लोकेशन मैहर *मध्यप्रदेश सरकार के बड़े-बड़े दावों की पोल खुली बम्हंगवा में जर्जर स्कूल भवन की दीवार गिरने से 5 वीं के छात्र की मौत क्षेत्र में शोक* औद्योगिक नगरी कैमोर से सटे विजयराघवगढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम बम्हंगवा में स्थित शासकीय माध्यमिक शाला में एक दर्दनाक हादसा हो गया। स्कूल की पुरानी जर्जर बिल्डिंग की दीवार गिरने से कक्षा 5 वीं के छात्र राजकुमार बर्मन की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजकुमार बर्मन सुबह लगभग 11 बजे शौच के लिए स्कूल परिसर में गया था। उसी दौरान पुरानी इमारत की दीवार अचानक ढह गई और वह उसके नीचे दब गया। कुछ समय तक छात्र दबा रहा, बाद में जब एक अन्य छात्र उसे खोजते हुए वहां पहुंचा तो उसने राजकुमार को मलबे के नीचे दबा देखा। तत्काल एम्बुलेंस को सूचना दी गई, लेकिन एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंची। इसके बाद स्थानीय लोगों ने ऑटो से छात्र को शासकीय अस्पताल विजयराघवगढ़ पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। स्थानीय लोगों और परिजनों का आरोप है कि जर्जर भवन को पहले ही हटाया जाना चाहिए था। उनका कहना है कि लापरवाही के कारण एक मासूम की जान चली गई। बताया जा रहा है कि मृतक के पिता का एक वर्ष पहले बीमारी से निधन हो चुका था और उसकी मां फुल्की का ठेला लगाकर परिवार का भरण-पोषण करती है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय के पास स्थित अदानी एसीसी BMG माइंस में होने वाली भारी ब्लास्टिंग से नई इमारत की दीवारों में भी दरारें पड़ चुकी हैं, जबकि पुराना भवन पहले से ही जर्जर था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब भवन की स्थिति खतरनाक थी तो उसे समय रहते हटाया क्यों नहीं गया। इस हादसे ने शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि कई स्कूल भवनों की हालत दयनीय है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। अब लोग दोषियों पर कार्रवाई और जर्जर भवनों के तत्काल सर्वे व ध्वस्तीकरण की मांग कर रहे हैं।
लोकेशन मैहर *मध्यप्रदेश सरकार के बड़े-बड़े दावों की पोल खुली बम्हंगवा में जर्जर स्कूल भवन की दीवार गिरने से 5 वीं के छात्र की मौत क्षेत्र में शोक* औद्योगिक नगरी कैमोर से सटे विजयराघवगढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम बम्हंगवा में स्थित शासकीय माध्यमिक शाला में एक दर्दनाक हादसा हो गया। स्कूल की पुरानी जर्जर बिल्डिंग की दीवार गिरने से कक्षा 5 वीं के छात्र राजकुमार बर्मन की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजकुमार बर्मन सुबह लगभग 11 बजे शौच के लिए स्कूल परिसर में गया था। उसी दौरान पुरानी इमारत की दीवार अचानक ढह गई और वह उसके नीचे दब गया। कुछ समय तक छात्र दबा रहा, बाद में जब एक अन्य छात्र उसे खोजते हुए वहां पहुंचा तो उसने राजकुमार को मलबे के नीचे दबा देखा। तत्काल एम्बुलेंस को सूचना दी गई, लेकिन एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंची। इसके बाद स्थानीय लोगों ने ऑटो से छात्र को शासकीय अस्पताल विजयराघवगढ़ पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। स्थानीय लोगों और परिजनों का आरोप है कि जर्जर भवन को पहले ही हटाया जाना चाहिए था। उनका कहना है कि लापरवाही के कारण एक मासूम की जान चली गई। बताया जा रहा है कि मृतक के पिता का एक वर्ष पहले बीमारी से निधन हो चुका था और उसकी मां फुल्की का ठेला लगाकर परिवार का भरण-पोषण करती है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय के पास स्थित अदानी एसीसी BMG माइंस में होने वाली भारी ब्लास्टिंग से नई इमारत की दीवारों में भी दरारें पड़ चुकी हैं, जबकि पुराना भवन पहले से ही जर्जर था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब भवन की स्थिति खतरनाक थी तो उसे समय रहते हटाया क्यों नहीं गया। इस हादसे ने शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि कई स्कूल भवनों की हालत दयनीय है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। अब लोग दोषियों पर कार्रवाई और जर्जर भवनों के तत्काल सर्वे व ध्वस्तीकरण की मांग कर रहे हैं।
- मैहर - फर्जी वारिसाना एंव ऋण पुस्तिका तैयार कर आदिवासियों की जमीन हड़प कर अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी मैहर को बेचने के मामले में EOW रीवा में 9 से ज्यादा आरोपियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज। कार्रवाई के बारे में जानकारी देते EOW रीवा के एसपी डॉ.अरविंद सिंह ठाकुर2
- सतना-हवाई पट्टी मोड़ के सामने बोलेरो ने वैन को मारी टक्कर महिला सहित एक बच्चा घायल भेजा गया जिला अस्पताल #reels #reelsinstagram #vairal #news #vairalvideo1
- मैहर: आदिवासियों की साढ़े तीन हेक्टेयर जमीन हड़पने का पर्दाफाश; EOW ने दर्ज किया धोखाधड़ी का मामला रीवा/मैहर: मध्य प्रदेश के मैहर जिले में आदिवासियों की बेशकीमती जमीन को फर्जीवाड़े के जरिए बेचने और करोड़ों रुपये के गबन का एक बड़ा मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) रीवा ने इस संबंध में राजस्व विभाग के तत्कालीन अधिकारियों और बिचौलियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्या है पूरा मामला? EOW रीवा के एसपी डॉ. अरविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि मामला मैहर जिले के ग्राम बदनपुर का है। यहाँ अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री के समीप स्थित आदिवासियों की लगभग 3.5 हेक्टेयर (साढ़े तीन हेक्टेयर) जमीन को फर्जी तरीके से हड़प लिया गया।1
- जनपद पंचायत उचेहरा की ग्राम पंचायत में घटिया सामग्री की सप्लाई1
- Post by Pushpendra Kumar Ravi1
- Post by Rudra Pratap Singh Parihar1
- रीवा में बीच ओवरब्रिज गाड़ियां लगाकर लेट गए बदमाश, VIDEO: गैंगस्टर रील मेकर गैंग ने फैलाई दहशत, लोगों को धमकाया रीवा शहर के सिरमौर चौराहा ओवर ब्रिज पर एक खतरनाक घटना ने लोगों की रफ्तार रोक दी। जानकारी के मुताबिक, 7 से 8 युवकों की एक गैंग ने ओवर ब्रिज के बीच सड़क पर गाड़ियां खड़ी कर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया और खुद गाड़ियों में लेटकर आराम फरमाया। इस दौरान उन्होंने अपने आप को 'गैंगस्टर' साबित करने के लिए वीडियो भी बनाया, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। गैंगस्टर रील की इस करतूत ने राहगीरों में दहशत फैला दी। कुछ लोगों ने बताया कि जब उन्होंने सड़क रोकने का विरोध किया, तो युवकों ने अभद्रता की और धमकी भरे शब्दों का प्रयोग किया। इस पूरी घटना से आम लोग भयभीत नजर आए और वहां मौजूद वाहन चालक फंस गए। पुलिस ने मामले की जानकारी मिलने के बाद चालानी कार्यवाही की। थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल ने बताया कि युवकों को वीडियो के सामने आने के बाद थाने लाया गया और उनकी बाइक जब्त कर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। हालांकि, पुलिस की यह कार्रवाई आम लोगों के लिए राहत का कारण रही, लेकिन गैंगस्टर रील की इस निडर हरकत ने शहर में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि कुछ युवा खुद को कानून से ऊपर समझते हैं और सड़क को अपनी 'गैंगस्टर' स्टाइल की रील शूटिंग के लिए इस्तेमाल करते हैं। शहरवासियों ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।1
- कार्रवाई के बारे में जानकारी देते EOW रीवा के एसपी डॉ.अरविंद सिंह ठाकुर1