जम्मू-कश्मीर में 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के तहत मादक पदार्थों की तस्करी और नार्को-आतंकवाद पर एक बड़ी कार्रवाई की गई है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा 11 अप्रैल को शुरू किए गए इस अभियान के पहले 50 दिनों में 1,000 से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया गया, 341 किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए गए और 200 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों की कुर्की एवं विध्वंस किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश के संपूर्ण मादक पदार्थों के तंत्र को ध्वस्त करना और तस्करी एवं नार्को-आतंकवाद नेटवर्क का खात्मा करना है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 11 अप्रैल से 29 मई के बीच जम्मू और कश्मीर पुलिस ने नशीले पदार्थों से संबंधित अपराधों के लिए 923 एफआईआर दर्ज कीं और कुल 1,018 लोगों को गिरफ्तार किया। इस अवधि में 120 करोड़ रुपये मूल्य की 12 किलोग्राम हेरोइन सहित 341 किलोग्राम नशीले पदार्थ और 23,752 मनोरोगी गोलियां जब्त की गईं। इसके अतिरिक्त, नशीले पदार्थों और मनोरोगी पदार्थों की अवैध तस्करी की रोकथाम (पीआईटी-एनडीपीएस) अधिनियम के तहत 55 लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। नशीली दवाओं के नेटवर्क पर चलाए गए वित्तीय दमन अभियान में पुलिस ने 63.93 करोड़ रुपये मूल्य की 89 अचल संपत्तियों को जब्त किया और 19.77 करोड़ रुपये मूल्य की 63 संपत्तियों को ध्वस्त कर दिया, जिससे नशीले पदार्थों से जुड़ी संपत्तियों पर कुल मिलाकर 83 करोड़ रुपये से अधिक की कार्रवाई हुई। अधिकारियों ने इस अभियान को व्यापक और जन-केंद्रित बताया, जिसने अपराधियों और उनके वित्तीय ढांचे दोनों को निशाना बनाकर नशीले पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क और नशीले पदार्थों से जुड़े आतंकवाद पर दोहरा प्रहार किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इससे आतंकवाद के वित्तपोषण को भी रोका गया है और नशीले पदार्थों से जुड़े आतंकवाद पर बहुआयामी हमला उपराज्यपाल का विचार था। अभियान के तहत दोषी केमिस्टों और दवा विक्रेताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की गई, जिसमें 120 लाइसेंसों पर दंडात्मक कार्रवाई हुई; 118 लाइसेंस निलंबित किए गए और दो रद्द कर दिए गए। अधिकारियों ने 668 ड्राइविंग लाइसेंस और 13 वाहन पंजीकरण प्रमाण पत्र भी निलंबित या रद्द किए, जबकि नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों में शामिल 124 पासपोर्ट जब्त करने की सिफारिश की गई। निगरानी और संस्थागत निगरानी को मजबूत करते हुए 6,436 दवा विक्रेताओं की जाँच की गई, 6,881 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए और शैक्षणिक संस्थानों व अन्य संवेदनशील स्थानों के पास मादक पदार्थों की आपूर्ति रोकने के लिए 2,127 स्कूलों और अस्पतालों का निरीक्षण किया गया। खुफिया जानकारी पर आधारित अभियानों में 386 संदिग्धों से पूछताछ की गई, 3,045 नशीले पदार्थों के तस्करों की पहचान की गई और पीआईटी-एनडीपीएस के 36 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। जन जागरूकता अभियान भी तेजी से चलाया गया, जिसमें केंद्र शासित प्रदेश में 16.37 लाख से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए और एक करोड़ से अधिक लोगों ने भाग लिया। टेलीमानस पहल के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य और परामर्श सेवाओं को मजबूत किया गया, जिसके तहत मानसिक स्वास्थ्य और मादक द्रव्यों के सेवन से संबंधित सहायता के लिए 3,572 कॉल प्राप्त हुए। पुनर्वास के प्रयासों में, स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित नशामुक्ति केंद्रों में 58,603 मरीजों का इलाज किया गया, जिनमें 58,138 ने ओपीडी सेवाओं का लाभ उठाया, 465 भर्ती हुए और 192 ठीक होकर डिस्चार्ज हुए। समाज कल्याण विभाग के पुनर्वास केंद्रों ने 634 मरीजों को उपचार सहायता और 1,055 व्यक्तियों को परामर्श प्रदान किया, जिसमें से 29 मरीज ठीक हुए। पुलिस द्वारा संचालित कार्यक्रमों में 451 मरीज पंजीकृत हुए, 786 व्यक्तियों को परामर्श दिया गया और 138 मरीज ठीक हुए। उपराज्यपाल ने जम्मू क्षेत्र के 10 और कश्मीर घाटी के सात जिलों में पदयात्राएं भी कीं, जिनमें तीन से चार लाख लोगों ने भाग लिया, जम्मू और श्रीनगर में सबसे अधिक भीड़ देखी गई। जनता को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल सिन्हा ने स्पष्ट किया कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक केंद्र शासित प्रदेश में हर मादक पदार्थ तस्कर और नार्को-आतंकवादी को न्याय के कटघरे में नहीं लाया जाता। उन्होंने जोर देकर कहा कि गुप्त मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखलाओं का पर्दाफाश करके उन्हें नष्ट किया जा रहा है और दशकों से सक्रिय गिरोहों का सफाया किया जा रहा है। उपराज्यपाल ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जम्मू और कश्मीर मानव पीड़ा से लाभ कमाने वालों के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं होगा। उन्होंने कहा, “नशीली दवाओं का दुरुपयोग एक प्रकार का मूक आतंकवाद है। हमारे युवाओं और समाज को जहर देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”
जम्मू-कश्मीर में 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के तहत मादक पदार्थों की तस्करी और नार्को-आतंकवाद पर एक बड़ी कार्रवाई की गई है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा 11 अप्रैल को शुरू किए गए इस अभियान के पहले 50 दिनों में 1,000 से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया गया, 341 किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए गए और 200 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों की कुर्की एवं विध्वंस किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश के संपूर्ण मादक पदार्थों के तंत्र को ध्वस्त करना और तस्करी एवं नार्को-आतंकवाद नेटवर्क का खात्मा करना है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 11 अप्रैल से 29 मई के बीच जम्मू और कश्मीर पुलिस ने नशीले पदार्थों से संबंधित अपराधों के लिए 923 एफआईआर दर्ज कीं और कुल 1,018 लोगों को गिरफ्तार किया। इस अवधि में 120 करोड़ रुपये मूल्य की 12 किलोग्राम हेरोइन सहित 341 किलोग्राम नशीले पदार्थ और 23,752 मनोरोगी गोलियां जब्त की गईं। इसके अतिरिक्त, नशीले पदार्थों और मनोरोगी पदार्थों की अवैध तस्करी की रोकथाम (पीआईटी-एनडीपीएस) अधिनियम के तहत 55 लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। नशीली दवाओं के नेटवर्क पर चलाए गए वित्तीय दमन अभियान में पुलिस ने 63.93 करोड़ रुपये मूल्य की 89 अचल संपत्तियों को जब्त किया और 19.77 करोड़ रुपये मूल्य की 63 संपत्तियों को ध्वस्त कर दिया, जिससे नशीले पदार्थों से जुड़ी संपत्तियों पर कुल मिलाकर 83 करोड़ रुपये से अधिक की कार्रवाई हुई। अधिकारियों ने इस अभियान को व्यापक और जन-केंद्रित बताया, जिसने अपराधियों और उनके वित्तीय ढांचे दोनों को निशाना बनाकर नशीले पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क और नशीले पदार्थों से जुड़े आतंकवाद पर दोहरा प्रहार किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इससे आतंकवाद के वित्तपोषण को भी रोका गया है और नशीले पदार्थों से जुड़े आतंकवाद पर बहुआयामी हमला उपराज्यपाल का विचार था। अभियान के तहत दोषी केमिस्टों और दवा विक्रेताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की गई, जिसमें 120 लाइसेंसों पर दंडात्मक कार्रवाई हुई; 118 लाइसेंस निलंबित किए गए और दो रद्द कर दिए गए। अधिकारियों ने 668 ड्राइविंग लाइसेंस और 13 वाहन पंजीकरण प्रमाण पत्र भी निलंबित या रद्द किए, जबकि नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों में शामिल 124 पासपोर्ट जब्त करने की सिफारिश की गई। निगरानी और संस्थागत निगरानी को मजबूत करते हुए 6,436 दवा विक्रेताओं की जाँच की गई, 6,881 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए और शैक्षणिक संस्थानों व अन्य संवेदनशील स्थानों के पास मादक पदार्थों की आपूर्ति रोकने के लिए 2,127 स्कूलों और अस्पतालों का निरीक्षण किया गया। खुफिया जानकारी पर आधारित अभियानों में 386 संदिग्धों से पूछताछ की गई, 3,045 नशीले पदार्थों के तस्करों की पहचान की गई और पीआईटी-एनडीपीएस के 36 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। जन जागरूकता अभियान भी तेजी से चलाया गया, जिसमें केंद्र शासित प्रदेश में 16.37 लाख से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए और एक करोड़ से अधिक लोगों ने भाग लिया। टेलीमानस पहल के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य और परामर्श सेवाओं को मजबूत किया गया, जिसके तहत मानसिक स्वास्थ्य और मादक द्रव्यों के सेवन से संबंधित सहायता के लिए 3,572 कॉल प्राप्त हुए। पुनर्वास के प्रयासों में, स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित नशामुक्ति केंद्रों में 58,603 मरीजों का इलाज किया गया, जिनमें 58,138 ने ओपीडी सेवाओं का लाभ उठाया, 465 भर्ती हुए और 192 ठीक होकर डिस्चार्ज हुए। समाज कल्याण विभाग के पुनर्वास केंद्रों ने 634 मरीजों को उपचार सहायता और 1,055 व्यक्तियों को परामर्श प्रदान किया, जिसमें से 29 मरीज ठीक हुए। पुलिस द्वारा संचालित कार्यक्रमों में 451 मरीज पंजीकृत हुए, 786 व्यक्तियों को परामर्श दिया गया और 138 मरीज ठीक हुए। उपराज्यपाल ने जम्मू क्षेत्र के 10 और कश्मीर घाटी के सात जिलों में पदयात्राएं भी कीं, जिनमें तीन से चार लाख लोगों ने भाग लिया, जम्मू और श्रीनगर में सबसे अधिक भीड़ देखी गई। जनता को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल सिन्हा ने स्पष्ट किया कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक केंद्र शासित प्रदेश में हर मादक पदार्थ तस्कर और नार्को-आतंकवादी को न्याय के कटघरे में नहीं लाया जाता। उन्होंने जोर देकर कहा कि गुप्त मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखलाओं का पर्दाफाश करके उन्हें नष्ट किया जा रहा है और दशकों से सक्रिय गिरोहों का सफाया किया जा रहा है। उपराज्यपाल ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जम्मू और कश्मीर मानव पीड़ा से लाभ कमाने वालों के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं होगा। उन्होंने कहा, “नशीली दवाओं का दुरुपयोग एक प्रकार का मूक आतंकवाद है। हमारे युवाओं और समाज को जहर देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”
- जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर में स्थित जयमां भद्रकाली किलेवाली माता मंदिर से आज भक्तों के लिए सीधा आरती दर्शन उपलब्ध कराया गया। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने माता भद्रकाली के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।1
- हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में एक हृदय विदारक सड़क हादसा हुआ है, जिसमें छत्तीसगढ़ के सात पर्यटकों सहित कुल आठ लोगों की मौत की आशंका है। यह घटना 29 मई की आधी रात को चुराह उपमंडल में बैरागढ़-साच पास-किलाड़ सड़क पर हुई, जब पर्यटकों को ले जा रही एक एर्टिगा कार एक गहरी खाई में जा गिरी। दुर्घटना के बाद से कार में सवार सभी लोग लापता हैं, और पुलिस तथा प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे खोज अभियान के बीच उनके बचने की कोई उम्मीद नहीं बची है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के दो परिवारों के सात सदस्य हिमाचल प्रदेश घूमने आए थे। वे चंबा जिला के पर्यटन स्थल डलहौजी के एक होटल में ठहरे हुए थे और 29 मई को दर्शनीय स्थलों का भ्रमण करने के लिए साच पास की ओर निकले थे। पर्यटकों को उसी शाम तक अपने होटल वापस लौटना था। जब वे देर रात तक नहीं लौटे और उनसे संपर्क भी नहीं हो सका, तो होटल प्रबंधन ने पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की।1
- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री द्वारा 'गौ माता' पर दिए गए बयान के बाद अब जम्मू से पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। इस मामले पर विधायक नगरोटा देवयानी राणा ने अपनी बात रखी है।1
- हाट सीट टक्का से जिला परिषद सदस्य पद के लिए हुए चुनाव में सुमित कुमार शर्मा ने शानदार जीत दर्ज की है। उन्हें कुल 5,431 मत प्राप्त हुए, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 956 मतों के बड़े अंतर से हराकर विजय हासिल की। इस जीत के बाद उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।1
- हिमाचल प्रदेश के सुजानपुर विकास खंड के बगेड़ा, जोल और पलाही इलाकों के वार्ड 3 में पंचायत समिति सदस्य पद के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इस चुनाव में रीता देवी ने जीत हासिल की है, और अपनी विजय के बाद उनकी आँखों से खुशी के आँसू छलक पड़े।1
- ऊना जिले में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों के लिए मतगणना प्रक्रिया रविवार सुबह 9 बजे से शुरू हो गई है। जिला निर्वाचन प्रशासन के अनुसार, यह गिनती 17 जिला परिषद वार्डों और 107 पंचायत समिति सदस्यों के लिए डाले गए मतों की है। जिले के पांच मतगणना केंद्रों पर यह प्रक्रिया एक साथ चलाई जा रही है, जिसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थीं। खंड विकास अधिकारी रमनवीर चौहान ने बताया कि मतगणना प्रक्रिया के सफल संचालन के लिए व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं, ताकि यह पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। प्रत्येक मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए रिजर्व पार्टियों की भी तैनाती की गई है। मतगणना कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु प्रत्येक टेबल पर एक पर्यवेक्षक और दो सहायक कर्मचारियों सहित तीन सदस्यीय दल नियुक्त किया गया है। विकास खंड अधिकारी रमनवीर चौहान ने मतगणना प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने की बात कही है। मतगणना कार्य विभिन्न उपमंडलों में संचालित हो रहा है। ऊना उपमंडल की 24 पंचायत समितियों और 4 जिला परिषद वार्डों के मत राजकीय महाविद्यालय ऊना में गिने जा रहे हैं, जहाँ 28 टेबलों पर 34 पार्टियां कार्यरत हैं। अम्ब उपमंडल की 22 पंचायत समितियों और 3 जिला परिषद वार्डों की मतगणना राजकीय महाविद्यालय अम्ब में हो रही है, जिसमें 15 टेबलों पर 19 पार्टियां शामिल हैं। बंगाणा उपमंडल में 19 पंचायत समितियों और 3 जिला परिषद वार्डों के लिए अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय महाविद्यालय बंगाणा में गिनती हो रही है, जहाँ 18 टेबलों पर 21 पार्टियां काम कर रही हैं। इसी तरह, हरोली उपमंडल की 24 पंचायत समितियों और 4 जिला परिषद वार्डों की मतगणना राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हरोली में 12 टेबलों पर 15 पार्टियों द्वारा की जा रही है, जबकि गगरेट उपमंडल की 20 पंचायत समितियों और 3 जिला परिषद वार्डों के मत बहुतकनीकी संस्थान अम्बोटा में 20 टेबलों पर 23 पार्टियों द्वारा गिने जा रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, पंचायत समिति के दो सदस्य पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं, जबकि शेष सीटों के लिए मतगणना अभी भी जारी है। मतगणना शुरू होने के साथ ही विभिन्न केंद्रों पर प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की आवाजाही बढ़ गई है, और सभी की निगाहें अंतिम परिणामों पर टिकी हुई हैं।2
- पूर्व विधायक दविंद्र कुमार भुट्टो ने बंगाणा के SDM को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन पंचायत चुनावों में हुई कथित गड़बड़ियों के संबंध में है। इसमें विशेष रूप से पंचायती राज चुनावों के दौरान एक माह तक सार्वजनिक गतिविधियों से दूरी बनाए रखने से जुड़े मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया गया है।1
- रविवार को जिला हमीरपुर के भोरंज उपमंडल के अंतर्गत अवाह देवी नेशनल हाईवे पर लगभग 11:30 बजे एक कार और मोटरसाइकिल के बीच जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें एक युवक घायल हो गया। हादसे के तुरंत बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और स्थानीय निवासियों ने तत्काल राहत कार्य शुरू करते हुए घायल युवक को संभाला तथा उसे तुरंत उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बराड़ा क्षेत्र का रहने वाला यह युवक अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर कहीं जा रहा था, तभी अवाह देवी के समीप नेशनल हाईवे पर उसकी बाइक की एक कार से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार सड़क पर गिरकर घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया। घायल युवक को प्राथमिक उपचार के बाद आगे के इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज हमीरपुर रेफर किया गया है, जहाँ उसका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार, युवक की हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। इसी बीच, स्थानीय लोगों ने हाईवे पर वाहन चालकों से सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।1