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लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड में कई लोगों की दर्दनाक मौत के बाद, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक घटनास्थल पर पहुंचे। मीडिया से बातचीत के दौरान, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक हादसे के भयावह मंजर को याद करते हुए भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
आदर्श मीडिया एसोसिएशन (रजि.)
लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड में कई लोगों की दर्दनाक मौत के बाद, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक घटनास्थल पर पहुंचे। मीडिया से बातचीत के दौरान, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक हादसे के भयावह मंजर को याद करते हुए भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
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- उत्तर प्रदेश के बांदा में बीती रात शंकर भगवान मंदिर के पुजारी सच्चिदानंद (70) की सोते वक्त पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। सच्चिदानंद ने यह मंदिर अपनी ही जमीन पर बना रखा था। हमले के वक्त उनकी शिष्या जाग गई, लेकिन अंधेरे के कारण वह हमलावरों की पहचान नहीं कर पाई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस की कई विशेषज्ञ और फोरेंसिक टीमें मौके पर पहुंचकर जांच कर रही हैं। पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी हुई है।1
- लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों से अग्निकांड से जुड़ी पूरी जानकारी विस्तार से ली।1
- सुलतानपुर के लम्भुआ कस्बे में वेलकम होम स्टे नामक प्रतिष्ठान पर होटल व्यवसाय की आड़ में कथित तौर पर देह व्यापार चलाने के गंभीर आरोप लगे हैं। एक गुप्त स्टिंग ऑपरेशन में इन गतिविधियों का खुलासा होने का दावा किया गया है, जिसने स्थानीय पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्टिंग ऑपरेशन के दौरान, एक होटल संचालक ने कथित रूप से ग्राहकों को 1500 से 2000 रुपये में महिलाओं और युवतियों की व्यवस्था करने की बात कही। यह भी दावा किया गया कि पसंद न आने पर दूसरी महिला बुलाने और कुछ ही मिनटों में व्यवस्था करने का भी वादा किया गया। जांच में यह भी सामने आने का दावा है कि इस नेटवर्क में न केवल युवतियां बल्कि शादीशुदा महिलाएं भी शामिल हैं, और होटल के कई कमरों में महिलाओं की मौजूदगी की बात कहते हुए ग्राहक को उनसे मिलवाने का प्रयास भी किया गया। सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब होटल संचालक ने कथित तौर पर यह कहकर बड़े सवाल खड़े किए कि 'सबका हिस्सा सेट है' और किसी भी संभावित कार्रवाई की सूचना उन्हें पहले ही मिल जाती है। यदि यह दावा सही पाया जाता है, तो यह मामला केवल अवैध देह व्यापार तक सीमित न रहकर पूरे प्रशासनिक तंत्र की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। सूत्रों के अनुसार, स्टिंग ऑपरेशन से जुड़ी जानकारी और तस्वीरें सुलतानपुर पुलिस अधीक्षक को भी भेजी गई हैं, हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी बड़ी कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई थी। स्थानीय नागरिकों का लंबे समय से कहना है कि क्षेत्र के कुछ होटलों में संदिग्ध गतिविधियों की चर्चाएं होती रही हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर स्थिति यथावत बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि शिकायतकर्ता अक्सर डर के माहौल में रहते हैं। फिलहाल, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेजी से बढ़ रही है। यदि आरोप सही सिद्ध होते हैं, तो यह सामाजिक सुरक्षा, कानून व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा एक बड़ा प्रकरण बन सकता है, वहीं यदि आरोप गलत हैं, तो जांच के माध्यम से सच्चाई सामने आनी चाहिए। पूरे क्षेत्र को अब इस बड़े सवाल के जवाब का इंतजार है कि क्या लम्भुआ के होटलों की व्यापक जांच होगी, क्या स्टिंग ऑपरेशन के दावों की पुष्टि की जाएगी और क्या इस कथित गोरखधंधे पर प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई करेगा।1
- राजधानी लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र में, थाना परिसर के ठीक पीछे खाली ज़मीन पर कथित रूप से अवैध डग्गामार बसों का एक बड़ा अड्डा संचालित होने की स्थानीय चर्चा तेज़ हो गई है। क्षेत्रीय निवासियों का आरोप है कि इस जगह से रोज़ाना बड़ी संख्या में निजी बसें यात्रियों को लेकर विभिन्न ज़िलों के लिए निकलती हैं, जबकि इनके संचालन में नियमों का पालन न होने पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह गतिविधि लंबे समय से जारी है, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। आरोप है कि बिना किसी अधिकृत बस स्टेशन का उपयोग किए ही यात्रियों को बिठाकर बसों का संचालन किया जा रहा है, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है और सरकार को राजस्व का नुकसान होने की आशंका भी जताई जा रही है। नागरिकों के अनुसार, बसों के जमावड़े के कारण आसपास की सड़कों पर अक्सर जाम लग जाता है और सड़क किनारे यात्रियों के चढ़ने-उतरने से दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। स्थानीय लोगों में इस स्थिति को लेकर गहरी नाराजगी है, उनका आरोप है कि पुलिस, यातायात विभाग और परिवहन विभाग की मौजूदगी के बावजूद इस कथित अवैध संचालन पर रोक नहीं लग पा रही है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। इस पूरे प्रकरण में कई बड़े सवाल उठ रहे हैं: क्या दुबग्गा क्षेत्र में संचालित इन बसों के पास सभी आवश्यक अनुमति और दस्तावेज हैं? यदि यह संचालन अवैध है, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या संबंधित विभागों द्वारा नियमित जांच की जा रही है? और सरकारी राजस्व को होने वाले संभावित नुकसान की जिम्मेदारी कौन तय करेगा? स्थानीय नागरिकों ने ज़िला प्रशासन, परिवहन विभाग और पुलिस अधिकारियों से इस मामले का संज्ञान लेकर जांच कराने तथा अवैध रूप से चल रहे इस बस स्टैंड पर प्रभावी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।3
- लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र के पुरनिया इलाके में स्थित एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई है, जिसमें बच्चों और छात्रों की मौत की सूचना सामने आ रही है। कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हादसे में 10 से 12 लोगों की मौत की आशंका जताई गई है, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक संख्या जारी होने का इंतजार है। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जहाँ कई छात्र अपनी जान बचाने के लिए बिल्डिंग की छत और बालकनी से कूदते भी दिखाई दिए। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस गंभीर हादसे का संज्ञान लिया है। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही घायलों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने और पूरी घटना पर निरंतर निगरानी रखने के आदेश भी दिए गए हैं।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए एक भीषण अग्निकांड में बच्चों की मौत का हृदयविदारक दृश्य देखकर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक भावुक हो गए और रो पड़े। इस दुखद घटना में अभी तक 14 बच्चों की जान जा चुकी है।2