20 जून का दिन मध्यप्रदेश के लिए विशेष साबित हुआ, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय आवसन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मिलकर राज्य को ₹5657 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत ₹2,548 करोड़ से अधिक के आवासों का भूमि-पूजन किया गया, जिससे 42 हजार से ज्यादा हितग्राहियों को लाभ मिलेगा। साथ ही, ₹992 करोड़ की लागत से निर्मित 38 हजार आवासों का गृह-प्रवेश भी संपन्न कराया गया। इसके अतिरिक्त, ₹446 करोड़ की लागत वाली 116 परियोजनाओं का लोकार्पण और ₹310.82 करोड़ की कुल 37 परियोजनाओं का भूमि-पूजन भी किया गया। इंदौर, उज्जैन और सांवेर के लिए यह विकास कार्य ऐतिहासिक माने गए, जिसमें ₹2,935 करोड़ की लागत से बनने वाली 48.10 किलोमीटर लंबी इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोर-लेन परियोजना का भूमि-पूजन भी शामिल है, जिससे इंदौर के 20, उज्जैन के 8 और आसपास के 40-50 गांव लाभान्वित होंगे और घंटों का सफर मिनटों में पूरा होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि इंदौर के पितेृश्वर महादेव से बाबा महाकाल तक सीधी सड़क का भूमि-पूजन हुआ है, जो पीथमपुर को निमाड़ क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई इकोनॉमिक कॉरिडोर से जोड़ेगी और क्षेत्र के लिए आर्थिक समृद्धि का अहम मार्ग बनेगी। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने किसानों की मांग पर इस सड़क की ऊंचाई कम की है, जिससे उन्हें भी आवागमन में लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के शासनकाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत ने देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सबसे पहले नक्सलवाद से मुक्त होने वाला राज्य बना है, जबकि एक दौर ऐसा भी था जब नक्सलवादियों ने तत्कालीन सरकार के एक मंत्री की सरेआम हत्या कर दी थी और कांग्रेस सरकार वोट बैंक के लालच में उनके खिलाफ कार्रवाई करने से डरती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जो मार्ग चुना उससे देशभर में आतंकवाद की नई-नई फैक्ट्रियां खुलीं, लेकिन आज देशभर से आतंकवाद का सफाया हो चुका है। डॉ. यादव ने इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड रोड को विकास का नया पर्याय बताया, जो फतेहाबाद और चंद्रावती जैसे व्यापारिक केंद्रों को पुनः जीवंत करेगा। उन्होंने कहा कि यह रोड उज्जैन-इंदौर मेटोपोलिटन सिटी के लिए नए सूर्योदय के समान है, जिससे 16 हजार वर्ग किलोमीटर में फैले मेट्रोपोलिटन एरिया में उद्योग, व्यापार, कृषि और रोजगार सहित सभी क्षेत्रों का विकास होगा। कृषक कल्याण वर्ष 2026 में राज्य सरकार ने अनेक किसान हितैषी निर्णय लिए हैं, जिसके तहत मध्यप्रदेश ने देश में किसानों से सबसे अधिक गेहूं खरीदने का रिकॉर्ड बनाया है, जिसमें पौने 14 लाख किसानों को प्रति क्विंटल ₹2625 का भुगतान किया गया है। मुख्यमंत्री ने 'हेलमेट सुरक्षा अभियान' चलाने का भी निर्णय लिया, जिसके तहत इंदौर प्रशासन हेलमेट वितरित कर रहा है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उज्जैन में स्मार्ट सिटी के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की और उन्हें एक दूरदर्शी सोच रखने वाला मुख्यमंत्री बताया। उन्होंने कहा कि इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोरलेन परियोजना से रोजगार, शिक्षा और अधोसंरचना का बड़े पैमाने पर विकास होगा। जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने बताया कि 48.10 किलोमीटर लंबे इस हाईवे के लिए 28 गांवों के 916 किसानों को ₹816 करोड़ का मुआवजा दिया गया है, और यह सड़क दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे व गुजरात तक कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
20 जून का दिन मध्यप्रदेश के लिए विशेष साबित हुआ, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय आवसन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मिलकर राज्य को ₹5657 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत ₹2,548 करोड़ से अधिक के आवासों का भूमि-पूजन किया गया, जिससे 42 हजार से ज्यादा हितग्राहियों को लाभ मिलेगा। साथ ही, ₹992 करोड़ की लागत से निर्मित 38 हजार आवासों का गृह-प्रवेश भी संपन्न कराया गया। इसके अतिरिक्त, ₹446 करोड़ की लागत वाली 116 परियोजनाओं का लोकार्पण और ₹310.82 करोड़ की कुल 37 परियोजनाओं का भूमि-पूजन भी किया गया। इंदौर, उज्जैन और सांवेर के लिए यह विकास कार्य ऐतिहासिक माने गए, जिसमें ₹2,935 करोड़ की लागत से बनने वाली 48.10 किलोमीटर लंबी इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोर-लेन परियोजना का भूमि-पूजन भी शामिल है, जिससे इंदौर के 20, उज्जैन के 8 और आसपास के 40-50 गांव लाभान्वित होंगे और घंटों का सफर मिनटों में पूरा होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि इंदौर के पितेृश्वर महादेव से बाबा महाकाल तक सीधी सड़क का भूमि-पूजन हुआ है, जो पीथमपुर को निमाड़ क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई इकोनॉमिक कॉरिडोर से जोड़ेगी और क्षेत्र के लिए आर्थिक समृद्धि का अहम मार्ग बनेगी। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने किसानों की मांग पर इस सड़क की ऊंचाई कम की है, जिससे उन्हें भी आवागमन में लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के शासनकाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत ने देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सबसे पहले नक्सलवाद से मुक्त होने वाला राज्य बना है, जबकि एक दौर ऐसा भी था जब नक्सलवादियों ने तत्कालीन सरकार के एक मंत्री की सरेआम हत्या कर दी थी और कांग्रेस सरकार वोट बैंक के लालच में उनके खिलाफ कार्रवाई करने से डरती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जो मार्ग चुना उससे देशभर में आतंकवाद की नई-नई फैक्ट्रियां खुलीं, लेकिन आज देशभर से आतंकवाद का सफाया हो चुका है। डॉ. यादव ने इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड रोड को विकास का नया पर्याय बताया, जो फतेहाबाद और चंद्रावती जैसे व्यापारिक केंद्रों को पुनः जीवंत करेगा। उन्होंने कहा कि यह रोड उज्जैन-इंदौर मेटोपोलिटन सिटी के लिए नए सूर्योदय के समान है, जिससे 16 हजार वर्ग किलोमीटर में फैले मेट्रोपोलिटन एरिया में उद्योग, व्यापार, कृषि और रोजगार सहित सभी क्षेत्रों का विकास होगा। कृषक कल्याण वर्ष 2026 में राज्य सरकार ने अनेक किसान हितैषी निर्णय लिए हैं, जिसके तहत मध्यप्रदेश ने देश में किसानों से सबसे अधिक गेहूं खरीदने का रिकॉर्ड बनाया है, जिसमें पौने 14 लाख किसानों को प्रति क्विंटल ₹2625 का भुगतान किया गया है। मुख्यमंत्री ने 'हेलमेट सुरक्षा अभियान' चलाने का भी निर्णय लिया, जिसके तहत इंदौर प्रशासन हेलमेट वितरित कर रहा है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उज्जैन में स्मार्ट सिटी के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की और उन्हें एक दूरदर्शी सोच रखने वाला मुख्यमंत्री बताया। उन्होंने कहा कि इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोरलेन परियोजना से रोजगार, शिक्षा और अधोसंरचना का बड़े पैमाने पर विकास होगा। जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने बताया कि 48.10 किलोमीटर लंबे इस हाईवे के लिए 28 गांवों के 916 किसानों को ₹816 करोड़ का मुआवजा दिया गया है, और यह सड़क दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे व गुजरात तक कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
- निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर स्थित संदीपनी विद्यालय में कृषि विभाग द्वारा प्राकृतिक खेती को लेकर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में कई अधिकारी मौजूद रहे।1
- ओरछा स्थित प्रसिद्ध जानकी जू मंदिर के ठीक सामने व्याप्त गंदगी को लेकर श्रद्धालु बेहद परेशान हैं। इस स्थिति के कारण स्थानीय सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिससे भक्तों में असंतोष व्याप्त है।1
- आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने एक गंभीर आरोप लगाया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। केजरीवाल ने दावा किया है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों को कथित तौर पर पेपर लीक से कमाए गए पैसों से खरीदा गया है। उनके इस गंभीर आरोप के बाद से देश की राजनीति में हलचल मच गई है और इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जारी की। इस पहल से उत्तर प्रदेश के 2.17 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹4352.40 करोड़ की राशि सीधे प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से पहुंची है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी के आयुक्त सभागार से वर्चुअल रूप से जुड़े। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि किसानों की समृद्धि और खुशहाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि यह सम्मान निधि अन्नदाताओं के सम्मान और उनके आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर वर्ष ₹6000 की सहायता तीन किस्तों में प्रदान की जाती है। अब तक, उत्तर प्रदेश के किसानों को इस योजना के माध्यम से कुल ₹1.03 लाख करोड़ से अधिक की राशि प्राप्त हो चुकी है।1
- झांसी के दीनदयाल सभागार में आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी फंस गई। इस स्थिति के कारण गाड़ी को मौके से हटाया नहीं जा सका। आखिरकार, मुख्यमंत्री की फ्लीट के वहां से गुजर जाने के बाद और फायर ब्रिगेड की गाड़ी से पानी खाली कराए जाने के उपरांत ही उसे वहां से निकाला जा सका।1
- झाँसी का प्रेमनगर नगरा अपनी गंगा-जमुनी तहज़ीब और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए पूरे बुंदेलखंड में एक विशिष्ट पहचान रखता है। मोहर्रम का महीना शुरू होते ही, शहर में ताजिए बनाने का काम तेज़ी से प्रारंभ हो जाता है। इसी सदियों पुरानी परंपरा को वर्षों से आगे बढ़ाते हुए, प्रेमनगर के नगरा निवासी प्रसिद्ध कल्लू बाबा अपने हाथों से बेहद आकर्षक और कलात्मक ताजिए तैयार कर रहे हैं। उनके द्वारा बनाए गए ताजिए अपनी सुंदर कारीगरी और बारीक नक्काशी के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध हैं। हर साल, कल्लू बाबा की यह कला लोगों के आकर्षण का केंद्र बनती है, और इन ताजियों को देखने के लिए आसपास के जिलों से भी लोग झाँसी पहुंचते हैं। कल्लू बाबा ने बताया कि वह कई वर्षों से ताजिया बनाने का काम कर रहे हैं और इस बार भी झाँसी के विभिन्न क्षेत्रों के लिए ताजिए तैयार कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ताजिया केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि झाँसी की सदियों पुरानी हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे की परंपरा का भी द्योतक है। मोहर्रम के अवसर पर, शहर के अलग-अलग मोहल्लों में ताजिए तैयार किए जा रहे हैं, और झाँसी की यह परंपरा आज भी आपसी प्रेम, सौहार्द और गंगा-जमुनी संस्कृति की एक मजबूत मिसाल पेश कर रही है।2
- डिप्टी सीएम ने कहा है कि बुंदेलखंड क्षेत्र के हर खेत तक पानी पहुँचाना प्रधानमंत्री का संकल्प है। इस बयान के माध्यम से प्रधानमंत्री के इस महत्वपूर्ण लक्ष्य पर ज़ोर दिया गया, जिसमें क्षेत्र की सिंचाई आवश्यकताओं को पूरा करने की बात कही गई।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के गंभीर मामले पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने गरजते हुए स्पष्ट किया है कि इस पूरे प्रकरण की पड़ताल एक विशेष जांच दल (SIT) द्वारा कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि इस पड़ताल से 'दूध का दूध, पानी का पानी' हो जाएगा और मामले की पूरी सच्चाई सामने आएगी।1