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संजय निषाद ने कहा कि जिन सीटों पर निषाद समाज की संख्या अधिक है और भाजपा करीब 40 साल से जीत नहीं पाई है, ऐसी सीटें निषाद पार्टी को दी जानी चाहिए। संजय निषाद ने कहा, हम तो एक ही बात कहेंगे कि जहां कम, वहां हम। अगर भाजपा किसी सीट पर कम वोटों से हार रही है तो सहयोगी दल उस कमी को पूरा कर जीत में बदलने का प्रयास कर सकते हैं। जहां हार रहे हैं, वह सीटें हमें दें संजय निषाद ने कहा कि पिछली बार भाजपा ने निषाद पार्टी को 16 सीटें दी थीं, जिनमें 11 सीटों पर जीत मिली। उन्होंने इसी आधार पर आगे भी ऐसी सीटों पर मौका देने की मांग की है, जहां निषाद समाज की संख्या ज्यादा है और भाजपा लंबे समय से चुनाव हार रही है। उन्होंने कहा कि हारी हुई सीटें सहयोगी दलों को देने में कोई नुकसान नहीं है। इससे सहयोगी दलों की संख्या भी बढ़ेगी और उन सीटों को जीत में बदलने की कोशिश की जा सकेगी। भाजपा के यूपी प्रभारी विनोद तावड़े से मुलाकात को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि उनके बीच राजनीतिक चर्चा नहीं हुई। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने घर चाय पर आने का निमंत्रण दिया था और इसी क्रम में वह उनके घर आए। मुलाकात में सामाजिक विषयों पर चर्चा हुई। राजनीतिक मुद्दों पर विस्तार से बातचीत के लिए दिल्ली और लखनऊ में समय लेकर बैठक करने की बात हुई है। उन्होंने कहा कि जिन मुद्दों को उन्होंने उठाया, उन्हें लिखकर भी दिया गया और तावड़े ने उसे नोट किया। सीट बंटवारे को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी पार्टी को केवल सीट मांगने वाली पार्टी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश उन सीटों पर जीत दिलाने की है, जहां भाजपा लंबे समय से कमजोर प्रदर्शन करती रही है। उन्होंने कहा कि अगर किसी सीट पर भाजपा कम वोटों से हार रही है और वहां निषाद समाज की संख्या पर्याप्त है, तो उस सीट पर निषाद पार्टी को चुनाव लड़ने का अवसर दिया जाना चाहिए। अब जातियां पहले की तरह धोखा नहीं खाएंगी संजय निषाद ने निषाद समेत विभिन्न जातीय समूहों की राजनीतिक भागीदारी को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक जातियां राजनीतिक रूप से निष्क्रिय रहीं, लेकिन अब वे अपने हितों को लेकर ज्यादा जागरूक हैं। उन्होंने कहा कि पहले चुनाव के दौरान अलग-अलग तरीकों से वोट हासिल किए जाते थे, लेकिन अब इन समुदायों ने अपनी राजनीतिक पार्टियां बनानी शुरू कर दी हैं। कहा कि समाज अब अपने राजनीतिक प्रतिनिधित्व और हिस्सेदारी को लेकर सवाल कर रहा है। निषाद समाज के आरक्षण के मुद्दे पर कहा कि वह चाहते हैं कि निषादों को ओबीसी की सूची से हटाकर अनुसूचित जाति की सूची में शामिल किया जाए और उन्हें संबंधित प्रमाणपत्र जारी किया जाए। जिन जातियों को नौकरियों और अवसरों में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला है, उन्हें अवसर दिया जाना चाहिए। सरकारी नौकरियों के आंकड़ों को लेकर भी दावा संजय निषाद ने उत्तर प्रदेश की सरकारी नौकरियों में विभिन्न राजनीतिक दलों के शासनकाल के दौरान जातीय हिस्सेदारी को लेकर भी दावा किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में करीब 28 लाख नौकरियों के आंकड़े के संदर्भ में अलग-अलग समुदायों के कब्जे की बात सामने आती है। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकारों के दौरान कुछ प्रभावशाली जातीय समूहों को सरकारी नौकरियों में ज्यादा प्रतिनिधित्व मिला। संत कबीर नगर में सपा सांसद की गाड़ी पर हुए हमले के मामले में कहा, उन्होंने डीएम से शिकायत की और सांसद से भी फोन पर बात की। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में जातीय संघर्ष नहीं होना चाहिए। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय से मुलाकात को लेकर पूछे गए सवाल पर संजय निषाद ने कहा कि वह बीमार थे और अस्पताल से बाहर आने के बाद उन्होंने उनका हालचाल लिया। कहा कि वह उनके परिचित और प्रमुख राजनीतिक नेता हैं। किसी के बीमार होने पर उसका हालचाल लेना भारतीय संस्कृति का हिस्सा है। यह पूछे जाने पर कि निषाद पार्टी कितनी हारी हुई सीटों पर दावा कर रही है, संजय निषाद ने स्पष्ट संख्या बताने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि सीटों का बंटवारा दोनों दलों के बीच चर्चा से तय होने वाला गोपनीय विषय है। उन्होंने कहा कि सीट तय करते समय यह देखा जाता है कि संबंधित सीट पर हार का अंतर कितना था, वहां निषाद समाज की संख्या कितनी है और संगठन कितना मजबूत है। हाल ही में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नीला गमछा पहनने के सवाल पर बोले, यही गलती उन्हें डुबा रही है। यही उनके सलाहकार हैं। राजनीतिक दलों को अपनी विचारधारा और अपने काम का प्रचार करना चाहिए। रंग बदलना, नाम बदलना, यही बदलाव नुकसान पहुंचाता है। बाइट:संजय निषाद राष्ट्रीय अध्यक्ष निषाद पार्टी

52 min ago
user_Sanjay Lal
Sanjay Lal
Local News Reporter Allahabad, Prayagraj•
52 min ago

संजय निषाद ने कहा कि जिन सीटों पर निषाद समाज की संख्या अधिक है और भाजपा करीब 40 साल से जीत नहीं पाई है, ऐसी सीटें निषाद पार्टी को दी जानी चाहिए। संजय निषाद ने कहा, हम तो एक ही बात कहेंगे कि जहां कम, वहां हम। अगर भाजपा किसी सीट पर कम वोटों से हार रही है तो सहयोगी दल उस कमी को पूरा कर जीत में बदलने का प्रयास कर सकते हैं। जहां हार रहे हैं, वह सीटें हमें दें संजय निषाद ने कहा कि पिछली बार भाजपा ने निषाद पार्टी को 16 सीटें दी थीं, जिनमें 11 सीटों पर जीत मिली। उन्होंने इसी आधार पर आगे भी ऐसी सीटों पर मौका देने की मांग की है, जहां निषाद समाज की संख्या ज्यादा है और भाजपा लंबे समय से चुनाव हार रही है। उन्होंने कहा कि हारी हुई सीटें सहयोगी दलों को देने में कोई नुकसान नहीं है। इससे सहयोगी दलों की संख्या भी बढ़ेगी और उन सीटों को जीत में बदलने की कोशिश की जा सकेगी। भाजपा के यूपी प्रभारी विनोद तावड़े से मुलाकात को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि उनके बीच राजनीतिक चर्चा नहीं हुई। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने घर चाय पर आने का निमंत्रण दिया था और इसी क्रम में वह उनके घर आए। मुलाकात में सामाजिक विषयों पर चर्चा हुई। राजनीतिक मुद्दों पर विस्तार से बातचीत के लिए दिल्ली और लखनऊ में समय लेकर बैठक करने की बात हुई है। उन्होंने कहा कि जिन मुद्दों को उन्होंने उठाया, उन्हें लिखकर भी दिया गया और तावड़े ने उसे नोट किया। सीट बंटवारे को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी पार्टी को केवल सीट मांगने वाली पार्टी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश उन सीटों पर जीत दिलाने की है, जहां भाजपा लंबे समय से कमजोर प्रदर्शन करती रही है। उन्होंने कहा कि अगर किसी सीट पर भाजपा कम वोटों से हार रही है और वहां निषाद समाज की संख्या पर्याप्त है, तो उस सीट पर निषाद पार्टी को चुनाव लड़ने का अवसर दिया जाना चाहिए। अब जातियां पहले की तरह धोखा नहीं खाएंगी संजय निषाद ने निषाद समेत विभिन्न जातीय समूहों की राजनीतिक भागीदारी को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक जातियां राजनीतिक रूप से निष्क्रिय रहीं, लेकिन अब वे अपने हितों को लेकर ज्यादा जागरूक हैं। उन्होंने कहा कि पहले चुनाव के दौरान अलग-अलग तरीकों से वोट हासिल किए जाते थे, लेकिन अब इन समुदायों ने अपनी राजनीतिक पार्टियां बनानी शुरू कर दी हैं। कहा कि समाज अब अपने राजनीतिक प्रतिनिधित्व और हिस्सेदारी को लेकर सवाल कर रहा है। निषाद समाज के आरक्षण के मुद्दे पर कहा कि वह चाहते हैं कि निषादों को ओबीसी की सूची से हटाकर अनुसूचित जाति की सूची में शामिल किया जाए और उन्हें संबंधित प्रमाणपत्र जारी किया जाए। जिन जातियों को नौकरियों और अवसरों में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला है, उन्हें अवसर दिया जाना चाहिए। सरकारी नौकरियों के आंकड़ों को लेकर भी दावा संजय निषाद ने उत्तर प्रदेश की सरकारी नौकरियों में विभिन्न राजनीतिक दलों के शासनकाल के दौरान जातीय हिस्सेदारी को लेकर भी दावा किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में करीब 28 लाख नौकरियों के आंकड़े के संदर्भ में अलग-अलग समुदायों के कब्जे की बात सामने आती है। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकारों के दौरान कुछ प्रभावशाली जातीय समूहों को सरकारी नौकरियों में ज्यादा प्रतिनिधित्व मिला। संत कबीर नगर में सपा सांसद की गाड़ी पर हुए हमले के मामले में कहा, उन्होंने डीएम से शिकायत की और सांसद से भी फोन पर बात की। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में जातीय संघर्ष नहीं होना चाहिए। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय से मुलाकात को लेकर पूछे गए सवाल पर संजय निषाद ने कहा कि वह बीमार थे और अस्पताल से बाहर आने के बाद उन्होंने उनका हालचाल लिया। कहा कि वह उनके परिचित और प्रमुख राजनीतिक नेता हैं। किसी के बीमार होने पर उसका हालचाल लेना भारतीय संस्कृति का हिस्सा है। यह पूछे जाने पर कि निषाद पार्टी कितनी हारी हुई सीटों पर दावा कर रही है, संजय निषाद ने स्पष्ट संख्या बताने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि सीटों का बंटवारा दोनों दलों के बीच चर्चा से तय होने वाला गोपनीय विषय है। उन्होंने कहा कि सीट तय करते समय यह देखा जाता है कि संबंधित सीट पर हार का अंतर कितना था, वहां निषाद समाज की संख्या कितनी है और संगठन कितना मजबूत है। हाल ही में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नीला गमछा पहनने के सवाल पर बोले, यही गलती उन्हें डुबा रही है। यही उनके सलाहकार हैं। राजनीतिक दलों को अपनी विचारधारा और अपने काम का प्रचार करना चाहिए। रंग बदलना, नाम बदलना, यही बदलाव नुकसान पहुंचाता है। बाइट:संजय निषाद राष्ट्रीय अध्यक्ष निषाद पार्टी

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  • पुलिस कमिश्नर के आदेश पर ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर करने का प्रयास निरंतर जारी प्रयागराज पुलिस कमिश्नर पीयूष मोडिया के आदेश पर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में कोतवाली क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रूप देने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कोतवाली इंचार्ज सुधीर कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस वाहनों से लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को संदेश दिया जा रहा है कि अपनी दुकानें सड़क और नालियों तक न लगाएं। चार पहिया व दो पहिया वाहन सड़क पर न खड़ी करें। ई-रिक्शा चालकों पर भी लगाम कसी जा रही है, उन्हें बताया जा रहा है कि किस तरह से ई-रिक्शा चलाया जाए जिससे ट्रैफिक जाम न हो।कोतवाली क्षेत्र की एसीपी निकिता श्रीवास्तव, कोतवाली इंचार्ज सुधीर कुमार सिंह सहित समस्त थाना-चौकी की पुलिस पैदल गश्त करके ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रूप देने का प्रयास कर रही है।इस पहल से कुछ हद तक ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार हुआ है। पहले चौराहों पर आधा-आधा घंटा जाम रहता था,अब उससे निजात मिली है। आगे भीड़ वाले पर्व दशहरा और दिवाली आने वाले हैं, ऐसे में यह देखने वाली बात होगी कि पुलिस प्रशासन इस व्यवस्था को कब तक कायम रख पाती है।
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    पुलिस कमिश्नर के आदेश पर ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर करने का प्रयास निरंतर जारी
प्रयागराज पुलिस कमिश्नर पीयूष मोडिया के आदेश पर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में कोतवाली क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रूप देने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
कोतवाली इंचार्ज सुधीर कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस वाहनों से लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को संदेश दिया जा रहा है कि अपनी दुकानें सड़क और नालियों तक न लगाएं। चार पहिया व दो पहिया वाहन सड़क पर न खड़ी करें। ई-रिक्शा चालकों पर भी लगाम कसी जा रही है, उन्हें बताया जा रहा है कि किस तरह से ई-रिक्शा चलाया जाए जिससे ट्रैफिक जाम न हो।कोतवाली क्षेत्र की एसीपी निकिता श्रीवास्तव, कोतवाली इंचार्ज सुधीर कुमार सिंह सहित समस्त थाना-चौकी की पुलिस पैदल गश्त करके ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रूप देने का प्रयास कर रही है।इस पहल से कुछ हद तक ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार हुआ है। पहले चौराहों पर आधा-आधा घंटा जाम रहता था,अब उससे निजात मिली है। आगे भीड़ वाले पर्व दशहरा और दिवाली आने वाले हैं, ऐसे में यह देखने वाली बात होगी कि पुलिस प्रशासन इस व्यवस्था को कब तक कायम रख पाती है।
    user_पुष्पराज सिंह
    पुष्पराज सिंह
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • "समाजवादी सरकार में बड़े पैमाने पर विकास हुआ था लेकिन इधर वो विकास की गति नहीं दिखाई दे रही है। विशेष संवाददाता प्रयागराज: क्षेत्र में विकास की धीमी पड़ती गति को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। जनसमस्याओं और क्षेत्रीय विकास का जायजा लेने के दौरान लोगों ने खुलकर अपनी बात रखी। जनता का स्पष्ट कहना है कि पूर्ववर्ती समाजवादी सरकार के कार्यकाल में जिस तेजी से विकास कार्य हुए थे, वर्तमान समय में विकास की वह गति कहीं नजर नहीं आ रही है। जनहित के मुद्दों पर उपेक्षा का आरोप स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध वर्ग का मानना है कि सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं के क्षेत्र में जिस रफ्तार से पूर्व में काम हुआ था, उसमें अब ठहराव सा आ गया है। ग्रामीण व शहरी इलाकों में कई बुनियादी परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पा रही हैं, जिससे आम जनता को रोजमर्रा की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। जनता की मांग: तेज हो विकास की रफ्तार क्षेत्रीय लोगों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि मूलभूत सुविधाओं और जनहित से जुड़ी लंबित योजनाओं पर त्वरित ध्यान दिया जाए। स्थानीय निवासियों का कहना है कि विकास कार्यों में गति लाकर ही आम जनमानस को राहत पहुंचाई जा सकती है। क्षेत्र में विकास की वर्तमान स्थिति को लेकर अब प्रशासनिक तंत्र और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
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    "समाजवादी सरकार में बड़े पैमाने पर विकास हुआ था लेकिन इधर वो विकास की गति नहीं दिखाई दे रही है।
विशेष संवाददाता
प्रयागराज: क्षेत्र में विकास की धीमी पड़ती गति को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। जनसमस्याओं और क्षेत्रीय विकास का जायजा लेने के दौरान लोगों ने खुलकर अपनी बात रखी। जनता का स्पष्ट कहना है कि पूर्ववर्ती समाजवादी सरकार के कार्यकाल में जिस तेजी से विकास कार्य हुए थे, वर्तमान समय में विकास की वह गति कहीं नजर नहीं आ रही है।
जनहित के मुद्दों पर उपेक्षा का आरोप
स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध वर्ग का मानना है कि सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं के क्षेत्र में जिस रफ्तार से पूर्व में काम हुआ था, उसमें अब ठहराव सा आ गया है। ग्रामीण व शहरी इलाकों में कई बुनियादी परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पा रही हैं, जिससे आम जनता को रोजमर्रा की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
जनता की मांग: तेज हो विकास की रफ्तार
क्षेत्रीय लोगों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि मूलभूत सुविधाओं और जनहित से जुड़ी लंबित योजनाओं पर त्वरित ध्यान दिया जाए। स्थानीय निवासियों का कहना है कि विकास कार्यों में गति लाकर ही आम जनमानस को राहत पहुंचाई जा सकती है।
क्षेत्र में विकास की वर्तमान स्थिति को लेकर अब प्रशासनिक तंत्र और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
    user_पवन कुमार पाल पत्रकार
    पवन कुमार पाल पत्रकार
    Allahabad, Prayagraj•
    5 hrs ago
  • प्रयागराज-फूलपुर तहसील में समाधान दिवस में उमड़ी भीड़ जमीन और रास्ते से जुड़ी शिकायतें लेकर पहुंचे फरियादी फूलपुर तहसील में समाधान दिवस में उमड़ी भीड़, जमीन और रास्ते से जुड़ी शिकायतें लेकर पहुंचे फरियादी फूलपुर, प्रयागराज। फूलपुर तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। सुबह से ही तहसील परिसर में लोगों की भीड़ देखने को मिली। कई फरियादी जमीन और रास्ते से जुड़े विवादों की शिकायत लेकर समाधान दिवस में पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं। समाधान दिवस में एसीपी डॉ. अरुण पाराशर राजस्व विभाग की टीम के साथ मौजूद रहे। उन्होंने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों से मामलों की जानकारी लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान कई शिकायतों का समाधान भी किया गया, जबकि अन्य फरियादियों को जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया। जमीन पर कब्जे से संबंधित शिकायतों को लेकर एसीपी डॉ. अरुण पाराशर ने फरियादियों को आश्वस्त किया कि मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी व्यक्ति की जमीन पर अवैध कब्जा पाया जाता है तो जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई करते हुए जमीन को कब्जामुक्त कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी। समाधान दिवस के दौरान तहसील के राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से निस्तारण के निर्देश दिए। समाधान दिवस में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी से तहसील परिसर में काफी देर तक चहल-पहल बनी रही।
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    प्रयागराज-फूलपुर तहसील में समाधान दिवस में उमड़ी भीड़ जमीन और रास्ते से जुड़ी शिकायतें लेकर पहुंचे फरियादी
फूलपुर तहसील में समाधान दिवस में उमड़ी भीड़, जमीन और रास्ते से जुड़ी शिकायतें लेकर पहुंचे फरियादी
फूलपुर, प्रयागराज। फूलपुर तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। सुबह से ही तहसील परिसर में लोगों की भीड़ देखने को मिली। कई फरियादी जमीन और रास्ते से जुड़े विवादों की शिकायत लेकर समाधान दिवस में पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं।
समाधान दिवस में एसीपी डॉ. अरुण पाराशर राजस्व विभाग की टीम के साथ मौजूद रहे। उन्होंने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों से मामलों की जानकारी लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान कई शिकायतों का समाधान भी किया गया, जबकि अन्य फरियादियों को जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया।
जमीन पर कब्जे से संबंधित शिकायतों को लेकर एसीपी डॉ. अरुण पाराशर ने फरियादियों को आश्वस्त किया कि मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी व्यक्ति की जमीन पर अवैध कब्जा पाया जाता है तो जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई करते हुए जमीन को कब्जामुक्त कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।
समाधान दिवस के दौरान तहसील के राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से निस्तारण के निर्देश दिए। समाधान दिवस में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी से तहसील परिसर में काफी देर तक चहल-पहल बनी रही।
    user_Rajik
    Rajik
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • फूलपुर तहसील में समाधान दिवस में उमड़ी भीड़, जमीन और रास्ते से जुड़ी शिकायतें लेकर पहुंचे फरियादी फूलपुर तहसील में समाधान दिवस में उमड़ी भीड़, जमीन और रास्ते से जुड़ी शिकायतें लेकर पहुंचे फरियादी फूलपुर, प्रयागराज। फूलपुर तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। सुबह से ही तहसील परिसर में लोगों की भीड़ देखने को मिली। कई फरियादी जमीन और रास्ते से जुड़े विवादों की शिकायत लेकर समाधान दिवस में पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं। समाधान दिवस में एसीपी डॉ. अरुण पाराशर राजस्व विभाग की टीम के साथ मौजूद रहे। उन्होंने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों से मामलों की जानकारी लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान कई शिकायतों का समाधान भी किया गया, जबकि अन्य फरियादियों को जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया। जमीन पर कब्जे से संबंधित शिकायतों को लेकर एसीपी डॉ. अरुण पाराशर ने फरियादियों को आश्वस्त किया कि मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी व्यक्ति की जमीन पर अवैध कब्जा पाया जाता है तो जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई करते हुए जमीन को कब्जामुक्त कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी। समाधान दिवस के दौरान तहसील के राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से निस्तारण के निर्देश दिए। समाधान दिवस में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी से तहसील परिसर में काफी देर तक चहल-पहल बनी रही।
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    फूलपुर तहसील में समाधान दिवस में उमड़ी भीड़, जमीन और रास्ते से जुड़ी शिकायतें लेकर पहुंचे फरियादी
फूलपुर तहसील में समाधान दिवस में उमड़ी भीड़, जमीन और रास्ते से जुड़ी शिकायतें लेकर पहुंचे फरियादी
फूलपुर, प्रयागराज। फूलपुर तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। सुबह से ही तहसील परिसर में लोगों की भीड़ देखने को मिली। कई फरियादी जमीन और रास्ते से जुड़े विवादों की शिकायत लेकर समाधान दिवस में पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं।
समाधान दिवस में एसीपी डॉ. अरुण पाराशर राजस्व विभाग की टीम के साथ मौजूद रहे। उन्होंने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों से मामलों की जानकारी लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान कई शिकायतों का समाधान भी किया गया, जबकि अन्य फरियादियों को जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया।
जमीन पर कब्जे से संबंधित शिकायतों को लेकर एसीपी डॉ. अरुण पाराशर ने फरियादियों को आश्वस्त किया कि मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी व्यक्ति की जमीन पर अवैध कब्जा पाया जाता है तो जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई करते हुए जमीन को कब्जामुक्त कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।
समाधान दिवस के दौरान तहसील के राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से निस्तारण के निर्देश दिए। समाधान दिवस में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी से तहसील परिसर में काफी देर तक चहल-पहल बनी रही।
    user_SHISHIR GUPTA
    SHISHIR GUPTA
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • अपोलो फार्मेसी ने प्रयागराज में खोला यूपी का 100वां स्टोर ​प्रयागराज। देश की प्रमुख फार्मेसी श्रृंखला 'अपोलो फार्मेसी' ने उत्तर प्रदेश में अपने विस्तार को गति देते हुए 100वें स्टोर की शुरुआत की है। इस नए स्टोर का शुभारंभ शुक्रवार को अशोक नगर स्थित हेस्टिंग्स रोड पर किया गया। ​स्टोर का औपचारिक उद्घाटन अपोलो फार्मेसीज लिमिटेड के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (सीओओ) बालामुरुगन रामासामी ने फीता काटकर किया। इस मौके पर राममोहन राव, नवीन साहनी और प्रसाद बी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। ​उद्घाटन के दौरान अधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 100 स्टोर का आंकड़ा छूना कंपनी के लिए एक अहम पड़ाव है। यह उपलब्धि राज्य के नागरिकों तक चौबीसों घंटे विश्वसनीय, प्रामाणिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के संकल्प को दर्शाती है। ​गौरतलब है कि अपोलो फार्मेसी वर्तमान में देश भर में 7,600 से अधिक स्टोर्स का संचालन कर रही है। नए केंद्र के शुरू होने से स्थानीय नागरिकों को आवश्यक दवाएं, सर्जिकल उत्पाद और स्वास्थ्य परामर्श एक ही छत के नीचे आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।
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    अपोलो फार्मेसी ने प्रयागराज में खोला यूपी का 100वां स्टोर
​प्रयागराज। देश की प्रमुख फार्मेसी श्रृंखला 'अपोलो फार्मेसी' ने उत्तर प्रदेश में अपने विस्तार को गति देते हुए 100वें स्टोर की शुरुआत की है। इस नए स्टोर का शुभारंभ शुक्रवार को अशोक नगर स्थित हेस्टिंग्स रोड पर किया गया।
​स्टोर का औपचारिक उद्घाटन अपोलो फार्मेसीज लिमिटेड के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (सीओओ) बालामुरुगन रामासामी ने फीता काटकर किया। इस मौके पर राममोहन राव, नवीन साहनी और प्रसाद बी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
​उद्घाटन के दौरान अधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 100 स्टोर का आंकड़ा छूना कंपनी के लिए एक अहम पड़ाव है। यह उपलब्धि राज्य के नागरिकों तक चौबीसों घंटे विश्वसनीय, प्रामाणिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के संकल्प को दर्शाती है।
​गौरतलब है कि अपोलो फार्मेसी वर्तमान में देश भर में 7,600 से अधिक स्टोर्स का संचालन कर रही है। नए केंद्र के शुरू होने से स्थानीय नागरिकों को आवश्यक दवाएं, सर्जिकल उत्पाद और स्वास्थ्य परामर्श एक ही छत के नीचे आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।
    user_Arvind singh kumar
    Arvind singh kumar
    Media house इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • जमीनी विवाद में कई राउंड चली गोली,5 आरोपी हुए गिरफ्तार हसवा पुलिस चौकी के पास जमीन कब्जाने को लेकर भाजपा और विहिप से जुड़े लोग आपस में भिड़ गए। दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट और कई राउंड फायरिंग हुई। इस संघर्ष में भाजपा से जिला पंचायत सदस्य का मारपीट में कुर्ता फट गया और दोनों पक्षों से पांच लोग घायल हो गए। आनन-फानन हरकत में आई पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में ले लिया है। एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि बुधवार दोपहर थरियांव थाना के हसवा चौकी क्षेत्र भूमि संबंधी विवाद की सूचना पुलिस को मिली थी। प्रकरण की प्रारंभिक जांच में ज्ञात हुआ है कि एक पक्ष रिंकू लोहारी तथा दूसरा पक्ष वीरेंद्र सिंह का है। वीरेंद्र सिंह की भूमि हसवा चौकी क्षेत्र में स्थित है, जिसका कुछ हिस्सा उनके एक पारिवारिक सदस्य द्वारा रिंकू लोहारी को विक्रय किया गया था। उक्त भूमि पर कब्जेदारी को लेकर दोनों पक्षों के मध्य पूर्व से विवाद चला आ रहा था। दोनों पक्षों के मध्य इसी भूमि को लेकर वाद-विवाद हुआ। इस दौरान स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंचे तथा दोनों पक्षों के मध्य सुलह-समझौते का प्रयास किया गया। इसके उपरांत वीरेंद्र सिंह पक्ष से कुछ युवक मौके पर पहुंचे, जिसके बाद दोनों पक्षों के मध्य दोबार विवाद एवं मारपीट की स्थिति उत्पन्न हो गई। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में हाईवे पर दोनों पक्ष आपस में विवाद एवं मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं तथा मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी बीच-बचाव करते हुए दिखाई दे रहे हैं। दूसरे वायरल वीडियो में फायरिंग की आवाज सुनाई दे रही है। वीडियो के आधार पर अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि फायरिंग किसके द्वारा की गई तथा किसे लक्ष्य करके की गई है। उक्त तथ्यों की गहनता से जांच की जा रही है। रिंकू लोहारी और वीरेंद्र सिंह सहित दोनों पक्षों के छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछतांछ की जा रही है। दोनों पक्षों से नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है,हमले में घायल वीरेंद्र के पारिवारिक हसवा निवासी विहिप पदाधिकारी अजयराज सिंह ने बताया कि कार सवार भाजपा नेता अजय सिंह उर्फ रिंकू लोहारी ने अपने समर्थकों के साथ उन्हें घेर लिया और गाड़ी से टक्कर मार दी। जान से मारने की नीयत से कई राउंड फायरिंग की। हमले में उनका सिर फट गया और हाथ-पैर में भी चोटें आई हैं।वहीं, जिला पंचायत सदस्य रिंकू लोहारी का कहना है कि उन्होंने अजयराज सिंह के परिवार की एक महिला से जमीन का बैनामा कराया है। बुधवार को वह उसी जमीन को देखने गए थे। इसी दौरान उन पर हमला कर दिया गया!
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    जमीनी विवाद में कई राउंड चली गोली,5 आरोपी हुए गिरफ्तार
हसवा पुलिस चौकी के पास जमीन कब्जाने को लेकर भाजपा और विहिप से जुड़े लोग आपस में भिड़ गए। दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट और कई राउंड फायरिंग हुई। इस संघर्ष में भाजपा से जिला पंचायत सदस्य का मारपीट में कुर्ता फट गया और दोनों पक्षों से पांच लोग घायल हो गए। आनन-फानन हरकत में आई पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में ले लिया है। एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि बुधवार दोपहर थरियांव थाना के हसवा चौकी क्षेत्र भूमि संबंधी विवाद की सूचना पुलिस को मिली थी। प्रकरण की प्रारंभिक जांच में ज्ञात हुआ है कि एक पक्ष रिंकू लोहारी तथा दूसरा पक्ष वीरेंद्र सिंह का है। वीरेंद्र सिंह की भूमि हसवा चौकी क्षेत्र में स्थित है, जिसका कुछ हिस्सा उनके एक पारिवारिक सदस्य द्वारा रिंकू लोहारी को विक्रय किया गया था। उक्त भूमि पर कब्जेदारी को लेकर दोनों पक्षों के मध्य पूर्व से विवाद चला आ रहा था। दोनों पक्षों के मध्य इसी भूमि को लेकर वाद-विवाद हुआ। इस दौरान स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंचे तथा दोनों पक्षों के मध्य सुलह-समझौते का प्रयास किया गया। इसके उपरांत वीरेंद्र सिंह पक्ष से कुछ युवक मौके पर पहुंचे, जिसके बाद दोनों पक्षों के मध्य दोबार विवाद एवं मारपीट की स्थिति उत्पन्न हो गई। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में हाईवे पर दोनों पक्ष आपस में विवाद एवं मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं तथा मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी बीच-बचाव करते हुए दिखाई दे रहे हैं। दूसरे वायरल वीडियो में फायरिंग की आवाज सुनाई दे रही है। वीडियो के आधार पर अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि फायरिंग किसके द्वारा की गई तथा किसे लक्ष्य करके की गई है। उक्त तथ्यों की गहनता से जांच की जा रही है। रिंकू लोहारी और वीरेंद्र सिंह सहित दोनों पक्षों के छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछतांछ की जा रही है। दोनों पक्षों से नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है,हमले में घायल वीरेंद्र के पारिवारिक हसवा निवासी विहिप पदाधिकारी अजयराज सिंह ने बताया कि कार सवार भाजपा नेता अजय सिंह उर्फ रिंकू लोहारी ने अपने समर्थकों के साथ उन्हें घेर लिया और गाड़ी से टक्कर मार दी। जान से मारने की नीयत से कई राउंड फायरिंग की। हमले में उनका सिर फट गया और हाथ-पैर में भी चोटें आई हैं।वहीं, जिला पंचायत सदस्य रिंकू लोहारी का कहना है कि उन्होंने अजयराज सिंह के परिवार की एक महिला से जमीन का बैनामा कराया है। बुधवार को वह उसी जमीन को देखने गए थे। इसी दौरान उन पर हमला कर दिया गया!
    user_अजय सरोज~पत्रकार
    अजय सरोज~पत्रकार
    Media house इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • ईपीएफओ कवरेज सीमा में बड़ा इजाफा: वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़कर हुई ₹25,000, लाखों कर्मचारियों को मिलेगी सामाजिक सुरक्षा प्रयागराज। कर्मचारियों के हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। ईपीएफओ (EPFO) की कवरेज सीमा को ₹15,000 प्रति माह से बढ़ाकर अब ₹25,000 प्रति माह करने की तैयारी की गई है। इस ऐतिहासिक फैसले से देश भर के लाखों संगठित और असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को सीधे तौर पर सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा। लाखों नए कर्मचारियों को मिलेगा फायदा वेतन सीमा (Wage Ceiling) में संशोधन के बाद ₹25,000 तक का मूल वेतन (Basic Pay + DA) पाने वाले कर्मचारी अब अनिवार्य रूप से पीएफ (PF), पेंशन (EPS) और बीमा (EDLI) की सुविधाओं के दायरे में आ जाएंगे। इससे न केवल कर्मचारियों की मासिक बचत बढ़ेगी, बल्कि सेवानिवृत्ति के समय उन्हें एक बेहतर फंड और पेंशन सहायता उपलब्ध होगी। डिफ़ॉल्टर नियोक्ताओं पर कसेगा शिकंजा ईपीएफओ प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि नियम लागू होने के बाद पात्र पाए जाने वाले सभी कर्मचारियों का अनिवार्य पंजीकरण कराया जाए। यदि कोई नियोक्ता (कंपनी या संस्थान) पात्र कर्मचारियों को नामांकित करने में लापरवाही बरतता है या जानबूझकर पंजीकरण नहीं कराता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मुख्य बिंदु: वेतन सीमा में बढ़ोतरी: पीएफ अंशदान के लिए अनिवार्य वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 की गई। विस्तृत सामाजिक सुरक्षा: कर्मचारियों को प्रोविडेंट फंड के साथ-साथ पेंशन (EPS) और कर्मचारी जमा सहबद्ध बीमा योजना (EDLI) का लाभ मिलेगा। कड़ा रुख: नियमानुसार पात्र कर्मचारियों को पंजीकृत न कराने वाले संस्थानों/नियोक्ताओं पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस फैसले से कर्मचारियों के भविष्य को वित्तीय स्थिरता मिलेगी और संगठित क्षेत्र में सामाजिक सुरक्षा तंत्र और अधिक मजबूत होगा।
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    ईपीएफओ कवरेज सीमा में बड़ा इजाफा: वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़कर हुई ₹25,000, लाखों कर्मचारियों को मिलेगी सामाजिक सुरक्षा
प्रयागराज। कर्मचारियों के हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। ईपीएफओ (EPFO) की कवरेज सीमा को ₹15,000 प्रति माह से बढ़ाकर अब ₹25,000 प्रति माह करने की तैयारी की गई है। इस ऐतिहासिक फैसले से देश भर के लाखों संगठित और असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को सीधे तौर पर सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा।
लाखों नए कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
वेतन सीमा (Wage Ceiling) में संशोधन के बाद ₹25,000 तक का मूल वेतन (Basic Pay + DA) पाने वाले कर्मचारी अब अनिवार्य रूप से पीएफ (PF), पेंशन (EPS) और बीमा (EDLI) की सुविधाओं के दायरे में आ जाएंगे। इससे न केवल कर्मचारियों की मासिक बचत बढ़ेगी, बल्कि सेवानिवृत्ति के समय उन्हें एक बेहतर फंड और पेंशन सहायता उपलब्ध होगी।
डिफ़ॉल्टर नियोक्ताओं पर कसेगा शिकंजा
ईपीएफओ प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि नियम लागू होने के बाद पात्र पाए जाने वाले सभी कर्मचारियों का अनिवार्य पंजीकरण कराया जाए। यदि कोई नियोक्ता (कंपनी या संस्थान) पात्र कर्मचारियों को नामांकित करने में लापरवाही बरतता है या जानबूझकर पंजीकरण नहीं कराता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य बिंदु:
वेतन सीमा में बढ़ोतरी: पीएफ अंशदान के लिए अनिवार्य वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 की गई।
विस्तृत सामाजिक सुरक्षा: कर्मचारियों को प्रोविडेंट फंड के साथ-साथ पेंशन (EPS) और कर्मचारी जमा सहबद्ध बीमा योजना (EDLI) का लाभ मिलेगा।
कड़ा रुख: नियमानुसार पात्र कर्मचारियों को पंजीकृत न कराने वाले संस्थानों/नियोक्ताओं पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस फैसले से कर्मचारियों के भविष्य को वित्तीय स्थिरता मिलेगी और संगठित क्षेत्र में सामाजिक सुरक्षा तंत्र और अधिक मजबूत होगा।
    user_पवन कुमार पाल पत्रकार
    पवन कुमार पाल पत्रकार
    Allahabad, Prayagraj•
    6 hrs ago
  • प्रयागराज-नैनी की बंद फैक्ट्रियों को फिर शुरू कराने की मांग रोजगार और विकास का मुद्दा उठाया नैनी की बंद फैक्ट्रियों को फिर शुरू कराने की मांग, रोजगार और विकास का मुद्दा उठाया प्रयागराज। उत्तर प्रदेश की राजनीति में जमीनी मुद्दों को लेकर सक्रियता बढ़ती नजर आ रही है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव एवं नैनी के वार्ड-66 (चक दोंदी) निवासी मोहम्मद शारिक ने शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र से जुड़े स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। मीडिया से बातचीत के दौरान मोहम्मद शारिक ने शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न वार्डों—वार्ड-01 महेवा, वार्ड-20 चक रघुनाथ, वार्ड-31 जहांगीराबाद, वार्ड-66 चक दोंदी, वार्ड-67 काजीपुर और वार्ड-81 चक भटाई—की समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। शारिक ने विशेष रूप से नैनी क्षेत्र में लंबे समय से बंद पड़ी फैक्ट्रियों और कारखानों को दोबारा शुरू कराने की मांग उठाई। उनका कहना है कि बंद औद्योगिक इकाइयों को पुनः संचालित किए जाने से स्थानीय युवाओं और लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं तथा क्षेत्र के औद्योगिक विकास को गति मिल सकती है। उन्होंने कहा कि स्थानीय समस्याओं और जनता की मांगों को पार्टी के स्तर पर मजबूती से उठाया जाएगा और इन्हें आगामी जिला घोषणा पत्र में शामिल कराने की दिशा में प्रयास किया जाएगा। स्थानीय मुद्दों को लेकर मोहम्मद शारिक की ओर से दिए गए बयानों के वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें वह क्षेत्र की समस्याओं को लेकर अपना पक्ष रखते नजर आ रहे हैं।
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    प्रयागराज-नैनी की बंद फैक्ट्रियों को फिर शुरू कराने की मांग रोजगार और विकास का मुद्दा उठाया
नैनी की बंद फैक्ट्रियों को फिर शुरू कराने की मांग, रोजगार और विकास का मुद्दा उठाया
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश की राजनीति में जमीनी मुद्दों को लेकर सक्रियता बढ़ती नजर आ रही है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव एवं नैनी के वार्ड-66 (चक दोंदी) निवासी मोहम्मद शारिक ने शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र से जुड़े स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है।
मीडिया से बातचीत के दौरान मोहम्मद शारिक ने शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न वार्डों—वार्ड-01 महेवा, वार्ड-20 चक रघुनाथ, वार्ड-31 जहांगीराबाद, वार्ड-66 चक दोंदी, वार्ड-67 काजीपुर और वार्ड-81 चक भटाई—की समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।
शारिक ने विशेष रूप से नैनी क्षेत्र में लंबे समय से बंद पड़ी फैक्ट्रियों और कारखानों को दोबारा शुरू कराने की मांग उठाई। उनका कहना है कि बंद औद्योगिक इकाइयों को पुनः संचालित किए जाने से स्थानीय युवाओं और लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं तथा क्षेत्र के औद्योगिक विकास को गति मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय समस्याओं और जनता की मांगों को पार्टी के स्तर पर मजबूती से उठाया जाएगा और इन्हें आगामी जिला घोषणा पत्र में शामिल कराने की दिशा में प्रयास किया जाएगा।
स्थानीय मुद्दों को लेकर मोहम्मद शारिक की ओर से दिए गए बयानों के वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें वह क्षेत्र की समस्याओं को लेकर अपना पक्ष रखते नजर आ रहे हैं।
    user_Rajik
    Rajik
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • yah police constable sab ke sath jabardasti karta haio prayagraj ki news is per click karwai
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    yah police constable sab ke sath jabardasti karta haio
prayagraj ki news is per click karwai
    user_Ali Sultan Gazi
    Ali Sultan Gazi
    Local News Reporter प्रयागराज, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
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