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सोशल मीडिया पर वैभव सिंह राजपूत के वीडियो आए दिन वायरल हो रहे हैं। इसी कड़ी में उनका एक और नया वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने होटल इंडस्ट्री की सबसे कड़वी नस को छूते हुए सवाल खड़े किए हैं। इस नए वीडियो के जरिए उन्होंने होटल लाइन से जुड़ी कड़वी सच्चाई को सामने रखा है।
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सोशल मीडिया पर वैभव सिंह राजपूत के वीडियो आए दिन वायरल हो रहे हैं। इसी कड़ी में उनका एक और नया वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने होटल इंडस्ट्री की सबसे कड़वी नस को छूते हुए सवाल खड़े किए हैं। इस नए वीडियो के जरिए उन्होंने होटल लाइन से जुड़ी कड़वी सच्चाई को सामने रखा है।
More news from हरियाणा and nearby areas
- सोशल मीडिया पर वैभव सिंह का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर जोरदार बहस छिड़ गई है और लोग इसके पीछे का पूरा सच जानने में जुटे हैं।1
- जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन से संबंधित एक सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई है। इस पोस्ट में छात्र प्रदर्शन को दर्शाने के लिए #StudentProtest और #JantarMantar जैसे हैशटैग का इस्तेमाल किया गया है।1
- 26 दिनों की लंबी भूख हड़ताल के बाद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों से मिले आश्वासन के बाद यह निर्णय लिया गया है। इस घटनाक्रम के बाद अब परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने, NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों और छात्रों से जुड़े तमाम मामलों पर संसद में चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही है।1
- पेपर लीक मामले पर मोदीजी का पहला वीडियो संदेश सामने आया है। देश में पेपर लीक के खिलाफ मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा। इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए सोमवार को कैबिनेट की बैठक में बिल पास कराया जाएगा। इसके बाद इसी मानसून सत्र में इस बिल को पास कराने की तैयारी है। इस पूरी खबर का विवरण राजपथ न्यूज़ पर देखा जा सकता है।1
- अनशन के नाम पर पूरी तरह से झूठा ढोंग किया गया है। असलियत यह है कि अनशन पर बैठा यह ढोंगी बाबा आराम से लेटकर सब कुछ खा-पी रहा है।1
- दिल्ली में सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ हुई बैठक के बाद अपना अनशन तोड़ दिया है। केंद्रीय मंत्रियों के साथ बातचीत और बैठक संपन्न होने के बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त करने का फैसला लिया। उल्लेखनीय है कि सोनम वांगचुक बीते 28 जून से लगातार अनशन पर बैठे हुए थे।1
- एनआईसीयू में भर्ती शिशुओं को विशेष देखभाल और गहन चिकित्सा निगरानी में रखा जाता है। समय से पहले जन्म होने, सांस लेने में कठिनाई का सामना करने या फिर जन्म के समय कम वजन जैसी स्थितियों के कारण इन बच्चों को इस तरह के विशेष ध्यान की आवश्यकता होती है।1
- राजस्थान के जोधपुर में अपने स्कूल की महिला अध्यापक से छेड़छाड़ करने वाले प्रिंसिपल के खिलाफ लोगों का गुस्सा देखने को मिला। महिला अध्यापक के परिवारजनों और स्थानीय लोगों ने प्रिंसिपल को स्कूल से बाहर निकाल कर उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद लोगों ने प्रिंसिपल का मुंह काला किया और उसे सड़क पर घुमाया।1