बिहार के भागलपुर में ऐतिहासिक विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय के पुनरुद्धार की दिशा में 15 जुलाई 2026 को एक बड़ा और ठोस कदम उठाया गया। शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए औपचारिक रूप से 200 एकड़ से अधिक (प्रशासनिक तौर पर 220 एकड़) भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। कभी दुनिया भर में बौद्ध शिक्षा के मुख्य केंद्र रहे इस क्षेत्र की प्राचीन और गौरवशाली विरासत को पुनर्जीवित करने के संकल्प के साथ यह निर्णय लिया गया है। इस भूमि हस्तांतरण को महज कागजी प्रक्रिया न मानकर एक बड़े सकारात्मक बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर न केवल विक्रमशिला विश्वविद्यालय के लिए भूमि का आवंटन किया गया, बल्कि पूरे बिहार में 211 नए डिग्री कॉलेजों के शुभारंभ की महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की गई। इतनी बड़ी संख्या में नए डिग्री कॉलेज खुलने से राज्य के उन छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी जो उच्च शिक्षा के लिए अपने गृह जिले से दूर जाने को मजबूर थे। इससे स्थानीय स्तर पर ज्ञान का एक नया वातावरण विकसित होगा और साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। पाल वंश के शासनकाल में शिक्षा का प्रमुख केंद्र रहे लगभग 4000 वर्ष पुराने विक्रमशिला विश्वविद्यालय के इस आधुनिक स्वरूप में पारंपरिक ज्ञान के साथ-साथ आधुनिक विषयों के अध्ययन की व्यवस्था होगी। इस नए परिसर में आधुनिक पुस्तकालय, शोध केंद्र और हॉस्टल जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित करने की योजना है। कार्यक्रम के दौरान संबोधन में जोर दिया गया कि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने की दिशा में काम कर रही हैं। प्रशासन ने आने वाले एक साल के भीतर इस नए परिसर के निर्माण कार्य में तेजी लाने का आश्वासन दिया है।
बिहार के भागलपुर में ऐतिहासिक विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय के पुनरुद्धार की दिशा में 15 जुलाई 2026 को एक बड़ा और ठोस कदम उठाया गया। शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए औपचारिक रूप से 200 एकड़ से अधिक (प्रशासनिक तौर पर 220 एकड़) भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। कभी दुनिया भर में बौद्ध शिक्षा के मुख्य केंद्र रहे इस क्षेत्र की प्राचीन और गौरवशाली विरासत को पुनर्जीवित करने के संकल्प के साथ यह निर्णय लिया गया है। इस भूमि हस्तांतरण को महज कागजी प्रक्रिया न मानकर एक बड़े सकारात्मक बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर न केवल विक्रमशिला विश्वविद्यालय के लिए भूमि का आवंटन किया गया, बल्कि पूरे बिहार में 211 नए डिग्री कॉलेजों के शुभारंभ की महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की गई। इतनी बड़ी संख्या में नए डिग्री कॉलेज खुलने से राज्य के उन छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी जो उच्च शिक्षा के लिए अपने गृह जिले से दूर जाने को मजबूर थे। इससे स्थानीय स्तर पर ज्ञान का एक नया वातावरण विकसित होगा और साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। पाल वंश के शासनकाल में शिक्षा का प्रमुख केंद्र रहे लगभग 4000 वर्ष पुराने विक्रमशिला विश्वविद्यालय के इस आधुनिक स्वरूप में पारंपरिक ज्ञान के साथ-साथ आधुनिक विषयों के अध्ययन की व्यवस्था होगी। इस नए परिसर में आधुनिक पुस्तकालय, शोध केंद्र और हॉस्टल जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित करने की योजना है। कार्यक्रम के दौरान संबोधन में जोर दिया गया कि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने की दिशा में काम कर रही हैं। प्रशासन ने आने वाले एक साल के भीतर इस नए परिसर के निर्माण कार्य में तेजी लाने का आश्वासन दिया है।
- बिहार में राष्ट्रीय राजमार्ग-333बी पर श्रीकृष्ण सेतु के एप्रोच पथ में सुजावलपुर स्थित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के पास बने आरसीसी पुल के गाइडवाल में दरार आने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। विक्रमशिला सेतु ध्वस्त होने के बाद इस मार्ग पर भारी वाहनों का दबाव काफी बढ़ गया है, जिसे इस दरार का संभावित कारण माना जा रहा है। श्रावणी मेला शुरू होने से पहले सामने आई इस घटना की सूचना मिलते ही डीएम निखिल धनराज निप्पाणीकर ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को मौके पर भेजकर जांच के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया दरार केवल गाइडवाल में है और पुल की मुख्य संरचना सुरक्षित है। उन्होंने लोगों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। फिलहाल तकनीकी विशेषज्ञ इस मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं और जांच रिपोर्ट के आधार पर ही मरम्मत व स्थायी समाधान किया जाएगा। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देकर केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।1
- बिहार के चंद्रदीप थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहनपुर गांव के बहियार में मिली युवक अंकित की संदेहास्पद लाश के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। एसडीपीओ सतीश सुमन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि यह मामला हत्या का नहीं बल्कि आत्महत्या का है। मृतक अंकित ने नवादा जिले के रोह थाना क्षेत्र अंतर्गत कुमहरावा स्थित अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी की थी, लेकिन उसके परिवार ने लड़की पक्ष को फंसाने की नियत से इस पूरी साजिश को रचा था। पुलिस जांच के अनुसार, अंकित ने कुछ समय पहले ही अपने ही गांव में प्रेम विवाह किया था। उसकी मौत के बाद उसके परिजनों ने, जिसमें उसकी मां, मौसा-मौसी, फूफा, चाचा और कुछ अन्य सहयोगी शामिल थे, लड़की वालों को फंसाने के लिए शव को चंद्रदीप थाना क्षेत्र के मोहनपुर बहियार में फेंक दिया। इसके साथ ही उन्होंने लड़की को अलीगंज के सोनखार गांव में रामखेलावन मिस्त्री के घर पर छिपा दिया था, जिसे पुलिस ने अब बरामद कर लिया है। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अंकित के फूफा किशोरी मिस्त्री (निवासी छोटकी गुलनी) और चाचा मसूदन मिस्त्री (निवासी ओहारी) को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ और मृतक के मोबाइल फोन से कई वीडियो, फुटेज तथा एक सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है। चंद्रदीप थानाध्यक्ष दीनानाथ सिंह के नेतृत्व में गठित टीम, जिसमें एसआई ज्योति कुमारी और अमित कुमार शामिल थे, ने इस संदिग्ध मामले की गुत्थी सुलझा ली है, जिससे इलाके में चल रही हत्या की चर्चाओं पर विराम लग गया है।3
- बिहार के जमुई जिले के चार प्रखंडों—लक्ष्मीपुर, सोनो, खैरा और इस्लामनगर अलीगंज में नवस्थापित राजकीय डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई का विधिवत शुभारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर से वर्चुअल माध्यम से इन चारों कॉलेजों का उद्घाटन किया। इस पहल को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में जमुई के हजारों छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ी सौगात माना जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं और खासकर बेटियों को स्नातक की पढ़ाई के लिए अब दूर-दराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। खैरा स्थित नवस्थापित राजकीय डिग्री महाविद्यालय से ऑनलाइन जुड़े जिला पदाधिकारी श्री नवीन ने युवाओं से इन नए अवसरों का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक समय नक्सलवाद की चुनौती झेलने वाला जमुई आज शिक्षा, विकास और नई संभावनाओं की ओर तेजी से बढ़ रहा है। जिला पदाधिकारी ने यह भी साझा किया कि प्रशासन शिक्षा के साथ-साथ पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और सुदूर क्षेत्रों के विकास को भी प्राथमिकता दे रहा है। इस अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि इन डिग्री कॉलेजों के खुलने से छात्राओं को सुरक्षित वातावरण में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का मौका मिलेगा। वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता राजकिशोर सिंह ने इसे वर्षों पुरानी मांग पूरी होने का ऐतिहासिक क्षण बताया और सरकार व जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। इन चार नए राजकीय डिग्री कॉलेजों के साथ जमुई के शैक्षणिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है।1
- बिहार के मुंगेर जिले के तारापुर अंतर्गत दरियापुर पंचायत में खुलेआम भ्रष्टाचार चल रहा है, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में पंचायत के भीतर हो रहे इस खुलेआम भ्रष्टाचार को साफ तौर पर देखा जा सकता है।1
- बिहार के बांका जिले के रजौन प्रखंड अंतर्गत टेकनी गांव में बारिश के समय नाग-नागिन को देखा गया है।1
- बिहार के शिक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल के तहत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के 211 नए डिग्री कॉलेजों का वर्चुअल उद्घाटन किया है। इसी कड़ी में जमुई जिले के चार प्रखंडों—लक्ष्मीपुर, सोनो, खैरा और इस्लामनगर अलीगंज—में नवस्थापित राजकीय डिग्री महाविद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों की शुरुआत हो गई है। इसे जिले के शैक्षणिक इतिहास में एक बड़ा विस्तार और एक नया अध्याय माना जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर जिला पदाधिकारी ने शिक्षा को पीढ़ियों की सोच में गुणात्मक बदलाव का सबसे प्रभावी अस्त्र बताया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के इस विस्तार से जिले के सामाजिक, बौद्धिक और सांस्कृतिक विकास को एक नई दिशा मिलेगी। जिला पदाधिकारी ने यह भी रेखांकित किया कि नक्सलवाद से मुक्त हो चुके जमुई में अब विकास और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम बताया, जबकि वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष राजकिशोर सिंह ने इन चार नए डिग्री कॉलेजों की स्थापना को जिले के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव करार दिया है। इन नए कॉलेजों के सुचारू रूप से शुरू होने से अब जमुई के ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों सहित हजारों छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और उन्हें अपने ही प्रखंड में स्नातक स्तर की शिक्षा प्राप्त करने का बेहतरीन अवसर मिलेगा।1
- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भागलपुर के गोराडीह प्रखंड के काशील गांव में डिग्री कॉलेज का उद्घाटन करेंगे। इस विशेष कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भागलपुर से ही बिहार के 211 डिग्री कॉलेजों का भी लोकार्पण करेंगे। काशील गांव के इस शिक्षण संस्थान में अब तक केवल इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई होती थी, लेकिन आज से यहां स्नातक की पढ़ाई भी शुरू हो जाएगी। इससे गांव और आसपास के क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। कॉलेज खुलने की खबर से छात्राओं में खासा उत्साह है। छात्राओं का कहना है कि इंटर के बाद उन्हें पढ़ाई के लिए करीब 30 किलोमीटर दूर जाना पड़ता था, जिससे समय और पैसे दोनों की परेशानी होती थी। अब गांव में ही स्नातक की पढ़ाई शुरू होने से माता-पिता पर आर्थिक बोझ भी कम होगा और बेटियों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा। छात्राओं ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का धन्यवाद देते हुए कहा कि यह डिग्री कॉलेज ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा देने का काम करेगा।1
- तारापुर विधायक सह बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की धर्मपत्नी कुमारी ममता चौधरी मंगलवार को दो दिवसीय दौरे पर बिहार के तारापुर विधानसभा क्षेत्र पहुंचीं। उनके आगमन को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में भारी उत्साह का माहौल देखा गया। अपने इस प्रवास के दौरान उन्होंने संग्रामपुर स्थित भाजपा कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इसके बाद वे बढ़ौनिया गांव पहुंचीं और वहां एक शोक-संतप्त परिवार से मिलकर अपनी संवेदना व्यक्त की। इसके पश्चात, कुमारी ममता चौधरी ने तारापुर विधायक कार्यालय में आम लोगों से भेंट कर उनकी जनसमस्याओं को सुना। इस दौरान शिशुआ गांव के दास टोला के ग्रामीणों ने जल-नल योजना से पानी न मिलने की शिकायत उनके समक्ष रखी, जिस पर उन्होंने जल्द से जल्द समाधान कराने का भरोसा दिया। इसी क्रम में उन्होंने संग्रामपुर प्रखंड की रामपुर पंचायत की छात्रा राखी को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की, जिन्होंने मैट्रिक परीक्षा-2026 में मुंगेर जिले में टॉप किया है। इसके बाद वे असरगंज के लिए रवाना हो गईं।1
- जमुई में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस विशेष समारोह में जिला कांग्रेस कमेटी ने अपने 8 नवनियुक्त प्रखंड अध्यक्षों का सम्मान किया।1