कानपुर देहात के सिकंदरा तहसील क्षेत्र में प्रतिबंधित मछलियों के अवैध कारोबार पर रोक लगाने में जिम्मेदार विभागों की लापरवाही लगातार सवालों के घेरे में है। गुरुवार दोपहर को क्षेत्रीय लोगों ने एक टेंपो में करीब 80 किलो प्रतिबंधित मांगुर मछली ले जाते हुए देखा। संदेह होने पर लोगों ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने टेंपो को कब्जे में ले लिया और मामले की जानकारी मत्स्य विभाग को दी। देर शाम करीब 8 बजे मत्स्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच के बाद इस प्रतिबंधित मछली को कस्बे के बाहर गड्ढा खोदकर नष्ट करवा दिया। मत्स्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि मांगुर मछली प्रतिबंधित श्रेणी में आती है। यदि कोई भी व्यक्ति अवैध तरीके से मछलियों का शिकार करता है या प्रतिबंधित मछलियों की बिक्री करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि सिकंदरा तहसील क्षेत्र में लंबे समय से प्रतिबंधित मछलियों के शिकार और बिक्री की शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई न होने से इस अवैध कारोबार पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
कानपुर देहात के सिकंदरा तहसील क्षेत्र में प्रतिबंधित मछलियों के अवैध कारोबार पर रोक लगाने में जिम्मेदार विभागों की लापरवाही लगातार सवालों के घेरे में है। गुरुवार दोपहर को क्षेत्रीय लोगों ने एक टेंपो में करीब 80 किलो प्रतिबंधित मांगुर मछली ले जाते हुए देखा। संदेह होने
पर लोगों ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने टेंपो को कब्जे में ले लिया और मामले की जानकारी मत्स्य विभाग को दी। देर शाम करीब 8 बजे मत्स्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच के बाद इस
प्रतिबंधित मछली को कस्बे के बाहर गड्ढा खोदकर नष्ट करवा दिया। मत्स्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि मांगुर मछली प्रतिबंधित श्रेणी में आती है। यदि कोई भी व्यक्ति अवैध तरीके से मछलियों का शिकार करता है या प्रतिबंधित मछलियों की बिक्री करता पाया जाता है, तो उसके
खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि सिकंदरा तहसील क्षेत्र में लंबे समय से प्रतिबंधित मछलियों के शिकार और बिक्री की शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई न होने से इस अवैध कारोबार पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
- कानपुर देहात के डेरापुर में गुरुवार को कार्यभार संभालने वाली नवागंतुक उप जिलाधिकारी (एसडीएम) सुप्रिया गुप्ता ने शुक्रवार दोपहर दो बजे तहसील सभागार में राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ अपनी पहली समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने सबसे पहले उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से परिचय प्राप्त किया और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। समीक्षा बैठक में एसडीएम सुप्रिया गुप्ता ने शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध कार्य प्रणाली अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप कार्य करना प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी है। उन्होंने राजस्व संबंधी मामलों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने की बात कही ताकि आम जनता को अनावश्यक रूप से तहसील के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक कर्मचारी को अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करना होगा। एसडीएम ने सभी राजस्व कर्मियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया ताकि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय से पहुंच सके। उन्होंने कार्यालय आने वाले प्रत्येक फरियादी की शिकायत को संवेदनशीलता के साथ सुनने, उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार करने और निष्पक्ष व समयबद्ध समाधान करने के निर्देश दिए। इस बैठक में तहसीलदार जितेंद्र कुमार सिंह, नायब तहसीलदार आशीष कुमार गुप्ता, लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष शिवम् शुक्ला, अवधेश कुमार, श्रीधर शुक्ला सहित सभी राजस्व अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे, जिन्होंने बैठक के अंत में नवागंतुक उप जिलाधिकारी का स्वागत करते हुए उन्हें पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।1
- औरैया में समाजसेवी संगठन 'एक विचित्र पहल सेवा समिति (पंजीकृत)' की महिला शाखा तुलसी 'सखी ग्रुप' द्वारा भव्य और विशाल प्रभु जगन्नाथ शोभायात्रा का आयोजन किया गया। 16 जुलाई 2026, गुरुवार को दोपहर 3 बजे फूलमती मंदिर से मंत्रोच्चार के साथ इस शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि नगर पालिका परिषद औरैया के अध्यक्ष अनूप कुमार गुप्ता ने सुसज्जित रथ पर विराजमान प्रभु जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र (बलराम) व बहन सुभद्रा की मनोहारी झांकी की पूजा-अर्चना करने के बाद झंडी दिखाकर शोभायात्रा को नगर भ्रमण के लिए रवाना किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में अखिल भारतीय पुरवार पोरवाल महासभा के जिलाध्यक्ष शिवकुमार पुरवार, समिति व सखी ग्रुप के सदस्य और फूलमती मंदिर कमेटी के पदाधिकारी मौजूद रहे। यह शोभायात्रा गाजे-बाजे की धुन पर फूलमती मंदिर से शुरू होकर शहीद पार्क रोड, सुभाष चौक, इटावा रोड, संजय गेट, गुरुहाई मुहाल, संकट मोचन मार्ग, लेडीज मार्केट, हलवाई खाना, सदर बाजार, तहसील चौराहा और दिबियापुर रोड होते हुए वापस फूलमती मंदिर पर समाप्त हुई, जहां मंदिर कमेटी द्वारा प्रसाद का वितरण किया गया। पूरी यात्रा के दौरान वृंदावन के कलाकारों का शानदार नृत्य और रथ पर राधा-कृष्ण के रूप में सजे बच्चों की मनोहारी झांकी आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी रही। भक्तों ने जगह-जगह आरती उतारकर प्रभु का आशीर्वाद लिया और एक दर्जन से अधिक स्थानों पर पुष्प वर्षा व जलपान कराकर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम का सफल संयोजन सखी ग्रुप की अध्यक्ष लक्ष्मी बिश्नोई, भाजपा नगर मंत्री कपिल गुप्ता, डॉ. अनूप बिश्नोई और मनीष पुरवार (हीरु) द्वारा किया गया। शोभायात्रा के संबंध में समिति के संस्थापक आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि आज के दिन प्रभु जगन्नाथ की शोभायात्रा ओडिशा के जगन्नाथ पुरी से शुरू होकर पूरे देश में धूमधाम से निकाली जाती है, जिसका भक्तों को बेसब्री से इंतजार रहता है। वहीं समिति के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि सच्चे मन से इस यात्रा में कदमताल करने वाले भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली आती है। आयोजन को सफल बनाने में फूलमती मंदिर कमेटी के पप्पू गुप्ता सहित आचार्य मनोज अवस्थी, डॉ. एस.एस. परिहार, सचिन पोरवाल, अनिल कुमार सोनी, शिक्षक अनुराग गुप्ता, मंगला शुक्ला, मंजू गुप्ता, राखी सोनी, अंकित गहोई, मोनू अग्रवाल, अर्चना बिश्नोई, दामिनी गुप्ता और लगभग तीन सौ श्रद्धालु, महिलाएं व बच्चे शामिल रहे।4
- औरैया की सदर तहसील में भारतीय किसान यूनियन (भानु) के पदाधिकारियों और ग्रामीण महिलाओं ने जिला प्रशासन व नगर पालिका की कथित मनमानी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में संगठन के जिला संगठन मंत्री सोनू प्रजापति को आत्महत्या के लिए विवश करने वाली आरोपी डॉ. नीतू सिंह और उनके पिता रामओतर की तत्काल गिरफ्तारी शामिल है। सोनू प्रजापति ने बीते 13 जून को कथित मानसिक प्रताड़ना के चलते आत्महत्या कर ली थी, जिसके 16 दिन बाद भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह के औरैया आगमन पर 30 जून को औरैया सदर कोतवाली में इस मामले की रिपोर्ट दर्ज की जा सकी थी। प्रदर्शन के आयोजक और प्रभारी अधिवक्ता मोर्चा लवी शुक्ला ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिजन हैं और नगर पालिका परिषद औरैया प्रशासनिक दबंगई के बल पर उनकी निजी भूमि का अवैध अधिग्रहण कर रही है। उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष अनूप गुप्ता पर सीधे निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने स्वयं तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा कर अपना आवास बना लिया है। लवी शुक्ला का आरोप है कि अनूप गुप्ता समाजवादी पार्टी छोड़कर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं और लगातार नियम विरुद्ध मनमानी कर सूबे की सरकार को बदनाम करने का काम कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन ने इन मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो यह धरना प्रदर्शन अनिश्चितकालीन आमरण अनशन में बदल दिया जाएगा। इस धरना प्रदर्शन में शामिल हुए मीडिया अधिकार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतेन्द्र सेंगर ने लोगों से आपसी एकजुटता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग जातीय और धार्मिक भेदभाव से ऊपर उठकर आगामी विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों से क्षेत्रीय विकास कार्यों और जन समस्याओं का हिसाब मांगें। प्रदर्शन के दौरान लवी शुक्ला, सोम अवस्थी, मजदूर मोर्चा के जिलाध्यक्ष महेश चंद शर्मा, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम लखन पोरवाल और गोपाल गुप्ता सहित भारी संख्या में उपस्थित महिलाओं की मौजूदगी में क्षेत्रीय समस्याओं के निस्तारण के लिए नवनियुक्त उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया।4
- औरैया के सदर कोतवाली क्षेत्र में यमुना पुल से कथित तौर पर छलांग लगाने वाले डॉक्टर सौरभ वाजपेई का शव करीब 15 घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद यमुना नदी से बरामद कर लिया गया है। एसडीआरएफ, गोताखोरों और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा लगातार चलाए गए अभियान के बाद शव मिलने से मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है। इस घटना से पहले डॉक्टर सौरभ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है। वायरल वीडियो में डॉक्टर सौरभ वाजपेई ने अस्पताल संचालक और कुछ अन्य लोगों पर मारपीट करने, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने तथा जान का खतरा होने जैसे बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि शिकायत देने के बावजूद सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया और उन पर समझौते के लिए दबाव बनाया गया। मृतक की पत्नी ने भी अस्पताल संचालक, उनके रिश्तेदारों और अन्य आरोपियों पर पति को लगातार प्रताड़ित करने तथा शिकायत के बाद भी पुलिस द्वारा समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई न करने के आरोप लगाए हैं। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने रामऔतार हॉस्पिटल के संचालक एस.के. सिंह, सर्वेश सिंह और गौरव सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अस्पताल संचालक एस.के. सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य नामजद आरोपियों की तलाश की जा रही है। इस बीच, मृतक के पिता और चाचा ने पुलिस द्वारा दर्ज किए गए मुकदमे और अब तक की कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने बताया कि वायरल वीडियो, परिजनों के आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष व गहन जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यदि किसी भी व्यक्ति या पुलिसकर्मी की लापरवाही या भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।3
- औरैया में यमुना नदी से डॉ. सौरभ बाजपेयी का शव करीब 14 घंटे चले सर्च ऑपरेशन के बाद बरामद कर लिया गया है। एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय गोताखोरों ने संयुक्त अभियान चलाकर शेरगढ़ घाट से देर रात से लगातार खोजबीन कर इस शव को बाहर निकाला। नदी में छलांग लगाने से पहले डॉ. सौरभ ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किए थे। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में डॉ. सौरभ बाजपेयी ने अस्पताल प्रबंधन के कुछ लोगों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। इस घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, मृतक के परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने रामअवतार हॉस्पिटल के संचालक डॉ. एसपी सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। औरैया के पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती के अनुसार, वीडियो में लगाए गए आरोपों सहित इस पूरे मामले की गहनता से पुलिस जांच जारी है।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में झगड़े की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों के एक पक्ष ने हमला कर दिया। रूरा थाना क्षेत्र के अमर सिंह का पुरवा गांव में हुए इस पथराव में डायल-112 के एक आरक्षी और एक होमगार्ड गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायल पुलिसकर्मियों को प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। यह घटना गुरुवार रात की है, जब गांव में झगड़े की सूचना मिलने पर आरक्षी प्रेमराज शाक्य और होमगार्ड देवेंद्र दुबे मौके पर पहुंचे थे। जब वे दोनों पक्षों से घटना की जानकारी जुटा रहे थे, तभी अचानक एक पक्ष के लोगों ने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। दोनों पुलिसकर्मियों ने किसी तरह अपनी जान बचाकर वाहन तक पहुंच बनाई और घटना की जानकारी थाना पुलिस को दी। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। थानाध्यक्ष सुधीर भारद्वाज के अनुसार, पुलिस पर हमला करने वाले आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सुरक्षा के लिहाज से गांव में पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में है।4
- उत्तर प्रदेश के औरैया में समाजसेवी संगठन 'एक विचित्र पहल सेवा समिति' की महिला शाखा तुलसी 'सखी ग्रुप' द्वारा प्रभु जगन्नाथ जी की भव्य और विशाल शोभायात्रा धूमधाम से निकाली गई। 16 जुलाई 2026, गुरुवार को दोपहर 3 बजे आयोजित इस शोभायात्रा का शुभारंभ मुख्य अतिथि, नगर पालिका परिषद औरैया के अध्यक्ष माननीय अनूप कुमार गुप्ता द्वारा किया गया। उन्होंने सुसज्जित रथ पर विराजमान प्रभु जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र (बलराम) और बहन सुभद्रा जी की मनोहारी झांकी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और फिर हरी झंडी दिखाकर रथ यात्रा को नगर भ्रमण के लिए रवाना किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में अखिल भारतीय पुरवार पोरवाल महासभा के जिलाध्यक्ष शिवकुमार पुरवार, समिति व सखी ग्रुप के सदस्य और फूलमती मंदिर कमेटी के पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस भव्य शोभायात्रा का सफल संयोजन सखी ग्रुप की अध्यक्ष लक्ष्मी बिश्नोई, भाजपा के नगर मंत्री कपिल गुप्ता, डॉ. अनूप बिश्नोई और मनीष पुरवार (हीरु) द्वारा किया गया। यह यात्रा फूलमती मंदिर से प्रारंभ हुई, जहां गाजे-बाजे की धुन पर वृंदावन के मशहूर कलाकारों द्वारा दी गई मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियां लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहीं। रथ पर विराजमान राधा-कृष्ण के रूप में सजे बच्चों की झांकी ने सभी का मन प्रफुल्लित कर दिया। रास्ते में श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक झांकी की आरती उतारकर आशीर्वाद लिया और भक्तों द्वारा एक दर्जन से अधिक स्थानों पर पुष्प वर्षा व जलपान के माध्यम से यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। यह यात्रा फूलमती मंदिर से शुरू होकर शहीद पार्क रोड, सुभाष चौक, इटावा रोड, संजय गेट, गुरुहाई मुहाल, संकट मोचन मार्ग, लेडीज मार्केट, हलवाई खाना, सदर बाजार, तहसील चौराहा और दिबियापुर रोड होते हुए वापस फूलमती मंदिर पर समाप्त हुई, जहां मंदिर कमेटी द्वारा प्रसाद वितरण किया गया। समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि आज के दिन प्रभु जगन्नाथ जी की शोभा यात्रा उड़ीसा के जगन्नाथ पुरी से प्रारंभ होकर समूचे भारत में धूमधाम से निकाली जाती है, जिसका भक्तों को बेसब्री से इंतजार रहता है। वहीं, समिति के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) ने प्राचीन मान्यता का जिक्र करते हुए कहा कि सच्चे मन से इस यात्रा में कदमताल करने वाले भक्तों के जीवन में भरपूर सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली आती है। इस सफल आयोजन में पप्पू गुप्ता, फूलमती मंदिर कमेटी और तुलसी 'सखी ग्रुप' का सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से आचार्य मनोज अवस्थी जी, डॉ. एस.एस. परिहार, सचिन पोरवाल, अनिल कुमार सोनी, शिक्षक अनुराग गुप्ता, मंगला शुक्ला, मंजू गुप्ता, राखी सोनी, अंकित गहोई, मोनू अग्रवाल, अर्चना बिश्नोई, दामिनी गुप्ता सहित करीब तीन सैकड़ा श्रद्धालु भक्त, महिलाएं और बच्चे मौजूद रहे।4
- कानपुर देहात के डेरापुर थाना क्षेत्र के कुढ़ावल गांव में बिजली बिल जमा कराने के लिए लगाए गए विशेष शिविर के दौरान विद्युत विभाग की टीम के साथ अभद्रता, सरकारी कार्य में बाधा डालने और मारपीट के प्रयास का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर अवर अभियंता अवधेश कुमार ने डेरापुर थाने में तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। तहरीर के अनुसार, यह घटना 15 जुलाई 2026 की शाम को हुई, जब कुढ़ावल गांव में बिजली बिल जमा कराने के लिए एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया था। शिविर में गंगासागर (टीजी-2) और संविदाकर्मी लाइनमैन हर्ष यादव, सौरभ, मोहन व रामनरेश तैनात थे। टीम बकायेदारों को बिल जमा करने के लिए प्रेरित करने के साथ ही बकाया न देने वालों के अस्थायी विद्युत संयोजन काटने की कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान निशा (पत्नी गुड्डू), राजकुमारी (पत्नी होरे लाल) और कुछ अज्ञात लोगों ने विभागीय कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज व अभद्रता की। आरोपितों ने टीम को घेरकर लाठी से मारने का प्रयास किया और माँ-बहन की गालियां दीं। विभाग का दावा है कि इस पूरी घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग भी उनके पास उपलब्ध है। माहौल बिगड़ता देख दोपहर करीब 3:20 बजे यूपी-112 पुलिस सेवा को इस मामले की सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को शांत कराया। अवर अभियंता अवधेश कुमार ने निशा, राजकुमारी और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, गाली-गलौज करने व मारपीट का प्रयास करने के आरोप में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।1