भोपाल की बेटी उमंगा कुमावत ने अपनी मेहनत, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के दम पर मिस यूनिवर्स इंडिया मध्य प्रदेश फिनाले का खिताब अपने नाम कर पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। इस शानदार उपलब्धि को हासिल करने के बाद अब वह राष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी। अपनी इस बड़ी सफलता पर उमंगा कुमावत का कहना है कि यह मंच केवल सुंदर दिखने का नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मविश्वासी, सक्षम और मजबूत व्यक्तित्व के रूप में आगे बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने साझा किया कि मॉडलिंग की दुनिया में अपनी पहचान बनाना आसान नहीं था और इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्हें लंबे समय तक कड़ी मेहनत, कड़े अनुशासन और कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इस यात्रा के दौरान उन्होंने अपनी फिटनेस पर विशेष ध्यान दिया और नियमित वर्कआउट, संतुलित आहार व लगातार अभ्यास को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर अपना वजन 72 किलोग्राम से घटाकर 58 किलोग्राम किया। हर दिन खुद को पहले से बेहतर बनाने का प्रयास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा है। उमंगा ने अपनी इस शानदार सफलता का पूरा श्रेय अपने परिवार को दिया है। उनका कहना है कि कठिन समय में उनके परिवार का विश्वास और सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा बना रहा। अब उनका मुख्य लक्ष्य राष्ट्रीय मंच पर मध्य प्रदेश का गौरव बढ़ाना और अपनी मेहनत के बल पर देशभर की युवतियों के लिए एक प्रेरणा बनना है।
भोपाल की बेटी उमंगा कुमावत ने अपनी मेहनत, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के दम पर मिस यूनिवर्स इंडिया मध्य प्रदेश फिनाले का खिताब अपने नाम कर पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। इस शानदार उपलब्धि को हासिल करने के बाद अब वह राष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी। अपनी इस बड़ी सफलता पर उमंगा कुमावत का कहना है कि यह मंच केवल सुंदर दिखने का नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मविश्वासी, सक्षम और मजबूत व्यक्तित्व के रूप में आगे बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने साझा किया कि मॉडलिंग की दुनिया में अपनी पहचान बनाना आसान नहीं था और इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्हें लंबे समय तक कड़ी मेहनत, कड़े अनुशासन और कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इस यात्रा के दौरान उन्होंने अपनी फिटनेस पर विशेष ध्यान दिया और नियमित वर्कआउट, संतुलित आहार व लगातार अभ्यास को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर अपना वजन 72 किलोग्राम से घटाकर 58 किलोग्राम किया। हर दिन खुद को पहले से बेहतर बनाने का प्रयास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा है। उमंगा ने अपनी इस शानदार सफलता का पूरा श्रेय अपने परिवार को दिया है। उनका कहना है कि कठिन समय में उनके परिवार का विश्वास और सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा बना रहा। अब उनका मुख्य लक्ष्य राष्ट्रीय मंच पर मध्य प्रदेश का गौरव बढ़ाना और अपनी मेहनत के बल पर देशभर की युवतियों के लिए एक प्रेरणा बनना है।
- भिंड के मेहगांव थाना पुलिस ने हत्या के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दस हजार रुपये के इनामी आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। मुखबिर की सटीक सूचना पर की गई इस घेराबंदी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक भी जब्त कर ली है। पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह मामला 21 अप्रैल 2026 को ग्राम कैथौदा में हुए हत्याकांड से जुड़ा है, जिसके संबंध में थाना मेहगांव में अपराध क्रमांक 99/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। इस प्रकरण में कुल पांच आरोपी नामजद थे, जिनमें से चार को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि यह पांचवां आरोपी फरार चल रहा था। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक रविंद्र शर्मा और उनकी पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसकी भिंड पुलिस ने सराहना की है।1
- एक महिला पत्रकार के तीखे सवाल सुनकर नितिन गड़करी जी सकपका गए। गड़करी जी पेट्रोलियम मंत्री नहीं हैं, फिर भी वह एथेनॉल के एक्सपर्ट बने बैठे हैं। जब पत्रकार ने उनसे इस पर सवाल किया, तो गड़करी जी ने जवाब देने के बजाय सीधे मानहानि का केस करने की धमकी दे डाली। इस पर तीखा आक्रोश जताते हुए पूछा गया है कि क्या मंत्री जी की कोई जवाबदारी नहीं है? क्या यही लोकतंत्र है और क्या अब सवाल पूछना गुनाह हो गया है?1
- जीतू पटवारी इंदौर से भोपाल के लिए जन आंदोलन करने के लिए निकल पड़े हैं। वे इंदौर से भोपाल तक इस जन आंदोलन को आयोजित करने के उद्देश्य से रवाना हुए हैं।1
- पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह द्वारा मीडियाकर्मियों के साथ किए गए व्यवहार का जमकर विरोध हो रहा है। इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं और कहा जा रहा है कि पत्रकार को भी दिग्विजय सिंह को बिल्कुल उसी लहजे में सबक सिखाना चाहिए था, जिस तरह इंदौर के भागीरथपुरा कांड के दौरान एक पत्रकार ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को उनकी 'घंटा'गिरी' पर दबंगई से जवाब दिया था। नेताओं को दोटूक चेतावनी देते हुए कहा गया है कि वे यह कतई न भूलें कि यह मीडिया है; अगर वह किसी को सिर पर बैठाना जानती है, तो उसे वक्त आने पर उतारना भी बहुत अच्छे से जानती है। इस पूरे विवाद के बाद अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि 'दिग्गी' इस पूरे मामले पर अपनी क्या सफाई पेश करते हैं।1
- मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह द्वारा मीडियाकर्मियों के साथ किए गए व्यवहार को लेकर जमकर विरोध शुरू हो गया है। दिग्विजय सिंह के इस बर्ताव से नाराज लोग यहां तक कह रहे हैं कि पत्रकारों को भी उन्हें उसी लहजे में सबक सिखाना चाहिए था। इस मामले की तुलना इंदौर के भागीरथपुरा कांड से की जा रही है, जहां एक पत्रकार ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की 'घंटागिरी' पर दबंगता से जवाब दिया था। नेताओं को कड़ा संदेश देते हुए चेतावनी दी गई है कि मीडिया अगर किसी को सिर पर बैठाना जानती है, तो उसे उतारना भी अच्छे से जानती है। अब देखना यह है कि इस पूरे विवाद पर दिग्विजय सिंह किस तरह अपनी सफाई पेश करते हैं।1
- भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलने का विरोध तेज हो गया है। इस संबंध में आरिफ मसूद ने राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपकर विश्वविद्यालय का नाम यथावत रखने की मांग की है। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से यह मांग उठाई गई है कि विश्वविद्यालय की 38 साल पुरानी पहचान को न मिटाया जाए और इसके नाम को बिना किसी बदलाव के पहले की तरह ही रखा जाए।1
- छतरपुर जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के ग्राम कोड़ा में बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के छोटे भाई शालिग्राम गर्ग पर जमीन विवाद में फायरिंग करने का आरोप लगा है। इस वारदात में मोतीलाल कुशवाहा नामक एक युवक घायल हो गया है, जिसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि एक गौशाला से सटी जमीन को लेकर शालिग्राम गर्ग और स्थानीय ग्रामीणों के बीच लंबे समय से विवाद की स्थिति बनी हुई थी। शालिग्राम गर्ग पर पहले भी बलपूर्वक जमीन हथियाने के आरोप लगते रहे हैं। हाल ही में उनकी ऐसी ही हरकतों के चलते धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और उनके भाई के बीच अलगाव होने की खबरें भी सामने आई थीं।1