जनपद कुशीनगर के जिलाधिकारी ने प्रमुख सचिव, कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ को पत्र प्रेषित कर पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अंतर्गत केला उत्पादक किसानों की लंबित क्षतिपूर्ति राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराए जाने का अनुरोध किया है। यह भुगतान अब तक किसानों को प्राप्त नहीं हुआ है। जिलाधिकारी ने अपने पत्र में जानकारी दी है कि खरीफ 2023 और खरीफ 2024 के दौरान कुशीनगर जिले में केले की फसल का बड़े पैमाने पर बीमा कराया गया था। खरीफ 2023 में कुल 991 किसानों द्वारा 301.309 हेक्टेयर क्षेत्रफल तथा खरीफ 2024 में 686 किसानों द्वारा 245.225 हेक्टेयर क्षेत्रफल में केले की फसल बीमित कराई गई थी। उन्होंने बताया कि इन दोनों वर्षों में जिले में आई तीव्र आंधी, अत्यधिक वर्षा तथा अन्य प्रतिकूल मौसमीय परिस्थितियों के कारण केले की फसल को व्यापक क्षति पहुंची, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। किसानों द्वारा निर्धारित प्रीमियम राशि का भुगतान किए जाने के बावजूद, उन्हें अभी तक क्षतिपूर्ति राशि प्राप्त नहीं हो सकी है, जिसके लिए कृषक लगातार किसान दिवस सहित विभिन्न अवसरों पर अपनी प्रतिपूर्ति की मांग उठाते रहे हैं। किसानों के हितों को दृष्टिगत रखते हुए, जिलाधिकारी ने प्रमुख सचिव कृषि से अनुरोध किया है कि संबंधित अधिकारियों एवं बीमा कंपनी को आवश्यक निर्देश प्रदान किए जाएं ताकि खरीफ 2023 एवं खरीफ 2024 की लंबित क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान यथाशीघ्र हो सके और प्रभावित किसानों को समयबद्ध राहत मिल सके। जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया है कि किसानों के हितों का संरक्षण शासन एवं प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, और उन्हें उनका न्यायोचित लाभ दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
जनपद कुशीनगर के जिलाधिकारी ने प्रमुख सचिव, कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ को पत्र प्रेषित कर पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अंतर्गत केला उत्पादक किसानों की लंबित क्षतिपूर्ति राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराए जाने का अनुरोध किया है। यह भुगतान अब तक किसानों को प्राप्त नहीं हुआ है। जिलाधिकारी ने अपने पत्र में जानकारी दी है कि खरीफ 2023 और खरीफ 2024 के दौरान कुशीनगर जिले में केले की फसल का बड़े पैमाने पर बीमा कराया गया था। खरीफ 2023 में कुल 991 किसानों द्वारा 301.309 हेक्टेयर क्षेत्रफल तथा खरीफ 2024 में 686 किसानों द्वारा 245.225 हेक्टेयर क्षेत्रफल में केले की फसल बीमित कराई गई थी। उन्होंने बताया कि इन दोनों वर्षों में जिले में आई तीव्र आंधी, अत्यधिक वर्षा तथा अन्य प्रतिकूल मौसमीय परिस्थितियों के कारण केले की फसल को व्यापक क्षति पहुंची, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। किसानों द्वारा निर्धारित प्रीमियम राशि का भुगतान किए जाने के बावजूद, उन्हें अभी तक क्षतिपूर्ति राशि प्राप्त नहीं हो सकी है, जिसके लिए कृषक लगातार किसान दिवस सहित विभिन्न अवसरों पर अपनी प्रतिपूर्ति की मांग उठाते रहे हैं। किसानों के हितों को दृष्टिगत रखते हुए, जिलाधिकारी ने प्रमुख सचिव कृषि से अनुरोध किया है कि संबंधित अधिकारियों एवं बीमा कंपनी को आवश्यक निर्देश प्रदान किए जाएं ताकि खरीफ 2023 एवं खरीफ 2024 की लंबित क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान यथाशीघ्र हो सके और प्रभावित किसानों को समयबद्ध राहत मिल सके। जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया है कि किसानों के हितों का संरक्षण शासन एवं प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, और उन्हें उनका न्यायोचित लाभ दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर द्वारा एक व्यापक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों तथा प्रभारी जनपद न्यायाधीश, कुशीनगर राम अवतार यादव के मार्गदर्शन में, प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर प्रभात सिंह के निर्देशन में हुआ। कार्यक्रम का आयोजन दीवानी न्यायालय परिसर, कुशीनगर, जिला कारागार देवरिया, बाल संप्रेक्षण गृह (किशोर) गोरखपुर के साथ-साथ जनपद कुशीनगर के विभिन्न क्षेत्रों में किया गया। इस कार्यक्रम में योग प्रशिक्षक शिवम मिश्रा और योग सहायक योगेन्द्र वर्मा ने उपस्थित न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और पैरा लीगल वालंटियर्स को विभिन्न योगासन तथा योगाभ्यास करवाए। उन्होंने नियमित योग से होने वाले शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी भी दी। इस अवसर पर प्रभारी जनपद न्यायाधीश राम अवतार यादव, प्रभारी सचिव प्रभात सिंह, सिविल जज (जू.डि.) अजीत मिश्रा, न्यायिक अधिकारी तमकुहीराज विवेक प्रजापति, सिस्टम ऑफिसर सर्फराज सहित कर्मचारी संजय कुमार, राजकुमार वर्मा, संदीप गोविंद राव, अश्वनी, अमरनाथ यादव, अनूज सिंह, विक्रम, अनिश, रविन्द्र एवं मारकण्डेय यादव तथा पैरा लीगल वालंटियर्स अनिल चौहान, इकबाल अंसारी, अमिताभ श्रीवास्तव, धर्मेन्द्र और अन्य लोग उपस्थित रहे।1
- 12वें विश्व योग दिवस के अवसर पर कुशीनगर की ऐतिहासिक महापरिनिर्वाण स्थली पर हजारों लोगों ने योगाभ्यास किया। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन, आयुष विभाग और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। इस समारोह में भारत नाट्य अकादमी के अध्यक्ष रति शंकर त्रिपाठी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। गोरखपुर के आयुक्त, कुशीनगर के जिलाधिकारी, सांसद, विधायक सहित अन्य कर्मचारी और गणमान्य व्यक्तियों ने भी योग सत्र में भाग लिया। इस पूरे आयोजन का आधार 'स्वस्थ आयु के लिए योग' थीम पर केंद्रित था।4
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कुशीनगर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में योग प्रशिक्षक शिवम मिश्रा और योग सहायक योगेन्द्र वर्मा ने उपस्थित न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और पैरा लीगल वालेंटियर्स को विभिन्न प्रकार के योगाभ्यास कराए। उन्होंने योगासन और नियमित योग के लाभों के बारे में भी जानकारी दी। इस अवसर पर प्रभारी जनपद न्यायाधीश राम अवतार यादव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव प्रभात सिंह, सिविल जज (जू.डि.) अजीत मिश्रा, तमकुहीराज के न्यायाधिकारी विवेक प्रजापति, सिस्टम आफिसर सर्फराज सहित कर्मचारी संजय कुमार, राजकुमार वर्मा, संदीप गोविन्द राव, अश्वनी, अमरनाथ यादव, अनूज सिंह, विक्रम, अनिश, रविन्द्र, मारकण्डेय यादव और पैरा लीगल वालेंटियर्स अनिल चौहान, इकबाल अंसारी, अमिताभ श्रीवास्तव, धर्मेन्द्र भी मौजूद रहे।3
- बगहा में स्वच्छता की स्थिति अत्यंत दयनीय बताई गई है।1
- कुशीनगर के तमकुही राज स्थित मदरसा गौसिया इमदादुल उलूम में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस विशेष अवसर पर मदरसे के सभी शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे, जिन्होंने योग दिवस समारोह में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की।1
- कुशीनगर जिले के रविन्द्र नगर थाना क्षेत्र स्थित कोहड़ा गांव में एक दर्दनाक ट्रांसफार्मर ब्लास्ट की घटना सामने आई है, जिसमें एक ही परिवार के पति-पत्नी सहित उनके दो मासूम बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को तत्काल एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और पीड़ित परिजनों में चीख-पुकार मच गई। इस भीषण हादसे को विद्युत विभाग की बड़ी लापरवाही का नतीजा बताया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि इस ट्रांसफार्मर ब्लास्ट ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूचना मिलते ही मौके पर एडीएम, अपर पुलिस अधीक्षक, सीएमओ और पडरौना के एसडीएम सहित कई अधिकारी पहुंचे। स्थानीय लोग इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1