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पटना जिला के पालीगंज क्षेत्र के नहर में शव मिला था हुआ पहचान पटना जिला के पालीगंज थाना क्षेत्र के नहर में शव मिला था पहचान हुआ. रिपोर्ट अशोक कुमार संध्या न्यूज़ पालीगंज
संध्या न्यूज़ NH139 पटना पालीगंज आसपास खबर ( पत्रकार अशोक कुमार)
पटना जिला के पालीगंज क्षेत्र के नहर में शव मिला था हुआ पहचान पटना जिला के पालीगंज थाना क्षेत्र के नहर में शव मिला था पहचान हुआ. रिपोर्ट अशोक कुमार संध्या न्यूज़ पालीगंज
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- भोजपुर आरा में डांडिया का प्रस्तुति रमना मैदान में। इंदु देवी मैया डांडिया के प्रस्तुति में देखिए लाइव तस्वीर1
- Post by Chandan Kumar1
- आरा। आरा भोजपुर जिले में एक बार फिर से बालू घाट पर मजदूरी की मांग को लेकर मजदूर सड़क पर उतर गए और उन लोगों ने जमकर हंगामा करते हुए सड़क जाम कर दिया पूरा मामला जिले के अजीमाबाद थाना क्षेत्र के बागा गांव स्थित बालू घाट से जुड़ा हुआ है जहां की मजदूरी की मांग को लेकर आक्रोशित मजदूरों ने प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए नासरीगंज सक्कडी मुख्य मार्ग को जाम कर दिया इस दौरान मौके पर पहुंची अजीमाबाद थाना पुलिस ने उनको समझा बूझकर किसी तरह मामले को शांत कराया लेकिन तकरीबन 4 घंटे से ज्यादा सड़क जम रहा जिसके कारण गाड़ियों की लंबी कतार लग गई मजदूरों की मांग है कि उनको बालू घाट में काम करने से रोका जा रहा है जिसके कारण उनके सामने रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है1
- भारत का रक्षा बजट 2026-27 केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और सशक्त भविष्य की प्रतिज्ञा है। रक्षा बजट की खासियत जानिए कर्नल केवी कुबेर जी और ग्रुप कैप्टन प्रेमवीर सिंह जी से... राजपथ न्यूज़ पर..1
- आरा से संजय श्रीवास्तव स्लग। यूजीसी बिल के समर्थन में ओबीसी संघर्ष सेना के सदस्यों ने निकाला मसाल जुलूस एंकर। 4 फरवरी बुधवार की शाम को यूजीसी बिल के समर्थन में ओबीसी संघर्ष सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुमुद पटेल के नेतृत्व मेंअंबेडकर स्मारक (रमना मैदान) से शहर के सभी चौक-चौराहे को होते हुए जेपी स्मारक (रमना मैदान) तक मशाल जुलूस कार्यक्रम संपन्न हुआ। स्वर्ण समुदाय के लोगों ने अराजकता फेलाने की मानसिकता से इसे जाति रंग देकर, गैरबराबरी, और काला कानून का हवा दे रहे जबकी सचाई यह है कि यूनिवर्सिटीयो में विधार्थी तो है ही इसके अलावा प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर तक से जूड़ा आज तक कोई भी रोस्टर पूरा नहीं भरा है, उनका प्रमोशन तक पेंडिंग पड़ा है। सेंट्रल यूनिवर्सिटी में ओबीसी के 80%, एसटी के लिए 83% और एससी के लिए 64% पद खाली है। आख़िर ऐसा क्यों?? इन सब कारणों को देखते हुए समिति ने यूनिवर्सिटी में एसटी एससीओबीसी के छात्रों सहित आर्थिक रूप से कमजोर और दिव्यांग छात्रों के साथ हो रहे भेदभाव के कारण 2012 में पारित यूजीसी बिल में छात्र हितों की सुरक्षा की पूर्ति और असमानता को दूर करने के लिए पुराने नियमों में कुछ संशोधन किया और फिर उसे यूजीसी 2026 गाइड लाइन के अधीन लागू किया। पटेल ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में ओबीसी एससी एसटी के छात्र/छात्राओं से हो रहे भेदभाव को ध्यान में रखकर सरकार ने जो यूजीसी बिल बनाया है, हमलोग उसका भरपूर समर्थन करते हैं, लेकिन दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट ने इस बिल पर रोक लगाई है वो न्यायपूर्ण नहीं है, हम सभी एससीएसटी ओबीसी वर्ग इस बिल पर लगे रोक का विरोध करते हैं, इसे तत्काल हटाना होगा अन्यथा हमलोग एक होकर राष्ट्रीय स्तर तक चरणबद्ध आंदोलन करने का काम करेंगे।इस मशाल जुलूस में छोटे यादव ,सबीर,भीम यादव,संतोष मेहता,विशाल यादव,रोहन कुशवाहा,ओमकार रुद्रा,सुशील यादव,आनंद प्रकाश अमन पटेल,कमलेश पाल सहित काफी संख्या में सदस्य मौजूद थे। बाइट। राष्ट्रीय अध्यक्ष कुमुद पटेल बाइट।आइसा राज्य सचिव शब्बीर कुमार1
- रतनी प्रखंड के पतियामा गांव से भाकपा माले ने महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ते अपराधों के विरोध में ‘बेटी बचाओ न्याय यात्रा’ की घोषणा कर दी है। यह यात्रा 3 फरवरी से 9 फरवरी 2026 तक बिहार के विभिन्न जिलों से होकर गुजरेगी, जबकि 10 फरवरी को पटना के गांधी मैदान से बिहार विधानसभा तक एक विशाल न्याय मार्च निकाला जाएगा।1
- सेमराँव गांव के निवासी समाजसेवी रामगोपाल सिंह ने होने वाले महायज्ञ को लेकर देखिये क्या कहा...??भोजपुर के सेमराँव में होने जा रहा है इतिहासिक महायज्ञ1
- आरा। अनुमंडल पदाधिकारी सदर, आरा शिप्रा विजय चौधरी द्वारा अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न अंचलों का व्यापक एवं सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों की गहन समीक्षा की गई, जिसमें विशेष रूप से किसान पंजीकरण (Farmer Registration) से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जांचा गया। निरीक्षण के दौरान अनुमंडल क्षेत्र में संचालित सभी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC Centers) पर भी जांच की गई। सीएससी सेंटरों पर उपलब्ध सेवाओं, किसानों के निबंधन प्रगति, अभिलेखों के संधारण, तकनीकी व्यवस्थाओं एवं आमजन को दी जा रही सुविधाओं की बारीकी से समीक्षा की गई। अनुमंडल पदाधिकारी ने संबंधित संचालकों को निर्देश दिया कि किसान निबंधन का कार्य पूरी पारदर्शिता, तत्परता एवं निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाए। निरीक्षण के क्रम में अनुमंडल पदाधिकारी ने आम जनों एवं किसानों से सीधे संवाद भी किया तथा उन्हें किसान पंजीकरण के महत्व की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक संख्या में निबंधन कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि किसान पंजीकरण से सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ सीधे पात्र किसानों तक पहुंच सकेगा। अनुमंडल पदाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता अथवा कार्य में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान यह भी चेतावनी दी गई कि यदि किसी कर्मी या सीएससी सेंटर द्वारा कार्य में लापरवाही पाई जाती है तो उनके विरुद्ध कठोर एवं विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करना, जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को बढ़ावा देना तथा आम जनता को समयबद्ध एवं सुचारु सेवाएं उपलब्ध कराना है। अनुमंडल प्रशासन द्वारा आगे भी इस प्रकार के निरीक्षण नियमित रूप से जारी रहेंगे।2
- Post by Chandan Kumar1