लखनऊ कमिश्नरेट के उत्तरी ज़ोन के मड़ियांव थाने में मोहर्रम के आगामी त्यौहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से पीस कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता डीसीपी उत्तरी ज़ोन गोपाल कृष्ण चौधरी ने की। बैठक में थाना प्रभारी मड़ियांव शिवानंद मिश्र, थाना प्रभारी अलीगंज ध्रुव कुमार, थाना प्रभारी महिगवा राधेश्याम मौर्य, थाना प्रभारी सैरपुर मनोज कोरी और थाना प्रभारी जानकीपुरम विनोद तिवारी सहित अन्य पुलिस अधिकारी और क्षेत्र के नागरिक उपस्थित रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मोहर्रम के अवसर पर ताज़िया जुलूस पूर्व निर्धारित मार्गों से ही निकाला जाएगा और जुलूस के रूट में किसी भी प्रकार का परिवर्तन स्वीकार नहीं किया जाएगा। डीसीपी ने लोगों से अपील की कि यदि किसी प्रकार की समस्या या विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए। उन्होंने सभी लोगों से त्योहार को शांतिपूर्ण और आपसी भाईचारे के साथ मनाने का आग्रह किया।
लखनऊ कमिश्नरेट के उत्तरी ज़ोन के मड़ियांव थाने में मोहर्रम के आगामी त्यौहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से पीस कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता डीसीपी उत्तरी ज़ोन गोपाल कृष्ण चौधरी ने की। बैठक में थाना प्रभारी मड़ियांव शिवानंद मिश्र, थाना प्रभारी अलीगंज ध्रुव कुमार, थाना प्रभारी महिगवा राधेश्याम मौर्य, थाना प्रभारी सैरपुर मनोज कोरी और थाना प्रभारी जानकीपुरम विनोद तिवारी सहित अन्य पुलिस अधिकारी और क्षेत्र के नागरिक उपस्थित रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मोहर्रम के अवसर पर ताज़िया जुलूस पूर्व निर्धारित मार्गों से ही निकाला जाएगा और जुलूस के रूट में किसी भी प्रकार का परिवर्तन स्वीकार नहीं किया जाएगा। डीसीपी ने लोगों से अपील की कि यदि किसी प्रकार की समस्या या विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए। उन्होंने सभी लोगों से त्योहार को शांतिपूर्ण और आपसी भाईचारे के साथ मनाने का आग्रह किया।
- लखनऊ में मोहर्रम पर्व के अवसर पर पुलिस उपायुक्त पश्चिम, श्री एस.एम. कासिम आबिदी ने रावतपुर थाना क्षेत्र के प्रमुख बाजारों, संवेदनशील स्थलों, ताजिया मार्गों और मुख्य चौराहों पर पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस गश्त के दौरान, पुलिस उपायुक्त पश्चिम महोदय ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल को सतर्क और मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षेत्र में शांति, सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए। साथ ही, उन्होंने स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और आयोजकों से संवाद स्थापित कर सहयोग बनाए रखने की अपील की। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन चेकिंग कराई गई और संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए।1
- पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने हाल ही में मिली धमकियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि वे इस तरह की छोटी-मोटी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे हमेशा जनता के बीच रहे हैं और भविष्य में भी बिना किसी भय के अपना काम जारी रखेंगे।1
- उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति पुलिस की वर्दी पहनकर खुद को इंस्पेक्टर बताकर रौब झाड़ने लगा। उसकी गतिविधियों को देखकर मौके पर मौजूद लोगों को शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी।1
- G7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच गर्मजोशी भरी मुलाकात देखने को मिली। इस मुलाकात के दौरान ट्रंप का व्यवहार स्पष्ट रूप से मोदी के प्रति प्रशंसा दर्शाता था, मानो वह उनके 'दीवाने' हों। यह घटनाक्रम वैश्विक मंच पर प्रधानमंत्री मोदी के बढ़ते प्रभाव और भारत की बढ़ती ताकत व सम्मान को उजागर करता है। प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति और अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ उनकी सहजता दर्शाती है कि भारत आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों पर है।1
- लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र के अंतर्गत चिनहट तिराहे के पास अवैध डग्गामार बसों का लगातार बढ़ता जमावड़ा स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। इन बसों के सड़क किनारे खड़े रहने से क्षेत्र में आए दिन लंबा जाम लग जाता है, जिससे आम नागरिकों, छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और अन्य वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्रीय नागरिकों के अनुसार, चिनहट तिराहा राजधानी के प्रमुख और व्यस्त चौराहों में से एक है, जहाँ दिनभर वाहनों की आवाजाही रहती है। इसके बावजूद अवैध बस संचालक खुलेआम यात्रियों को बिठाने के लिए बसों को सड़क पर खड़ा कर देते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होती है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि ट्रैफिक पुलिस और क्षेत्रीय पुलिस की अनुपस्थिति या प्रभावी कार्रवाई न होने के कारण इन अवैध बस संचालकों के हौसले बढ़े हुए हैं। कई बार शिकायतें किए जाने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। राहगीरों का कहना है कि सुबह और शाम के व्यस्त समय में जाम की समस्या और भी गंभीर हो जाती है, जिससे एम्बुलेंस, स्कूल बसों और अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहनों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि चिनहट तिराहे पर अवैध डग्गामार बसों के संचालन पर तुरंत रोक लगाई जाए और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए नियमित अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को जाम की समस्या से राहत मिल सके। स्थानीय लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर जिम्मेदार विभाग इन अवैध डग्गामार बसों के खिलाफ कब प्रभावी कार्रवाई करेगा।1
- लखनऊ के बख्शी का तालाब स्थित प्राचीन मां चंद्रिका देवी मंदिर में श्रद्धालुओं के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है। मंदिर के दुकानदार धर्मेंद्र गुप्ता और शुभम गुप्ता पर कार सवार एक श्रद्धालु परिवार से दुर्व्यवहार करने का आरोप है। यह विवाद दुकान के सामने कार खड़ी करने को लेकर शुरू हुआ, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें तीखी बहस साफ दिख रही है। श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्होंने गाड़ी हटाने की बात कही थी, इसके बावजूद दुकानदार भड़क उठे और मौके पर अपशब्दों व अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। इस घटना के बाद मंदिर की सुरक्षा के लिए 24 घंटे पुलिस तैनात होने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर सवाल उठ रहे हैं। कई वर्षों से चौकी पर तैनात चौकी इंचार्ज शशि भूषण पर दबंग दुकानदारों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगा है। मंदिर प्रशासन ने इस पूरे मामले की उच्च अधिकारियों से जांच कराने और लापरवाह पुलिसकर्मियों के साथ-साथ आरोपित दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- सीतापुर में भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस' के दावों के बीच, सोशल मीडिया पर अटरिया थाने में तैनात दरोगा इंद्रनारायण शुक्ला का एक कथित वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दरोगा पर चोरी के एक मुकदमे से नाम हटाने के एवज में पहले 10 हजार रुपये मांगने और बाद में 5 हजार रुपये पर बात तय होने का आरोप लगाया जा रहा है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर दरोगा को 5 हजार रुपये लेते हुए दिखाए जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इस वीडियो की सत्यता और इसमें दिख रहे घटनाक्रम की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस घटना ने सवाल खड़े किए हैं कि जब भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के दावे किए जा रहे हैं, तो ऐसे वीडियो बार-बार सामने क्यों आ रहे हैं? यह भी पूछा जा रहा है कि क्या रिश्वतखोरी पर लगाम लगाने के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं या जिम्मेदार अधिकारियों की नजर ऐसे मामलों से ओझल है? अब सबकी निगाहें सीतापुर पुलिस और उच्च अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस वायरल वीडियो की जांच कर सच्चाई सामने लाते हैं या यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।1
- लखनऊ में इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है। वायरल दावों के अनुसार, यह वीडियो फोटो खिंचवाने को लेकर कथित तौर पर हुई कहासुनी और बहस की स्थिति को दर्शाता है। वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं। कुछ यूज़र्स इस मामले पर अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं, जबकि कई लोग पूरे घटनाक्रम की सत्यता जानने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो में किए जा रहे दावों की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित पक्ष के बयान या किसी आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1