उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस कर्मियों को सोशल मीडिया पर अनावश्यक रील बनाने और प्रचार-प्रसार से बचने की कई बार स्पष्ट हिदायत दी है, जिसमें वर्दी की गरिमा को सर्वोपरि बताया गया है। इसी पृष्ठभूमि में, पुलिस महानिदेशक की वर्दी में बनी एक रील के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बहस तेज हो गई है। यह रील कथित तौर पर Instagram ID: @cop.uttam.kumar.1051 से अपलोड की गई बताई जा रही है। इस घटना ने सोशल मीडिया पॉलिसी-2023 के तहत नियमों के समान अनुप्रयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। यदि यह सामग्री विभागीय अनुमति के बिना बनाई और प्रसारित की गई है, तो यह स्वाभाविक रूप से प्रश्न खड़ा करता है कि क्या ये नियम सभी पर एक समान लागू होते हैं, या फिर केवल अधीनस्थ कर्मचारियों के लिए ही हैं। यह सवाल सरकार से नहीं, बल्कि व्यवस्था से है कि यदि नियम बनाए गए हैं, तो उनका पालन हर स्तर पर समान रूप से होना चाहिए। अब देखना होगा कि इस मामले में विभाग की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण आता है या कोई कार्रवाई की जाती है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस कर्मियों को सोशल मीडिया पर अनावश्यक रील बनाने और प्रचार-प्रसार से बचने की कई बार स्पष्ट हिदायत दी है, जिसमें वर्दी की गरिमा को सर्वोपरि बताया गया है। इसी पृष्ठभूमि में, पुलिस महानिदेशक की वर्दी में बनी एक रील के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बहस तेज हो गई है। यह रील कथित तौर पर Instagram ID: @cop.uttam.kumar.1051 से अपलोड की गई बताई जा रही है। इस घटना ने सोशल मीडिया पॉलिसी-2023 के तहत नियमों के समान अनुप्रयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। यदि यह सामग्री विभागीय अनुमति के बिना बनाई और प्रसारित की गई है, तो यह स्वाभाविक रूप से प्रश्न खड़ा करता है कि क्या ये नियम सभी पर एक समान लागू होते हैं, या फिर केवल अधीनस्थ कर्मचारियों के लिए ही हैं। यह सवाल सरकार से नहीं, बल्कि व्यवस्था से है कि यदि नियम बनाए गए हैं, तो उनका पालन हर स्तर पर समान रूप से होना चाहिए। अब देखना होगा कि इस मामले में विभाग की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण आता है या कोई कार्रवाई की जाती है।
- लौलाई विद्युत सब स्टेशन के अंतर्गत आने वाले मल्हौर का पुरवा और बड़ा भरवारा क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। रेलवे लाइन के पास स्थित 400 केवीए के ट्रांसफार्मर से निकली एबीसी लाइन टूट कर नीचे गिर गई है, जिसके कारण इस क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है। बिजली गुल होने से स्थानीय लोगों को भीषण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, और वे पानी की एक-एक बूँद के लिए तरस गए हैं।1
- एक रिपोर्टर द्वारा की गई बातचीत में एक ऐसा मामला सामने आया है जहाँ एक लड़की, जो खुद को भाजपा समर्थक बताती है, कांग्रेस द्वारा आयोजित एक जॉब फेयर में नौकरी ढूंढने पहुँची। रिपोर्टर ने उससे सवाल किया कि यदि वह भाजपा को समर्थन करती है, तो फिर कांग्रेस के कार्यक्रम में क्यों आई है। लड़की ने जवाब दिया कि उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि यह फेयर कांग्रेस ने आयोजित किया है और उसे नौकरी की ज़रूरत है, लेकिन उसका मानना है कि कांग्रेस ऐसे कार्यक्रम केवल दिखावे के लिए करती है। इस पर पत्रकार ने पूछा कि क्या उसे नौकरी भी चाहिए और नौकरी दिलाने वाले कार्यक्रम से भी दिक्कत है, जिस पर लड़की ने स्पष्ट कहा, 'हाँ, क्योंकि मेरी राजनीति मेरी ज़रूरतों से बड़ी है।'1
- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने एक बड़ी फटकार लगाई है, जिसके फलस्वरूप 25 जून की रात को संबंधित व्यक्ति से पद छोड़ने के लिए कहा गया। जानकारी के अनुसार, चंपत राय के इस्तीफे की पूरी 'स्क्रिप्ट' हरिद्वार में ही तैयार की गई थी। इसी क्रम में, अनिल मिश्रा ने भी अपने पद से दबाव में इस्तीफा दे दिया है।1
- भारतीय रेलवे ने यात्री सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस पहल के तहत, रेलवे ने पहली बार एलएचबी (लिंक-हॉफमैन-बुश) कोच का फुल-स्केल फिजिकल क्रैश टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा किया है। यह परीक्षण रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) ने ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) के सहयोग से किया। इस दौरान 43-44 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रहे एलएचबी कोच की एक स्थिर वैगन से नियंत्रित टक्कर कराई गई। इस सफल परीक्षण का मुख्य उद्देश्य वास्तविक परिस्थितियों का महत्वपूर्ण डेटा जुटाकर यात्रियों की सुरक्षा को और बेहतर बनाना है। इसके साथ ही, भविष्य में और अधिक सुरक्षित रेल कोच विकसित करने की दिशा में भी यह एक अहम पहल है।1
- लखनऊ के निशातगंज इलाके में मोहर्रम का जुलूस निकाला गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान जुलूस में मौजूद हजारों लोगों ने मातम किया। यह जुलूस निशातगंज से ही शुरू हुआ।1
- राजधानी लखनऊ के मड़ेयगंज क्षेत्र में मोहर्रम का जुलूस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण माहौल में निकाला गया। इस दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा और सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए थे। उपनिरीक्षक (SI) डी.के. चौबे अपने पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नज़र रखे हुए थे, जबकि थाना पुलिस के सिपाहियों ने भी सुरक्षा व्यवस्था संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस द्वारा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के लिए लगातार निगरानी रखी गई, जिससे जुलूस सकुशल संपन्न हो सका। प्रशासन की इस सतर्कता और स्थानीय लोगों के सहयोग से मोहर्रम का यह जुलूस शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।1
- लखनऊ, उत्तर प्रदेश से कवयित्री सोनी शुक्ला 'क्रांति' द्वारा रचित गीत 'न्याय का महासंग्राम' में भरत तिवारी की हत्या के लिए प्रतिशोध और न्याय की तीव्र मांग की गई है। इस गीत में कहा गया है कि भरत तिवारी के कातिलों का अंत अब तय है, और यह अन्याय के गढ़ को ढहाने की एक 'खुली चुनौती' है। गीत के माध्यम से यह मांग की गई है कि वीर भरत के नाम पर एक सुंदर पार्क बनाया जाए और वहां उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित की जाए ताकि उनका नाम अमर हो सके। इसमें स्पष्ट रूप से आरोप लगाया गया है कि एक 'फर्जी एनकाउंटर' में वर्दी की आड़ में शक्ति का दुरुपयोग किया गया, और अब ऐसे दोषियों के लिए 'उलटी गिनती' शुरू हो गई है। कवयित्री ने कानूनी रूप से फांसी का फंदा उन दोषियों को पहनाने और सरकार को घुटनों पर लाकर अपना हक मनवाने की बात कही है। 'क्रांति' ने यह प्रण लिया है कि उनकी कलम तब तक शांत नहीं बैठेगी जब तक इंसाफ नहीं मिलता, और जुल्म ढाने वाले हर हाकिम को सबक सिखाया जाएगा। उन्होंने घोषणा की है कि जनहित का यह 'सिंहनाद' अब दिल्ली तक गूंजेगा, और भरत तिवारी को न्याय दिलाने के लिए 'जन-जन' अब उमड़ेगा।1