इटावा के ग्राम असदपुर में रासलीला महोत्सव का भव्य समापन, कंश वध और ब्रज की होली लीला ने बांधा समां इटावा। विकास खंड महेवा के ग्राम असदपुर में आयोजित रासलीला महोत्सव के दशम दिवस पर कंश वध एवं ब्रज की होली लीला का भव्य और भावपूर्ण मंचन किया गया। समापन अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण भक्तिरस में सराबोर हो गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रताप पाल सभासद लखना एवं कमेटी सदस्यों द्वारा विधिवत आरती कर किया गया। इसके उपरांत निंबार्क रासलीला मंडल वृंदावन द्वारा कंश वध की मार्मिक प्रस्तुति दी गई, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अत्याचारी कंश के वध का जीवंत मंचन कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया गया। इसके बाद ब्रज की होली लीला का मनमोहक दृश्य प्रस्तुत किया गया। रंग, गुलाल और पारंपरिक फाग गीतों के साथ कलाकारों ने ब्रज की होली की छटा बिखेर दी। दर्शक झूम उठे और पूरा पंडाल “राधे-राधे” के जयकारों से गूंज उठा। दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु रासलीला का आनंद लेने पहुंचे। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समुचित व्यवस्थाएं की गईं, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। रासलीला कमेटी के प्रमुख सदस्यों में राधेश्याम राठौर, पप्पू तिवारी, दीपू राठौर, टिल्लू राठौर, मोनू राठौर (अनिल), मोहित राठौर एवं करूं तिवारी का विशेष योगदान रहा। कमेटी के सदस्यों ने सभी आगंतुकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे धार्मिक आयोजनों को निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया।
इटावा के ग्राम असदपुर में रासलीला महोत्सव का भव्य समापन, कंश वध और ब्रज की होली लीला ने बांधा समां इटावा। विकास खंड महेवा के ग्राम असदपुर में आयोजित रासलीला महोत्सव के दशम दिवस पर कंश वध एवं ब्रज की होली लीला का भव्य और भावपूर्ण मंचन किया गया। समापन अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण
भक्तिरस में सराबोर हो गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रताप पाल सभासद लखना एवं कमेटी सदस्यों द्वारा विधिवत आरती कर किया गया। इसके उपरांत निंबार्क रासलीला मंडल वृंदावन द्वारा कंश वध की मार्मिक प्रस्तुति दी गई, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अत्याचारी कंश के वध का जीवंत मंचन कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया गया। इसके बाद ब्रज की होली लीला का मनमोहक
दृश्य प्रस्तुत किया गया। रंग, गुलाल और पारंपरिक फाग गीतों के साथ कलाकारों ने ब्रज की होली की छटा बिखेर दी। दर्शक झूम उठे और पूरा पंडाल “राधे-राधे” के जयकारों से गूंज उठा। दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु रासलीला का आनंद लेने पहुंचे। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समुचित व्यवस्थाएं की गईं, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण
और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। रासलीला कमेटी के प्रमुख सदस्यों में राधेश्याम राठौर, पप्पू तिवारी, दीपू राठौर, टिल्लू राठौर, मोनू राठौर (अनिल), मोहित राठौर एवं करूं तिवारी का विशेष योगदान रहा। कमेटी के सदस्यों ने सभी आगंतुकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे धार्मिक आयोजनों को निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया।
- । पुत्र ही निकाला पिता का हत्यारा, झूठी सूचना देकर पुलिस को भ्रमित करने का किया प्रयास। SSP इटावा के निर्देशन में थाना जसवन्तनगर पुलिस द्वारा की गयी कार्यवाही ।2
- अजीतमल औरैया। औरैया जनपद के विकासखंड अजीतमल के ग्राम अदमापुर में अनोखी शादी देखने को मिली जहां हवाई जहाज द्वारा बधु आगमन हुआ अजीतमल में हेलीकॉप्टर से दुल्हन की विदाई बनी आकर्षण का केंद्र, हजारों लोगों की उमड़ी भीड़। हेलीकॉप्टर से लौटे नवविवाहित जोड़े का फूलों की वर्षा कर किया गया भव्य स्वागत। दूल्हे निर्वेश राजपूत ने बताया, पिता सतेंद्र और स्व. दया किशन राजपूत का सपना हुआ साकार। दुल्हन स्वाति (आकांक्षा) राजपूत ने हेलीकॉप्टर विदाई को जीवन का सबसे खास और अनोखा अनुभव बताया। आदमपुर स्थित सिंहवाहिनी महाविद्यालय मैदान में कराई गई हेलीकॉप्टर की सुरक्षित लैंडिंग। महोबा जनपद के चरखारी क्षेत्र के ग्राम भटेवर कला में वैदिक रीति-रिवाज से संपन्न हुआ विवाह समारोह। हेलीकॉप्टर से विदाई का यह अनोखा आयोजन पूरे औरैया जनपद में बना चर्चा का विषय।5
- होली है. हाँ बिलकुल है पर ये वाली होली विदेशी है! अवश्य देखें और आनंद लें! बस अंतर यह है कि हमारे यहाँ कुछ लोग होली को पानी की बर्बादी मानते हैं! 🚆1
- भगवान कृष्ण की पत्नी रुक्मणी महारानी जी जन्म स्थान कुदरकोट ( कुन्दनपुर ) बिधूना की याद में रुक्मिणी धाम चौरासी कोसी परिक्रमा महन्त छविराम दास, महन्त श्री शिवराज दास के नेतृत्व महामंडलेश्वर धनश्याम दास त्यागी, श्री अमरदास जी त्यागी के साथ सैकड़ों साधु-संत श्रृद्धालु भजन कीर्तन कर पैदल यात्रा निकाली जो कई क्षेत्रों से होकर निकाली गई जहां जगह-जगह भक्तों ने पुष्प वर्षा कर इनका भव्य स्वागत किया गया। यह चौरासी कोर्स परिक्रमा यात्रा 1 मार्च को पुनः कुदरकोट में समाप्त होगी। इन साधु-संतो का शासन से मांग है माता रुक्मणी महारानी का यहां एक भव्य मंदिर पर्टयक स्थल होना चाहिए। इतिहासकारों का कहना है जनपद इटावा से 30 किमी दूरी पर स्थित कस्बा कुदरकोट में माता रुक्मणी महारानी का जन्म हुआ था पहले इस स्थान का कुन्दनपुर था जहां मुगल सम्राटों ने मंदिर व जन्म स्थल को समाप्त करके इस जगह का नाम कुदरकोट रख दिया था। इन साधु-संतो का कहना है कि किसी भी राजनीतिक दलों ने इस मंदिर क्षेत्र में कभी ध्यान नहीं दिया जहां महाभारत में भगवान कृष्ण की पत्नी महारानी माता रुक्मणी जी की भी पूजा की जाती है। इस अस्तित्व को बचाने के लिए यह चौरासी कोर्स परिक्रमा यात्रा निकाली गई।1
- Post by RAVI KUMAR1
- लखनऊ — रामाधीन सिंह मार्केट के बाहर एक युवक के गले में खतरनाक पतंग के मांझे का धागा फंस गया जिससे उसकी गर्दन कटने से बाल-बाल बची, मौके पर मौजूद एक महिला और अन्य व्यक्ति ने तुरंत संभालकर उसे सुरक्षित किया लोगों का कहना है कि इस तरह का मांझा बेहद जानलेवा होता है और इससे पेड़ तक कट सकते हैं, ऐसे धागों पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी उठ रही है1
- *शीघ्र ही रिलीज होने वाली फिल्म यादव जी की लव स्टोरी का भिंड के लहार तहसील में हुआ विरोध ओबीसी महासभा ने दिया थाने में आवेदन कहा फिल्म के कलाकार डायरेक्टर प्रोड्यूसर पर हो FIR दर्ज और क्या कहा जानने के लिए देखें यह खबर*1
- यूपी आयुर्विज्ञान विवि सैफई का स्थापना दिवस जन औषधि केंद्र का उद्घाटन, ‘रक्षा’ चैटबोट का शुभारंभ सैफई पीजीआई करेगा ट्रॉमा सेंटर का संचालन1