भारत की ज्यादातर नदियां पश्चिम से पूर्व की ओर बहकर बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं। इसके विपरीत नर्मदा नदी पूर्व से पश्चिम की ओर बहती हुई अरब सागर में मिलती है। भौगोलिक रूप से यह एक 'रिफ्ट वैली' (भ्रंश घाटी) से गुजरती है, जिसका ढलान पूर्व से पश्चिम की ओर है। इसलिए यह गुरुत्वाकर्षण के कारण पश्चिम की तरफ बहती है। [1, 2, 3, 4] वैज्ञानिक कारण (Scientific Reason) यह नदी विंध्याचल और सतपुड़ा पर्वतों के बीच बनी एक पुरानी दरार या रिफ्ट वैली में बहती है। इस घाटी का ढलान पूर्व से पश्चिम की तरफ है। इसी ढलान के कारण यह नदी विपरीत दिशा में जाकर अरब सागर में गिरती है। [1, 2, 3] पौराणिक कथा (Mythological Story) लोक कथा के अनुसार, नर्मदा का विवाह सोनभद्र से तय हुआ था। [1] विवाह से पहले नर्मदा ने अपनी सहेली जुहिला को सोनभद्र के पास संदेश लेकर भेजा। [1] राजकुमार सोनभद्र ने जुहिला को ही नर्मदा समझ लिया। [1] इस धोखे और अपमान से दुखी होकर नर्मदा ने आजीवन अविवाहित रहने का फैसला किया। [1] वे उल्टी दिशा में लौट गईं और उसी रास्ते से अकेले आगे बढ़ चलीं। [1] क्या आप नर्मदा नदी के उद्गम स्थल (अमरकंटक) या इस पर बने प्रमुख बांधों के बारे में कुछ और जानना चाहते हैं?  Facebook·Religion World  28s नर्मदा नदी उल्टी दिशा में क्यों बहती है? #narmada #narmadariver🌊 ...  Facebook·KundliTv  3:02 क्यों बहती है नर्मदा नदी उल्टी दिशा में? कारण जानकर रह जाएंगे दंग ...  ABP News क्यों उल्टी बह रही है नर्मदा नदी, जानिए वैज्ञानिक कारण ... ये नदी सीधी नहीं बल्कि उल्टी बहती है. 2/5. अब आपके मन में ये सवाल उठा होगा कि लेकिन ऐसा होता क्यों है. तो चलिए इसके पीछे के धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व को सम...   Facebook·DC Biswas  1:02 नर्मदा नदी उल्टी क्यों बहती है? | नर्मदा, सोनभद्र और जोहिला की पौराणिक कथा  Facebook नर्मदा नदी के बहने की दिशा उल्टी क्यों मानी जाती है? भारत की ज़्यादातर बड़ी ... भारत की ज्यादातर नदियाँ, जैसे गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र, महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी आदि, पूर्व दिशा की तरफ बहती हैं और बंगाल की खाड़ी में मिलती हैं। वैज्ञानिक कारण (Scientific Reason)यह नदी विंध्याचल और सतपुड़ा पर्वतों के बीच बनी एक पुरानी दरार या रिफ्ट वैली में बहती है।इस घाटी का ढलान पूर्व से पश्चिम की तरफ है।इसी ढलान के कारण यह नदी विपरीत दिशा में जाकर अरब सागर में गिरती है।पौराणिक कथा (Mythological Story)लोक कथा के अनुसार, नर्मदा का विवाह सोनभद्र से तय हुआ था।विवाह से पहले नर्मदा ने अपनी सहेली जुहिला को सोनभद्र के पास संदेश लेकर भेजा।राजकुमार सोनभद्र ने जुहिला को ही नर्मदा समझ लिया।इस धोखे और अपमान से दुखी होकर नर्मदा ने आजीवन अविवाहित रहने का फैसला किया।वे उल्टी दिशा में लौट गईं और उसी रास्ते से अकेले आगे बढ़ चलीं।क्या आप नर्मदा नदी के उद्गम स्थल (अमरकंटक) या इस पर बने प्रमुख बांधो को जानते हैं ?
भारत की ज्यादातर नदियां पश्चिम से पूर्व की ओर बहकर बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं। इसके विपरीत नर्मदा नदी पूर्व से पश्चिम की ओर बहती हुई अरब सागर में मिलती है। भौगोलिक रूप से यह एक 'रिफ्ट वैली' (भ्रंश घाटी) से गुजरती है, जिसका ढलान पूर्व से पश्चिम की ओर है। इसलिए यह गुरुत्वाकर्षण के कारण पश्चिम की तरफ बहती है। [1, 2, 3, 4] वैज्ञानिक कारण (Scientific Reason) यह नदी विंध्याचल और सतपुड़ा पर्वतों के बीच बनी एक पुरानी दरार या रिफ्ट वैली में बहती है। इस घाटी का ढलान पूर्व से पश्चिम की तरफ है। इसी ढलान के कारण यह नदी विपरीत दिशा में जाकर अरब सागर में गिरती है। [1, 2, 3] पौराणिक कथा (Mythological Story) लोक कथा के अनुसार, नर्मदा का विवाह सोनभद्र से तय हुआ था। [1] विवाह से पहले नर्मदा ने अपनी सहेली जुहिला को सोनभद्र के पास संदेश लेकर भेजा। [1] राजकुमार सोनभद्र ने जुहिला को ही नर्मदा समझ लिया। [1] इस धोखे और अपमान से दुखी होकर नर्मदा ने आजीवन अविवाहित रहने का फैसला किया। [1] वे उल्टी दिशा में लौट गईं और उसी रास्ते से अकेले आगे बढ़ चलीं। [1] क्या आप नर्मदा नदी के उद्गम स्थल (अमरकंटक) या इस पर बने प्रमुख बांधों के बारे में कुछ और जानना चाहते हैं?  Facebook·Religion World  28s नर्मदा नदी उल्टी दिशा में क्यों बहती है? #narmada #narmadariver🌊 ...  Facebook·KundliTv  3:02 क्यों बहती है नर्मदा नदी उल्टी दिशा में? कारण जानकर रह जाएंगे दंग ...  ABP News क्यों उल्टी बह रही है नर्मदा नदी, जानिए वैज्ञानिक कारण ... ये नदी सीधी नहीं बल्कि उल्टी बहती है. 2/5. अब आपके मन में ये सवाल उठा होगा कि लेकिन ऐसा होता क्यों है. तो चलिए इसके पीछे के धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व को सम...   Facebook·DC Biswas  1:02 नर्मदा नदी उल्टी क्यों बहती है? | नर्मदा, सोनभद्र और जोहिला की पौराणिक कथा  Facebook नर्मदा नदी के बहने की दिशा उल्टी क्यों मानी जाती है? भारत की ज़्यादातर बड़ी ... भारत की ज्यादातर नदियाँ, जैसे गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र, महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी आदि, पूर्व दिशा की तरफ बहती हैं और बंगाल की खाड़ी में मिलती हैं। वैज्ञानिक कारण (Scientific Reason)यह नदी विंध्याचल और सतपुड़ा पर्वतों के बीच बनी एक पुरानी दरार या रिफ्ट वैली में बहती है।इस घाटी का ढलान पूर्व से पश्चिम की तरफ है।इसी ढलान के कारण यह नदी विपरीत दिशा में जाकर अरब सागर में गिरती है।पौराणिक कथा (Mythological Story)लोक कथा के अनुसार, नर्मदा का विवाह सोनभद्र से तय हुआ था।विवाह से पहले नर्मदा ने अपनी सहेली जुहिला को सोनभद्र के पास संदेश लेकर भेजा।राजकुमार सोनभद्र ने जुहिला को ही नर्मदा समझ लिया।इस धोखे और अपमान से दुखी होकर नर्मदा ने आजीवन अविवाहित रहने का फैसला किया।वे उल्टी दिशा में लौट गईं और उसी रास्ते से अकेले आगे बढ़ चलीं।क्या आप नर्मदा नदी के उद्गम स्थल (अमरकंटक) या इस पर बने प्रमुख बांधो को जानते हैं ?
- डीलर की समस्या नहीं सुनते अधिकारी आम जनता डीलर को देती है गाली1
- झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और (JSSC) कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं छात्र नेता रेली में पहुचे टाईगर जयराम महतो l झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं के कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं का यह ताजा आंदोलन रांची में 29 जुलाई 2026 से शुरू हुआ है। इस आंदोलन के तहत छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो के नेतृत्व में रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना और भूख हड़ताल की गई है। आंदोलन से जुड़ी मुख्य बातें शुरुआत की तारीख: 29 जुलाई 2026 मुख्य स्थान: रांची, झारखंड (जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम) मुख्य वजह: सरकारी भर्ती परीक्षाओं (JPSC/JSSC) में कथित धांधली और अनियमितताएं प्रमुख गतिविधियां: अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और विधानसभा घेराव मार्च किया जा रहा है l1
- गढ़वा के हाय रे जनप्रतिनिधि लोग शर्म करो जो बच्चों के लिए ये सुविधा उपलब्ध नहीं करा पा रहे हो गढ़वा के हाय रे जनप्रतिनिधि लोग शर्म करो जो बच्चों के लिए ये सुविधा उपलब्ध नहीं करा पा रहे हो1
- आज झारखंड विधानसभा में उठेगा JPSC-JSSC का मुद्दा झारखं का पेपर लीक आज झारखंड विधानसभा में उठेगा JPSC-JSSC का मुद्दा झारखं का पेपर लीक1
- रंका गढ़ फाटक शिव चबूतरा पर रुद्राभिषेक व शिव चर्चा के साथ भव्य भंडारे का आयोजन, अमन-चैन की भोले नाथ से की कामना रंका प्रखंड के गढ़ फाटक स्थित शिव चबूतरा के पास सोमवार को भगवान शिव की पूजा-अर्चना एवं रुद्राभिषेक के साथ शिव चर्चा और भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन संजय सिन्हा के द्वारा रंका प्रखंड क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि एवं अमन-चैन की कामना को लेकर किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर करीब 3 बजे भगवान शिव के रुद्राभिषेक से हुई। विधि-विधान के साथ भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से क्षेत्र में शांति, खुशहाली और सभी लोगों के सुखी जीवन की कामना की। रुद्राभिषेक के बाद स्थानीय कलाकारों द्वारा शिव चर्चा का आयोजन किया गया। शिव भक्तों ने भजन-कीर्तन प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम में महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और भगवान शिव के जयकारे लगाए। इस अवसर पर संजय सिन्हा द्वारा श्रद्धालुओं एवं उपस्थित लोगों के लिए भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में संजय सिन्हा, राजेश प्रसाद, संजय सोनी, बैजनाथ साव, कंचन पांडेय सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शिव भक्त उपस्थित रहे।1
- चिनिया में आदिवासी दिवस पर निकली रैली, अधिकारों पर हुआ मंथन अखिल भारतीय आदिवासी महासभा की चिनिया प्रखंड इकाई ने रविवार दोपहर 2:00 को कर्मस्थल चिरका में विश्व आदिवासी दिवस मनाया। इस दौरान मांदर-नगाड़े के साथ रैली निकाली गई, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए ब्लॉक परिसर पहुंची और वापस कर्मस्थल में सभा में तब्दील हो गई। सभा में आदिवासी अधिकार, भाषा-संस्कृति और रीति-रिवाजों के संरक्षण पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने रंका अनुमंडल को अधिसूचित क्षेत्र घोषित करने और अलग विधानसभा क्षेत्र बनाने की मांग दोहराई। मौके पर चैतू सिंह खरवार, कविता सिंह खरवार, रामविचार परहिया समेत सैकड़ों महिला-पुरुष मौजूद थे।1
- छात्रों की समस्या पेपर लीक कैसे होगा समाधान आनंद मार्ग आचार्य का ब्यान1
- Post by Yaduvanshi karan1