिले थे, धीरे-धीरे हम उनको खुले वातावरण में छोड़ रहे हैं। हम जीयो और जीने-दो के सिद्धांत पर विश्वास करते हैं। *वाइल्डलाइफ में जुड़ा अहम अध्याय* गौरतलब है कि, इसी साल फरवरी के अंत में बोत्सवाना से 9 नए चीते कूनो नेशनल पार्क लाए गए थे। इनमें 6 मादा और 3 नर शामिल हैं। यहां लाने के बाद इन सभी को क्वारंटीन किया गया था। क्वारंटीन की अवधि पूरी करने के बाद सभी को छोटे बाड़ों में रखा गया। इससे वे स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप ढल गए। इन्हीं 9 में से 2 चीतों को आज खुले जंगल में छोड़ा गया है। इन चीतों को खुले जंगल में छोड़ने से ‘प्रोजेक्ट चीता’ को नई गति मिलेगी। इससे भारत की वाइल्डलाइफ के इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ेगा। *ज्यादा जेनेटिक विविधता लेकर आए बोत्सवाना की चीते* वाइल्डलाइप एक्सपर्ट्स का मानना है कि बोत्सवाना से लाए गए चीते ज्यादा जेनेटिक विविधता लेकर आए हैं। इनसे कूनो में चीतों की स्वस्थ और दीर्घकालिक आबादी विकसित करने में मदद मिलेगी। एक्सपर्ट्स ने यह भी उम्मीद जताई है कि ये चीते कूनो के वातावरण में तेजी से घुल-मिल जाएंगे। इन चीतों को गांधी सागर और नौरादेही जैसे अन्य अभ्यारण्यों में भी बसाने की तैयारी की जा रही है। *कब-कब कहां-कहां से लाए गए चीते* इन चीतों के साथ ही भारत में चीतों की कुल संख्या 57 हो गई है। बता दें, नामीबिया से 17 सितंबर 2022 को 8, वर्ष 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते कूनो नेशनल पार्क लाए गए थे। बोत्सवाना से आए चीतों को भारतीय वायुसेना के विशेष विमान के माध्यम से ग्वालियर लाया गया था। यहां से उन्हें हेलीकॉप्टर द्वारा कूनो नेशनल पार्क पहुंचाया गया। प्रोजेक्ट चीता का उद्देश्य प्रदेश से लुप्त हुये चीतों की प्रजाति को पुनर्स्थापित करना, उनकी संख्या में वृद्धि करना और उन्हें स्वतंत्र रूप से शिकार और विचरण के लिए तैयार करना है।

3 hrs ago
user_एस. एस. न्यूज सर्विस
एस. एस. न्यूज सर्विस
इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
3 hrs ago
9c1a942a-a9bb-4b63-942b-4c4de7485c26

अब खुले जंगल में घूमेंगे और 2 चीते, सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- 'प्रोजेक्ट चीता' में रोज कीर्तिमान रच रहा एमपी *अब खुले जंगल में घूमेंगे और 2 चीते, सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- 'प्रोजेक्ट चीता' में रोज कीर्तिमान रच रहा एमपी* - *मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया कूनो नेशनल पार्क का भ्रमण* - *प्रदेश के मुखिया ने बाड़े से आजाद किए दो मादा चीते* - *अब देश में चीतों की संख्या हुई 57* - *प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सफलता से आगे बढ़ रही चीता परियोजना* भोपाल/श्योपुर। मध्यप्रदेश वाइल्डलाइफ के लिए 11 मई का दिन खास रहा। दो और चीते अपने बाड़े से निकल कर खुले जंगल में पहुंच गए। अब दोनों प्रदेश के साथ-साथ दूसरे राज्यों के इको-सिस्टम को मजबूत करने में सहयोग करेंगे। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क पहुंचे। उन्होंने यहां दो मादा चीतों को बाड़े से मुक्त कर दिया। बाड़े से निकलते ही दोनो चीते उछलते-कूदते जंगल की ओर चले गए। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती ने चीतों को अंगीकृत कर अपने परिवार का हिस्सा बनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लगभग साढ़े तीन वर्ष पूर्व कूनो में चीता प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी। भारत में चीता पुनःस्थापना की यह परियोजना सफलता के साथ आगे बढ़ रही है। चीता पुनर्विस्थापन के इस महत्वपूर्ण कार्य में मध्यप्रदेश नित नए कीर्तिमान रच रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश धर्म, निवेश एवं जैनेटिक जैव विविधता के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और अब बोत्सवाना से लाए गए चीतों के पुनर्स्थापन को निरंतर सफलता मिल रही है। आज प्रदेश ने देश में चीता स्टेट के रूप में पहचान बनाई है। वर्तमान में चीतों की संख्या 57 है, जिनमें से 54 कूनो नेशनल पार्क में और 03 गांधी सागर अभ्यारण्य में हैं। *मध्यप्रदेश ने बनाया एक नया इतिहास* भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि मध्यप्रदेश ने एक नया इतिहास बनाया है। हमने आज कूनो नेशनल पार्क में बोत्सवाना से लाए गए दो मादा चीतों को छोड़ा है। हमने सह-अस्तित्व की भावना प्रकट करते हुए दोनों को खुले जंगल में, खुले वातावरण में प्रकृति के साथ रहने के लिए छोड़ा है। मैं श्योपुर और चंबल के क्षेत्र के लोगों को बधाई देता हूं। इन चीताों का बसेरा अब 5 हजार किमी में हुआ है। हमारे लिए गौरव की बात है कि अब ये हमारे साथ परिवार की तरह रहने लगे हैं। हमें पता ही नहीं चलता कि कब हमारा चीता दौड़ते-दौड़ते राजस्थान पहुंच जाता है। उन्होंने कहा कि चीते चंबल के इलाकों ग्वालियर-शिवपुरी-राजगढ़ सहित कई इलाकों में दस्तक दे रहे हैं। हमें इन चीतों के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ी सौगात दी है। मैं केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को भी बधाई देता हूं। मैं उन सभी अधिकारियों को बधाई देता हूं, जिन्होंने प्रोजेक्ट चीता के लिए अथक पसीना बहाया है। उन्होंने कहा कि कूनो नेशनल पार्क प्रोजेक्ट चीता का नया रिकॉर्ड बना रहा है। हमारे फॉरेस्ट के अधिकारी, मेडिकल स्टाफ के लोग, यहां के संरक्षक, स्थानीय जनों और चीतों ने एक-दूसरे को परिवार मान लिया है। यह विश्व की अनूठी घटना है। यह फॉरेस्ट विभाग के लिए गौरव की बात है। चीते जीवन बिताने के लिए इस माहौल में ढल गए हैं। यह इको-सिस्टम के लिए अच्छा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जो चीते मिले थे, धीरे-धीरे हम उनको खुले वातावरण में छोड़ रहे हैं। हम जीयो और जीने-दो के सिद्धांत पर विश्वास करते हैं। *वाइल्डलाइफ में जुड़ा अहम अध्याय* गौरतलब है कि, इसी साल फरवरी के अंत में बोत्सवाना से 9 नए चीते कूनो नेशनल पार्क लाए गए थे। इनमें 6 मादा और 3 नर शामिल हैं। यहां लाने के बाद इन सभी को क्वारंटीन किया गया था। क्वारंटीन की अवधि पूरी करने के बाद सभी को छोटे बाड़ों में रखा गया। इससे वे स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप ढल गए। इन्हीं 9 में से 2 चीतों को आज खुले जंगल में छोड़ा गया है। इन चीतों को खुले जंगल में छोड़ने से ‘प्रोजेक्ट चीता’ को नई गति मिलेगी। इससे भारत की वाइल्डलाइफ के इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ेगा। *ज्यादा जेनेटिक विविधता लेकर आए बोत्सवाना की चीते* वाइल्डलाइप एक्सपर्ट्स का मानना है कि बोत्सवाना से लाए गए चीते ज्यादा जेनेटिक विविधता लेकर आए हैं। इनसे कूनो में चीतों की स्वस्थ और दीर्घकालिक आबादी विकसित करने में मदद मिलेगी। एक्सपर्ट्स ने यह भी उम्मीद जताई है कि ये चीते कूनो के वातावरण में तेजी से घुल-मिल जाएंगे। इन चीतों को गांधी सागर और नौरादेही जैसे अन्य अभ्यारण्यों में भी बसाने की तैयारी की जा रही है। *कब-कब कहां-कहां से लाए गए चीते* इन चीतों के साथ ही भारत में चीतों की कुल संख्या 57 हो गई है। बता दें, नामीबिया से 17 सितंबर 2022 को 8, वर्ष 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते कूनो नेशनल पार्क लाए गए थे। बोत्सवाना से आए चीतों को भारतीय वायुसेना के विशेष विमान के माध्यम से ग्वालियर लाया गया था। यहां से उन्हें हेलीकॉप्टर द्वारा कूनो नेशनल पार्क पहुंचाया गया। प्रोजेक्ट चीता का उद्देश्य प्रदेश से लुप्त हुये चीतों की प्रजाति को पुनर्स्थापित करना, उनकी संख्या में वृद्धि करना और उन्हें स्वतंत्र रूप से शिकार और विचरण के लिए तैयार करना है।

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  • कांग्रेस विधायक महेश परमार किसानों के लिए एसीपी के पैर पकड़ने लगे उज्जैन में किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष अशोक जाट पर की गई जिला बदर की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता सड़कों पर उतर आए। कांग्रेस विधायक महेश परमार कार्यकर्ताओं के साथ कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में रोक लिया। पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस भी हुई। इसी दौरान विधायक महेश परमार अचानक एडिशनल एसपी के सामने पहुंच गए और उनके पैर पकड़ने की कोशिश की। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने विधायक को संभाला। विधायक महेश परमार ने कहा कि किसानों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है और कांग्रेस किसान हितों के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
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    कांग्रेस विधायक महेश परमार किसानों के लिए एसीपी के पैर पकड़ने लगे 
उज्जैन में किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष अशोक जाट पर की गई जिला बदर की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता सड़कों पर उतर आए। कांग्रेस विधायक महेश परमार कार्यकर्ताओं के साथ कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में रोक लिया।
पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस भी हुई। इसी दौरान विधायक महेश परमार अचानक एडिशनल एसपी के सामने पहुंच गए और उनके पैर पकड़ने की कोशिश की। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने विधायक को संभाला।
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    user_SUNDARAM EXPRESS NEWS
    SUNDARAM EXPRESS NEWS
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    23 min ago
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    40 min ago
  • जनता से पेट्रोल डीजल बचत की अपील करने के बाद रोड शो पर निकले पीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा देशवासियों से पेट्रोल डीजल की बचत और सोना चांदी नहीं खरीदने की अपील की जा रही है, 6.30 प्रधानमंत्री जी जनता से पेट्रोल डीजल की बचत की बात करते हैं और फ़िर 8.30 बजे अपनी सेकंडों गाड़ियों की रेलियों के साथ बिना किसी चुनवा के रोड शो पर निकल जाते हैं, अब जनता यह सवाल कर रही है की अगर आप खुद पेट्रोल डीजल की बचत नहीं करोगे तो जनता कैसे करेगी आपको क्या लगता है अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं 👇
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा देशवासियों से पेट्रोल डीजल की बचत और सोना चांदी नहीं खरीदने की अपील की जा रही है, 6.30 प्रधानमंत्री जी जनता से पेट्रोल डीजल की बचत की बात करते हैं और फ़िर 8.30 बजे अपनी सेकंडों गाड़ियों की रेलियों के साथ बिना किसी चुनवा के रोड शो पर निकल जाते हैं, अब जनता यह सवाल कर रही है की अगर आप खुद पेट्रोल डीजल की बचत नहीं करोगे तो जनता कैसे करेगी 
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    Dharmendra kher
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
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    user_प्रदेश खुलासा न्यूज
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    3 hrs ago
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    *अब खुले जंगल में घूमेंगे और 2 चीते, सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- 'प्रोजेक्ट चीता' में रोज कीर्तिमान रच रहा एमपी*
- *मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया कूनो नेशनल पार्क का भ्रमण*
- *प्रदेश के मुखिया ने बाड़े से आजाद किए दो मादा चीते*
- *अब देश में चीतों की संख्या हुई 57*
- *प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सफलता से आगे बढ़ रही चीता परियोजना*
भोपाल/श्योपुर। मध्यप्रदेश वाइल्डलाइफ के लिए 11 मई का दिन खास रहा। दो और चीते अपने बाड़े से निकल कर खुले जंगल में पहुंच गए। अब दोनों प्रदेश के साथ-साथ दूसरे राज्यों के इको-सिस्टम को मजबूत करने में सहयोग करेंगे। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क पहुंचे। उन्होंने यहां दो मादा चीतों को बाड़े से मुक्त कर दिया। बाड़े से निकलते ही दोनो चीते उछलते-कूदते जंगल की ओर चले गए।  
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती ने चीतों को अंगीकृत कर अपने परिवार का हिस्सा बनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लगभग साढ़े तीन वर्ष पूर्व कूनो में चीता प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी। भारत में चीता पुनःस्थापना की यह परियोजना सफलता के साथ आगे बढ़ रही है। चीता पुनर्विस्थापन के इस महत्वपूर्ण कार्य में मध्यप्रदेश नित नए कीर्तिमान रच रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश धर्म, निवेश एवं जैनेटिक जैव विविधता के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और अब बोत्सवाना से लाए गए चीतों के पुनर्स्थापन को निरंतर सफलता मिल रही है। आज प्रदेश ने देश में चीता स्टेट के रूप में पहचान बनाई है। वर्तमान में चीतों की संख्या 57 है, जिनमें से 54 कूनो नेशनल पार्क में और 03 गांधी सागर अभ्यारण्य में हैं। 
*मध्यप्रदेश ने बनाया एक नया इतिहास* 
भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि मध्यप्रदेश ने एक नया इतिहास बनाया है। हमने आज कूनो नेशनल पार्क में बोत्सवाना से लाए गए दो मादा चीतों को छोड़ा है। हमने सह-अस्तित्व की भावना प्रकट करते हुए दोनों को खुले जंगल में, खुले वातावरण में प्रकृति के साथ रहने के लिए छोड़ा है। मैं श्योपुर और चंबल के क्षेत्र के लोगों को बधाई देता हूं। इन चीताों का बसेरा अब 5 हजार किमी में हुआ है। हमारे लिए गौरव की बात है कि अब ये हमारे साथ परिवार की तरह रहने लगे हैं। हमें पता ही नहीं चलता कि कब हमारा चीता दौड़ते-दौड़ते राजस्थान पहुंच जाता है। उन्होंने कहा कि चीते चंबल के इलाकों ग्वालियर-शिवपुरी-राजगढ़ सहित कई इलाकों में दस्तक दे रहे हैं। हमें इन चीतों के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ी सौगात दी है। मैं केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को भी बधाई देता हूं। मैं उन सभी अधिकारियों को बधाई देता हूं, जिन्होंने प्रोजेक्ट चीता के लिए अथक पसीना बहाया है। उन्होंने कहा कि कूनो नेशनल पार्क प्रोजेक्ट चीता का नया रिकॉर्ड बना रहा है। हमारे फॉरेस्ट के अधिकारी, मेडिकल स्टाफ के लोग, यहां के संरक्षक, स्थानीय जनों और चीतों ने एक-दूसरे को परिवार मान लिया है। यह विश्व की अनूठी घटना है। यह फॉरेस्ट विभाग के लिए गौरव की बात है। चीते जीवन बिताने के लिए इस माहौल में ढल गए हैं। यह इको-सिस्टम के लिए अच्छा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जो चीते मिले थे, धीरे-धीरे हम उनको खुले वातावरण में छोड़ रहे हैं। हम जीयो और जीने-दो के सिद्धांत पर विश्वास करते हैं। 
*वाइल्डलाइफ में जुड़ा अहम अध्याय*
गौरतलब है कि, इसी साल फरवरी के अंत में बोत्सवाना से 9 नए चीते कूनो नेशनल पार्क लाए गए थे। इनमें 6 मादा और 3 नर शामिल हैं। यहां लाने के बाद इन सभी को क्वारंटीन किया गया था। क्वारंटीन की अवधि पूरी करने के बाद सभी को छोटे बाड़ों में रखा गया। इससे वे स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप ढल गए। इन्हीं 9 में से 2 चीतों को आज खुले जंगल में छोड़ा गया है। इन चीतों को खुले जंगल में छोड़ने से ‘प्रोजेक्ट चीता’ को नई गति मिलेगी। इससे भारत की वाइल्डलाइफ के इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ेगा। 
*ज्यादा जेनेटिक विविधता लेकर आए बोत्सवाना की चीते*
वाइल्डलाइप एक्सपर्ट्स का मानना है कि बोत्सवाना से लाए गए चीते ज्यादा जेनेटिक विविधता लेकर आए हैं। इनसे कूनो में चीतों की स्वस्थ और दीर्घकालिक आबादी विकसित करने में मदद मिलेगी। एक्सपर्ट्स ने यह भी उम्मीद जताई है कि ये चीते कूनो के वातावरण में तेजी से घुल-मिल जाएंगे। इन चीतों को गांधी सागर और नौरादेही जैसे अन्य अभ्यारण्यों में भी बसाने की तैयारी की जा रही है। 
*कब-कब कहां-कहां से लाए गए चीते*
इन चीतों के साथ ही भारत में चीतों की कुल संख्या 57 हो गई है। बता दें, नामीबिया से 17 सितंबर 2022 को 8, वर्ष 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते कूनो नेशनल पार्क लाए गए थे। बोत्सवाना से आए चीतों को भारतीय वायुसेना के विशेष विमान के माध्यम से ग्वालियर लाया गया था। यहां से उन्हें हेलीकॉप्टर द्वारा कूनो नेशनल पार्क पहुंचाया गया। प्रोजेक्ट चीता का उद्देश्य प्रदेश से लुप्त हुये चीतों की प्रजाति को पुनर्स्थापित करना, उनकी संख्या में वृद्धि करना और उन्हें स्वतंत्र रूप से शिकार और विचरण के लिए तैयार करना है।
    user_Naseem Khan
    Naseem Khan
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • नौलखा बस स्टैंडपर खड़ी बसों में लगी अचानक आग 5 बसे जल कर खाख
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    नौलखा बस स्टैंडपर खड़ी बसों में लगी अचानक आग 5 बसे जल कर खाख
    user_KRISHNA VERMA
    KRISHNA VERMA
    Insurance Agent इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • इंदौर के तीन इमली बस डिपो में भीषण आग: 3 बसें और 8 दो पहिया वाहन जलकर खाक, कोई जनहानि नहीं शहर के तीन इमली चौराहे के पास स्थित एक इंटरसिटी बस डिपो में सोमवार को भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते डिपो में खड़ी तीन बसें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। आग की चपेट में करीब 8 दो पहिया वाहन भी आ गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। दिन में आसमान में छा गया काला धुआं प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक डिपो परिसर से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया, जिसके बाद कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया। बसों में लगी आग की ऊंची लपटें और काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी।
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    इंदौर के तीन इमली बस डिपो में भीषण आग: 3 बसें और 8 दो पहिया वाहन जलकर खाक, कोई जनहानि नहीं
शहर के तीन इमली चौराहे के पास स्थित एक इंटरसिटी बस डिपो में सोमवार को भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते डिपो में खड़ी तीन बसें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। आग की चपेट में करीब 8 दो पहिया वाहन भी आ गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।
दिन में आसमान में छा गया काला धुआं
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक डिपो परिसर से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया, जिसके बाद कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया। बसों में लगी आग की ऊंची लपटें और काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी।
    user_Deepak gehlot
    Deepak gehlot
    Indore Reporter Indore, Madhya Pradesh•
    4 hrs ago
  • इंदौर में निगम कर्मियों और युवक के बीच मारपीट | डंडे से हमला, सड़क पर हंगामा | Indore News
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    इंदौर में निगम कर्मियों और युवक के बीच मारपीट | डंडे से हमला, सड़क पर हंगामा | Indore News
    user_PM NEWS
    PM NEWS
    Journalist इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    53 min ago
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