शिक्षा समिति की बैठक में सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने शिक्षा व्यवस्था को गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुख बनाने पर दिया जोर नई दिल्ली संसदीय सौध, नई दिल्ली में आयोजित शिक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक में होशंगाबाद-नरसिंहपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी ने सहभागिता करते हुए देश की शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और रोजगारोन्मुख बनाने से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श किया। बैठक में शिक्षा की वर्तमान चुनौतियों, विद्यार्थियों की बदलती आवश्यकताओं तथा भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को और सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक के दौरान शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, कौशल आधारित शिक्षा, नवाचार, रोजगारपरक प्रशिक्षण तथा शिक्षा को समाज और उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। सदस्यों ने इस बात पर भी विचार किया कि देश के विद्यार्थियों को ऐसी शिक्षा उपलब्ध कराई जाए, जो उन्हें केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित न रखे, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर, कुशल और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाए। सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने में शिक्षा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। देश की युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी ताकत है और इस युवा शक्ति को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक, संस्कारयुक्त तथा कौशल आधारित शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज के बदलते वैश्विक परिदृश्य में शिक्षा का स्वरूप भी तेजी से बदल रहा है। विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान देने के बजाय उनमें व्यावहारिक ज्ञान, कौशल, नवाचार की क्षमता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नैतिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करना आवश्यक है। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जो विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उसे उचित दिशा दे और उन्हें रोजगार प्राप्त करने के साथ-साथ रोजगार सृजित करने के लिए भी सक्षम बनाए श्री चौधरी ने कहा कि डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहित आधुनिक तकनीकों ने शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं पैदा की हैं। इन तकनीकों का समुचित और जिम्मेदार उपयोग करते हुए विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सामग्री पहुंचाई जा सकती है। साथ ही ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने शिक्षा के साथ कौशल विकास को जोड़ने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं कौशल प्रदान किया जाना चाहिए। इससे युवा बदलते रोजगार बाजार की मांग के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकेंगे और देश की अर्थव्यवस्था को भी कुशल मानव संसाधन प्राप्त होगा। बैठक में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। सांसद श्री चौधरी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का समग्र विकास करना होना चाहिए। उनमें नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, रचनात्मकता, सामाजिक जिम्मेदारी, वैज्ञानिक सोच और राष्ट्र के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और संस्कारों के साथ आधुनिक ज्ञान एवं तकनीकी दक्षता का संतुलित समावेश होना चाहिए। इससे विद्यार्थी अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनेंगे। सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का उद्देश्य देश के प्रत्येक विद्यार्थी को बेहतर और समान अवसर उपलब्ध कराना है। शिक्षा की गुणवत्ता के साथ उसकी पहुंच और प्रभावशीलता को मजबूत करना भी उतना ही जरूरी है। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिले, इसके लिए निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मजबूत शिक्षा व्यवस्था ही भारत को ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और कौशल के क्षेत्र में वैश्विक शक्ति बनाने का आधार तैयार कर सकती है। इसके लिए केंद्र, राज्य, शिक्षण संस्थानों, शिक्षकों, अभिभावकों और समाज को मिलकर काम करना होगा। सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी ने विश्वास व्यक्त किया कि शिक्षा समिति में हुए सार्थक विचार-विमर्श, विभिन्न सुझावों और विशेषज्ञ दृष्टिकोणों के आधार पर शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सुधारों का वास्तविक उद्देश्य प्रत्येक विद्यार्थी के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण और भारत की युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण की दिशा में सशक्त बनाना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब देश का युवा शिक्षित, कुशल, संस्कारवान और आत्मनिर्भर होगा, तभी विकसित भारत के संकल्प को मजबूती मिलेगी। इसलिए शिक्षा को राष्ट्र की दीर्घकालिक प्रगति का सबसे महत्वपूर्ण आधार मानते हुए इसके निरंतर उन्नयन की दिशा में प्रयास जारी रखना आवश्यक है। NDPM NEWS twenty four नर्मदापुरम की खास रिपोर्ट
शिक्षा समिति की बैठक में सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने शिक्षा व्यवस्था को गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुख बनाने पर दिया जोर नई दिल्ली संसदीय सौध, नई दिल्ली में आयोजित शिक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक में होशंगाबाद-नरसिंहपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी ने सहभागिता करते हुए देश की शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और रोजगारोन्मुख बनाने से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श किया। बैठक में शिक्षा की वर्तमान चुनौतियों, विद्यार्थियों की बदलती आवश्यकताओं तथा भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को और सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक के दौरान शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, कौशल आधारित शिक्षा, नवाचार, रोजगारपरक प्रशिक्षण तथा शिक्षा को समाज और उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। सदस्यों ने इस बात पर भी विचार किया कि देश के विद्यार्थियों को ऐसी शिक्षा उपलब्ध कराई जाए, जो उन्हें केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित न रखे, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर, कुशल और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाए। सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने में शिक्षा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। देश की युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी ताकत है और इस युवा शक्ति को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक, संस्कारयुक्त तथा कौशल आधारित शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज के बदलते वैश्विक परिदृश्य में शिक्षा का स्वरूप भी तेजी से बदल रहा है। विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान देने के बजाय उनमें व्यावहारिक ज्ञान, कौशल, नवाचार की क्षमता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नैतिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करना आवश्यक है। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जो विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उसे उचित दिशा दे और उन्हें रोजगार प्राप्त करने के साथ-साथ रोजगार सृजित करने के लिए भी सक्षम बनाए श्री चौधरी ने कहा कि डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहित आधुनिक तकनीकों ने शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं पैदा की हैं। इन तकनीकों का समुचित और जिम्मेदार उपयोग करते हुए विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सामग्री पहुंचाई जा सकती है। साथ ही ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने शिक्षा के साथ कौशल
विकास को जोड़ने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं कौशल प्रदान किया जाना चाहिए। इससे युवा बदलते रोजगार बाजार की मांग के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकेंगे और देश की अर्थव्यवस्था को भी कुशल मानव संसाधन प्राप्त होगा। बैठक में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। सांसद श्री चौधरी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का समग्र विकास करना होना चाहिए। उनमें नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, रचनात्मकता, सामाजिक जिम्मेदारी, वैज्ञानिक सोच और राष्ट्र के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और संस्कारों के साथ आधुनिक ज्ञान एवं तकनीकी दक्षता का संतुलित समावेश होना चाहिए। इससे विद्यार्थी अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनेंगे। सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का उद्देश्य देश के प्रत्येक विद्यार्थी को बेहतर और समान अवसर उपलब्ध कराना है। शिक्षा की गुणवत्ता के साथ उसकी पहुंच और प्रभावशीलता को मजबूत करना भी उतना ही जरूरी है। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिले, इसके लिए निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मजबूत शिक्षा व्यवस्था ही भारत को ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और कौशल के क्षेत्र में वैश्विक शक्ति बनाने का आधार तैयार कर सकती है। इसके लिए केंद्र, राज्य, शिक्षण संस्थानों, शिक्षकों, अभिभावकों और समाज को मिलकर काम करना होगा। सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी ने विश्वास व्यक्त किया कि शिक्षा समिति में हुए सार्थक विचार-विमर्श, विभिन्न सुझावों और विशेषज्ञ दृष्टिकोणों के आधार पर शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सुधारों का वास्तविक उद्देश्य प्रत्येक विद्यार्थी के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण और भारत की युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण की दिशा में सशक्त बनाना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब देश का युवा शिक्षित, कुशल, संस्कारवान और आत्मनिर्भर होगा, तभी विकसित भारत के संकल्प को मजबूती मिलेगी। इसलिए शिक्षा को राष्ट्र की दीर्घकालिक प्रगति का सबसे महत्वपूर्ण आधार मानते हुए इसके निरंतर उन्नयन की दिशा में प्रयास जारी रखना आवश्यक है। NDPM NEWS twenty four नर्मदापुरम की खास रिपोर्ट
- कलेक्टर की कलाई पर सजा बेटियों का स्नेह, इको फ्रेंडली राखी से दिया पर्यावरण बचाने का संदेश मिसरोद के नितिन साई चाइल्ड केयर स्कूल की छात्राओं ने खुद तैयार की राखियां, कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने मिठाई खिलाकर दिया आशीर्वाद नर्मदापुरम। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर नर्मदापुरम में भाई-बहन के स्नेह के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देखने को मिला। मिसरोद स्थित नितिन साई चाइल्ड केयर स्कूल की कक्षा 7वीं और 9वीं की छात्राओं ने कलेक्टर सोमेश मिश्रा से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें अपने हाथों से तैयार की गई इको फ्रेंडली राखियां बांधीं। छात्राओं ने रक्षाबंधन के लिए विशेष रूप से पर्यावरण अनुकूल राखियां तैयार की थीं। अपनी रचनात्मकता और मेहनत से बनाई गई इन राखियों को कलेक्टर की कलाई पर बांधकर छात्राओं ने भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और अपनत्व के पर्व को उत्साह के साथ मनाया। राखियों के माध्यम से उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। कलेक्टर ने मिठाई खिलाकर दिया स्नेह छात्राओं से राखी बंधवाने के बाद कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने भी बच्चों के साथ सहजता और आत्मीयता से संवाद किया। उन्होंने छात्राओं को मिठाई खिलाई और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए स्नेहाशीष प्रदान किया। कलेक्टर ने छात्राओं द्वारा स्वयं तैयार की गई इको फ्रेंडली राखियों की सराहना करते हुए कहा कि त्योहारों को पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ मनाना सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि बच्चों की ऐसी रचनात्मक पहल समाज को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने और पर्यावरण हितैषी परंपराओं को अपनाने की प्रेरणा देती है। यादगार बना रक्षाबंधन का पल कलेक्टर से मुलाकात और राखी बांधने के बाद छात्राएं काफी उत्साहित नजर आईं। इस आत्मीय मुलाकात की यादों को संजोने के लिए छात्राओं ने कलेक्टर के साथ सामूहिक फोटो भी खिंचवाया। रक्षाबंधन के इस अवसर पर छात्राओं की पहल ने स्नेह के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और पर्व को एक सकारात्मक सामाजिक संदेश से जोड़ दिया।1
- कृषि उपज मंडी में अव्यवस्थाओं का आलम, कीचड़ और गड्ढों से किसान परेशान; कई दिनों से बिजली भी बंद नर्मदापुरम शहर की आईटीआई रोड स्थित कृषि उपज मंडी में अव्यवस्थाओं का आलम है। मंडी के दोनों गेटों पर कीचड़ और गड्ढों के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन किसान और उनके वाहन फंस रहे हैं। वहीं सफाई के अभाव में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं और मंडी की बिजली व्यवस्था भी कई दिनों से बंद बताई जा रही है। सफाई और बिजली के लिए निजी कर्मचारी होने के बावजूद व्यवस्था नहीं सुधरने से मंडी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। पूरी खबर नर्मदापुरम शहर के आईटीआई रोड स्थित कृषि उपज मंडी में इन दिनों अव्यवस्थाओं के चलते किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंडी में रोजाना सैकड़ों किसान अपनी कृषि उपज लेकर पहुंचते हैं, लेकिन मंडी के दोनों गेटों पर बदहाल रास्तों के कारण उनकी परेशानी बढ़ गई है। मंडी के दोनों गेटों पर जगह-जगह कीचड़ और गड्ढे होने के कारण कृषि उपज से भरे वाहन निकलने में दिक्कत हो रही है। किसानों के वाहन आए दिन कीचड़ और गड्ढों में फंस रहे हैं। इससे किसानों को अपने वाहनों को निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। इसके साथ ही मंडी परिसर में नियमित सफाई नहीं होने से जगह-जगह कचरे के ढेर दिखाई दे रहे हैं। किसानों का आरोप है कि सफाई के लिए निजी कर्मचारी होने के बावजूद नियमित रूप से सफाई नहीं की जा रही है। वहीं मंडी परिसर की बिजली व्यवस्था भी कई दिनों से बंद होने की बात सामने आई है। आरोप है कि बिजली व्यवस्था के लिए निजी कर्मचारी को हर महीने भुगतान किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद बिजली की समस्या बनी हुई है। किसानों का कहना है कि मंडी में रोजाना बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर आते हैं। ऐसे में मंडी के दोनों गेटों पर सड़क की स्थिति सुधारने, कीचड़ और गड्ढों को भरने, नियमित सफाई कराने और बिजली व्यवस्था जल्द बहाल करने की जरूरत है। अब सवाल यह है कि किसानों से जुड़ी इतनी महत्वपूर्ण मंडी में मूलभूत सुविधाओं की निगरानी आखिर कौन कर रहा है? सफाई और बिजली व्यवस्था के लिए कर्मचारी होने के बावजूद हालात क्यों नहीं सुधर रहे हैं? किसानों ने जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।1
- त्योहार के मद्देनजर मिठाई दुकानों पर खाद्य विभाग की छापेमार कार्रवाई, 31 नमूने जांच के लिए लिए नर्मदापुरम/सोहागपुर। त्योहारों के मद्देनजर दूध एवं दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिले में विशेष जांच अभियान शुरू किया है। नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन एवं कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा के निर्देशानुसार 26 अगस्त 2026 को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमों ने सेमरी हरचंद, सोहागपुर और बनखेड़ी क्षेत्र की मिठाई दुकानों का औचक निरीक्षण किया। सेमरी हरचंद में खाद्य सुरक्षा अधिकारी बी.एस. धाकड़ एवं कमलेश एस. दियावार ने सर्वेश्वर मिष्ठान, बजरंग मिष्ठान एवं बीकानेर मिष्ठान का निरीक्षण किया। इस दौरान संदेह के आधार पर मिठाई, सोन पापड़ी, रसगुल्ला, बेसन, सोयाबीन तेल और नमकीन सहित 18 नमूने जांच के लिए लिए गए। इसी प्रकार सोहागपुर स्थित श्री बीकानेर एवं न्यू बीकानेर से मावा, बर्फी, लड्डू, सोन पापड़ी और रसगुल्ला के 8 नमूने लिए गए। वहीं खाद्य सुरक्षा विभाग की एक अन्य टीम ने बनखेड़ी क्षेत्र में कार्रवाई की। खाद्य सुरक्षा अधिकारी जितेंद्र सिंह राणा ने अग्रवाल स्वीट, श्याम स्वीट एवं बीकानेर स्वीट का निरीक्षण कर मावा पेड़ा, मावा, कलाकंद, मिल्क केक और बर्फी के 5 नमूने जांच के लिए लिए। इस तरह तीनों क्षेत्रों से कुल 31 खाद्य नमूने लिए गए हैं। सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। विभाग के अनुसार जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों, विशेषकर दूध, दुग्ध उत्पाद एवं घी की गुणवत्ता की जांच का अभियान नियमित रूप से जारी रहेगा। विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य मिलावटी एवं अमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।1
- मालवीगंज बाइबल कॉलेज रोड पुलिया का स्थायी समाधान! अध्यक्ष जी का धन्यवाद | Itarsi Update मुख्य लाइन (Catchy Line) इटारसी के गोल्डन गार्डन के सामने वाली वायरल पुलिया का हुआ नया निर्माण, नागरिकों से अपील- 10-12 दिन भारी वाहन न गुजारें। डिस्क्रिप्शन (Description) इटारसी वासियों के लिए बड़ी राहत! मालवीगंज, बाइबल कॉलेज रोड और गोल्डन गार्डन के सामने बनी वायरल पुलिया का आज स्थायी समाधान कर दिया गया है। जर्जर हिस्से को पूरी तरह तोड़कर नए सिरे से शानदार निर्माण किया गया है। इस त्वरित और बेहतरीन कार्य के लिए स्थानीय नागरिकों ने अध्यक्ष जी का दिल से आभार व्यक्त किया है। ⚠️ विशेष अपील: नवनिर्मित पुलिया की मजबूती और Curing को ध्यान में रखते हुए सभी नागरिकों से अनुरोध है कि अगले 10 से 12 दिनों तक इस मार्ग से भारी वाहनों की आवाजाही बिल्कुल न करें और प्रशासन द्वारा डायवर्ट किए गए रूट का ही उपयोग करें। सहयोग बनाए रखें! हैशटैग (Hashtags) #ItarsiUpdate #MalviGanjRoad #ItarsiNews #BibleCollegeRoad #GoldenGardenItarsi #Itarsi #MadhyaPradeshNews #PublicNotice #LocalDevelopment मालवीगंज बाइबल कॉलेज रोड पुलिया का स्थायी समाधान! अध्यक्ष जी का धन्यवाद | Itarsi Update मुख्य लाइन (Catchy Line) इटारसी के गोल्डन गार्डन के सामने वाली वायरल पुलिया का हुआ नया निर्माण, नागरिकों से अपील- 10-12 दिन भारी वाहन न गुजारें। डिस्क्रिप्शन (Description) इटारसी वासियों के लिए बड़ी राहत! मालवीगंज, बाइबल कॉलेज रोड और गोल्डन गार्डन के सामने बनी वायरल पुलिया का आज स्थायी समाधान कर दिया गया है। जर्जर हिस्से को पूरी तरह तोड़कर नए सिरे से शानदार निर्माण किया गया है। इस त्वरित और बेहतरीन कार्य के लिए स्थानीय नागरिकों ने अध्यक्ष जी का दिल से आभार व्यक्त किया है। ⚠️ विशेष अपील: नवनिर्मित पुलिया की मजबूती और Curing को ध्यान में रखते हुए सभी नागरिकों से अनुरोध है कि अगले 10 से 12 दिनों तक इस मार्ग से भारी वाहनों की आवाजाही बिल्कुल न करें और प्रशासन द्वारा डायवर्ट किए गए रूट का ही उपयोग करें। सहयोग बनाए रखें! हैशटैग (Hashtags) #ItarsiUpdate #MalviGanjRoad #ItarsiNews #BibleCollegeRoad #GoldenGardenItarsi #Itarsi #MadhyaPradeshNews #PublicNotice #LocalDevelopment1
- नर्मदा नदी ने लिया रौद्र रूप, लगातार बारिश से बढ़ा जलस्तर; कई इलाकों में जलभराव की स्थिति नर्मदा नदी ने लिया रौद्र रूप, लगातार बारिश से बढ़ा जलस्तर; कई इलाकों में जलभराव की स्थिति1
- थोड़ा सा पानी आ जाने पर रपटे पर आवा जाई बंद हो जाती है निपानिया की बड़ी समस्या निपानिया की समस्या1
- भोपाल मै निकला ईद मिलादुन्नबी का परंपरागत जुलूस राजधानी भोपाल में ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर परंपरागत जुलूस बड़े ही अकीदत और उत्साह के साथ निकाला गया। अशोका गार्डन से शुरू हुआ यह जुलूस प्रभात चौराहा, सुभाष नगर, बोगदापुल, जिंसी और जहांगीराबाद होते हुए लिली टॉकीज पहुंचा, जहां जुलूस का समापन हुआ। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। पूरे रास्ते नात-ए-पाक और सलाम की सदाएं गूंजती रहीं और लोगों ने ईद मिलादुन्नबी की खुशी का इज़हार किया। इस दौरान जुलूस में शामिल लोगों ने अमन, शांति, भाईचारे और मोहब्बत का पैगाम दिया। भोपाल की गंगा-जमुनी तहज़ीब की खूबसूरत तस्वीर भी इस जुलूस में देखने को मिली। अशोका गार्डन से लिली टॉकीज तक निकला यह जुलूस अपनी रिवायत और अकीदत के साथ एक बार फिर शहर में आपसी मोहब्बत और भाईचारे का संदेश देता नजर आया।3
- एशियन गेम्स-2026 में नर्मदापुरम के तीन खिलाड़ी भारत की दावेदारी को देंगे मजबूती विवेक सागर प्रसाद, आध्या तिवारी और हर्षिता तोमर करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व नर्मदापुरम, 26 अगस्त 2026। खेल प्रतिभाओं के क्षेत्र में नर्मदापुरम जिले ने एक बार फिर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले एशियन गेम्स-2026 में नर्मदापुरम जिले के तीन प्रतिभावान खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। हॉकी के स्टार खिलाड़ी विवेक सागर प्रसाद, सॉफ्ट टेनिस की युवा खिलाड़ी आध्या तिवारी और सेलिंग की अनुभवी खिलाड़ी हर्षिता तोमर भारतीय दल में शामिल हैं। एक ही जिले से तीन अलग-अलग खेलों के खिलाड़ियों का एशियन गेम्स जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए चयन होना नर्मदापुरम के लिए गौरव की बड़ी उपलब्धि है। यह सफलता न केवल इन खिलाड़ियों की मेहनत, लगन और निरंतर अभ्यास का परिणाम है, बल्कि जिले में विकसित हो रही खेल संस्कृति और प्रतिभाओं की क्षमता को भी दर्शाती है। एशियन गेम्स में एशिया के विभिन्न देशों के शीर्ष खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। ऐसे में नर्मदापुरम के तीनों खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए देश के लिए पदक हासिल करने की कोशिश करेंगे। जिले के खेल प्रेमियों और नागरिकों की नजरें अब इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर टिकी रहेंगी। हॉकी में विवेक सागर प्रसाद पर रहेंगी निगाहें नर्मदापुरम के प्रतिभावान हॉकी खिलाड़ी विवेक सागर प्रसाद भारतीय पुरुष हॉकी टीम का हिस्सा होंगे। विवेक भारतीय हॉकी के प्रमुख खिलाड़ियों में अपनी जगह बना चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष हॉकी टीम अपने पिछले स्वर्ण पदक के प्रदर्शन को दोहराने और खिताब बरकरार रखने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी। ऐसे में टीम के अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल विवेक सागर प्रसाद की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विवेक की तेज खेल शैली, मैदान पर निर्णय लेने की क्षमता और अंतरराष्ट्रीय अनुभव भारतीय टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। नर्मदापुरम के खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि विवेक एशियन गेम्स के मंच पर भी शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय हॉकी टीम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। विवेक का एशियन गेम्स के लिए चयन जिले के युवा हॉकी खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का विषय है। छोटे शहर और जिले से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने वाले विवेक ने नर्मदापुरम के युवाओं के सामने खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की एक मिसाल पेश की है। सॉफ्ट टेनिस में आध्या तिवारी की नई उड़ान नर्मदापुरम की युवा सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी आध्या तिवारी भी एशियन गेम्स-2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। आध्या का चयन महिला सिंगल्स और मिक्स्ड डबल्स स्पर्धाओं के लिए हुआ है। आध्या ने अपने प्रदर्शन के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। अब उन्हें एशिया के सबसे बड़े खेल मंचों में से एक पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। सॉफ्ट टेनिस में एशियाई देशों के खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलता है। ऐसे में आध्या के सामने भी मजबूत अंतरराष्ट्रीय चुनौती होगी। आध्या का एशियन गेम्स के लिए चयन नर्मदापुरम की बेटियों के लिए विशेष रूप से प्रेरणादायी उपलब्धि है। खेल के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही जिले की युवा प्रतिभाओं के लिए उनका चयन यह संदेश देता है कि निरंतर मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा जा सकता है। महिला सिंगल्स के साथ मिक्स्ड डबल्स में भी आध्या भारत की दावेदारी मजबूत करने की कोशिश करेंगी। उनसे उम्मीद की जा रही है कि वह आत्मविश्वास के साथ मुकाबलों में उतरकर देश और जिले का नाम रोशन करेंगी। सेलिंग में हर्षिता तोमर का अनुभव बनेगा ताकत नर्मदापुरम की सेलिंग खिलाड़ी हर्षिता तोमर एशियन गेम्स-2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली तीसरी खिलाड़ी होंगी। हर्षिता पहले भी एशियन गेम्स में देश के लिए पदक जीत चुकी हैं। उन्होंने 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में कांस्य पदक हासिल कर नर्मदापुरम और भारत का गौरव बढ़ाया था। अब एक बार फिर एशियन गेम्स के अंतरराष्ट्रीय मंच पर उतरने जा रहीं हर्षिता के अनुभव पर सभी की निगाहें रहेंगी। एशियन गेम्स जैसे बड़े आयोजन में पहले पदक जीतने का अनुभव उनके लिए महत्वपूर्ण ताकत साबित हो सकता है। सेलिंग एक ऐसा खेल है जिसमें खिलाड़ी को तकनीक, रणनीति, मौसम और परिस्थितियों के अनुरूप तत्काल निर्णय लेने की क्षमता की जरूरत होती है। हर्षिता के पिछले अंतरराष्ट्रीय अनुभव को देखते हुए उनसे एक बार फिर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। उनकी एशियन गेम्स में वापसी नर्मदापुरम के लिए भी गर्व का विषय है। हर्षिता ने पहले ही यह साबित किया है कि जिले की प्रतिभाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने की क्षमता रखती हैं। एक जिले से तीन खेलों में अंतरराष्ट्रीय पहचान एशियन गेम्स-2026 में नर्मदापुरम के तीन खिलाड़ी तीन अलग-अलग खेलों—हॉकी, सॉफ्ट टेनिस और सेलिंग में भारत की ओर से चुनौती पेश करेंगे। यह उपलब्धि जिले के खेल इतिहास में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विवेक सागर प्रसाद हॉकी में, आध्या तिवारी सॉफ्ट टेनिस में और हर्षिता तोमर सेलिंग में देश की उम्मीदों का प्रतिनिधित्व करेंगी। तीनों खिलाड़ियों की खेल विधाएं अलग हैं, लेकिन लक्ष्य एक ही है—भारत के लिए बेहतर प्रदर्शन करना और देश का नाम रोशन करना। इन खिलाड़ियों की उपलब्धि से जिले के खेल मैदानों, प्रशिक्षण केंद्रों और युवा खिलाड़ियों में भी उत्साह बढ़ने की उम्मीद है। नर्मदापुरम के कई युवा अब खेलों को केवल स्थानीय प्रतियोगिताओं तक सीमित न मानकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करियर के अवसर के रूप में देख रहे हैं। जिलेवासियों को पदक की उम्मीद आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स-2026 के दौरान नर्मदापुरम के खेल प्रेमियों की विशेष नजर भारतीय दल के इन तीन खिलाड़ियों पर रहेगी। तीनों खिलाड़ियों ने अपने-अपने खेल में मेहनत और प्रदर्शन के जरिए यह मुकाम हासिल किया है। विवेक सागर प्रसाद, आध्या तिवारी और हर्षिता तोमर अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की उम्मीदों को आगे बढ़ाएंगे। जिलेवासियों को भरोसा है कि तीनों खिलाड़ी अपनी पूरी क्षमता के साथ मुकाबला करेंगे और शानदार प्रदर्शन के जरिए नर्मदापुरम की खेल प्रतिभा को नई पहचान दिलाएंगे। तीन खिलाड़ी, तीन खेल और नर्मदापुरम का गौरव एशियन गेम्स-2026 में नर्मदापुरम की मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती। सही मार्गदर्शन, निरंतर अभ्यास और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर जिले के खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। अब 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियन गेम्स में जब भारतीय खिलाड़ी मैदान में उतरेंगे, तब नर्मदापुरम की निगाहें विशेष रूप से अपने इन तीन सितारों पर रहेंगी। जिलेवासियों की उम्मीद और शुभकामनाओं के साथ विवेक सागर प्रसाद, आध्या तिवारी और हर्षिता तोमर भारत की पदक दावेदारी को मजबूत करने के लिए मैदान में उतरेंगे। NDPM NEWS twenty four नर्मदापुरम की खास रिपोर्ट2