भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका के आधार पर निजी एवं सहकारी संस्थाओं से उर्वरक प्राप्त करें किसान : कलेक्टर प्रथम चरण में अधिकतम 10 कट्टे उर्वरक का होगा वितरण, कालाबाजारी एवं ओवररेटिंग पर होगी सख्त कार्रवाई कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने शुक्रवार को कृषि विभाग के अधिकारियों, निजी उर्वरक विक्रेताओं एवं सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की बैठक लेकर जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा ई-टोकन व्यवस्था में संशोधन किए जाने के उपरांत अब किसान अपनी भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका प्रस्तुत कर निजी अथवा सहकारी संस्थाओं से अपनी भूमि के रकबे के अनुरूप उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना तथा वितरण प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाना है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अधिक भूमि धारित करने वाले किसानों को प्रथम चरण में अधिकतम 10 कट्टे उर्वरक ही वितरित किए जाए। यदि किसी किसान को अतिरिक्त उर्वरक की आवश्यकता हो, तो वह पुनः अपनी भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका प्रस्तुत कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उर्वरक प्राप्त कर सकेगा। उन्होंने सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं एवं सहकारी संस्थाओं को निर्देशित किया कि बिना भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका के किसी भी किसान को उर्वरक का वितरण न किया जाए। साथ ही प्रत्येक वितरण का विधिवत विवरण भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका में अंकित किया जाए तथा निर्धारित रजिस्टरों का नियमित एवं व्यवस्थित संधारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन किसानों के पूर्व में ई-टोकन जारी हो चुके हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। कलेक्टर ने कहा कि उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण करेंगे। यदि कोई व्यक्ति अथवा संस्था उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या ओवररेटिंग करते हुए पाई गई तो संबंधित के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 1 अप्रैल 2026 से उर्वरक वितरण व्यवस्था ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली के माध्यम से संचालित की जा रही थी। शासन द्वारा 30 जुलाई 2026 से आगामी आदेश तक इस व्यवस्था को हाईब्रिड मोड में संचालित करने का निर्णय लिया गया है। यह व्यवस्था ई-विकास प्रणाली के सरलीकरण हेतु गठित समिति की अनुशंसाएं प्राप्त होने तक प्रभावी रहेगी। निर्देशानुसार 30 जुलाई 2026 से आगामी आदेश तक प्रत्येक उर्वरक विक्रय के लिए किसान के आधार कार्ड की छायाप्रति, मोबाइल नंबर, नाम एवं पता, उर्वरक कंपनी का नाम, उर्वरक का प्रकार एवं ग्रेड तथा वितरित मात्रा का निर्धारित प्रपत्र में संधारण अनिवार्य होगा। विक्रय की समस्त जानकारी बाद में ई-विकास पोर्टल पर भी अनिवार्य रूप से दर्ज की जाएगी। कलेक्टर ने जिले के सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं, पैक्स समितियों, विपणन संघ के डबल लॉक केंद्रों तथा एमपी एग्रो विक्रय केंद्रों को शासन के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अभिलेखों एवं रजिस्टरों का नियमित संधारण किया जाए तथा वितरण व्यवस्था पूर्णतः पारदर्शी एवं व्यवस्थित रहे, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। बैठक में जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), उप संचालक कृषि श्री अनंत सड़ैया, कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रेता उपस्थित रहे। #JansamparkMP #morena2026 #administration #MadhyaPradesh #LandRecord Jansampark Madhya Pradesh भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका के आधार पर निजी एवं सहकारी संस्थाओं से उर्वरक प्राप्त करें किसान : कलेक्टर प्रथम चरण में अधिकतम 10 कट्टे उर्वरक का होगा वितरण, कालाबाजारी एवं ओवररेटिंग पर होगी सख्त कार्रवाई कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने शुक्रवार को कृषि विभाग के अधिकारियों, निजी उर्वरक विक्रेताओं एवं सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की बैठक लेकर जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा ई-टोकन व्यवस्था में संशोधन किए जाने के उपरांत अब किसान अपनी भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका प्रस्तुत कर निजी अथवा सहकारी संस्थाओं से अपनी भूमि के रकबे के अनुरूप उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना तथा वितरण प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाना है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अधिक भूमि धारित करने वाले किसानों को प्रथम चरण में अधिकतम 10 कट्टे उर्वरक ही वितरित किए जाए। यदि किसी किसान को अतिरिक्त उर्वरक की आवश्यकता हो, तो वह पुनः अपनी भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका प्रस्तुत कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उर्वरक प्राप्त कर सकेगा। उन्होंने सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं एवं सहकारी संस्थाओं को निर्देशित किया कि बिना भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका के किसी भी किसान को उर्वरक का वितरण न किया जाए। साथ ही प्रत्येक वितरण का विधिवत विवरण भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका में अंकित किया जाए तथा निर्धारित रजिस्टरों का नियमित एवं व्यवस्थित संधारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन किसानों के पूर्व में ई-टोकन जारी हो चुके हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। कलेक्टर ने कहा कि उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण करेंगे। यदि कोई व्यक्ति अथवा संस्था उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या ओवररेटिंग करते हुए पाई गई तो संबंधित के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 1 अप्रैल 2026 से उर्वरक वितरण व्यवस्था ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली के माध्यम से संचालित की जा रही थी। शासन द्वारा 30 जुलाई 2026 से आगामी आदेश तक इस व्यवस्था को हाईब्रिड मोड में संचालित करने का निर्णय लिया गया है। यह व्यवस्था ई-विकास प्रणाली के सरलीकरण हेतु गठित समिति की अनुशंसाएं प्राप्त होने तक प्रभावी रहेगी। निर्देशानुसार 30 जुलाई 2026 से आगामी आदेश तक प्रत्येक उर्वरक विक्रय के लिए किसान के आधार कार्ड की छायाप्रति, मोबाइल नंबर, नाम एवं पता, उर्वरक कंपनी का नाम, उर्वरक का प्रकार एवं ग्रेड तथा वितरित मात्रा का निर्धारित प्रपत्र में संधारण अनिवार्य होगा। विक्रय की समस्त जानकारी बाद में ई-विकास पोर्टल पर भी अनिवार्य रूप से दर्ज की जाएगी। कलेक्टर ने जिले के सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं, पैक्स समितियों, विपणन संघ के डबल लॉक केंद्रों तथा एमपी एग्रो विक्रय केंद्रों को शासन के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अभिलेखों एवं रजिस्टरों का नियमित संधारण किया जाए तथा वितरण व्यवस्था पूर्णतः पारदर्शी एवं व्यवस्थित रहे, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। बैठक में जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), उप संचालक कृषि श्री अनंत सड़ैया, कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रेता उपस्थित रहे। #JansamparkMP #morena2026 #administration #MadhyaPradesh #LandRecord Jansampark Madhya Pradesh
भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका के आधार पर निजी एवं सहकारी संस्थाओं से उर्वरक प्राप्त करें किसान : कलेक्टर प्रथम चरण में अधिकतम 10 कट्टे उर्वरक का होगा वितरण, कालाबाजारी एवं ओवररेटिंग पर होगी सख्त कार्रवाई कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने शुक्रवार को कृषि विभाग के अधिकारियों, निजी उर्वरक विक्रेताओं एवं सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की बैठक लेकर जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा ई-टोकन व्यवस्था में संशोधन किए जाने के उपरांत अब किसान अपनी भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका प्रस्तुत कर निजी अथवा सहकारी संस्थाओं से अपनी भूमि के रकबे के अनुरूप उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना तथा वितरण प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाना है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अधिक भूमि धारित करने वाले किसानों को प्रथम चरण में अधिकतम 10 कट्टे उर्वरक ही वितरित किए जाए। यदि किसी किसान को अतिरिक्त उर्वरक की आवश्यकता हो, तो वह पुनः अपनी भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका प्रस्तुत कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उर्वरक प्राप्त कर सकेगा। उन्होंने सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं एवं सहकारी संस्थाओं को निर्देशित किया कि बिना भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका के किसी भी किसान को उर्वरक का वितरण न किया जाए। साथ ही प्रत्येक वितरण का विधिवत विवरण भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका में अंकित किया जाए तथा निर्धारित रजिस्टरों का नियमित एवं व्यवस्थित संधारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन किसानों के पूर्व में ई-टोकन जारी हो चुके हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। कलेक्टर ने कहा कि उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण करेंगे। यदि कोई व्यक्ति अथवा संस्था उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या ओवररेटिंग करते हुए पाई गई तो संबंधित के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 1 अप्रैल 2026 से उर्वरक वितरण व्यवस्था ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली के माध्यम से संचालित की जा रही थी। शासन द्वारा 30 जुलाई 2026 से आगामी आदेश तक इस व्यवस्था को हाईब्रिड मोड में संचालित करने का निर्णय लिया गया है। यह व्यवस्था ई-विकास प्रणाली के सरलीकरण हेतु गठित समिति की अनुशंसाएं प्राप्त होने तक प्रभावी रहेगी। निर्देशानुसार 30 जुलाई 2026 से आगामी आदेश तक प्रत्येक उर्वरक विक्रय के लिए किसान के आधार कार्ड की छायाप्रति, मोबाइल नंबर, नाम एवं पता, उर्वरक कंपनी का नाम, उर्वरक का प्रकार एवं ग्रेड तथा वितरित मात्रा का निर्धारित प्रपत्र में संधारण अनिवार्य होगा। विक्रय की समस्त जानकारी बाद में ई-विकास पोर्टल पर भी अनिवार्य रूप से दर्ज की जाएगी। कलेक्टर ने जिले के सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं, पैक्स समितियों, विपणन संघ के डबल लॉक केंद्रों तथा एमपी एग्रो विक्रय केंद्रों को शासन के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अभिलेखों एवं रजिस्टरों का नियमित संधारण किया जाए तथा वितरण व्यवस्था पूर्णतः पारदर्शी एवं व्यवस्थित रहे, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। बैठक में जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), उप संचालक कृषि श्री अनंत सड़ैया, कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रेता उपस्थित रहे। #JansamparkMP #morena2026 #administration #MadhyaPradesh #LandRecord Jansampark Madhya Pradesh भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका के आधार पर निजी एवं सहकारी संस्थाओं से उर्वरक प्राप्त करें किसान : कलेक्टर प्रथम चरण में अधिकतम 10 कट्टे उर्वरक का होगा वितरण, कालाबाजारी एवं ओवररेटिंग पर होगी सख्त कार्रवाई कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने शुक्रवार को कृषि विभाग के अधिकारियों, निजी उर्वरक विक्रेताओं एवं सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की बैठक लेकर जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा ई-टोकन व्यवस्था में संशोधन किए जाने के उपरांत अब किसान अपनी भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका प्रस्तुत कर निजी अथवा सहकारी संस्थाओं से अपनी भूमि के रकबे के अनुरूप उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना तथा वितरण प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाना है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अधिक भूमि धारित करने वाले किसानों को प्रथम चरण में अधिकतम 10 कट्टे उर्वरक ही वितरित किए जाए। यदि किसी किसान को अतिरिक्त उर्वरक की आवश्यकता हो, तो वह पुनः अपनी भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका प्रस्तुत कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उर्वरक प्राप्त कर सकेगा। उन्होंने सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं एवं सहकारी संस्थाओं को निर्देशित किया कि बिना भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका के किसी भी किसान को उर्वरक का वितरण न किया जाए। साथ ही प्रत्येक वितरण का विधिवत विवरण भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका में अंकित किया जाए तथा निर्धारित रजिस्टरों का नियमित एवं व्यवस्थित संधारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन किसानों के पूर्व में ई-टोकन जारी हो चुके हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। कलेक्टर ने कहा कि उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण करेंगे। यदि कोई व्यक्ति अथवा संस्था उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या ओवररेटिंग करते हुए पाई गई तो संबंधित के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 1 अप्रैल 2026 से उर्वरक वितरण व्यवस्था ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली के माध्यम से संचालित की जा रही थी। शासन द्वारा 30 जुलाई 2026 से आगामी आदेश तक इस व्यवस्था को हाईब्रिड मोड में संचालित करने का निर्णय लिया गया है। यह व्यवस्था ई-विकास प्रणाली के सरलीकरण हेतु गठित समिति की अनुशंसाएं प्राप्त होने तक प्रभावी रहेगी। निर्देशानुसार 30 जुलाई 2026 से आगामी आदेश तक प्रत्येक उर्वरक विक्रय के लिए किसान के आधार कार्ड की छायाप्रति, मोबाइल नंबर, नाम एवं पता, उर्वरक कंपनी का नाम, उर्वरक का प्रकार एवं ग्रेड तथा वितरित मात्रा का निर्धारित प्रपत्र में संधारण अनिवार्य होगा। विक्रय की समस्त जानकारी बाद में ई-विकास पोर्टल पर भी अनिवार्य रूप से दर्ज की जाएगी। कलेक्टर ने जिले के सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं, पैक्स समितियों, विपणन संघ के डबल लॉक केंद्रों तथा एमपी एग्रो विक्रय केंद्रों को शासन के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अभिलेखों एवं रजिस्टरों का नियमित संधारण किया जाए तथा वितरण व्यवस्था पूर्णतः पारदर्शी एवं व्यवस्थित रहे, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। बैठक में जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), उप संचालक कृषि श्री अनंत सड़ैया, कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रेता उपस्थित रहे। #JansamparkMP #morena2026 #administration #MadhyaPradesh #LandRecord Jansampark Madhya Pradesh
- *अम्बाह पीजी कॉलेज में एम.एस.सी. रसायन विज्ञान के विद्यार्थियों का विदाई समारोह सम्पन्न* अम्बाह अम्बाह पीजी कॉलेज में एम.एस.सी. रसायन विज्ञान चतुर्थ सेमेस्टर के वरिष्ठ छात्र-छात्राओं के सम्मान में गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य महोदय तथा रसायन विभागाध्यक्ष डॉ. वी.के. जैन रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना, सरस्वती पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके उपरांत सभी गुरुजनों का पुष्पमालाओं से सम्मान एवं अभिनंदन किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए प्राचार्य महोदय एवं विभागाध्यक्ष डॉ. वी.के. जैन सहित समस्त शिक्षकगण ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया तथा उन्हें जीवन में अनुशासन, परिश्रम, नैतिक मूल्यों एवं शिक्षकों द्वारा दी गई सीख को आत्मसात कर उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर होने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अगले चरण में विभिन्न मनोरंजक खेल एवं गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें वरिष्ठ छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिताओं के आधार पर मिस्टर फेयरवेल एवं मिस फेयरवेल का चयन कर उन्हें सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ छात्र-छात्राओं ने महाविद्यालय में बिताए गए अपने यादगार पलों एवं अनुभवों को साझा करते हुए गुरुजनों एवं सहपाठियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कनिष्ठ छात्र-छात्राओं द्वारा सभी वरिष्ठ विद्यार्थियों को स्मृति-चिह्न एवं उपहार भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएँ दी गईं। अंत में समूह छायाचित्र के साथ गुरुजनों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस विदाई समारोह का आयोजन रसायन विभाग एवं एम.एस.सी. रसायन विज्ञान के कनिष्ठ छात्र-छात्राओं द्वारा किया गया।4
- *शक्कर कारखाना चलाओ संघर्ष समिति, कारखाने को चलवाने को 15 अगस्त से शुरू करेगी जनांदोलन*। *=============* जौरा - शक्कर कारखाना चलाओ संघर्ष समिति की मीटिंग जौरा में सम्पन्न हुई। मीटिंग में जनता को लामवंद कर एकजुट जुझारू आन्दोलन 15 अगस्त को ध्वजारोहण कै बाद शुरू करेगी। इस आंदोलन में धरना प्रदर्शन भूख हड़ताल आमरण अनशन सत्याग्रह जैल भरो किया जाएगा। यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। संघर्ष समिति की मीटिंग में सर्व श्री पंकज उपाध्याय विधायक, महेश दत्त मिश्रा पूर्व विधायक, अशोक तिवारी पूर्व नपाध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष किसान सभा, गयाराम सिंह धाकड़ पुर्व संचालक शक्कर कारखाना माकपा नेता, जगदीश शुक्ला पूर्व अध्यक्ष ब्राह्मण सभा, एल एन त्यागी, रामकुमार शर्मा,सोनू त्यागी आदि शामिल रहे। संघर्ष समिति ने इस बार निर्णायक आन्दोलन चलाने का निर्णय लिया है। इसमें मुख्य रूप से सरकार की वायदा खिलाफी को मुद्दा बनाया जाएगा। प्रेषक अशोक तिवारी प्रदेश अध्यक्ष मध्य प्रदेश किसान सभा *शक्कर कारखाना चलाओ संघर्ष समिति, कारखाने को चलवाने को 15 अगस्त से शुरू करेगी जनांदोलन*। *=============* जौरा - शक्कर कारखाना चलाओ संघर्ष समिति की मीटिंग जौरा में सम्पन्न हुई। मीटिंग में जनता को लामवंद कर एकजुट जुझारू आन्दोलन 15 अगस्त को ध्वजारोहण कै बाद शुरू करेगी। इस आंदोलन में धरना प्रदर्शन भूख हड़ताल आमरण अनशन सत्याग्रह जैल भरो किया जाएगा। यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। संघर्ष समिति की मीटिंग में सर्व श्री पंकज उपाध्याय विधायक, महेश दत्त मिश्रा पूर्व विधायक, अशोक तिवारी पूर्व नपाध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष किसान सभा, गयाराम सिंह धाकड़ पुर्व संचालक शक्कर कारखाना माकपा नेता, जगदीश शुक्ला पूर्व अध्यक्ष ब्राह्मण सभा, एल एन त्यागी, रामकुमार शर्मा,सोनू त्यागी आदि शामिल रहे। संघर्ष समिति ने इस बार निर्णायक आन्दोलन चलाने का निर्णय लिया है। इसमें मुख्य रूप से सरकार की वायदा खिलाफी को मुद्दा बनाया जाएगा। प्रेषक अशोक तिवारी प्रदेश अध्यक्ष मध्य प्रदेश किसान सभा1
- विकल्प के रूप में 'नैनो यूरिया / नैनो डीएपी': अगर पारंपरिक बोरी वाली यूरिया या DAP के लिए बहुत लंबी लाइन है, तो 'नैनो यूरिया' या 'नैनो DAP' (तरल/लिक्विड) का उपयोग एक बेहतरीन विकल्प है। यह भारी बोरियों की तुलना में उठाने और इस्तेमाल करने में आसान है तथा फसल पर इसका असर भी काफी अच्छा होता है1
- अंबाह में अवैध कब्जों पर बड़ी कार्रवाई, 41 बीघा भूमि मुक्त कर 8 पट्टाधारियों को दिलाया कब्जा अंबाह। तहसील अंबाह में गरीब एवं पात्र भूमिस्वामियों को उनका अधिकार दिलाने के लिए राजस्व विभाग द्वारा अवैध कब्जों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को ग्राम लुधावली में 41 बीघा से अधिक भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराकर आठ पट्टाधारियों एवं उनके वारिसों को विधिवत कब्जा सौंपा गया। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ तथा एसडीएम प्रतिज्ञा शर्मा के निर्देशन में तहसीलदार नरेश शर्मा के मार्गदर्शन में राजस्व निरीक्षक राजकुमार शर्मा के नेतृत्व में गठित सीमांकन दल ने ग्राम लुधावली के सर्वे क्रमांक 302 एवं 306 की भूमि का सीमांकन किया। कार्रवाई के दौरान कुल 41 बीघा भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कर वास्तविक भूमिस्वामियों को सौंपा गया। राजस्व दल में पटवारी संजीव शर्मा, भोला शर्मा, उपेंद्र सिंह तोमर, प्रवीण सिंह जादौन एवं पुष्पेंद्र कुमार शर्मा शामिल रहे। तहसीलदार नरेश शर्मा ने बताया कि शासन द्वारा वर्ष 2003 में गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को आजीविका के लिए पट्टे आवंटित किए गए थे, लेकिन कई पट्टाधारियों को अब तक जमीन का वास्तविक कब्जा नहीं मिल सका था। कुछ मूल पट्टाधारियों का निधन हो जाने के कारण उनके वारिसों को सीमांकन कर भूमि का कब्जा सौंपा गया। इससे पहले 23 जुलाई 2026 को भी ग्राम लुधावली में 14 पट्टाधारियों को सीमांकन के बाद उनकी भूमि का कब्जा दिलाया गया था। तहसीलदार नरेश शर्मा ने कहा कि तहसील अंबाह में गरीब एवं असहाय लोगों की भूमि पर हुए अवैध कब्जों को हटाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।4
- राजाखेड़ा थाना परिसर में सीएलजी बैठक आयोजित महिलाओं एवं छात्राओं को सुरक्षा, अधिकारों एवं साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी गई धौलपुर जिले के राजाखेड़ा थाना परिसर में शुक्रवार को सीएलजी (कम्युनिटी लायजन ग्रुप) बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता सीओ मनिया खलील अहमद, प्रोविजनल आरपीएस सुखराम विश्नोई एवं थानाधिकारी वीर सिंह ने की। बैठक के दौरान महिलाओं एवं छात्राओं को उनकी सुरक्षा एवं अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारियों ने महिला सुरक्षा संबंधी विभिन्न कानूनों, हेल्पलाइन सेवाओं, साइबर अपराधों से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, आत्मरक्षा के उपायों तथा आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने महिलाओं एवं बालिकाओं से आह्वान किया कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, साइबर ठगी या अन्य अपराध की स्थिति में बिना किसी संकोच के तत्काल पुलिस को सूचना दें। इसके अलावा बैठक में नशे के दुष्परिणामों, बाल अपराधों की रोकथाम, यातायात नियमों का पालन तथा आगामी त्यौहारों के दौरान सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के प्रति भी आमजन को जागरूक किया गया। बैठक में स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को भी प्राथमिकता के साथ सुना गया और उन्हें निस्तारित करने का आश्वासन दिया गया। राजाखेड़ा थाना परिसर में सीएलजी बैठक आयोजित महिलाओं एवं छात्राओं को सुरक्षा, अधिकारों एवं साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी गई धौलपुर जिले के राजाखेड़ा थाना परिसर में शुक्रवार को सीएलजी (कम्युनिटी लायजन ग्रुप) बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता सीओ मनिया खलील अहमद, प्रोविजनल आरपीएस सुखराम विश्नोई एवं थानाधिकारी वीर सिंह ने की। बैठक के दौरान महिलाओं एवं छात्राओं को उनकी सुरक्षा एवं अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारियों ने महिला सुरक्षा संबंधी विभिन्न कानूनों, हेल्पलाइन सेवाओं, साइबर अपराधों से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, आत्मरक्षा के उपायों तथा आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने महिलाओं एवं बालिकाओं से आह्वान किया कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, साइबर ठगी या अन्य अपराध की स्थिति में बिना किसी संकोच के तत्काल पुलिस को सूचना दें। इसके अलावा बैठक में नशे के दुष्परिणामों, बाल अपराधों की रोकथाम, यातायात नियमों का पालन तथा आगामी त्यौहारों के दौरान सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के प्रति भी आमजन को जागरूक किया गया। बैठक में स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को भी प्राथमिकता के साथ सुना गया और उन्हें निस्तारित करने का आश्वासन दिया गया।1
- नशा मुक्ति अभियान को लेकर मेहगांव थाना प्रभारी एवं एसडीओ की लोगों से अभी थाना परिषद में सदस्य समस्त स्टाफ में मिलकर बनाया शॉर्ट वीडियो नशा मुक्ति अभियान को लेकर मेहगांव थाना प्रभारी एवं एसडीओ की लोगों से अभी थाना परिषद में सदस्य समस्त स्टाफ में मिलकर बनाया शॉर्ट वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल1
- *शक्कर कारखाना चलाओ संघर्ष समिति, कारखाने को चलवाने को 15 अगस्त से शुरू करेगी जनांदोलन*। जौरा - शक्कर कारखाना चलाओ संघर्ष समिति की मीटिंग जौरा में सम्पन्न हुई। मीटिंग में जनता को लामवंद कर एकजुट जुझारू आन्दोलन 15 अगस्त को ध्वजारोहण कै बाद शुरू करेगी। इस आंदोलन में धरना प्रदर्शन भूख हड़ताल आमरण अनशन सत्याग्रह जैल भरो किया जाएगा। यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। संघर्ष समिति की मीटिंग में सर्व श्री पंकज उपाध्याय विधायक, महेश दत्त मिश्रा पूर्व विधायक, अशोक तिवारी पूर्व नपाध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष किसान सभा, गयाराम सिंह धाकड़ पुर्व संचालक शक्कर कारखाना माकपा नेता, जगदीश शुक्ला पूर्व अध्यक्ष ब्राह्मण सभा, एल एन त्यागी, रामकुमार शर्मा,सोनू त्यागी आदि शामिल रहे। संघर्ष समिति ने इस बार निर्णायक आन्दोलन चलाने का निर्णय लिया है। इसमें मुख्य रूप से सरकार की वायदा खिलाफी को मुद्दा बनाया जाएगा। प्रेषक :-अशोक तिवारी (प्रदेश अध्यक्ष मध्य प्रदेश किसान सभा)4
- सीजे पावर कंपनी मालनपुर में 25 जुलाई को श्रीवास समाज रिठौरा कलां मुरैना का लड़का लल्ला उर्फ विनोद श्रीवास को काम के दौरान विधुत करंट लग गया था कंपनी में सूचना होने पर ठेकेदार जीएम एचआर मैनेजर समस्त स्टाफ ने तुरंत कंपनी कि गाड़ी से वीआईएम आर विरला हांस्पीटल में भर्ती कराया और इलाज में पूर्ण सहयोग किया विनोद को तेज करन्ट लगने से उसके शरीर कि सारी त्वचा छिल गई और सिर में गंभीर चोट लग कर कान से खून निकलने लगा रात 11 बजे सिर का इंप्रेशन किया गया था घर वालों और कंपनी वालों के बहुत प्रयास करने पर भी 29 तारीख को सुबह विनोद का निधन हो गया कंपनी स्टाफ ने इलाज में 7लाख रूपए खर्च किए थे फिर भी विनोद को बचा न सके सीजे पावर कंपनी का ने 8 लाख रुपए और परिवार में एक नौकरी देने का लिखित एग्रीमेंट 30 जुलाई को बिनोद कि पत्नी तथा ससुराल वालों के सामने सौंपा गया था कंपनी स्टाफ से बात चीत करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण न्यायालय के श्री एम डी सविता को बुलाया गया और सविता के आर्थिक प्रयास से कंपनी स्टाफ ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आज सभी को संतुष्ट कर दिया और पूर्ण शातीसहयोग के सभी को संतुष्ट कर दिया।1