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15 अक्टूबर से UPI के बड़े भुगतान पर लगेगा MDR, आम ग्राहक के लिए UPI रहेगा मुफ्त ₹2 हजार तक के मर्चेंट भुगतान पर कोई MDR नहीं, व्यक्ति से व्यक्ति पैसे भेजने पर भी नहीं लगेगा शुल्क भारत में देश में डिजिटल भुगतान के सबसे बड़े माध्यम UPI को लेकर 15 अक्टूबर 2026 से नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। हालांकि इसे लेकर आम लोगों में यह भ्रम है कि अब हर UPI भुगतान पर चार्ज देना पड़ेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसा नहीं है। नई व्यवस्था के तहत ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) यानी ग्राहक से दुकानदार को किए जाने वाले UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत Merchant Discount Rate (MDR) लागू होगा। यह राशि ग्राहक से अलग से वसूलने के लिए नहीं है। सरकार के अनुसार MDR भुगतान व्यवस्था से जुड़े बैंकों, भुगतान सेवा प्रदाताओं और UPI ऐप प्रदाताओं के बीच वितरित होगा। ₹2 हजार तक भुगतान पूरी तरह मुफ्त अगर कोई व्यक्ति दुकान पर ₹500, ₹1,000 या ₹2,000 का भुगतान UPI से करता है, तो इस नई व्यवस्था के तहत MDR नहीं लगेगा। इसके अलावा व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P भुगतान पूरी तरह मुफ्त रहेगा, चाहे रकम कितनी भी हो। मसलन, किसी ने अपने भाई, दोस्त या रिश्तेदार के खाते में ₹10 हजार या ₹50 हजार भेजे, तो इस नए MDR के कारण कोई शुल्क नहीं लगेगा। ₹2 हजार से ऊपर भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR ₹2,000 से अधिक के पात्र मर्चेंट UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR निर्धारित किया गया है। इसे ऐसे समझें— भुगतान की राशि0.4% के हिसाब से MDR₹3,000₹12₹5,000₹20₹10,000₹40₹20,000₹80₹50,000₹200₹75,000₹300₹1,00,000₹300 अधिकतम सीमा यानी ₹10 हजार के पात्र मर्चेंट भुगतान पर 0.4 प्रतिशत के हिसाब से ₹40 MDR बनता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ग्राहक के खाते से ₹10,040 काटे जाएंगे। MDR ग्राहक पर डालने की अनुमति नहीं है। बैंकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि व्यापारी MDR का बोझ ग्राहक पर न डालें। ₹75 हजार के बाद भी अधिकतम ₹300 नई व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण सीमा भी तय की गई है। ₹75,000 या उससे अधिक के पात्र मर्चेंट लेनदेन पर MDR अधिकतम ₹300 प्रति लेनदेन रहेगा। इसलिए ₹75 हजार के भुगतान पर 0.4 प्रतिशत के हिसाब से ₹300 बनता है। लेकिन ₹1 लाख के भुगतान पर 0.4 प्रतिशत यानी ₹400 बनने के बावजूद MDR ₹300 से अधिक नहीं होगा। छोटे दुकानदारों को राहत छोटे व्यापारियों और स्ट्रीट वेंडरों के लिए भी राहत का प्रावधान है। सरकार के अनुसार, P2PM श्रेणी में UPI QR के माध्यम से महीने में ₹1 लाख तक भुगतान प्राप्त करने वाले छोटे व्यापारियों को सभी लेनदेन पर zero-MDR का लाभ मिलता रहेगा। इसमें सड़क किनारे सामान बेचने वाले, मोहल्ले की छोटी दुकानें और अन्य छोटे कारोबार शामिल हैं। कुछ जरूरी क्षेत्रों में ₹5 का फ्लैट MDR रेलवे, दूरसंचार, बीमा, ईंधन और कृषि इनपुट जैसे कुछ आवश्यक तथा कम मार्जिन वाले क्षेत्रों में ₹2,000 से अधिक के भुगतान के लिए ₹5 प्रति लेनदेन का फ्लैट MDR रखा गया है। यानी इन निर्धारित श्रेणियों में सामान्य 0.4 प्रतिशत की गणना के बजाय तय ₹5 MDR लागू होगा। क्या सरकार UPI पर टैक्स लेगी? नहीं। MDR को सरकारी टैक्स नहीं माना गया है। सरकार ने साफ किया है कि MDR सरकार या NPCI द्वारा टैक्स के रूप में वसूल नहीं किया जाएगा। यह भुगतान व्यवस्था से जुड़े अलग-अलग भागीदारों के बीच वितरित होगा। इसका उद्देश्य UPI के संचालन, तकनीकी ढांचे, सुरक्षा और विस्तार को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाना है। करीब 96 प्रतिशत मर्चेंट UPI लेनदेन पर असर नहीं सरकार के अनुसार, MDR केवल लगभग 4 प्रतिशत मर्चेंट लेनदेन पर लागू होगा। इसका मतलब है कि करीब 96 प्रतिशत मर्चेंट UPI लेनदेन इस बदलाव से प्रभावित नहीं होंगे, क्योंकि वे या तो ₹2,000 तक के हैं या zero-MDR व्यवस्था के अंतर्गत आते हैं। आम आदमी के लिए आसान भाषा में समझें अगर आपने सब्जी वाले को ₹500 UPI से दिए—कोई नया MDR नहीं। किराना दुकान पर ₹2,000 दिए—कोई नया MDR नहीं। दुकान पर ₹10,000 का पात्र भुगतान किया—0.4 प्रतिशत MDR की व्यवस्था होगी, लेकिन ग्राहक से अलग से ₹40 लेने का प्रावधान नहीं है। भाई या दोस्त को ₹10,000 भेजे—कोई नया MDR नहीं। ₹1 लाख का पात्र मर्चेंट भुगतान किया—0.4 प्रतिशत के हिसाब से ₹400 बनता है, लेकिन अधिकतम MDR ₹300 रहेगा। UPI बंद नहीं, सिर्फ शुल्क व्यवस्था में बदलाव कुल मिलाकर 15 अक्टूबर से UPI पर हर भुगतान के लिए शुल्क लगाने की बात सही नहीं है। नई व्यवस्था मुख्य रूप से ₹2,000 से अधिक के निर्धारित मर्चेंट भुगतान से संबंधित है। आम व्यक्ति के P2P भुगतान मुफ्त रहेंगे और ₹2,000 तक के मर्चेंट भुगतान भी MDR से मुक्त रहेंगे। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि ग्राहकों पर MDR या छिपा हुआ प्लेटफॉर्म शुल्क डालने की अनुमति नहीं होगी।

1 hr ago
user_Hansraj Sharma Journalist
Hansraj Sharma Journalist
बलरामपुर, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago
45d9cbdb-5c14-49d0-830c-8512bb5ee973

15 अक्टूबर से UPI के बड़े भुगतान पर लगेगा MDR, आम ग्राहक के लिए UPI रहेगा मुफ्त ₹2 हजार तक के मर्चेंट भुगतान पर कोई MDR नहीं, व्यक्ति से व्यक्ति पैसे भेजने पर भी नहीं लगेगा शुल्क भारत में देश में डिजिटल भुगतान के सबसे बड़े माध्यम UPI को लेकर 15 अक्टूबर 2026 से नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। हालांकि इसे लेकर आम लोगों में यह भ्रम है कि अब हर UPI भुगतान पर चार्ज देना पड़ेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसा नहीं है। नई व्यवस्था के तहत ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) यानी ग्राहक से दुकानदार को किए जाने वाले UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत Merchant Discount Rate (MDR) लागू होगा। यह राशि ग्राहक से अलग से वसूलने के लिए नहीं है। सरकार के अनुसार MDR भुगतान व्यवस्था से जुड़े बैंकों, भुगतान सेवा प्रदाताओं और UPI ऐप प्रदाताओं के बीच वितरित होगा। ₹2 हजार तक भुगतान पूरी तरह मुफ्त अगर कोई व्यक्ति दुकान पर ₹500, ₹1,000 या ₹2,000 का भुगतान UPI से करता है, तो इस नई व्यवस्था के तहत MDR नहीं लगेगा। इसके अलावा व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P भुगतान पूरी तरह मुफ्त रहेगा, चाहे रकम कितनी भी हो। मसलन, किसी ने अपने भाई, दोस्त या रिश्तेदार के खाते में ₹10 हजार या ₹50 हजार भेजे, तो इस नए MDR के कारण कोई शुल्क नहीं लगेगा। ₹2 हजार से ऊपर भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR ₹2,000 से अधिक के पात्र मर्चेंट UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR निर्धारित किया गया है। इसे ऐसे समझें— भुगतान की राशि0.4% के हिसाब से MDR₹3,000₹12₹5,000₹20₹10,000₹40₹20,000₹80₹50,000₹200₹75,000₹300₹1,00,000₹300 अधिकतम सीमा यानी ₹10 हजार के पात्र मर्चेंट भुगतान पर 0.4 प्रतिशत के हिसाब से ₹40 MDR बनता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ग्राहक के खाते से ₹10,040 काटे जाएंगे। MDR ग्राहक पर डालने की अनुमति नहीं है। बैंकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि व्यापारी MDR का बोझ ग्राहक पर न डालें। ₹75 हजार के बाद भी अधिकतम ₹300 नई व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण सीमा भी तय की गई है। ₹75,000 या उससे अधिक के पात्र मर्चेंट लेनदेन पर MDR अधिकतम ₹300 प्रति लेनदेन रहेगा। इसलिए ₹75 हजार के भुगतान पर 0.4 प्रतिशत के हिसाब से ₹300 बनता है। लेकिन ₹1 लाख के भुगतान पर 0.4 प्रतिशत यानी ₹400 बनने के बावजूद MDR ₹300 से अधिक नहीं होगा। छोटे दुकानदारों को राहत छोटे व्यापारियों और स्ट्रीट वेंडरों के लिए भी राहत का प्रावधान है। सरकार के अनुसार, P2PM श्रेणी में UPI QR के माध्यम से महीने में ₹1 लाख तक भुगतान प्राप्त करने वाले छोटे व्यापारियों को सभी लेनदेन पर zero-MDR का लाभ मिलता रहेगा। इसमें सड़क किनारे सामान बेचने वाले, मोहल्ले की छोटी दुकानें और अन्य छोटे कारोबार शामिल हैं। कुछ जरूरी क्षेत्रों में ₹5 का फ्लैट MDR रेलवे, दूरसंचार, बीमा, ईंधन और कृषि इनपुट जैसे कुछ आवश्यक तथा कम मार्जिन वाले क्षेत्रों में ₹2,000 से अधिक के भुगतान के लिए ₹5 प्रति लेनदेन का फ्लैट MDR रखा गया है। यानी इन निर्धारित श्रेणियों में सामान्य 0.4 प्रतिशत की गणना के बजाय तय ₹5 MDR लागू होगा। क्या सरकार UPI पर टैक्स लेगी? नहीं। MDR को सरकारी टैक्स नहीं माना गया है। सरकार ने साफ किया है कि MDR सरकार या NPCI द्वारा टैक्स के रूप में वसूल नहीं किया जाएगा। यह भुगतान व्यवस्था से जुड़े अलग-अलग भागीदारों के बीच वितरित होगा। इसका उद्देश्य UPI के संचालन, तकनीकी ढांचे, सुरक्षा और विस्तार को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाना है। करीब 96 प्रतिशत मर्चेंट UPI लेनदेन पर असर नहीं सरकार के अनुसार, MDR केवल लगभग 4 प्रतिशत मर्चेंट लेनदेन पर लागू होगा। इसका मतलब है कि करीब 96 प्रतिशत मर्चेंट UPI लेनदेन इस बदलाव से प्रभावित नहीं होंगे, क्योंकि वे या तो ₹2,000 तक के हैं या zero-MDR व्यवस्था के अंतर्गत आते हैं। आम आदमी के लिए आसान भाषा में समझें अगर आपने सब्जी वाले को ₹500 UPI से दिए—कोई नया MDR नहीं। किराना दुकान पर ₹2,000 दिए—कोई नया MDR नहीं। दुकान पर ₹10,000 का पात्र भुगतान किया—0.4 प्रतिशत MDR की व्यवस्था होगी, लेकिन ग्राहक से अलग से ₹40 लेने का प्रावधान नहीं है। भाई या दोस्त को ₹10,000 भेजे—कोई नया MDR नहीं। ₹1 लाख का पात्र मर्चेंट भुगतान किया—0.4 प्रतिशत के हिसाब से ₹400 बनता है, लेकिन अधिकतम MDR ₹300 रहेगा। UPI बंद नहीं, सिर्फ शुल्क व्यवस्था में बदलाव कुल मिलाकर 15 अक्टूबर से UPI पर हर भुगतान के लिए शुल्क लगाने की बात सही नहीं है। नई व्यवस्था मुख्य रूप से ₹2,000 से अधिक के निर्धारित मर्चेंट भुगतान से संबंधित है। आम व्यक्ति के P2P भुगतान मुफ्त रहेंगे और ₹2,000 तक के मर्चेंट भुगतान भी MDR से मुक्त रहेंगे। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि ग्राहकों पर MDR या छिपा हुआ प्लेटफॉर्म शुल्क डालने की अनुमति नहीं होगी।

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  • ब्रेकिंग न्यूज़ जनपद गोंडा देवीपाटन मंडल उत्तर प्रदेश मानसिकता न्यूज़ गोण्डा - लेखपाल पर गलत रिपोर्ट लगाने का आरोप। मौत से पहले पीड़ित ने वीडियो बनाकर किया वायरल।
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    ब्रेकिंग न्यूज़ जनपद गोंडा देवीपाटन मंडल उत्तर प्रदेश मानसिकता न्यूज़
गोण्डा - लेखपाल पर गलत रिपोर्ट लगाने का आरोप।
मौत से पहले पीड़ित ने वीडियो बनाकर किया वायरल।
    user_मानसिकता न्यूज़ देवीपाटन मंडल
    मानसिकता न्यूज़ देवीपाटन मंडल
    Voice of people बलरामपुर, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • फेसबुक पोस्ट पर बवाल! मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो, फेसबुक पोस्ट पर बवाल! मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो,
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    फेसबुक पोस्ट पर बवाल! मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो, 
फेसबुक पोस्ट पर बवाल! मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो,
    user_Rahul Ratna
    Rahul Ratna
    रिपोर्टर बलरामपुर, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट का मामला, पूर्व सपा विधायक के भाई साधू पासवान गिरफ्तार फेसबुक अकाउंट से आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने का आरोप, कोतवाली देहात में मुकदमा दर्ज मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट का मामला, पूर्व सपा विधायक के भाई साधू पासवान गिरफ्तार फेसबुक अकाउंट से आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने का आरोप, कोतवाली देहात में मुकदमा दर्ज बलरामपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित तौर पर आपत्तिजनक एवं अशोभनीय वीडियो पोस्ट किए जाने के मामले में कोतवाली देहात पुलिस ने कार्रवाई करते हुए साधू पासवान को गिरफ्तार किया है। साधू पासवान पूर्व सपा विधायक जगराम पासवान के भाई बताए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, फेसबुक पर ‘साधू पासवान’ नाम से संचालित अकाउंट से मुख्यमंत्री के संबंध में आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई थी। सोशल मीडिया पर वायरल हुई पोस्ट का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। प्रकरण में थाना कोतवाली देहात में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी साधू पासवान को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी। मामले की जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक बलरामपुर ने पुलिस कार्रवाई की पुष्टि की। पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पोस्ट, अकाउंट और प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई साक्ष्यों और जांच के आधार पर की जाएगी।
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    मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट का मामला, पूर्व सपा विधायक के भाई साधू पासवान गिरफ्तार

फेसबुक अकाउंट से आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने का आरोप, कोतवाली देहात में मुकदमा दर्ज

मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट का मामला, पूर्व सपा विधायक के भाई साधू पासवान गिरफ्तार
फेसबुक अकाउंट से आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने का आरोप, कोतवाली देहात में मुकदमा दर्ज
बलरामपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित तौर पर आपत्तिजनक एवं अशोभनीय वीडियो पोस्ट किए जाने के मामले में कोतवाली देहात पुलिस ने कार्रवाई करते हुए साधू पासवान को गिरफ्तार किया है। साधू पासवान पूर्व सपा विधायक जगराम पासवान के भाई बताए जा रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक, फेसबुक पर ‘साधू पासवान’ नाम से संचालित अकाउंट से मुख्यमंत्री के संबंध में आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई थी। सोशल मीडिया पर वायरल हुई पोस्ट का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
प्रकरण में थाना कोतवाली देहात में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी साधू पासवान को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी।
मामले की जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक बलरामपुर ने पुलिस कार्रवाई की पुष्टि की। पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पोस्ट, अकाउंट और प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई साक्ष्यों और जांच के आधार पर की जाएगी।
    user_स्वतंत्र भारतीय न्यूज़
    स्वतंत्र भारतीय न्यूज़
    Local News Reporter तुलसीपुर, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • डीएम ने ’’मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद’’ कार्यक्रम के तहत सुनीं महिलाओं की समस्याएं महिलाओं को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण न्याय दिलाना ही हमारी प्राथमिकता-डीएम श्रावस्ती । आयुक्त देवीपाटन मण्डल, गोण्डा दुर्गा शक्ति नागपाल द्वारा की गई पहल के माध्यम से मण्डल के जनपदों में माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को ’’मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद’’ जन-सुनवाई कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण कराया जा रहा है। जिसके तहत आज जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय कक्ष में कई महिलाओं की समस्याएं सुनी। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आयी महिला फरियादियों ने अपनी समस्याओं से जिलाधिकारी को अवगत कराया। जिसमें पारिवारिक विवाद, भूमि विवाद एवं सरकार की अन्य योजनाओं से सम्बन्धित लाभ दिलाने हेतु प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। जिलाधिकारी ने एक-एक कर सभी की शिकायतों को गम्भीरता से सुना और उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया।जिलाधिकारी ने कहा कि महिलाओं को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण न्याय दिलाना ही हमारी प्राथमिकता है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित और संवेदनशील माहौल में अपनी बात रखने का अवसर देना तथा उनकी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध समाधान कराना है। इससे दूर-दराज क्षेत्रों की महिलाओं को भी स्थानीय स्तर पर समस्याओं के समाधान की सुविधा मिलेगी।इसके अलावा जनता दर्शन में जिलाधिकारी को कुल 19 शिकायतें प्राप्त हुई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जन-सुनवाई में आने वाली शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के अन्दर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि वे केवल कागजी खानापूर्ति न करें, बल्कि मौके पर जाकर शिकायतों का वास्तविक समाधान करें, ताकि शिकायतकर्ता को दोबारा उसी समस्या के लिए कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।
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    डीएम ने ’’मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद’’ कार्यक्रम के तहत सुनीं महिलाओं की समस्याएं
महिलाओं को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण न्याय दिलाना ही हमारी प्राथमिकता-डीएम 
श्रावस्ती । आयुक्त देवीपाटन मण्डल, गोण्डा दुर्गा शक्ति नागपाल द्वारा की गई पहल के माध्यम से मण्डल के जनपदों में माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को ’’मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद’’ जन-सुनवाई कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण कराया जा रहा है। जिसके तहत आज जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय कक्ष में कई महिलाओं की समस्याएं सुनी। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आयी महिला फरियादियों ने अपनी समस्याओं से जिलाधिकारी को अवगत कराया। जिसमें पारिवारिक विवाद, भूमि विवाद एवं सरकार की अन्य योजनाओं से सम्बन्धित लाभ दिलाने हेतु प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। जिलाधिकारी ने एक-एक कर सभी की शिकायतों को गम्भीरता से सुना और उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया।जिलाधिकारी ने कहा कि महिलाओं को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण न्याय दिलाना ही हमारी प्राथमिकता है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित और संवेदनशील माहौल में अपनी बात रखने का अवसर देना तथा उनकी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध समाधान कराना है। इससे दूर-दराज क्षेत्रों की महिलाओं को भी स्थानीय स्तर पर समस्याओं के समाधान की सुविधा मिलेगी।इसके अलावा जनता दर्शन में जिलाधिकारी को कुल 19 शिकायतें प्राप्त हुई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जन-सुनवाई में आने वाली शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के अन्दर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि वे केवल कागजी खानापूर्ति न करें, बल्कि मौके पर जाकर शिकायतों का वास्तविक समाधान करें, ताकि शिकायतकर्ता को दोबारा उसी समस्या के लिए कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।
    user_Hasmat Husain Khan
    Hasmat Husain Khan
    Lawyer इकौना, श्रावस्ती, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • Breking : बलरामपुर जनपद बलरामपुर सदर सपा के पूर्व विधायक जगराम पासवान के भाई साधू पासवान गिरफ्तारी के पहले क्या कुछ कहा "सुनिए" Breking : बलरामपुर जनपद बलरामपुर सदर सपा के पूर्व विधायक जगराम पासवान के भाई साधू पासवान गिरफ्तारी के पहले क्या कुछ कहा "सुनिए"
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    Breking : बलरामपुर 

जनपद बलरामपुर सदर सपा के पूर्व विधायक जगराम पासवान के भाई साधू पासवान गिरफ्तारी के पहले क्या कुछ कहा "सुनिए"
Breking : बलरामपुर 
जनपद बलरामपुर सदर सपा के पूर्व विधायक जगराम पासवान के भाई साधू पासवान गिरफ्तारी के पहले क्या कुछ कहा "सुनिए"
    user_Azad choudhari journlist
    Azad choudhari journlist
    Local News Reporter उतरौला, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • #Breking : बलरामपुर #जनपद #बलरामपुर सदर सपा के पूर्व विधायक जगराम पासवान के भाई साधू पासवान गिरफ्तारी के पहले क्या कुछ कहा "सुनिए" #DainikSamayViewsBalrampur #JantaKiAwaz647News #BalrampurBreakingNewsToday #UttarPradeshLatestNews #GulshadKhanNewsrs। #Breking : बलरामपुर #जनपद #बलरामपुर सदर सपा के पूर्व विधायक जगराम पासवान के भाई साधू पासवान गिरफ्तारी के पहले क्या कुछ कहा "सुनिए" #DainikSamayViewsBalrampur #JantaKiAwaz647News #BalrampurBreakingNewsToday #UttarPradeshLatestNews #GulshadKhanNewsrs।
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    #Breking : बलरामपुर 

#जनपद #बलरामपुर सदर सपा के पूर्व विधायक जगराम पासवान के भाई साधू पासवान गिरफ्तारी के पहले क्या कुछ कहा "सुनिए"


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#Breking : बलरामपुर 
#जनपद #बलरामपुर सदर सपा के पूर्व विधायक जगराम पासवान के भाई साधू पासवान गिरफ्तारी के पहले क्या कुछ कहा "सुनिए"
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    user_Gulshad khan journalist
    Gulshad khan journalist
    Local News Reporter उतरौला, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • ट्रक और वैगनआर में आमने-सामने भिड़ंत, बाल-बाल बचे कार सवार श्रावस्ती। जिले के तिलकपुर से लछमन नगर जाने वाले मार्ग पर मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ट्रक और वैगनआर कार की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद कुछ देर तक मौके पर लोगों की भीड़ जमा रही। दुर्घटना में वैगनआर सवार लोग बाल-बाल बच गए। गनीमत रही कि हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। घटना के बाद सड़क पर लोगों की भीड़ जुटने से कुछ समय के लिए आवागमन भी प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों ने मामले की जानकारी संबंधित पुलिस को दी। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि मार्ग पर वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, ऐसे में वाहन चालकों को सावधानी से वाहन चलाने की जरूरत है। फिलहाल हादसे में किसी के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस द्वारा घटना के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
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    ट्रक और वैगनआर में आमने-सामने भिड़ंत, बाल-बाल बचे कार सवार
श्रावस्ती। जिले के तिलकपुर से लछमन नगर जाने वाले मार्ग पर मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ट्रक और वैगनआर कार की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद कुछ देर तक मौके पर लोगों की भीड़ जमा रही। दुर्घटना में वैगनआर सवार लोग बाल-बाल बच गए। गनीमत रही कि हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
घटना के बाद सड़क पर लोगों की भीड़ जुटने से कुछ समय के लिए आवागमन भी प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों ने मामले की जानकारी संबंधित पुलिस को दी। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मार्ग पर वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, ऐसे में वाहन चालकों को सावधानी से वाहन चलाने की जरूरत है। फिलहाल हादसे में किसी के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस द्वारा घटना के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
    user_Gilaula Shravasti News
    Gilaula Shravasti News
    इकौना, श्रावस्ती, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • ब्रेकिंग न्यूज़ जनपद बलरामपुर देवी पाटन मंडल उत्तर प्रदेश मानसिकता न्यूज़ हरैया थाने पर रिश्वतखोरी का गंभीर आरोप, सात दिन बाद भी न्याय के लिए भटक रहा पीड़ित कार्रवाई के नाम पर रकम लेने का आरोप, न्याय न मिलने से परेशान पीड़ित ने आला अधिकारियों से लगाई गुहार विशेष संवाददाता | बस्ती | 16 सितंबर 2026 बस्ती (उत्तर प्रदेश)। जनपद के हरैया थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। एक पीड़ित ने हरैया थाने के कुछ पुलिसकर्मियों पर मामले में कार्रवाई करने और उसे मजबूत करने के नाम पर कथित रूप से रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि रकम देने के बावजूद सात दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उसे अपेक्षित कार्रवाई या न्याय नहीं मिल सका है। पीड़ित के अनुसार, वह अपनी शिकायत लेकर करीब एक सप्ताह पहले हरैया थाने पहुंचा था। उसका आरोप है कि मामले में प्रभावी कार्रवाई कराने तथा आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का भरोसा दिलाया गया। इसी दौरान उससे कथित तौर पर पैसों की मांग की गई। पीड़ित का दावा है कि न्याय मिलने की उम्मीद में उसने संबंधित पुलिसकर्मियों को रकम दे दी, लेकिन इसके बाद भी मामले में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। शिकायत के बाद भी कार्रवाई का इंतजार पीड़ित का कहना है कि थाने में शिकायत देने के बाद उसे उम्मीद थी कि पुलिस मामले की जांच कर जल्द आवश्यक कार्रवाई करेगी। लेकिन सात दिन गुजर जाने के बाद भी स्थिति में कोई स्पष्ट बदलाव नहीं आया। पीड़ित के मुताबिक, वह लगातार थाने के चक्कर लगा रहा है और अपनी शिकायत पर हुई कार्रवाई की जानकारी मांग रहा है। आरोप है कि हर बार उसे अलग-अलग कारण बताकर वापस भेज दिया जाता है। पीड़ित का कहना है कि शुरुआत में कार्रवाई का भरोसा दिया गया, लेकिन बाद में मामले को लेकर टालमटोल की जाने लगी। इससे वह मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान है। रिश्वत देने के बाद भी न्याय नहीं मिलने का आरोप पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों में सबसे गंभीर बात यह है कि कार्रवाई के नाम पर कथित रूप से रकम लिए जाने के बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है और यह स्पष्ट नहीं है कि कथित रकम किस पुलिसकर्मी द्वारा और किस परिस्थिति में ली गई। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि रिश्वत लेने का आरोप जांच में सही पाया जाता है, तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई का प्रश्न उठ सकता है। वहीं, यदि आरोपों की पुष्टि नहीं होती है तो वास्तविक स्थिति भी जांच के माध्यम से स्पष्ट हो सकेगी। सात दिनों से अधिकारियों के चक्कर काट रहा पीड़ित पीड़ित का कहना है कि थाना स्तर पर सुनवाई नहीं होने के बाद अब वह उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी में है। उसका कहना है कि उसे उम्मीद है कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायत की निष्पक्ष जांच कराएंगे और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। पीड़ित ने यह भी मांग की है कि उसकी मूल शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए और उसे मामले की जांच की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाए। पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली और शिकायतों के निस्तारण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आम नागरिक जब किसी विवाद, अपराध या उत्पीड़न की शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचता है तो उससे निष्पक्ष जांच और कानून के मुताबिक कार्रवाई की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में यदि किसी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई के नाम पर रिश्वत मांगने या लेने का आरोप लगता है, तो मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक हो जाती है। पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए भी यह महत्वपूर्ण है कि शिकायत की वास्तविकता सामने लाई जाए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उच्च अधिकारियों के संज्ञान का इंतजार फिलहाल मामले में पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि पीड़ित की शिकायत पर विभागीय स्तर पर कोई जांच शुरू की गई है या नहीं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि क्या पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इस शिकायत का संज्ञान लेकर पूरे प्रकरण की जांच कराते हैं। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि कथित रिश्वतखोरी के आरोपों की सत्यता जांच में क्या सामने आती है और पीड़ित की मूल शिकायत पर नियमानुसार क्या कार्रवाई की जाती है।
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    ब्रेकिंग न्यूज़ जनपद बलरामपुर देवी पाटन मंडल उत्तर प्रदेश मानसिकता न्यूज़
हरैया थाने पर रिश्वतखोरी का गंभीर आरोप, सात दिन बाद भी न्याय के लिए भटक रहा पीड़ित
कार्रवाई के नाम पर रकम लेने का आरोप, न्याय न मिलने से परेशान पीड़ित ने आला अधिकारियों से लगाई गुहार
विशेष संवाददाता | बस्ती | 16 सितंबर 2026
बस्ती (उत्तर प्रदेश)। जनपद के हरैया थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। एक पीड़ित ने हरैया थाने के कुछ पुलिसकर्मियों पर मामले में कार्रवाई करने और उसे मजबूत करने के नाम पर कथित रूप से रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि रकम देने के बावजूद सात दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उसे अपेक्षित कार्रवाई या न्याय नहीं मिल सका है।
पीड़ित के अनुसार, वह अपनी शिकायत लेकर करीब एक सप्ताह पहले हरैया थाने पहुंचा था। उसका आरोप है कि मामले में प्रभावी कार्रवाई कराने तथा आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का भरोसा दिलाया गया। इसी दौरान उससे कथित तौर पर पैसों की मांग की गई। पीड़ित का दावा है कि न्याय मिलने की उम्मीद में उसने संबंधित पुलिसकर्मियों को रकम दे दी, लेकिन इसके बाद भी मामले में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।
शिकायत के बाद भी कार्रवाई का इंतजार
पीड़ित का कहना है कि थाने में शिकायत देने के बाद उसे उम्मीद थी कि पुलिस मामले की जांच कर जल्द आवश्यक कार्रवाई करेगी। लेकिन सात दिन गुजर जाने के बाद भी स्थिति में कोई स्पष्ट बदलाव नहीं आया। पीड़ित के मुताबिक, वह लगातार थाने के चक्कर लगा रहा है और अपनी शिकायत पर हुई कार्रवाई की जानकारी मांग रहा है।
आरोप है कि हर बार उसे अलग-अलग कारण बताकर वापस भेज दिया जाता है। पीड़ित का कहना है कि शुरुआत में कार्रवाई का भरोसा दिया गया, लेकिन बाद में मामले को लेकर टालमटोल की जाने लगी। इससे वह मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान है।
रिश्वत देने के बाद भी न्याय नहीं मिलने का आरोप
पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों में सबसे गंभीर बात यह है कि कार्रवाई के नाम पर कथित रूप से रकम लिए जाने के बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है और यह स्पष्ट नहीं है कि कथित रकम किस पुलिसकर्मी द्वारा और किस परिस्थिति में ली गई।
ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि रिश्वत लेने का आरोप जांच में सही पाया जाता है, तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई का प्रश्न उठ सकता है। वहीं, यदि आरोपों की पुष्टि नहीं होती है तो वास्तविक स्थिति भी जांच के माध्यम से स्पष्ट हो सकेगी।
सात दिनों से अधिकारियों के चक्कर काट रहा पीड़ित
पीड़ित का कहना है कि थाना स्तर पर सुनवाई नहीं होने के बाद अब वह उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी में है। उसका कहना है कि उसे उम्मीद है कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायत की निष्पक्ष जांच कराएंगे और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
पीड़ित ने यह भी मांग की है कि उसकी मूल शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए और उसे मामले की जांच की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाए।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली और शिकायतों के निस्तारण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आम नागरिक जब किसी विवाद, अपराध या उत्पीड़न की शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचता है तो उससे निष्पक्ष जांच और कानून के मुताबिक कार्रवाई की अपेक्षा की जाती है।
ऐसे में यदि किसी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई के नाम पर रिश्वत मांगने या लेने का आरोप लगता है, तो मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक हो जाती है। पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए भी यह महत्वपूर्ण है कि शिकायत की वास्तविकता सामने लाई जाए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उच्च अधिकारियों के संज्ञान का इंतजार
फिलहाल मामले में पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि पीड़ित की शिकायत पर विभागीय स्तर पर कोई जांच शुरू की गई है या नहीं।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि क्या पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इस शिकायत का संज्ञान लेकर पूरे प्रकरण की जांच कराते हैं। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि कथित रिश्वतखोरी के आरोपों की सत्यता जांच में क्या सामने आती है और पीड़ित की मूल शिकायत पर नियमानुसार क्या कार्रवाई की जाती है।
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