आज लगेगा ग्रहण कया आप है कया आप त्यार इन बचाओ के लिए? तो जरूर पढ़े ग्रहण का समय (भारतीय समयानुसार - IST): प्रारंभ: दोपहर 3 बजकर 26 मिनट (3:26 PM) चरम (Maximum): शाम लगभग 5 बजकर 42 मिनट के आसपास समापन: शाम 7 बजकर 57 मिनट (7:57 PM) यह ग्रहण फाल्गुन अमावस्या तिथि पर कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में लग रहा है। भारत में दिखाई देगा या नहीं? नहीं, यह ग्रहण भारत में कहीं भी दिखाई नहीं देगा। इसका मुख्य पथ (Path of Annularity) दक्षिणी गोलार्ध में है, खासकर अंटार्कटिका (Antarctica), दक्षिणी अफ्रीका के कुछ हिस्सों, दक्षिण अमेरिका (जैसे चिली, अर्जेंटीना) के दक्षिणी इलाकों और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में दिखेगा। भारत में सूर्य ग्रहण के समय सूर्य क्षितिज के नीचे होगा, इसलिए यहां कोई प्रभाव या दृश्य नहीं होगा। सूतक काल (Sutak Kaal) लगेगा? नहीं, भारत में सूतक काल मान्य नहीं होगा क्योंकि ग्रहण यहां दृश्यमान नहीं है। ज्योतिष और धार्मिक नियमों के अनुसार, जहां ग्रहण दिखाई नहीं देता, वहां सूतक या मंदिर बंद आदि नियम लागू नहीं होते। ग्रहण क्या है और क्यों खास? वलयाकार ग्रहण में चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह नहीं ढक पाता, इसलिए सूर्य के किनारों पर एक चमकदार "अंगूठी" जैसा प्रकाश दिखता है (रिंग ऑफ फायर)। अधिकतम 2 मिनट 20 सेकंड तक यह प्रभाव रह सकता है (अधिकतम बिंदु पर)। यह एक दुर्लभ खगोलीय घटना है, लेकिन भारत से देखने के लिए ऑनलाइन लाइव स्ट्रीम (जैसे NASA या अन्य एस्ट्रोनॉमी साइट्स) देख सकते हैं। बचाव या उपाय (धार्मिक दृष्टि से): चूंकि भारत में ग्रहण नहीं दिख रहा, सामान्य नियम लागू नहीं होते। फिर भी, अगर आप सूर्य ग्रहण के सामान्य उपाय करना चाहें: सूर्य मंत्र जप करें (जैसे "ॐ घृणि सूर्याय नमः")। दान-पुण्य करें, विशेषकर गरीबों को। गर्भवती महिलाएं घर में रहें और सूर्य की ओर न देखें (सामान्य सलाह)। मंत्र जप, ध्यान या पूजा से सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखें। ग्रहण के दौरान सूर्य की किरणें खतरनाक हो सकती हैं, इसलिए कभी भी बिना विशेष चश्मे (ISO प्रमाणित सोलर ग्लास) के सीधे न देखें।
आज लगेगा ग्रहण कया आप है कया आप त्यार इन बचाओ के लिए? तो जरूर पढ़े ग्रहण का समय (भारतीय समयानुसार - IST): प्रारंभ: दोपहर 3 बजकर 26 मिनट (3:26 PM) चरम (Maximum): शाम लगभग 5 बजकर 42 मिनट के आसपास समापन: शाम 7 बजकर 57 मिनट (7:57 PM) यह ग्रहण फाल्गुन अमावस्या तिथि पर कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में लग रहा है। भारत में दिखाई देगा या नहीं? नहीं, यह ग्रहण भारत में कहीं भी दिखाई नहीं देगा। इसका मुख्य पथ (Path of Annularity) दक्षिणी गोलार्ध में है, खासकर अंटार्कटिका (Antarctica), दक्षिणी अफ्रीका के कुछ हिस्सों, दक्षिण अमेरिका (जैसे चिली, अर्जेंटीना) के दक्षिणी इलाकों और आसपास के समुद्री क्षेत्रों
में दिखेगा। भारत में सूर्य ग्रहण के समय सूर्य क्षितिज के नीचे होगा, इसलिए यहां कोई प्रभाव या दृश्य नहीं होगा। सूतक काल (Sutak Kaal) लगेगा? नहीं, भारत में सूतक काल मान्य नहीं होगा क्योंकि ग्रहण यहां दृश्यमान नहीं है। ज्योतिष और धार्मिक नियमों के अनुसार, जहां ग्रहण दिखाई नहीं देता, वहां सूतक या मंदिर बंद आदि नियम लागू नहीं होते। ग्रहण क्या है और क्यों खास? वलयाकार ग्रहण में चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह नहीं ढक पाता, इसलिए सूर्य के किनारों पर एक चमकदार "अंगूठी" जैसा प्रकाश दिखता है (रिंग ऑफ फायर)। अधिकतम 2 मिनट 20 सेकंड तक यह प्रभाव रह सकता है (अधिकतम बिंदु पर)। यह एक दुर्लभ खगोलीय
घटना है, लेकिन भारत से देखने के लिए ऑनलाइन लाइव स्ट्रीम (जैसे NASA या अन्य एस्ट्रोनॉमी साइट्स) देख सकते हैं। बचाव या उपाय (धार्मिक दृष्टि से): चूंकि भारत में ग्रहण नहीं दिख रहा, सामान्य नियम लागू नहीं होते। फिर भी, अगर आप सूर्य ग्रहण के सामान्य उपाय करना चाहें: सूर्य मंत्र जप करें (जैसे "ॐ घृणि सूर्याय नमः")। दान-पुण्य करें, विशेषकर गरीबों को। गर्भवती महिलाएं घर में रहें और सूर्य की ओर न देखें (सामान्य सलाह)। मंत्र जप, ध्यान या पूजा से सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखें। ग्रहण के दौरान सूर्य की किरणें खतरनाक हो सकती हैं, इसलिए कभी भी बिना विशेष चश्मे (ISO प्रमाणित सोलर ग्लास) के सीधे न देखें।
- बुंदेलखंड के बांदा जिले में स्थित ऐतिहासिक कालिंजर किला इन दिनों सुर्खियों में छाया हुआ है। 2026 में उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। गणतंत्र दिवस 2026 की झांकी में कालिंजर किले को प्रमुखता से दिखाया गया, जहाँ एकमुखी लिंग, नीलकंठ महादेव मंदिर और किले की भव्य संरचना ने बुंदेलखंड की वीरता, आध्यात्मिकता और वास्तुकला को जीवंत रूप दिया। यह झांकी 'बुंदेलखंड की शाश्वत भव्यता' और आधुनिक उत्तर प्रदेश के विजन का प्रतीक बनी। अब फरवरी 2026 में कालिंजर महोत्सव 2026 (15-17 फरवरी) ने किले को और चमका दिया। 'इतिहास की गूंज, संस्कृति की आत्मा' थीम पर आधारित इस तीन दिवसीय उत्सव में बुंदेली लोकनृत्य, आल्हा गायन, क्लासिकल संगीत, पारंपरिक नृत्य, खेल प्रतियोगिताएँ और 'बांदा गॉट टैलेंट' जैसे कार्यक्रम हुए। कटरा कालिंजर मेला ग्राउंड में आयोजित यह महोत्सव जिला पर्यटन-संस्कृति परिषद और प्रशासन के प्रयास से सफल रहा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिला और पर्यटकों की भीड़ उमड़ी। पर्यटन विभाग का लक्ष्य कालिंजर को मेगा डेस्टिनेशन बनाना है। हाल में ₹16 करोड़ की इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड योजना, ASI साइट्स के राज्य हस्तांतरण की मांग और ऋषिकुल वैदिक विलेज प्रोजेक्ट जैसे प्रयास चल रहे हैं। कालिंजर, जो प्राचीन काल से 'काल का नाश करने वाला' माना जाता है, अब न केवल इतिहास का साक्षी है, बल्कि बुंदेलखंड के सांस्कृतिक पुनरुत्थान का केंद्र भी बन रहा है। यह किला अब सिर्फ पत्थरों का ढेर नहीं, बल्कि जीवंत विरासत का प्रतीक है, जो पर्यटकों को इतिहास, भक्ति और वीरता का अद्भुत संगम देता है।1
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- इंदौर में चंदन नगर लिंक रोड परियोजना की 60 फिट रोड को लेकर प्रदर्शन कांग्रेस के द्वारा रहवासियों के द्वारा किया गया प्रदर्शन कांग्रेस पार्षद रफ़ीक खान द्वारा लगाए गए भेदभाव के आरोप पार्षद ने कहा कई सड़कों का कम रुका है लेकिन यही बनाने के पीछे पड़े चन्दन नगर लिंक रोड संघर्ष समिति का गठन किया गया है 60 फीट रोड को 40 फिट करने की मांग की गई 500 से ज्यादा मकान, दुकान अन्य प्रतिष्ठान आ रहे रोड में बाधक रहवासियों के द्वारा काले झंडे पोस्टर लेकर क्या प्रदर्शन इंदौर में पश्चिम क्षेत्र में यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से वर्षों से रुकी हुई लिंक रोड परियोजना को राज्य सरकार के द्वारा मंजूरी मिलने के बाद अब वहां पर रहवासियों के द्वारा प्रदर्शन कर 60 फीट रोड को 40 फिट करने की मांग की जा रही है जिसको लेकर कांग्रेस के द्वारा रहवासियों के साथ काली पट्टी पहनकर प्रदर्शन किया गया। इस रोड निर्माण में 350 अधिक बाधक निर्माण हटाए जाना है। दरअसल पश्चिमी इंदौर में ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए प्रस्तावित चंदन नगर से कालानी नगर एयरपोर्ट रोड को जोड़ने वाली 60 फीट चौड़ी नई लिंक रोड परियोजना को राज्य सरकार की अंतिम मंजूरी मिलते ही विवाद खड़ा हो गया है। लगभग 20 से 25 करोड़ की लागत से बनने वाली यह सड़क नगीन नगर और नंदन नगर के बीच से गुजरेगी। परियोजना के तहत करीब 350 बाधक निर्माण हटाए जाने हैं। वही मंगलवार को चंदन नगर चौराहे पर हजारों रहवासियों ने काले झंडे लेकर मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन क्षेत्रीय पार्षद रफीक खान के नेटवर्क क्षेत्र में हुआ, जहां बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल रहे। रहवासियों का कहना, कि वे वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं, ऐसे में या तो सड़क की चौड़ाई कम की जाए या फिर योजना को निरस्त किया जाए। मौके पर पहुंचे शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी भी परिवार को बेघर किया गया, तो कांग्रेस भूख हड़ताल करेगी और बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। उनके साथ दीपू यादव भी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे न्यायालय की शरण लेंगे। स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। चंदन नगर थाना प्रभारी सहित इंदौर पुलिस के एसीपी शाहिद और अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद रहे, बताना चाहेंगे कि कि यह लिंक रोड पश्चिमी इंदौर के विकास और एयरपोर्ट रोड तक सुगम आवागमन के उद्देश्य से बनाई जा रही है, लेकिन स्थानीय विरोध के चलते परियोजना अब राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बनती जा रही है। बाइट रफ़ीक खान, कांग्रेस पार्षद, इंदौर1
- Post by Vishal Jadhav1
- khet Singh khangar jayanti aayojan Kiya ja raha hai Parichay sammelan 28.10.2025 gram dhabali mangliya Indore1
- Post by कमलेश मौर्य8
- इंदौर के पश्चिमी क्षेत्र में प्रस्तावित चंदन नगर–कालानी नगर लिंक रोड परियोजना को लेकर विरोध तेज हो गया है। लगभग 20 से 25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 60 फीट चौड़ी सड़क नगीन नगर और नंदन नगर के बीच से गुजरेगी, जिसके लिए करीब 350 बाधक निर्माण हटाए जाने हैं। मंगलवार को चंदन नगर चौराहे पर हजारों रहवासियों ने काले झंडे लेकर मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हुए। स्थानीय लोगों की मांग है कि या तो सड़क की चौड़ाई कम की जाए या योजना को निरस्त किया जाए। मौके पर पहुंचे शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने चेतावनी दी कि यदि किसी परिवार को बेघर किया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन का कहना है कि यह सड़क पश्चिमी इंदौर के विकास और ट्रैफिक सुगमता के लिए बनाई जा रही है, लेकिन स्थानीय विरोध के चलते मामला राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बनता जा रहा है।1
- बच्चा चोरी की बात पर असली पुलिस को सुनिए।। पुलिस ने किया गिरफ्तार।। और सोशल मीडिया1