झोलाछाप डॉक्टर कहकर गांव घर में घूम-घूम कर इलाज करने वाले को लेकर सदन में बोले मंत्री मंगल पांडे तो.. भड़क उठे उपेंद्र कुशवाहा के युवा नेता ...!! कहा यदि यह डॉक्टर गांव में नहीं होगा तो गरीब बिना इलाज के मर जाएंगे क्योंकि ज्यादातर बड़े-बड़े डॉक्टर तो लूटमचा रखें है।। और सरकारी अस्पताल का तो हालत सभी लोग जानते ही हैं।। झोलाछाप डॉक्टर कहकर संबोधित करना सही नहीं है।। गांव घर के डॉक्टर को भी बड़े केसों से बचना चाहिए।। उक्त बातें उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLM के युवा प्रकोष्ठ के निवर्तमान जिलाध्यक्ष नवीन सिंह कुशवाहा ने कहा।। हमारे ग्रामीण चिकित्सक हमारे देश की शान स्वाभिमान है अगर बड़े डाक्टर मरीज को दवाई इंजेक्शन देकर घर भेजते हैं तो इंजेक्शन भी देने के लिए सुबह शाम घर घर जाना पड़ेगा रहा सवाल जिसे झोलाछाप बोल रहे हैं उसे ये नहीं पता के रात के 12 बजे ये MBBS बेखबर होकर सोते हैं तब यही जिसे ये झोलाछाप बोल रहे हैं वो जाकर जान बचाते हैं बिना फीस के और वो भी 200-300 में और पैसे कब मिलेगा कुछ पता नहीं वो भी उधारी में आज मैं भी 4 साल से प्रेक्टिस कर रहा हूं हम लोगों को सरकार ने ग्रामीण चिकित्सक एनआईओएस के माध्यम से 1 साल का ट्रेनिंग कराया जिसमें 5000 फीस के तौर पर लिया गया इसका बाकायदा एग्जाम कराएगा जिसमें हम लोगों ने उतरन हुए अभी तक हम लोगों का सर्टिफिकेट नहीं मिला है सरकार के द्वारा रोक दिया गया है और मंगल पांडे भी कोविद के समय इन ग्रामीण चिकित्सकों का सराहना करते हुए नहीं थक रहे थे अब नहीं ग्रामीण चिकित्सक ने खटक रहे हैं और उन पर कार्रवाई की बात कर रहे हैं जब आपको कोरोना में बड़े-बड़े डॉक्टर मरीज को नहीं देखे थे तब यही ग्रामीण चिकित्सक ने मरीजों को बचाने का काम किया है नहीं तो कोविद के समय और पर हवा स्थिति उत्पन्न हो सकती थी सरकार से हमें यात्रा करना चाहते हैं कि जिस प्रकार उन्होंने हमें झोलाछाप का टैग हटाने के लिए ग्रामीण चिकित्सक का ट्रेनिंग कराया इस प्रकार हमें स्वास्थ्य विभाग में समायोजन भी करें और हमें हमारा हक और सम्मान दे अगर ग्रामीण व शहरों में अगर वैद्य व हकीम या आयुर्वैदिक एक्सपर्ट और आयुर्वैदिक हेल्थ सेंटर है तो उन लोगों के पास उनका ज्ञान ही उनकी डिग्री होती है जबकि एक एमबीबीएस डॉक्टर के पास उसके बहुत सारे डॉक्यूमेंट होती है वह उनकी डिग्री होती है और वह करोड़ों रुपए का खर्च कर कर वह एमबीबीएस की डिग्री उसने ली है या एचडी की डिग्री लिए या एमबीएस की डिग्री लिए लेकिन जो छोटा क्लीनिक खोल कर बैठे हैं जो अपना कॉलोनी चला रहे हैं अपना रोजगार कर रहे हैं वह पैसों का लालच नहीं करते और वह केवल लोगों का इलाज करते हैं तो ऐसे लोगों को डॉक्टर जो वैद्य या हकीम एवं आयुर्वैदिक हेल्थ एक्सपर्ट उन लोगों को डॉक्टर को मान्यता देनी चाहिए क्योंकि यह जंगल से ऐसी ऐसी जड़ी बूटी ढूंढ कर लाते हैं और उसको कूट पीसकर बड़ी अचूक दवाइयां बना कर रोगी को देते हैं कम खर्चे में लोगों का इलाज हो जाता है डॉक्टर कह रहे हैं कि आपकी किडनी खराब हो गई किडनी ट्रांसफर करनी पड़ेगी या डॉक्टर कहते आपका लगवा है ब्लड कैंसर है या हार्ट अटैक आया तो आप इन छोटे-मोटे वैद्य या हकीम एवं आयुर्वैदिक हेल्थ एक्सपर्ट के पास जाते हो तो वह आपको कम खर्चे में तैयार कर देंगा क्योंकि ना तो वह आपके पास एक से करवाइए ना मरी करवाइए ना सीटी स्कैन कराएगा और ना सोनोग्राफी करवाइए अंदर ब्लड टेस्ट करवाइए केवल आपकी नाड़ी देख कर आपके रोगों का तुरंत इलाज कर लेगा जिससे आपका समय भी बचेगा पैसा भी बचेगा और कम खर्चे में आप पूरी तरह से स्वस्थ हो जाओगे तो इसलिए सरकार को ऐसे लोगों को मान्यता देनी चाहिए और जो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी है उन लोगों को भी इन लोगों को परेशान करना नहीं चाहिए क्योंकि यह समाज के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं जो बड़े-बड़े डिग्री लिए हुए डॉक्टर भी नहीं कर सकते वह कार्य यह छोटे-मोटे क्लिनिक लगाकर या आयुर्वेदिक हेल्थ और वैलनेस सेंटर लगाकर या छोटा-मोटा अपना क्लीनिक खोलकर जो बैठे हैं वह लोग समाज में बहुत ही बड़ा कार्य कर रहे हैं। आयुर्वेदिक थोड़ा लंबा समय लेता है लेकिन बीमारी को जड़ से समाप्त करता है बिना ऑपरेशन बिना काट साट और बिना चीरा फाहाड़ी के आपका इलाज बिल्कुल 100% संभव है। #fesbookpost
झोलाछाप डॉक्टर कहकर गांव घर में घूम-घूम कर इलाज करने वाले को लेकर सदन में बोले मंत्री मंगल पांडे तो.. भड़क उठे उपेंद्र कुशवाहा के युवा नेता ...!! कहा यदि यह डॉक्टर गांव में नहीं होगा तो गरीब बिना इलाज के मर जाएंगे क्योंकि ज्यादातर बड़े-बड़े डॉक्टर तो लूटमचा रखें है।। और सरकारी अस्पताल का तो हालत सभी लोग जानते ही हैं।। झोलाछाप डॉक्टर कहकर संबोधित करना सही नहीं है।। गांव घर के डॉक्टर को भी बड़े केसों से बचना चाहिए।। उक्त बातें उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLM के युवा प्रकोष्ठ के निवर्तमान जिलाध्यक्ष नवीन सिंह कुशवाहा ने कहा।। हमारे ग्रामीण चिकित्सक हमारे देश की शान स्वाभिमान है अगर बड़े डाक्टर मरीज को दवाई इंजेक्शन देकर घर भेजते हैं तो इंजेक्शन भी देने के लिए सुबह शाम घर घर जाना पड़ेगा रहा सवाल जिसे झोलाछाप बोल रहे हैं उसे ये नहीं पता के रात के 12 बजे ये MBBS बेखबर होकर सोते हैं तब यही जिसे ये झोलाछाप बोल रहे हैं वो जाकर जान बचाते हैं बिना फीस के और वो भी 200-300 में और पैसे कब मिलेगा कुछ पता नहीं वो भी उधारी में आज मैं भी 4 साल से प्रेक्टिस कर रहा हूं हम लोगों को सरकार ने ग्रामीण चिकित्सक एनआईओएस के माध्यम से 1 साल का ट्रेनिंग कराया जिसमें 5000 फीस के तौर पर लिया गया इसका बाकायदा एग्जाम कराएगा जिसमें हम लोगों ने उतरन हुए अभी तक हम लोगों का सर्टिफिकेट नहीं मिला है सरकार के द्वारा रोक दिया गया है और मंगल पांडे भी कोविद के समय इन ग्रामीण चिकित्सकों का सराहना करते हुए नहीं थक रहे थे अब नहीं ग्रामीण चिकित्सक ने खटक रहे हैं और उन पर कार्रवाई की बात कर रहे हैं जब आपको कोरोना में बड़े-बड़े डॉक्टर मरीज को नहीं देखे थे तब यही ग्रामीण चिकित्सक ने मरीजों को बचाने का काम किया है नहीं तो कोविद के समय और पर हवा स्थिति उत्पन्न हो सकती थी सरकार से हमें यात्रा करना चाहते हैं कि जिस प्रकार उन्होंने हमें झोलाछाप का टैग हटाने के लिए ग्रामीण चिकित्सक का ट्रेनिंग कराया इस प्रकार हमें स्वास्थ्य विभाग में समायोजन भी करें और हमें हमारा हक और सम्मान दे अगर ग्रामीण व शहरों में अगर वैद्य व हकीम या आयुर्वैदिक एक्सपर्ट और आयुर्वैदिक हेल्थ सेंटर है तो उन लोगों के पास उनका ज्ञान ही उनकी डिग्री होती है जबकि एक एमबीबीएस डॉक्टर के पास उसके बहुत सारे डॉक्यूमेंट होती है वह उनकी डिग्री होती है और वह करोड़ों रुपए का खर्च कर कर वह एमबीबीएस की डिग्री उसने ली है या एचडी की डिग्री लिए या एमबीएस की डिग्री लिए लेकिन जो छोटा क्लीनिक खोल कर बैठे हैं जो अपना कॉलोनी चला रहे हैं अपना रोजगार कर रहे हैं वह पैसों का लालच नहीं करते और वह केवल लोगों का इलाज करते हैं तो ऐसे लोगों को डॉक्टर जो वैद्य या हकीम एवं आयुर्वैदिक हेल्थ एक्सपर्ट उन लोगों को डॉक्टर को मान्यता देनी चाहिए क्योंकि यह जंगल से ऐसी ऐसी जड़ी बूटी ढूंढ कर लाते हैं और उसको कूट पीसकर बड़ी अचूक दवाइयां बना कर रोगी को देते हैं कम खर्चे में लोगों का इलाज हो जाता है डॉक्टर कह रहे हैं कि आपकी किडनी खराब हो गई किडनी ट्रांसफर करनी पड़ेगी या डॉक्टर कहते आपका लगवा है ब्लड कैंसर है या हार्ट अटैक आया तो आप इन छोटे-मोटे वैद्य या हकीम एवं आयुर्वैदिक हेल्थ एक्सपर्ट के पास जाते हो तो वह आपको कम खर्चे में तैयार कर देंगा क्योंकि ना तो वह आपके पास एक से करवाइए ना मरी करवाइए ना सीटी स्कैन कराएगा और ना सोनोग्राफी करवाइए अंदर ब्लड टेस्ट करवाइए केवल आपकी नाड़ी देख कर आपके रोगों का तुरंत इलाज कर लेगा जिससे आपका समय भी बचेगा पैसा भी बचेगा और कम खर्चे में आप पूरी तरह से स्वस्थ हो जाओगे तो इसलिए सरकार को ऐसे लोगों को मान्यता देनी चाहिए और जो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी है उन लोगों को भी इन लोगों को परेशान करना नहीं चाहिए क्योंकि यह समाज के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं जो बड़े-बड़े डिग्री लिए हुए डॉक्टर भी नहीं कर सकते वह कार्य यह छोटे-मोटे क्लिनिक लगाकर या आयुर्वेदिक हेल्थ और वैलनेस सेंटर लगाकर या छोटा-मोटा अपना क्लीनिक खोलकर जो बैठे हैं वह लोग समाज में बहुत ही बड़ा कार्य कर रहे हैं। आयुर्वेदिक थोड़ा लंबा समय लेता है लेकिन बीमारी को जड़ से समाप्त करता है बिना ऑपरेशन बिना काट साट और बिना चीरा फाहाड़ी के आपका इलाज बिल्कुल 100% संभव है। #fesbookpost
- जोधपुर, 4 अप्रैल। नई सड़क, जोधपुर में आज प्रातः 11 बजे एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक द्वारा “गो ग्रीन” अभियान के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण के प्रति आमजन को जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एसीपी जोधपुर श्रीमति छवि शर्मा पुलिस अधिकारी और डॉ. विकास राजपुरोहित जी, अधीक्षक, एमडीएम अस्पताल, जोधपुर तथा श्उपस्थित रहीं। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए नागरिकों से अधिकाधिक वृक्षारोपण एवं प्लास्टिक के उपयोग को कम करने का आह्वान किया। इस आयोजन का संचालन एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक राजस्थान के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री वीरेंद्र सिंह जी, क्षेत्रीय क्रेडिट प्रबंधक श्री कुंदन कुमार सिंह जी एवं जोधपुर से संभागीय प्रबंधक श्री मनीष गांधी जी के नेतृत्व में किया गया। उनके मार्गदर्शन में कार्यक्रम को सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। कार्यक्रम के दौरान बैंक की ओर से शहर के विभिन्न बाजारों में कपड़े/जूट के 1000 थैले वितरित किए गए, जिससे लोगों को प्लास्टिक के उपयोग से बचने के लिए प्रेरित किया जा सके। इस अभियान में एयू बैंक परिवार के लगभग 150-200 सदस्यों ने स्वेच्छा से भाग लिया, जो जोधपुर सहित राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों से आए थे। सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी नागरिकों से “गो ग्रीन” पहल को अपनाने एवं स्वच्छ व प्रदूषण मुक्त वातावरण के निर्माण में सहयोग करने की अपील की।1
- "नया जोश, नई उड़ान, राजस्थान युवा कांग्रेस की नई पहचान! पदमा सरगरा : प्रदेश महासचिव पद हेतु एक सशक्त विकल्प।" #RajasthanYouthCongress #SachinPilot #YouthCongress1
- Post by Pukhraj soni1
- *जयपुर में आंधी, तूफ़ान और उसके बाद बरसात और ओलावृष्टि* 03-04-2026 *.*1
- भगत की कोठी चेन्नई एक्सप्रेस मोकलसर रेल्वे स्टेशन पर ठहराव होने से लोगों में खुशी का माहौल है1
- नृत्य गोपालराम जी महाराज के सानिध्य में सिवाना कस्बे में हनुमान जयंती पर्व पर सिवाना कस्बे मे निकली भव्य शोभायात्रा सदर बाजार से रवाना हो कर बस स्टेशन गांधी चौक नगर पालिका होते हुए पुनः सदर बाजार पहुंच कर समापन हुई1
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- Post by Pukhraj soni1