अयोध्या बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि अयोध्या में कोई भी वकील आरोपियों का पक्ष नहीं रखेगा। इस फैसले का उल्लंघन करने वाले वकीलों के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं; यदि कोई वकील आरोपियों का बचाव करता है, तो उसे एसोसिएशन के कंट्रीब्यूशन फंड में प्रति नाम 5 लाख रुपये जमा करने होंगे। अध्यक्ष मिश्रा ने बताया कि चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के खिलाफ अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 173 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसके अतिरिक्त, इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग भी की जाएगी। एसोसिएशन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो अयोध्या एडवोकेट्स एसोसिएशन अपने खर्च पर सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेगा। इस दृढ़ और साहसिक निर्णय के लिए अयोध्या के सभी वकीलों को हृदय से सलाम किया गया है।
अयोध्या बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि अयोध्या में कोई भी वकील आरोपियों का पक्ष नहीं रखेगा। इस फैसले का उल्लंघन करने वाले वकीलों के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं; यदि कोई वकील आरोपियों का बचाव करता है, तो उसे एसोसिएशन के कंट्रीब्यूशन फंड में प्रति नाम 5 लाख रुपये जमा करने होंगे। अध्यक्ष मिश्रा ने बताया कि चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के खिलाफ अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 173 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसके अतिरिक्त, इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग भी की जाएगी। एसोसिएशन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो अयोध्या एडवोकेट्स एसोसिएशन अपने खर्च पर सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेगा। इस दृढ़ और साहसिक निर्णय के लिए अयोध्या के सभी वकीलों को हृदय से सलाम किया गया है।
- बस्सी क्षेत्र स्थित राजकीय महाविद्यालय में राष्ट्रीय जीएसटी दिवस के अवसर पर एक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस संबंध में डिप्टी कमिश्नर मदन देगडा ने जानकारी दी।1
- स्थानीय निवासियों के अनुसार, एक सड़क लंबे समय से खराब हालत में है और इसमें लगातार पानी भर रहा है। इस जलभराव के कारण आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि पंचायती विभाग इस समस्या के समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है, जिससे राहगीरों की मुश्किलें बनी हुई हैं।1
- माधोराजपुरा पंचायत समिति के दोसरा ग्रेड क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती से आम जनता बेहद परेशान है। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में रात से लेकर सुबह तक बिजली नहीं आई, जिसके कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और वे बिजली के अभाव में बेहाल रहे।1
- राजस्थान में जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार को देखते हुए प्रशासन ने विस्तृत सुरक्षा व्यवस्था की है। अंतिम संस्कार स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।1
- विमला इंटरनेशनल एंड जैन आर्ट परिवार बांसखोह द्वारा डॉक्टर्स डे के अवसर पर बांसखोह कस्बा स्थित सीएचसी केंद्र बांसखोह में सभी चिकित्सकों और समस्त स्टाफ का सम्मान किया गया। इस मौके पर विमला इंटरनेशनल एंड जैन आर्ट परिवार के भामाशाह समाजसेवी प्रकाश चंद जैन, कमलेश जैन, दिनेश जैन, नितेश जैन, शैलेश जैन सहित परिवार के सदस्यों ने माला पहनाकर और उपहार देकर स्वागत-सम्मान किया। समारोह में विमल जैन, जयप्रकाश शर्मा, राजेंद्र घीया, शंभुदयाल जांगिड़, श्रवण सैन, कन्हैयालाल मीणा समेत काफी संख्या में लोग मौजूद रहे। सीएचसी केंद्र बांसखोह के प्रभारी डॉ धर्मेंद्र शर्मा, डा भरत शर्मा, डॉ लेखराज शर्मा, डा पवन मीणा, डॉ किशन खंडेलवाल, नर्सिंग ऑफिसर लक्ष्मण सिंह, सुशील कुमार, सौरभ मीणा, विनोद और समस्त स्टाफ को सम्मानित किया गया। इस दौरान दिनेश जैन ने बांसखोह सीएचसी केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में सभी को जागरूक किया, और सभी अतिथियों के लिए अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई। कार्यक्रम के अंत में, सभी चिकित्सकों और समस्त स्टाफ ने आए हुए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। सीएचसी केंद्र प्रभारी डॉ धर्मेंद्र शर्मा ने इस अवसर पर सभी को बताया कि लगभग 4 साल पहले केंद्र में एक सोनोग्राफी मशीन लगाई गई थी, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण वह करीब 3 साल से बंद पड़ी है। उन्होंने ग्रामीणों को इस स्थिति से अवगत कराते हुए यह जानकारी भी दी कि यदि सोनोग्राफी करने वाला डॉक्टर यहां उपलब्ध हो जाए, तो क्षेत्रवासियों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं मिल सकती हैं।4
- दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक भयावह दुर्घटना में हंसराज ट्रैवल की एक बस अचानक आग का गोला बन गई, जिसके चलते दौसा के अस्पताल में चीख-पुकार मच गई। इस भीषण हादसे के परिणामस्वरूप बस में सवार तमाम लोगों ने पल भर में अपने प्रियजनों को खो दिया। इस घटना के बाद, इस बस को 'मौत की बस' कहा जा रहा है। बताया गया है कि बस के निकास द्वार के पास सिगरेट के कार्टन और कपड़े भरे हुए थे, जिसके कारण बस में तेजी से आग फैली और वह तुरंत आग का गोला बन गई। यह एक बेहद भयावह घटना है, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि इस एक्सप्रेसवे पर लगभग हर दिन किसी न किसी हादसे में लोगों की जान जाती है।1