अंडर-18 हॉकी एशिया कप विजेता भारतीय टीम के सदस्य और सीर गोवर्धनपुर निवासी युवा खिलाड़ी राहुल यादव का आज वाराणसी पहुंचने पर भव्य एवं ऐतिहासिक स्वागत किया गया। उनके प्रथम बनारस आगमन के अवसर पर कैंट रेलवे स्टेशन से लेकर लंका, भगवानपुर, छित्तूपुर होते हुए सीर गोवर्धनपुर तक एक ज़ोरदार स्वागत जुलूस निकाला गया। इस दौरान ढोल-नगाड़ों की थाप, पुष्पवर्षा और मिठाइयों का वितरण किया गया, जिससे पूरा मार्ग उत्सवमय हो गया। राहुल यादव की इस उल्लेखनीय उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में उत्साह और गर्व का माहौल छा गया। स्थानीय लोगों ने उन्हें माल्यार्पण कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। क्षेत्रवासियों ने कहा कि राहुल यादव ने अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिभा के दम पर न केवल सीर गोवर्धनपुर, बल्कि पूरे वाराणसी और देश का नाम रोशन किया है। इस अवसर पर अमन यादव, क्षेत्रीय पार्षद राम सिंह, कल्लू पहलवान, कमलेश यादव, पूर्व हॉकी खिलाड़ी राघवेंद्र राय और दिनेश यादव सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी तथा क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने मिठाइयां बांटकर और आतिशबाजी कर अपनी खुशी का इज़हार किया, साथ ही राहुल यादव के सम्मान में ज़ोरदार नारे भी लगाए। पूरे मार्ग पर स्वागत करने वालों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
अंडर-18 हॉकी एशिया कप विजेता भारतीय टीम के सदस्य और सीर गोवर्धनपुर निवासी युवा खिलाड़ी राहुल यादव का आज वाराणसी पहुंचने पर भव्य एवं ऐतिहासिक स्वागत किया गया। उनके प्रथम बनारस आगमन के अवसर पर कैंट रेलवे स्टेशन से लेकर लंका, भगवानपुर, छित्तूपुर होते हुए सीर गोवर्धनपुर तक एक ज़ोरदार स्वागत जुलूस निकाला गया। इस दौरान ढोल-नगाड़ों की थाप, पुष्पवर्षा और मिठाइयों का वितरण किया गया, जिससे पूरा मार्ग उत्सवमय हो गया। राहुल यादव की इस उल्लेखनीय उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में उत्साह और गर्व का माहौल छा गया। स्थानीय लोगों ने उन्हें माल्यार्पण कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। क्षेत्रवासियों ने कहा कि राहुल यादव ने अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिभा के दम पर न केवल सीर गोवर्धनपुर, बल्कि पूरे वाराणसी और देश का नाम रोशन किया है। इस अवसर पर अमन यादव, क्षेत्रीय पार्षद राम सिंह, कल्लू पहलवान, कमलेश यादव, पूर्व हॉकी खिलाड़ी राघवेंद्र राय और दिनेश यादव सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी तथा क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने मिठाइयां बांटकर और आतिशबाजी कर अपनी खुशी का इज़हार किया, साथ ही राहुल यादव के सम्मान में ज़ोरदार नारे भी लगाए। पूरे मार्ग पर स्वागत करने वालों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
- लंदन में समाजवादी पार्टी (सपा) के समर्थकों ने अखिलेश यादव के प्रति ज़बरदस्त उत्साह और समर्थन व्यक्त किया, जहाँ 'जय अखिलेश' के नारे गूंज उठे। सपा समर्थक अस्करी रज़ा सईद ने रिक्शा पर अखिलेश यादव का गाना बजाया, जिसे सुनकर वहाँ मौजूद सपा समर्थकों और नागरिकों ने भी जोश दिखाया। इस दौरान समर्थकों ने 'जय अखिलेश' के नारे लगाए, जो विदेश में भी सपा प्रमुख अखिलेश यादव की लोकप्रियता को दर्शाता है।1
- जलालपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सुरहुरपुर गाँव में हुई एक घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी केराकत, श्री अजय कुमार राय ने अपनी बाइट दी है।1
- जल निगम के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है, जहाँ शुद्ध पानी न मिलने के कारण उन्होंने जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन साफ पेयजल की अनुपलब्धता को लेकर ग्रामीणों के गहरे आक्रोश को दर्शाता है।1
- चन्दौली क्षेत्र चहनियां के ग्राम सभा मथेला लोलपुर में कथित रूप से प्यास के कारण एक नीलगाय की मौत हो गई, जिसने ग्रामीणों को अंदर तक झकझोर दिया है। गांव के पास स्थित लगभग 12 बीघा क्षेत्रफल वाले तालाब में पर्याप्त पानी न होने और उसके नवीनीकरण व सुंदरीकरण का कार्य न होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार द्वारा जल संरक्षण, तालाबों के पुनर्जीवन और अमृत सरोवर जैसी योजनाओं पर विशेष जोर दिए जाने के बावजूद, मथेला लोलपुर में इन योजनाओं का लाभ ज़मीन पर नहीं दिख रहा है। इसी के परिणामस्वरूप पशु-पक्षियों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है, और इस घटना को उसी उपेक्षा का परिणाम बताया जा रहा है। नीलगाय की मौत के बाद ग्रामीणों ने उसे सम्मानपूर्वक मिट्टी में दफन किया और गहरा दुख व्यक्त करते हुए सवाल उठाया कि आखिर इसकी जिम्मेदारी किसकी है। ग्रामीणों के अनुसार, इस मामले में केवल एक विभाग नहीं, बल्कि ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत, खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) चहनियां और संबंधित विकासखंड प्रशासन सहित कई स्तरों पर जवाबदेही बनती है। उनका स्पष्ट कहना है कि यदि तालाब का समय पर नवीनीकरण, गहरीकरण और जल संरक्षण का कार्य कराया गया होता तो शायद यह दुखद स्थिति उत्पन्न नहीं होती। ग्रामीणों ने ग्राम सभा मथेला लोलपुर से लेकर विकासखंड चहनियां तक के जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से इस घटना से सबक लेते हुए तत्काल जल स्रोतों के संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है। एक बेजुबान नीलगाय की इस मौत ने यह गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि जब जल संरक्षण और अमृत सरोवर योजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तब भी ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब उपेक्षा का शिकार क्यों हैं, और अब ग्रामीण इस मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने तथा तालाब के पुनर्जीवन की मांग कर रहे हैं।1
- रेलवे विभाग से सीधे तौर पर अनुरोध किया गया है कि वे इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करें।1
- एक स्थानीय बाहुबली की किस्मत अब पूरी तरह पलट गई है, जिसकी पहले अच्छी-खासी धाक थी। कभी लोगों को डराने-धमकाने और जबरन वसूली करने के आरोपी रहे यह बाहुबली अब बेहद बुरी हालत में है और बताया जा रहा है कि वह 'बच्चे की तरह रो रहा' है। इस बाहुबली का जुड़ाव TMC से भी रहा है।1
- बिस्मिल्लाह कॉम्प्लेक्स में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हाजी मुनीर अंसारी को विशेष सम्मान से नवाजा गया है। इस अवसर पर यह कार्यक्रम विशेष रूप से उनके सम्मान में आयोजित किया गया था।1
- असम के जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर शनिवार को भारतीय वायु सेना (IAF) का एक AN-32 परिवहन विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में भीषण आग लग गई और वह दो हिस्सों में टूट गया। इस दर्दनाक दुर्घटना में वायु सेना के पांच जवान शहीद हो गए, जबकि सह-पायलट घायल अवस्था में बच गए और उनका इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आए वीडियो में विमान को रनवे क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त होकर आग की लपटों में घिरा देखा जा सकता है। हादसे के कारणों का अभी आधिकारिक रूप से पता नहीं चल पाया है, लेकिन भारतीय वायु सेना ने इसकी जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए हैं। शहीद हुए वायुयोद्धाओं की पहचान प्रशांत सिंह, शुभम कुमार, जितेंद्र शर्मा, खेमाराम कुमावत और दानिश आलम के रूप में हुई है। AN-32 भारतीय वायु सेना का एक महत्वपूर्ण मध्यम परिवहन विमान है, जिसका उपयोग सैनिकों, रसद सामग्री और उपकरणों के परिवहन के लिए किया जाता है। यह विमान विशेष रूप से ऊंचाई वाले और कठिन इलाकों में संचालन के लिए जाना जाता है और वर्तमान में बड़ी संख्या में इसके विमान वायु सेना के बेड़े में शामिल हैं। यह हादसा एक बार फिर सैन्य विमानों की सुरक्षा और पुराने विमानों के रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है, हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।1