10 जून 2026 को वाराणसी से अयोध्या जंक्शन तक की यात्रा के दौरान मरुधर एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 14853) के S5 बोगी में एक परिवार को भीषण उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। उनके पास सीट नंबर 17 और 20 (लोअर बर्थ) के कन्फर्म टिकट थे, लेकिन 6 लोगों के एक समूह ने पहले से ही सीट नंबर 18, 19, 21, 22 पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा था और अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहा था। ट्रेन में चढ़ने पर, इन लोगों ने परिवार को उनकी आरक्षित सीटों पर बैठने नहीं दिया और उन्हें गंवार कहकर, उनके पास टिकट न होने का दावा किया। टिकट दिखाने के बाद भी, उनकी बदतमीजी जारी रही। उन्होंने परिवार के दो बैगों को सीटों के नीचे रखने से भी मना कर दिया, यह कहते हुए कि उनके पास केवल दो सीटें हैं, जबकि उनका अपना सामान ऊपर से नीचे तक भरा हुआ था। इस दौरान, सीट नंबर 20 पर बैठी एक 69 वर्षीय बुजुर्ग महिला को बार-बार धक्का दिया गया और उन्हें ट्रेन से बाहर फेंकने की धमकी दी गई। यह भी देखा गया कि समूह में से दो लोग नशे में थे, जिससे उनका व्यवहार असामान्य लग रहा था। इस पूरे घटनाक्रम के कारण परिवार को शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। पीड़ित परिवार ने रेलवे में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन रेलवे पुलिस ने उनसे तब संपर्क किया जब ये उपद्रवी ट्रेन से उतर चुके थे, और कहा कि वे अब कुछ नहीं कर सकते। यात्रियों ने यह भी बताया कि वाराणसी से अयोध्या तक की यात्रा में कोई TTE या रेलवे स्टाफ ट्रेन में मौजूद नहीं था, जिसके कारण इन लोगों को पकड़ा नहीं जा सका। परिवार का मानना है कि सभी छह लोगों के पास टिकट नहीं थे, लेकिन उन्होंने पूरे रास्ते दादागिरी की। इस शिकायत के बावजूद, रेलवे की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। परिवार ने रेलवे से मांग की है कि भले ही उपद्रवी उतर चुके हों, लेकिन बर्थ नंबर 18, 19, 21, 22 के यात्रियों का विवरण रेलवे के पास होना चाहिए, जिसके आधार पर कठोर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसे दुर्व्यवहार को रोका जा सके और यात्रियों के अधिकारों की रक्षा हो।
10 जून 2026 को वाराणसी से अयोध्या जंक्शन तक की यात्रा के दौरान मरुधर एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 14853) के S5 बोगी में एक परिवार को भीषण उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। उनके पास सीट नंबर 17 और 20 (लोअर बर्थ) के कन्फर्म टिकट थे, लेकिन 6 लोगों के एक समूह ने पहले से ही सीट नंबर 18, 19, 21, 22 पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा था और अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहा था। ट्रेन में चढ़ने पर, इन लोगों ने परिवार को उनकी आरक्षित सीटों पर बैठने नहीं दिया और उन्हें गंवार कहकर, उनके पास टिकट न होने का दावा किया। टिकट दिखाने के बाद भी, उनकी बदतमीजी जारी रही। उन्होंने परिवार के दो बैगों को सीटों के नीचे रखने से भी मना कर दिया, यह कहते हुए कि उनके पास केवल दो सीटें हैं, जबकि उनका अपना सामान ऊपर से नीचे तक भरा हुआ था। इस दौरान, सीट नंबर 20 पर बैठी एक 69 वर्षीय बुजुर्ग महिला को बार-बार धक्का दिया गया और उन्हें ट्रेन से बाहर फेंकने की धमकी दी गई। यह भी देखा गया कि समूह में से दो लोग नशे में थे, जिससे उनका व्यवहार असामान्य लग रहा था। इस पूरे घटनाक्रम के कारण परिवार को शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। पीड़ित परिवार ने रेलवे में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन रेलवे पुलिस ने उनसे तब संपर्क किया जब ये उपद्रवी ट्रेन से उतर चुके थे, और कहा कि वे अब कुछ नहीं कर सकते। यात्रियों ने यह भी बताया कि वाराणसी से अयोध्या तक की यात्रा में कोई TTE या रेलवे स्टाफ ट्रेन में मौजूद नहीं था, जिसके कारण इन लोगों को पकड़ा नहीं जा सका। परिवार का मानना है कि सभी छह लोगों के पास टिकट नहीं थे, लेकिन उन्होंने पूरे रास्ते दादागिरी की। इस शिकायत के बावजूद, रेलवे की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। परिवार ने रेलवे से मांग की है कि भले ही उपद्रवी उतर चुके हों, लेकिन बर्थ नंबर 18, 19, 21, 22 के यात्रियों का विवरण रेलवे के पास होना चाहिए, जिसके आधार पर कठोर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसे दुर्व्यवहार को रोका जा सके और यात्रियों के अधिकारों की रक्षा हो।
- जौनपुर स्थित त्रिलोचन महादेव मंदिर के समीप बने एक कुंड में एक बगुला पक्षी स्नान करते हुए देखा गया।1
- लखनऊ में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है, जहाँ चिलचिलाती धूप और गर्मी के बाद अब आसमान पर काले बादल छा गए हैं। शहर में तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इस मौसमी बदलाव से लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिली है।1
- सतीश पाल का एक सैड लव स्टेटस वीडियो सामने आया है। यह शॉर्ट वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी वायरल और ट्रेंडिंग है, जिसने इसे टॉप टेन की सूची में जगह दिला दी है। वीडियो में 'गुड लुक' पर भी ध्यान दिया गया है।1
- चंदौली एसपी के निर्देश पर बलुआ पुलिस ने शुक्रवार को चहनियां क्षेत्र में सड़क हादसों और अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से एक विशेष एवं सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया। इस अभियान का नेतृत्व स्वयं थाना अध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह ने किया, जिसके तहत चहनियां, बलुआ, मथेला, कैलावर, मारूफपुर, रैमोली, मोहरगंज और महुआर सहित पूरे इलाके में दोपहिया और चारपहिया वाहनों की गहनता से जांच की गई। बलुआ पुलिस के इस सख्त पहरे के परिणामस्वरूप 50 से अधिक बाइकों के चालान काटे गए, जिससे नियम तोड़ने वालों में हड़कंप मच गया।1
- वाराणसी में महिला व्यापार मंडल ने कैंट रेलवे स्टेशन क्षेत्र में ऑटो, टोटो और टेंपो चालकों से कथित अवैध वसूली के खिलाफ एक जन जागरूकता अभियान शुरू किया है। संस्था की अध्यक्ष सुनीता सोनी ने चालक भाइयों से अपील की है कि वे बिना किसी वैध रसीद या अधिकृत आदेश के किसी भी व्यक्ति को पैसे न दें और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें। सुनीता सोनी ने चालकों को सलाह दी कि यदि कोई व्यक्ति शुल्क के नाम पर जबरन धन की मांग करता है, धमकी देता है या अवैध वसूली का प्रयास करता है, तो इसकी सूचना तुरंत रेलवे सुरक्षा एजेंसियों को दी जाए। उन्होंने घटना से जुड़े सबूतों को सुरक्षित रखने का भी आग्रह किया ताकि दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके। इस अभियान के दौरान राजू सोनी, नैतिक सोनी और सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्य सेठ सहित कई अन्य लोग भी मौजूद रहे। महिला व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया कि चालक समाज शहर की यातायात व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, और उनके सम्मान तथा अधिकारों की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। मंडल ने चालकों के हितों की हर स्तर पर रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई, यह कहते हुए कि एक जागरूक चालक ही सुरक्षित चालक है, इसलिए अन्याय और अवैध वसूली के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाना आवश्यक है।1
- वाराणसी के कैंट स्टेशन पर चालकों से अवैध वसूली का गंभीर आरोप सामने आया है। इस कथित अवैध वसूली के खिलाफ महिला व्यापार मंडल ने एक विशेष अभियान शुरू कर दिया है।1
- वाराणसी-लखनऊ नेशनल हाईवे-31 पर शुक्रवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक बाइक सवार बुजुर्ग की जान चली गई। यह दुर्घटना फूलपुर थाना क्षेत्र के चुप्पेपुर गांव के पास हुई, जहाँ एक इनोवा कार और बाइक की आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। जानकारी के अनुसार, सिंधोरिया निवासी 65 वर्षीय राधे यादव अपनी बाइक से जा रहे थे, तभी उनकी बाइक की टक्कर इनोवा कार (UP 65 RT 8001) से हुई। टक्कर इतनी भीषण थी कि राधे यादव गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर फूलपुर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची। स्थानीय लोगों की मदद से घायल राधे यादव को अस्पताल पहुँचाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के कारणों की जाँच की जा रही है। हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिजनों में गहरा शोक छा गया। फूलपुर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर राजीव कुमार सिंह ने बताया कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है, और दुर्घटना की परिस्थितियों की जाँच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस सड़क हादसे के कारण कुछ देर के लिए हाईवे पर यातायात भी प्रभावित हुआ, जिसे बाद में पुलिस द्वारा सामान्य कराया गया।2
- जौनपुर जिले के जलालपुर क्षेत्र में स्थित त्रिलोचन महादेव के दिव्य दर्शन हुए।1
- बीएचयू के बाल रोग विभाग की यूनिट में भर्ती बेड नंबर 24 के मरीज शैलेश के परिजनों ने एक गार्ड पर अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है। आरोप है कि जब मरीज की मां अपने बच्चे को खाना खिला रही थीं, तभी गार्ड ने उन्हें तत्काल वार्ड से बाहर जाने का आदेश दिया। परिजनों के अनुसार, उन्होंने गार्ड से कुछ और समय देने का अनुरोध किया, लेकिन गार्ड ने कथित रूप से उन्हें मरीज को डिस्चार्ज कराने की धमकी दी और उनके साथ अनुचित व्यवहार किया। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। यह प्रकरण बीएचयू के गार्डों के दुर्व्यवहार और संवेदनहीनता की उन खबरों की कड़ी में एक और उदाहरण है, जो अक्सर सुर्खियों में रहती हैं।1