भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा सर्वोच्च न्यायालय को लिखे गए पत्र की भाषा और शैली पर गंभीर आपत्ति व्यक्त की है। प्रवक्ता ने कहा कि इस पत्र में जिस अहंकारी भाषा का प्रयोग किया गया है, वह आपातकाल के समय की याद दिलाती है, और उन्होंने इसे वही अहंकारी भाषा बताया जो उस दौरान देखने को मिली थी। प्रवक्ता ने विपक्षी दलों पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस पर विशेष रूप से निशाना साधा। उन्होंने पूछा कि क्या यह सच नहीं है कि केरल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर जी ने एक टीवी कार्यक्रम में कहा था कि विशेष मतदाता पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) प्रक्रिया से कांग्रेस को केरल में लाभ हुआ, क्योंकि कम्युनिस्ट पार्टियों द्वारा बनाए गए फर्जी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए थे। इसी तरह, कर्नाटक में कांग्रेस के नेता डी.के. शिवकुमार जी अपने कार्यकर्ताओं को एस.आई.आर. की प्रक्रिया में सक्रियता और तत्परता से भाग लेने का निर्देश दे रहे हैं, जबकि दूसरी ओर इसी प्रक्रिया पर आक्षेप भी लगा रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता ने दोहराया कि सर्वोच्च न्यायालय को जिस भाषा और शैली में पत्र लिखा गया है, वह स्पष्ट रूप से अहंकारी प्रतीत होती है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा सर्वोच्च न्यायालय को लिखे गए पत्र की भाषा और शैली पर गंभीर आपत्ति व्यक्त की है। प्रवक्ता ने कहा कि इस पत्र में जिस अहंकारी भाषा का प्रयोग किया गया है, वह आपातकाल के समय की याद दिलाती है, और उन्होंने इसे वही अहंकारी भाषा बताया जो उस दौरान देखने को मिली थी। प्रवक्ता ने विपक्षी दलों पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस पर विशेष रूप से निशाना साधा। उन्होंने पूछा कि क्या यह सच नहीं है कि केरल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर जी ने एक टीवी कार्यक्रम में कहा था कि विशेष मतदाता पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) प्रक्रिया से कांग्रेस को केरल में लाभ हुआ, क्योंकि कम्युनिस्ट पार्टियों द्वारा बनाए गए फर्जी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए थे। इसी तरह, कर्नाटक में कांग्रेस के नेता डी.के. शिवकुमार जी अपने कार्यकर्ताओं को एस.आई.आर. की प्रक्रिया में सक्रियता और तत्परता से भाग लेने का निर्देश दे रहे हैं, जबकि दूसरी ओर इसी प्रक्रिया पर आक्षेप भी लगा रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता ने दोहराया कि सर्वोच्च न्यायालय को जिस भाषा और शैली में पत्र लिखा गया है, वह स्पष्ट रूप से अहंकारी प्रतीत होती है।
- एक कांग्रेसी महिला पर हिन्दू देवी-देवताओं के विरुद्ध अपशब्दों का प्रयोग करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इस कृत्य को लेकर, पोस्ट में संबंधित कांग्रेसी महिला के खिलाफ तत्काल शिकायत दर्ज करने की मांग की गई है।1
- उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव का जादू जनता के बीच स्पष्ट रूप से दिखाई दिया, जहाँ उनके जन्मदिन के अवसर पर हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने उन्हें शुभकामनाएँ दीं। इस दौरान 'कमल का उत्साह' भी देखने को मिला, जो इस जनसमर्थन के बीच एक उल्लेखनीय पहलू रहा। जनता का यह उत्साह 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए अखिलेश यादव के पक्ष में एक मजबूत संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। उनके समर्थकों ने उन्हें 2027 में उत्तर प्रदेश का भावी मुख्यमंत्री बताया, साथ ही 'अबकी बार सपा सरकार' का नारा भी बुलंद किया।1
- दिल्ली के जंतर मंतर पर 'कॉकरोच पार्टी' द्वारा दिए जा रहे धरने को लेकर लाखन सिंह जी ने अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस धरने पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे छात्रों के साथ हो रही नाइंसाफी से संबंधित बताया है।1
- Post by Babiu1
- बस्सी क्षेत्र स्थित उपखण्ड कार्यालय के सामने वीर तेजा गौशाला समिति खिजुरिया जाटान के गौ सेवक और अन्य गौ सेवक 2 जुलाई से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांग गौ माता के लिए भूमि आवंटन और गोचर भूमि को गाय माता के लिए आरक्षित करना है। गौ सेवकों ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी संस्था वीर तेजा गौशाला समिति पिछले तीन साल से गौ माता की सेवा और देखभाल का कार्य कर रही है। उनकी समिति ग्राम खजुरिया जतन में एक गौशाला संचालित करती है, जो गोचर भूमि में स्थित है। यह भूमि पूर्व में पंचायत के अधीन थी, लेकिन फरवरी माह में जेडीए का विस्तार होने के बाद उक्त जमीन जेडीए के अधीन चली गई। अब जेडीए के अधिकारी गौशाला पर आकर उसे खाली कराने की मांग कर रहे हैं। समिति का कहना है कि वे 200 गोवंश की निस्वार्थ सेवा और देखभाल करते हैं, और यदि गौशाला खाली की जाती है तो गौ माता सड़कों पर इधर-उधर भटकती रहेंगी। इसी मामले को लेकर उच्च अधिकारियों और प्रशासन से निवेदन किया गया है कि गौ माता को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें गोचर भूमि आवंटित की जाए। इस मौके पर जयपुर जिला गो सांसद सुरेंद्र सिंह अचलपुरा ने भी गौ माता को राष्ट्रीय माता बताया। गौ सेवकों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक यह शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इस अवसर पर काफी संख्या में गौ सेवक व साधु संत महात्मा भी मौजूद थे।1
- एक महिला पुलिसकर्मी ने इस बात पर प्रकाश डाला है कि थानों से जुड़े क्षेत्रों में अपराध और क्राइम किस तरह लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने इस गंभीर स्थिति और बढ़ते क्राइम की सच्चाई को उजागर किया है।1
- सोशल मीडिया यूज़र alam_malik143143 ने अपने दर्शकों और अन्य उपयोगकर्ताओं से अपने यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक चैनलों को फॉलो करने का आग्रह किया है। यह अनुरोध उनकी ओर से अपने इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जुड़ने के लिए एक सीधी अपील है।1
- रिपोर्ट्स के मुताबिक, म्यांमार ने हाल ही में बांग्लादेश की सीमा पर मौजूद विद्रोहियों के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। खबरों में यह भी दावा किया गया है कि बांग्लादेश की राजधानी ढाका को इस सैन्य ऑपरेशन के बारे में लगभग एक सप्ताह बाद सोशल मीडिया के ज़रिए पता चला। यदि इन रिपोर्टों की पुष्टि होती है, तो यह घटना दिखाती है कि संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में हालात कितनी तेज़ी से बदल सकते हैं और ऐसी स्थितियों में समय रहते जानकारी का उपलब्ध होना कितना ज़रूरी है।1