रायसेन जिले में कलेक्टर श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। इस दौरान बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत प्रकरणों, खुला आश्रय गृह में लाभान्वित बालकों, तथा स्पांसरशिप और पीएम केयर योजनाओं से जुड़े बालकों की स्थितियों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ सुनिश्चित किया जाए। बैठक में बताया गया कि अप्रैल 2026 से जून 2026 की अवधि के दौरान बाल कल्याण समिति के समक्ष कुल 44 प्रकरण प्रस्तुत हुए, जिनमें से 38 प्रकरणों का निराकरण कर लिया गया है और शेष पर आवश्यक कार्यवाही जारी है। जिले में संचालित एकमात्र खुला आश्रय गृह अशासकीय संस्था सियावास समाज कल्याण समिति, बेगमगंज द्वारा चलाया जा रहा है। यह आश्रय गृह 25 बालकों को अस्थायी रूप से आश्रय प्रदान कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने का प्रयास कर रहा है। स्पांसरशिप योजना की समीक्षा के दौरान यह जानकारी दी गई कि जिले में इस योजना के तहत 719 बालकों का चिन्हांकन किया गया है। इन सभी बालकों को शासन से प्राप्त बजट के अनुसार प्रतिमाह चार हजार रुपये प्रति बालक की राशि प्रदान की जाती है। इसी प्रकार, कोविड-19 के अंतर्गत जिले में 19 बालकों को प्रतिमाह पांच हजार रुपये प्रति बालक के मान से राशि प्रदान की जा रही है। पीएम केयर योजना के तहत जिले के 02 बालकों को भी लाभान्वित किया जा रहा है। इन दोनों बालकों को शासन के निर्देशों के अनुसार दस लाख रुपये की एकमुश्त राशि उनके बैंक खाते में जमा की गई है, और साथ ही प्रतिमाह पांच हजार रुपये प्रति बालक के मान से अतिरिक्त राशि भी प्रदान की जा रही है।
रायसेन जिले में कलेक्टर श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। इस दौरान बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत प्रकरणों, खुला आश्रय गृह में लाभान्वित बालकों, तथा स्पांसरशिप और पीएम केयर योजनाओं से जुड़े बालकों की स्थितियों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ सुनिश्चित किया जाए। बैठक में बताया गया कि अप्रैल 2026 से जून 2026 की अवधि के दौरान बाल कल्याण समिति के समक्ष कुल 44 प्रकरण प्रस्तुत हुए, जिनमें से 38 प्रकरणों का निराकरण कर लिया गया है और शेष पर आवश्यक कार्यवाही जारी है। जिले में संचालित एकमात्र खुला आश्रय गृह अशासकीय संस्था सियावास समाज कल्याण समिति, बेगमगंज द्वारा चलाया जा रहा है। यह आश्रय गृह 25 बालकों को अस्थायी रूप से आश्रय प्रदान कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने का प्रयास कर रहा है। स्पांसरशिप योजना की समीक्षा के दौरान यह जानकारी दी गई कि जिले में इस योजना के तहत 719 बालकों का चिन्हांकन किया गया है। इन सभी बालकों को शासन से प्राप्त बजट के अनुसार प्रतिमाह चार हजार रुपये प्रति बालक की राशि प्रदान की जाती है। इसी प्रकार, कोविड-19 के अंतर्गत जिले में 19 बालकों को प्रतिमाह पांच हजार रुपये प्रति बालक के मान से राशि प्रदान की जा रही है। पीएम केयर योजना के तहत जिले के 02 बालकों को भी लाभान्वित किया जा रहा है। इन दोनों बालकों को शासन के निर्देशों के अनुसार दस लाख रुपये की एकमुश्त राशि उनके बैंक खाते में जमा की गई है, और साथ ही प्रतिमाह पांच हजार रुपये प्रति बालक के मान से अतिरिक्त राशि भी प्रदान की जा रही है।
- मध्य प्रदेश से RE-NEET परीक्षा से जुड़ा एक भावुक कर देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचने के कारण एक छात्रा को प्रवेश नहीं मिला। वीडियो में दिखाया गया है कि छात्रा अपने पिता के साथ परीक्षा केंद्र पर पहुंची थी, लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के कारण नियमों के तहत उसे अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। यह हृदय विदारक दृश्य देख, अपनी बेटी के भविष्य के लिए कथित तौर पर अपनी ज़मीन-जायदाद तक बेचकर उसकी तैयारी कराने वाले पिता का सब्र टूट गया और वह वहीं सड़क पर फूट-फूटकर रोने लगे। पिता की ऐसी हालत देखकर बेटी भी खुद को संभाल नहीं पाई और वह भी फूट-फूटकर रो पड़ी। इस घटना से यह बड़ी सीख मिलती है कि परीक्षा के दिन समय का हर एक मिनट अत्यंत कीमती होता है और ऐसी दुखद स्थिति से बचने के लिए हमेशा समय से काफी पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना चाहिए।1
- रायसेन जिले से राज्य स्वास्थ्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने विश्व योग दिवस के अवसर पर वर्ल्ड हेरिटेज सांची में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की।1
- रायसेन जिले में बारिश के मौसम के बीच सांची मार्ग की बदहाली और प्रशासनिक लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने मानसूनी बारिश से पहले सड़क की मरम्मत को आवश्यक नहीं समझा, लेकिन अब भारी मानसूनी वर्षा के बीच ही आनन-फानन में डामरीकरण और पैचवर्क का काम करवाया जा रहा है। बारिश के पानी के बीच हो रहे इस निर्माण कार्य से सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जब यह काम धूप में आसानी से किया जा सकता था, तब अधिकारी निष्क्रिय रहे। अब बारिश के दौरान केवल खानापूर्ति की जा रही है, जो कुछ ही दिनों में फिर से खराब हो जाएगी। जनता ने इसे सरकारी बजट का सीधा दुरुपयोग बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।1
- विदिशा के ग्राम मणिपुर में रहने वाले कई किसानों ने कलेक्टर के सामने गुहार लगाई है। किसानों का आरोप है कि मालम सिंह नामक एक व्यक्ति ने उनके खेतों तक बिजली पहुंचाने वाली पंप लाइन को बीच में रोककर उस पर कब्जा कर लिया है, जिससे पिछले तीन महीनों से पानी की आपूर्ति बंद है। उनका कहना है कि लाइन खोलने के लिए कहने पर वह व्यक्ति खुद आत्महत्या करने की चेतावनी देता है और उन्हें जान से मारने की धमकी भी देता है। किसानों ने बताया कि इस कब्जे के कारण उनकी मूंग की फसल खराब हो चुकी है। अब वे धान की फसल की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन यदि समय पर पानी नहीं मिला तो यह फसल भी खराब हो जाएगी। किसानों के अनुसार, उन्होंने इस समस्या को लेकर विभिन्न जगहों पर शिकायतें की थीं, लेकिन कहीं से भी कोई समाधान नहीं निकला, जिसके बाद वे आज कलेक्टर से शिकायत करने आए हैं।4
- एक विद्यालय की छत पिछले 12 सालों से टूटी हुई है, जिसके कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कई बार स्थानीय विधायक और अन्य नेताओं को आवेदन दिए गए हैं। हालांकि, हर बार इन जनप्रतिनिधियों ने केवल झूठी तसल्ली देकर आश्वासन दिया, लेकिन आज तक विद्यालय के निर्माण का काम पूरा नहीं हो पाया है।4
- 1857 की क्रांति की महान वीरांगना और झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई के छठवीं पीढ़ी के वंशज का विदिशा की पवित्र धरती पर भव्य स्वागत किया गया। विदिशा विरासत ग्रुप के परिवार द्वारा उनका जोरदार सम्मान किया गया। इस दौरान, वंशज ने महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल के पास स्थित प्रतिमा का अवलोकन किया और ज्योति स्तंभ को भी देखने पहुँचे। विदिशा विरासत ग्रुप के अध्यक्ष गोविंद देवरिया और महारानी लक्ष्मीबाई के छठवीं पीढ़ी के वंशज से इस संबंध में चर्चा की गई।4
- रायसेन जिले के त्रिमूर्ति चौराहा के पास एक एक्सयूवी वाहन ने कहर मचाते हुए एक बाइक और एक यूको कार को टक्कर मार दी।1