चंबा के 'चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट' ने दमन के ऐतिहासिक भवनों का किया अवलोकन, रोमांचक अनुभवों से ज्ञानार्जन हिम संदेश चंबा, अप्रैल 4 हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के बाल देखभाल संस्थानों से संबंधित 35 'चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट' ने दमन और दीव में आयोजित अपने शैक्षणिक भ्रमण के पांचवें दिन दमन के सत्र न्यायालय सहित विभिन्न प्रशासनिक और ऐतिहासिक भवनों का गहन अवलोकन किया। यह भ्रमण मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की महत्वाकांक्षी 'सुख आश्रय योजना' के तहत आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य निराश्रित बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है।भ्रमण दल के प्रभारी एवं बाल संरक्षण अधिकारी अजय भारद्वाज ने बताया कि यह शैक्षणिक यात्रा बच्चों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक साबित हो रही है, जिसमें सभी बच्चे अत्यधिक उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि इस अवलोकन के उपरांत बच्चों ने समुद्र तट पर स्थित आकर्षक व्यू प्वाइंट का भ्रमण किया। समुद्र के मनमोहक दृश्यों का आनंद लेते हुए बच्चों ने बोटिंग का रोमांचक अनुभव भी प्राप्त किया, जो उनके लिए अविस्मरणीय रहा।इसी कड़ी में, बच्चों ने दमन स्थित पक्षी उद्यान (एवियरी) का भी विस्तृत दौरा किया। यहां उन्होंने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय पक्षी प्रजातियों को करीब से देखा और उनके बारे में महत्वपूर्ण तथा रोचक जानकारियां हासिल कीं। यह अनुभव न केवल उनके ज्ञान में वृद्धि करने वाला था, बल्कि प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति उनकी रुचि को भी बढ़ाने वाला सिद्ध हुआ।यह उल्लेखनीय है कि 'सुख आश्रय योजना' के अंतर्गत राज्य सरकार निराश्रित बच्चों के अभिभावक की भूमिका निभा रही है, उनके भविष्य को सुरक्षित और उज्ज्वल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। चंबा जिले के चार विभिन्न बाल देखभाल संस्थानों – चंबा, तीसा, साहो और जनजातीय उपमंडल पांगी – से 24 लड़कियां और 11 लड़के सहित कुल 35 बच्चे इस शैक्षणिक भ्रमण का हिस्सा हैं। यह भ्रमण 31 मार्च को शुरू हुआ था और 7 अप्रैल तक जारी रहेगा। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने स्वयं भी गत दिनों बच्चों से संवाद कर उनके अनुभवों को जाना था, जो बच्चों के लिए एक प्रेरणादायक पल रहा।
चंबा के 'चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट' ने दमन के ऐतिहासिक भवनों का किया अवलोकन, रोमांचक अनुभवों से ज्ञानार्जन हिम संदेश चंबा, अप्रैल 4 हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के बाल देखभाल संस्थानों से संबंधित 35 'चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट' ने दमन और दीव में आयोजित अपने शैक्षणिक भ्रमण के पांचवें दिन दमन के सत्र न्यायालय सहित विभिन्न प्रशासनिक और ऐतिहासिक भवनों का गहन अवलोकन किया। यह भ्रमण मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की महत्वाकांक्षी 'सुख आश्रय योजना' के तहत आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य
निराश्रित बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है।भ्रमण दल के प्रभारी एवं बाल संरक्षण अधिकारी अजय भारद्वाज ने बताया कि यह शैक्षणिक यात्रा बच्चों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक साबित हो रही है, जिसमें सभी बच्चे अत्यधिक उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि इस अवलोकन के उपरांत बच्चों ने समुद्र तट पर स्थित आकर्षक व्यू प्वाइंट का भ्रमण किया। समुद्र के मनमोहक दृश्यों का आनंद लेते हुए बच्चों ने बोटिंग का रोमांचक अनुभव भी प्राप्त किया, जो
उनके लिए अविस्मरणीय रहा।इसी कड़ी में, बच्चों ने दमन स्थित पक्षी उद्यान (एवियरी) का भी विस्तृत दौरा किया। यहां उन्होंने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय पक्षी प्रजातियों को करीब से देखा और उनके बारे में महत्वपूर्ण तथा रोचक जानकारियां हासिल कीं। यह अनुभव न केवल उनके ज्ञान में वृद्धि करने वाला था, बल्कि प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति उनकी रुचि को भी बढ़ाने वाला सिद्ध हुआ।यह उल्लेखनीय है कि 'सुख आश्रय योजना' के अंतर्गत राज्य सरकार निराश्रित बच्चों के अभिभावक की भूमिका निभा रही है, उनके भविष्य
को सुरक्षित और उज्ज्वल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। चंबा जिले के चार विभिन्न बाल देखभाल संस्थानों – चंबा, तीसा, साहो और जनजातीय उपमंडल पांगी – से 24 लड़कियां और 11 लड़के सहित कुल 35 बच्चे इस शैक्षणिक भ्रमण का हिस्सा हैं। यह भ्रमण 31 मार्च को शुरू हुआ था और 7 अप्रैल तक जारी रहेगा। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने स्वयं भी गत दिनों बच्चों से संवाद कर उनके अनुभवों को जाना था, जो बच्चों के लिए एक प्रेरणादायक पल रहा।
- devbhumi Kullu Himachal Pradesh1
- हमीरपुर हमीरपुर ज़िला के उपमंडल भोरंज की ग्राम पंचायत नंदन के गांव बल्ह हरिजन बस्ती नारकीय जीवन जी रही है। इस बस्ती की विडंबना यह है कि अपनी जमीन देने के उपरांत भी सडक़ गांव तक नहीं पहुंच पाई। करीब 500 मीटर सडक़ निकलने के बाद इसे बंद कर दिया गया जिस वजह से यह बस्ती भारी मुसीबतें झेल रही है। यहां के रास्ते तक टूट चुके हैं तथा मार्ग चलने योग्य नहीं बचे हैं। यदि कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाए तो उसे चारपाई पर उठाकर ले जाना पड़ता है। इस बस्ती के लोगों ने आरोप जड़े हैं कि जहां से सडक़ मार्ग बल्ह गांव के लिए निकला है वहां पर इनकी जमीन है। उसी जमीन से मार्ग बल्ह गांव के लिए निकला है। इन्होंने तो जमीन दे दी लेकिन वायदे मुताबिक बल्ह गांव के सामान्य वर्ग ने सिर्फ अपना फायदा देखा तथा इनकी बस्ती को मार्ग नहीं निकलने दिया। वर्ष 2020 में सडक़ मार्ग का निर्माण कार्य किया गया है। जब सडक़ का टै्रक बना तो बताया गया कि सामान्य वर्ग व हरिजन बस्ती के लिए इस मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। हरिजन बस्ती के ग्रामीणों ने बताया कि सडक़ का निर्माण अनुसूचित जाति उपयोग में हुआ है। ग्रामीणों ने अनुसार बरसात के दिनों में उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें अपने बच्चे स्कूल भेजने में भी हिचकिचाहट हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि अब तो इनके गांव तक का मार्ग साईकिल योग्य भी नहीं बचा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप जड़ा है कि प्रशासन के कई मर्तबा चक्कर काट चुके हैं तथा हर बार समस्या के समाधान का आश्वसान देकर पल्ला झाड़ दिया जाता है। इन ग्रामीणों का कहना है कि यदि मार्ग इनकी बस्ती तक नहीं निकाला गया तो फिर मार्ग को उस जगह पर बंद कर देंगे जहां से इनकी जमीन को लिया गया है। इन्होंने बताया कि मार्ग निकालने के लिए इनसे जमीन की कोई एनओसी नहीं ली गई है तथा मार्ग लोकनिर्माण विभाग ने निकाला है। ऐसे में अब ये लोग मजबूरीवश मार्ग को उस जगह से बंद करने की बात कह रहे हैं जहां इनकी जमीन का इस्तेमाल किया गया है। शनिवार को उपायुक्त के दरबार पहुंचे ग्रामीणों ने गुहार लगाई है कि उनकी समस्या का जल्द समाधान कर राहत पहुंचाई जाए। वर्तमान में इनका गांव विकास की दृष्टि से दूर हो चला है। यदि आज इनकी आवाज को दबाया गया तो फिर आने वाले समय में पूरा गांव सडक़ समस्या का सामना करेगा। उपायुक्त हमीरपुर ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल उनके पास पहुंचा था। समस्या के समाधान का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीण पवन कुमार का कहना है कि वर्ष 2021 से प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन इनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा। स्वर्ण समाज ने अपने घरों तक सडक़ मार्ग को निकलने दिया तथा आगे का रास्ता बंद कर दिया है। यदि ऐसा ही रहा तो यह मजबूरी में वहां से रास्ता बंद कर देंगे जहां पर सडक़ मार्ग के लिए इनकी जमीन ली गई है। राकेश कुमार का कहना है कि सडक़ सुविधा के आभाव में ग्रामीण भारी परेशानियों झेल रहे हैं। बस्ती के रास्ते तक ध्वस्त हो चुके हैं तथा कई घरों को सडक़ मार्ग के लिए बनाए ट्रैक से नुकसान हो चुका है। बरसात के दिनों में अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुषमा देवी ने बताया कि बच्चों को स्कूल जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सडक़ मार्ग की सुविधा न मिलने से काफी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। पहले दोपहिया किसी तरह घरों तक पहुंच जाता था लेकिन अब तो रास्ते साईकिल चलाने के योग्य भी नहीं है।3
- देखें वीडियो किस तरह हुआ बंजार हादसे का रेस्क्यू ऑपरेशन,,,,, प्रशासन, पुलिस, राजस्व विभाग, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा स्थानीय लोगों ने मिलकर राहत एवं बचाव कार्यों में सराहनीय भूमिका निभाई। सभी की तत्परता, समन्वय और साहस के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका1
- स्थानीय जनता की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने से ग्रामीणों में खुशी, विधायक विवेक शर्मा का जिताया आभार, किसानों व श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत, बंगाणा, कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत लमलेहड़ी गांव में मुख्य सड़क से बाबा बालक रूपी मंदिर और श्मशान घाट तक बन रही लिंक सड़क का विधायक विवेक शर्मा ने निरीक्षण किया। लगभग अढ़ाई किलोमीटर लंबाई वाली इस लिंक सड़क का निर्माण कार्य इन दिनों युद्ध स्तर पर जारी है। इस सड़क के निर्माण को लेकर क्षेत्र की जनता लंबे समय से मांग कर रही थी, जो अब पूरी होती नजर आ रही है। निरीक्षण के दौरान विधायक विवेक शर्मा ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता का बारीकी से जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों व ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह सड़क क्षेत्र की जनता की वर्षों पुरानी मांग थी, जिसे अब साकार किया जा रहा है। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि इस लिंक सड़क के बनने से जहां श्रद्धालुओं को बाबा बालक रूपी मंदिर तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी, वहीं श्मशान घाट तक पहुंचने का रास्ता भी सुगम हो जाएगा। पहले लोगों को अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील कार्यों के लिए कठिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता था, विशेषकर बरसात के दिनों में यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती थी। अब इस सड़क के बनने से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस सड़क का लाभ केवल मंदिर और श्मशान घाट तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आसपास की दर्जनों मलकीयत भूमि वाले किसानों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। किसानों को अपनी कृषि उपज को खेतों से मुख्य सड़क तक पहुंचाने में आसानी होगी, जिससे उनके समय और श्रम दोनों की बचत होगी। साथ ही ग्रामीणों के आवागमन की सुविधा भी पहले से कहीं अधिक बेहतर हो जाएगी। निरीक्षण के दौरान विधायक विवेक शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और निर्धारित मानकों के अनुसार ही कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सड़क बनाना नहीं, बल्कि टिकाऊ और मजबूत सड़कें बनाना है, जो लंबे समय तक जनता की सेवा कर सकें। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है और समय-समय पर इसकी निगरानी की जा रही है, ताकि किसी प्रकार की कमी न रह जाए। उन्होंने आश्वस्त किया कि यह सड़क निर्धारित समय के भीतर पूर्ण कर जनता को समर्पित की जाएगी। हर गांव और धार्मिक स्थल को कुटलैहड़ में हर घर हर गांव को सड़क से जोड़ना हमारा संकल्प, विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि उनका संकल्प है कि कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के हर गांव, हर घर और हर धार्मिक स्थल को सड़क और पक्के रास्ते से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि सड़क विकास किसी भी क्षेत्र की प्रगति की रीढ़ होती है और बेहतर सड़कें बनने से क्षेत्र के सामाजिक व आर्थिक विकास को गति मिलती है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता ने जो विश्वास उन पर जताया है, उसे वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कई अन्य लिंक सड़कों और विकास कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जा सके। इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीणों ने विधायक विवेक शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सड़क उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग थी। उन्होंने कहा कि इस सड़क के बनने से उनके जीवन में काफी सहूलियत आएगी और क्षेत्र का समग्र विकास भी सुनिश्चित होगा। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि इसी प्रकार अन्य विकास कार्य भी क्षेत्र में निरंतर जारी रहेंगे।1
- Post by Dinesh Kumar1
- पुलिस थाना बंगाणा के तहत बीहडू कलां स्थित गोबिंद सागर झील में डूबे 24 वर्षीय श्रद्धालु का शव 18 घंटे बाद मिला। मृतक युवक की पहचान आकाशदीप पुत्र कश्मीरी लाल निवासी अमृतसर, पंजाब के रूप में हुई है। गोताखोर की मदद से निकाले गए शव को बंगाणा पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही आगामी शुरू कर दी है। बता दें कि पंजाब के कुछ श्रद्धालु युवक शुक्रवार दोपहर को पीरनिगाह मंदिर में माथा टेकने के बाद बाबा बालक नाथ मंदिर जा रहे थे। इसके लिए बीहडू कलां स्थित गोबिंद सागर झील किनारे बोट का इंतजार करने लगे। इसी दौरान अमृतसर निवासी आकाशदीप सिंह का पैर फिसल गया और गोबिंद सागर झील में समा गया। हालांकि साथी युवकों बचाने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे। सूचना मिलने के बाद ग्रामीण सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आकाशदीप को ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन अंधेरा होने के चलते कोई पता नहीं चल पाया। शनिवार सुबह एक बार फिर से आकाशदीप सिंह तलाश शुरू की और गोताखोरों को बुलाया। जिसके बाद शव को बाहर निकाला गया। एएसपी ऊना संजीव भाटिया ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।1
- 📍 भराड़ी से बड़ी खबर | Ajmerpur Summer Festival 2026 बारिश भी नहीं रोक पाई उत्साह! 🌧️🔥 अजमेरपुर ग्रीष्मोत्सव मेला भराड़ी की दूसरी सांस्कृतिक संध्या रही पूरी तरह धमाकेदार 🎤🎶 हिमाचल जोड़ी (अर्जुन गोपाल, रंजना रघुवंशी) और गायिका दीक्षा ने अपने सुपरहिट पहाड़ी और फिल्मी गीतों से ऐसा रंग जमाया कि पूरा पंडाल देर रात तक झूमता रहा 💃🕺 स्थानीय कलाकारों ने भी शानदार प्रस्तुतियों से समां बांध दिया 🎭👏 हालांकि बारिश के कारण कार्यक्रम देर से शुरू हुआ और मुख्य अतिथि नहीं पहुंच सके, लेकिन उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी 🙌 👉 कुल मिलाकर भराड़ी में संगीत, संस्कृति और जोश का जबरदस्त संगम देखने को मिला!1
- हमीरपुर, आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक श्री श्री रविशंकर द्वारा सोमनाथ मंदिर में प्राचीन खंडित शिवलिंग की पुनर्स्थापना की पहल के तहत निकाली जा रही पवित्र ज्योतिर्लिंग यात्रा हमीरपुर पहुंची। गांधी चौक पर पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने फूलों की वर्षा कर ज्योतिर्लिंग का भव्य स्वागत किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण बन गया। यह यात्रा पूरे भारत में आयोजित की जा रही है, जिसमें सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन शामिल हैं। बताया जा रहा है कि यह पवित्र अवशेष लगभग 1000 वर्षों से संरक्षित थे, जिन्हें अब पुनः स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। वहीं स्थानीय निवासी कपिल मोहन शामा ने इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह दिन हमीरपुर जिला के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।उन्होंने कहा कि “1000 वर्ष पुराना ज्योतिर्लिंग हमारे शहर के गांधी चौक पर पहुंचा है, जो हमारे लिए गर्व और आस्था का विषय है।” उन्होंने बताया कि यह यात्रा लगभग 10 दिनों तक हिमाचल प्रदेश में रहेगी। यात्रा इससे पहले चंबा और धर्मशाला में सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी है। हमीरपुर के बाद यह यात्रा अगले पड़ाव के रूप में ऊना जिला पहुंचेगी।श्रद्धालुओं में इस यात्रा को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है और लोग बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।2
- रिपोर्ट 4 अप्रैल बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। बंजार उपमंडल के अंतर्गत जलोड़ी जोत के समीप सोझा-घियागी मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया, जिसमें एक टेंपो ट्रैवलर वाहन गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में दिल्ली से आए पर्यटकों को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वाहन में सवार सभी पर्यटक दिल्ली के रहने वाले बताए जा रहे हैं। हादसा उस समय हुआ जब टेंपो ट्रैवलर जलोड़ी जोत के पास अनियंत्रित होकर सैकड़ों फीट गहरी खाई में गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचा और घायलों को रेस्क्यू कर बंजार अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों का उपचार जारी है। घायलों की सूची इस प्रकार है— अनुपमा, क्रियान करण फिजा, आयुषी, लियाकर, अनुराग, अरनव, मोहित शशि, मोहित अमित, निकिता, दीनू, अलसी और दीपाली। प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। वहीं, स्थानीय लोगों ने राहत कार्य में अहम भूमिका निभाई1